
- हिमांतर ब्यूरो, देहरादून
The Institute of Chartered Accountants of India (आईसीएआई) की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल (सीआईआरसी) की देहरादून शाखा की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। इसमें अंकित गुप्ता को अध्यक्ष तथा अरविंद सिंह रावत को सचिव निर्वाचित किया गया है।
इसके अतिरिक्त, जस्मीत सिंह चौधरी को उपाध्यक्ष और प्रणय सेठ को कोषाध्यक्ष चुना गया है।
वहीं, साहेब आनंद को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स स्टूडेंट्स एसोसिएशन (सीआईसीएएसए) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि परिमल पटेट को कार्यकारिणी समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है।
नव-निर्वाचित अध्यक्ष अंकित गुप्ता ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नई कार्यकारिणी पेशेवर उत्कृष्टता को बढ़ावा देने, सतत शिक्षण कार्यक्रमों के संचालन और सदस्यों के हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, सामूहिक नेतृत्व और नवाचार के माध्यम से शाखा की गतिविधियों को नई दिशा दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि आगामी सत्र में जीएसटी, आयकर और कॉर्पोरेट कानून जैसे विषयों पर तकनीकी सेमिनार, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही सीए विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन सत्र तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से सहयोग और सक्रिय सहभागिता की अपेक्षा की है।

कौन हैं CA अरविंद सिंह रावत
FCA, DISA (ICAI), LL.B, CS (Executive), Peer Reviewer (ICAI), CCAB (ICAI), CC Co-operatives)
सीमांत गांव से पेशेवर शिखर तक की प्रेरक यात्रा
सीमांत जनपद उत्तरकाशी की यमुना घाटी के नौगांव गांव में जन्मे अरविंद सिंह रावत की जीवन यात्रा संघर्ष, संकल्प और सफलता की प्रेरक कहानी है। पहाड़ की सादगी भरी पृष्ठभूमि से निकलकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर परिश्रम से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
देहरादून से राष्ट्रीय स्तर तक-व्यावसायिक उत्कृष्टता की सशक्त पहचान
वित्त और लेखा के क्षेत्र में जब अनुशासन, पारदर्शिता और विशेषज्ञता की बात होती है, तो अरविंद सिंह रावत का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। देहरादून में स्थापित उनकी पेशेवर पहचान केवल एक चार्टर्ड अकाउंटेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि वे एक दूरदर्शी मार्गदर्शक, सशक्त सलाहकार और संस्थागत सुशासन के पैरोकार के रूप में जाने जाते हैं।

मजबूत शुरुआत, व्यापक अनुभव
अपने करियर की शुरुआत उन्होंने देहरादून की एक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म से की। प्रारंभिक वर्षों में ही उन्होंने वित्तीय प्रबंधन, अनुपालन और ऑडिट की बारीकियों को गहराई से समझा। इसके बाद एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) में फाइनेंस हेड तथा ऑपरेशंस/क्रेडिट हेड के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने प्रबंधन, जोखिम मूल्यांकन और वित्तीय संचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय अनुभव अर्जित किया।
25 वर्षों की विशेषज्ञता
भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) के फेलो सदस्य के रूप में अरविंद सिंह रावत को औद्योगिक कानून, कंपनी कानून, बैंकिंग विनियम और प्रत्यक्ष कर कानूनों में 25 वर्षों से अधिक का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त है। विधि (LL.B) और कंपनी सेक्रेटरी (Executive) की शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उनके पेशेवर दृष्टिकोण को और व्यापक बनाया है।
फर्म का सशक्त नेतृत्व
वर्तमान में वे अपनी फर्म में ऑडिट, प्रत्यक्ष कराधान, कंपनी विधि और सिस्टम ऑडिट की प्रैक्टिस का नेतृत्व कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में फर्म न केवल सुदृढ़ अनुपालन सुनिश्चित करती है, बल्कि ग्राहकों को रणनीतिक परामर्श भी प्रदान करती है, जिससे वे बदलते नियामकीय परिवेश में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।
ऑडिट और बैंकिंग क्षेत्र में विशेष दक्षता
कंपनियों, बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के लिए वैधानिक एवं आंतरिक ऑडिट में उनकी गहरी विशेषज्ञता है। विशेष रूप से सहकारी बैंकिंग क्षेत्र में उनका अनुभव उन्हें विशिष्ट बनाता है। माइक्रोफाइनेंस, एनबीएफसी, सहकारी संस्थाओं और शिक्षा क्षेत्र की वित्तीय संरचना की उनकी समझ उन्हें जटिल वित्तीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान देने में सक्षम बनाती है।
उन्होंने Certified Bank Concurrent Auditor (CBCA) कोर्स और ICAI का Certificate Course on Co-operatives पूर्ण कर अपनी विशेषज्ञता को और सुदृढ़ किया है।

पेशेवर मानकों के प्रति प्रतिबद्धता
अरविंद सिंह रावत ICAI के साथ Peer Reviewer के रूप में पैनल में शामिल हैं। यह दायित्व उनके पेशेवर जीवन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और उच्चतम मानकों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। आज वे देहरादून में अपनी फर्म रावत एंड नकोटी कंपनी का सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में फर्म ऑडिट, प्रत्यक्ष कराधान, कंपनी विधि और सिस्टम ऑडिट जैसे क्षेत्रों में सशक्त सेवाएं प्रदान कर रही है।
युवाओं के लिए प्रेरणा
अरविंद सिंह रावत न केवल एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, बल्कि पहाड़ के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत भी हैं। अपनी फर्म के माध्यम से वे अनेक युवाओं को अकाउंटेंसी का प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रहे हैं।
