Tag: भारतवर्ष

‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार

‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार

पौड़ी गढ़वाल
  कोटद्वार। कण्वाश्रम की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पौराणिक विरासत को देश के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने वाली पुस्तक ‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार मिला है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्लिशर्स एवं मेंबर्स ऑफ इंटरनेशनल पब्लिशर्स एसोसिएशन, जिनेवा की ओर से आयोजित 46वें पुरस्कार समारोह में पुस्तक को आर्ट एवं कॉफी टेबल बुक (C.B.T.) श्रेणी में देशभर में प्रथम स्थान मिला। सोमवार को माल गोदाम रोड स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूड़ी भूषण और पुस्तक के लेखक एवं वरिष्ठ पत्रकार मनोज ईष्टवाल ने यह जानकारी दी। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि गत 19 जुलाई को कण्व नगरी कोटद्वार में पुस्तक का लोकार्पण किया गया था। लोकार्पण के महज एक माह के भीतर ही पुस्तक ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। फेडरेशन ऑफ इंडियन पब्ल...
महिलाएं भी करती थी मानसूनी वर्षा की भविष्यवाणियां

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जल-विज्ञान
भारत की जल संस्कृति-13डॉ. मोहन चंद तिवारीप्राचीन भारतीय जलवायु विज्ञान का उद्भव तथा विकास भारतवर्ष के कृषितन्त्र को वर्षा की भविष्यवाणी की जानकारी देने के प्रयोजन से हुआ. इसलिए वैदिक काल से लेकर उत्तरवर्ती काल तक भारत में जलवायु विज्ञान की अवधारणा कृषि विज्ञान से जुड़ी रही है. भारत के ऋतुवैज्ञानिकों ने राष्ट्र कल्याण की भावना से मानसून सम्बन्धी भविष्यवाणियों के सम्बन्ध में अनेक वैज्ञानिक सिद्धान्त और मान्यताएं स्थापित कीं तथा पिछले आठ हजार वर्षों से इन्हीं ऋतु वैज्ञानिक मान्यताओं के आधार पर समूचे भारत का कृषक वर्ग अपने खेती-बाड़ी का कारोबार करता आया है. प्राचीन भारत में वर्षा के पूर्वानुमान के ज्ञान का इतिहास सिन्धु घाटी की सभ्यता के काल यानी तीन सहस्राब्दी ईस्वी पूर्व से प्रारम्भ हो जाता है. सन् 1960 में भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग ने सिन्धु सभ्यता से सम्बद्ध एक प्राचीन आवा...