Tag: चारधाम

औपचारिकता नहीं, 12 महीने का टूरिज्म मॉडल हमारा लक्ष्य : सीएम धामी

औपचारिकता नहीं, 12 महीने का टूरिज्म मॉडल हमारा लक्ष्य : सीएम धामी

उत्तरकाशी
 उत्तराखंडबनेगा देश का ‘नेचुरल हीलिंग डेस्टिनेशन, चारधाम के अलावा वेलनेस व एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाएं पर्यटन से पहाड़ों में रुकेगा पलायन, होमस्टे, टैक्सी और होटल को मिलेगा सालभर रोजगार — मुख्यमंत्री. परमिशन, कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केटिंग में सरकार देगी हरसंभव सहयोग विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव में सीएम ने कहा विनाश नहीं, रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म हमारा लक्ष्य, हर गांव को पहचान और हर हाथ को रोजगार.हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीशीतकालीन चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा स्थानीय लोगों को वर्षभर रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत तीन दिवसीय विंटर टूरिज्म कॉनक्लेव का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुभारंभ किया.  कॉनक्लेव में एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों से आए 50 टूर ऑपरेटर्स ने ...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘धर्मरक्षक धामी’ सत्र में रखी देवभूमि की सुरक्षा और विकास की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘धर्मरक्षक धामी’ सत्र में रखी देवभूमि की सुरक्षा और विकास की प्राथमिकताएं

दिल्ली-एनसीआर
  ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया भाग हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीनई दिल्ली स्थित मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया और राज्य की नीतियों, विकास पहलों तथा प्रशासनिक सुधारों पर अपने विचार साझा किए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि 7,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया, और ऐसे समूहों पर कड़ी कार्रवाई की गई जो सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे.शिक्षा क्षेत्र में धामी ने कहा कि 01 जुलाई, 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित होंगे जो...
श्रद्धालुओं के लिए खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

श्रद्धालुओं के लिए खुले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम से दोनों धामों में की गई पहली पूजा  गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बुधवार को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर वैदिक मंत्रोच्चारण और पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए. इसके साथ ही उत्तराखण्ड की चारधाम यात्रा 2025 का भी शुभारंभ हो गया है. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों धामों में कपाटोद्घाटन समारोह में संकल्प लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम से पहली पूजा की और चारधाम यात्रा के सफल आयोजन तथा देश-प्रदेश की सुख समृद्धि एवं खुशहाली की मंगल कामना की है. श्री पुष्कर सिंह धामी यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन में पहुंचने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं. इस अवसर पर गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के ऊपर हैलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई.   दोनों धामों में कपाटोद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री ने की विशेष पूजा-अर्चना. यमुनोत्री धाम के कपाटो...
भैयादूज के दिन दोपहर 12.05 मिनट पर बद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

भैयादूज के दिन दोपहर 12.05 मिनट पर बद होंगे यमुनोत्री धाम के कपाट

उत्तरकाशी
शीतकाल के लिए बंद हुए गंगोत्री धाम के कपाट चारधामों में प्रसिद्ध प्रथम यमुनोत्री धाम के कपाट भैयादूज के पर्व पर दोपहर 12.05 मिनट पर बंद होंगे. यमुनोत्री धाम में भी कपाट बंद होने की तैयारियां शुरू हो गई हैं. कल 03 नवम्बर को यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव मूर्ति खरसाली गांव के लिए रवाना होगी. जहां स्थित मां यमुना मंदिर में शीतकाल के दौरान श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन व पूजा अर्चना कर सकेंगे. दोनों धामों के साथ शीतकालीन पड़ावों को फूलों से सजाया संवारा गया है. वहीं आज 02 नवम्बर को अन्नकूट पर्व गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए दोपहर 12.14 मिनट पर बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा के दर्शन उनके शीतकालीन पड़ाव मुखबा स्थित गंगा मंदिर में होंगे.गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के मौके पर धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे. हर-हर गंगे.. जय मां गंगे के ...
गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार रहेगी ‘देवभूमि उत्तराखंड’ की धूम

गणतंत्र दिवस की परेड में इस बार रहेगी ‘देवभूमि उत्तराखंड’ की धूम

देश—विदेश
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीरक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय रंगशाला शिविर, नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने की तैयारियों के अवसर पर विभिन्न प्रदेशों एवं मंत्रालयों की झांकी के माध्यम से कलाकारों अपने-अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक पेश की. उत्तराखण्ड राज्य के कलाकारों द्वारा उत्तराखण्ड की पांरपरिक वेशभूषा में राष्ट्रीय रंगशाला में आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित लोगों द्वारा बहुत पसंद किया गया, साथ ही इन 12 राज्यों के कलाकारों द्वारा भी अपने-अपने प्रदेश की झांकी के साथ पांरपरिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी गई। गणतंत्र दिवस समोराह में इस वर्ष 12 राज्यों की झांकी सम्मिलित की गई है।उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए उत्तराखंड की झांकी में सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक एवं नोडल अधिकारी के.एस.चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य से 16 कलाकार गणतंत...
विलुप्ति के कगार पर पारंपरिक व्‍यंजन अरसे की मिठास

विलुप्ति के कगार पर पारंपरिक व्‍यंजन अरसे की मिठास

साहित्‍य-संस्कृति
आशिता डोभालअरसे/अरसा पहाड़ में समूण या कलेउ becauseके रूप मे दिया जाने वाला एक पकवान है, जो उत्तराखण्ड में सिर्फ गढ़वाल मण्डल में प्रमुखता से बनता है बल्कि हमसे लगे कुमाऊं, जौनसार—बावर, बंगाण, हिमाचल प्रदेश, नेपाल, तिब्बत कहीं भी अरसा नही बनता है. इसके इतिहास की बात करें तो बहुत ही रूचिपूर्ण इतिहास रहा है अरसे का. बताते हैं कि यह दक्षिण भारत से आया हुआ पकवान है. इतिहासकारो के अनुसार आदिगुरू शंकराचार्य ने जब बद्रीनाथ और केदारनाथ में कर्नाटक के पुजारियों को नियुक्त किया था, तो नवीं सदी में वहां से आए हुए ये ब्राहमण अपने साथ अरसा so यहां लेकर आए और साथ ही बनाने की परम्परा भी शुरू कर गये. कालांतर में ये परम्परा गढ़वाल के आमजन में भी शुरू हो गई. अरसा तमिलनाड, केरल, आंध्र प्रदेश, उडीसा, बिहार और बंगाल में भी बनाया जाता है, वहां इसको अलग-अलग जगह अलग-अलग नामों से जाना जाता है.अटल आंध्र प्रदे...