
31 मई से 2 जून तक चमोली की सीमांत नीती घाटी बनेगी अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र,
27 राज्यों के 912 धावक और केन्या के प्रतिभागी भी होंगे शामिल
- हिमांतर ब्यूरो, देहरादून
हिमालय की दुर्गम वादियों में बसी सीमांत नीती घाटी अब साहस, रोमांच और पर्यटन की नई उड़ान भरने जा रही है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के तत्वावधान में पहली बार 31 मई से 2 जून 2026 तक ‘बियोंड द कैन्यन’ थीम पर नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सहयोग से आयोजित यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता उत्तराखंड को विश्वस्तरीय एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमावर्ती क्षेत्र विकास के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ग्रामीण स्वरोजगार नीति को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा है।
4,384 मीटर की ऊंचाई पर साहस की सबसे कठिन परीक्षा
नीती घाटी अपनी बर्फ से ढकी चोटियों, विशाल ग्लेशियरों, ग्रैंड कैन्यन जैसी गहरी खाइयों, हरे-भरे बुग्यालों और पारंपरिक सीमांत गांवों के लिए विश्वभर में विशिष्ट पहचान रखती है। इस आयोजन का सर्वोच्च बिंदु रिमखिम (4,384 मीटर) होगा, जहां से 75 किलोमीटर की अल्ट्रा रन शुरू होगी।

रूट रिमखिम से प्रारंभ होकर सुमना, ग्रैंड कैन्यन स्ट्रेच और मलारी होते हुए ऐतिहासिक नीती गांव (Niti Village) तक पहुंचेगा। इसके अतिरिक्त 42 किलोमीटर की मैराथन स्पर्धा नीती घाटी के लूप रूट पर आयोजित की जाएगी।
3,000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर होने वाली इस प्रतियोगिता में कम ऑक्सीजन, तीखी ठंडी हवाएं और दुर्गम भूभाग धावकों के साहस और सहनशक्ति की कठोर परीक्षा लेंगे। यह आयोजन विश्व की छठी और भारत की चौथी सबसे ऊंचाई पर आयोजित अल्ट्रा रन के रूप में दर्ज होगा।
देशभर से उमड़ा उत्साह, 912 धावकों ने कराया पंजीकरण
नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के लिए अब तक उत्तराखंड सहित देश के 27 राज्यों के 912 धावकों ने पंजीकरण कराया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस आयोजन को आकर्षण मिल रहा है और Kenya के दो धावकों ने भी भागीदारी सुनिश्चित की है।
प्रतिभागियों के लिए मेडिकल फिटनेस अनिवार्य की गई है। आयोजन के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सा दल, ऑक्सीजन सपोर्ट, हेलीकॉप्टर इमरजेंसी सेवा और सहायता केंद्र चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे, ताकि कठिन हिमालयी परिस्थितियों में भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
पर्यटन और स्वरोजगार को मिली नई रफ्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 नवंबर 2025 को इस आयोजन की घोषणा की थी। इसके बाद से नीती घाटी में पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
नवंबर 2025 तक क्षेत्र में पंजीकृत होमस्टे के कमरों की संख्या मात्र 35 थी, जो अब बढ़कर 265 हो चुकी है। इनकी कुल बेड क्षमता 630 तक पहुंच गई है। स्थानीय लोग अपने पारंपरिक पत्थर-लकड़ी के घरों को होमस्टे में बदल रहे हैं। साथ ही गाइडिंग, परिवहन, स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से रोजगार के नए अवसर खुल रहे हैं।

विश्व पर्यटन मानचित्र पर चमकेगी नीती घाटी
पर्यटन सचिव धीरज सिंह गरब्याल ने कहा कि यह आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म की नई पहचान दिलाने का बड़ा कदम है। स्थानीय लोगों का मानना है कि नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन से सीमांत गांवों की संस्कृति, प्रकृति और आतिथ्य को वैश्विक मंच मिलेगा। इससे जहां युवाओं को गांव में ही रोजगार मिलेगा, वहीं देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए नीती घाटी रोमांच का नया स्वर्ग बनकर उभरेगी।
सीमांत भारत से उठेगी साहस की नई पुकार
हिमालय की ऊंचाइयों पर जब सैकड़ों धावक बर्फीली चोटियों और गहरी घाटियों के बीच दौड़ेंगे, तब यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं होगी- यह सीमांत भारत के आत्मविश्वास, प्रकृति के वैभव और उत्तराखंड की असीम संभावनाओं का जीवंत उत्सव होगा।
नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 उत्तराखंड के लिए केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि सीमांत विकास, ग्रामीण समृद्धि और वैश्विक पर्यटन की नई इबारत है।
