रक्षाबंधन पर CM धामी ने दोहराया महिला सशक्तिकरण का संकल्प

CM Pushkar Singh Dhami On Rakshabandhan

 

प्रदेश की करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं, 3 लाख से अधिक बनीं ‘लखपति दीदी’ | सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

  • हिमांतर वेब डेस्क

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर प्रदेश की मातृशक्ति के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री सबसे पहले जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृशक्ति से मिलने वाला स्नेह और विश्वास उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही उन्हें उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक की सेवा के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का पर्व नहीं, बल्कि अटूट स्नेह, विश्वास, समर्पण, सुरक्षा और जिम्मेदारी के संकल्प का भी प्रतीक है।

उन्होंने कहा कि यह पर्व नारी सम्मान के महत्व का भी स्मरण कराता है। नारी का सम्मान केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों का आधार है। नारी परिवार की आधारशिला होने के साथ समाज और संस्कृति की मूल शक्ति भी है। जिस समाज में महिलाओं का सम्मान होता है, वही समाज वास्तव में समृद्ध और संस्कारित बनता है।

सशक्त मातृशक्ति से सशक्त राष्ट्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी मातृशक्ति होती है। महिला के सशक्त होने का लाभ केवल परिवार तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र को मिलता है। आज महिलाएं अंतरिक्ष से लेकर देश की सीमाओं तक और घर-परिवार से लेकर उद्योग एवं व्यवसाय तक हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। महिलाएं अब सहभागिता के साथ-साथ नेतृत्व की भूमिका में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने संघर्ष को अपनी शक्ति बनाया है और परिवार, समाज तथा प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। ‘नारी तू नारायणी’ के भाव को शासन की नीतियों और कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने उज्ज्वला योजना, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और लखपति दीदी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं ने महिलाओं के जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त किया है। महिला आरक्षण, शौचालयों का निर्माण और तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ उठाए गए कदम भी महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं 5 लाख महिलाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी महिलाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, सशक्त बहना उत्सव, मुख्यमंत्री महिला स्वयं सहायता समूह सशक्तिकरण योजना और मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदेश की करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार और विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में भागीदारी कर रही हैं। प्रदेश में 7 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 500 से अधिक क्लस्टर संगठन भी महिलाओं की सामूहिक क्षमता और नेतृत्व को मजबूत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इन महिलाओं ने अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है।

सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनके सामाजिक और संवैधानिक अधिकारों को भी सशक्त किया जा रहा है। प्रदेश में सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है। समान नागरिक संहिता के माध्यम से भी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा और समान न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए महिला कल्याण की योजनाएं केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृशक्ति को आत्मनिर्भर, सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन प्रदान करने की प्रतिबद्धता हैं।

34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-पिता के लिए सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उनका बेटा या बेटी पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़ा हो और परिवार का सहारा बने। सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का कार्य किया है। नकल विरोधी कानून लागू कर भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है, ताकि योग्य युवाओं के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो।

“मुख्यमंत्री नहीं, एक भाई के रूप में आपके बीच आया हूं”

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह रक्षाबंधन समारोह में केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की किसी भी बहन या बेटी को कोई परेशानी हो तो वह निःसंकोच अपनी बात मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उनकी समस्या का संज्ञान लेकर समाधान के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां बेटियां सुरक्षित हों, बहनें आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन व्यतीत करें और युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त हों।

28 और 29 अगस्त को महिलाओं के लिए निःशुल्क रोडवेज यात्रा

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की। इससे महिलाएं रक्षाबंधन पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए सुगमता से यात्रा कर सकेंगी।

चौधरी फार्म, जीएमएस रोड में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला, अन्य जनप्रतिनिधि तथा प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

वहीं, हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। दोनों कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद करते हुए रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।

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