
एक मुट्ठी चावल से बताते हैं भूत, भविष्य और वर्तमान! जानिए शक्ति प्रसाद सेमवाल की अनोखी गणत विद्या
‘भक्ति की शक्ति’ कहें या ‘शक्ति की भक्ति’?दिनेश रावत
“आप अपने घर से चावल की केवल एक मुट्ठी लेकर उनके पास जाइए। वे अपना स्यांरू-पासू निकालेंगे और उसी एक मुट्ठी चावल को देखकर आपके भूत, वर्तमान और भविष्य की कुछ तस्वीरें आपके सामने रख देंगे; यूँ कहें कि आपके बारे में बहुत कुछ बताने लगेंगे।”लोकपूजित एवं प्रतिष्ठित इष्टदेवी माँ रेणुका की दिव्य उपासना, प्रचलित देवपरंपरा और पीढ़ियों से चली आ रही गणत विद्या की साधना—इन तीनों को यदि एक साथ देखें, तो सहज ही एक नाम सामने आता है—श्रद्धेय श्री शक्ति प्रसाद सेमवाल जी।उन्हें देखते-समझते हुए मन में सहज ही एक प्रश्न उठता है कि इसे ‘भक्ति की शक्ति’ कहें या ‘शक्ति की भक्ति’? शायद दोनों ही अभिव्यक्तियाँ उनके व्यक्तित्व और साधना पर समान रूप से सार्थक बैठती हैं। क्योंकि जहाँ उनकी भक्ति में शक्ति का अनुभव होता है, वहीं उनकी शक्ति का मूल भी भक...
