Tag: कुमाउनी बैठकी होली

उत्तराखंड के गांवों, कस्बों व शहरों में गूंज रही होली गायन की धूम

उत्तराखंड के गांवों, कस्बों व शहरों में गूंज रही होली गायन की धूम

नैनीताल
 सी.एम. पपनैं, भतरौंजखान (नैनीताल)रंगों का पर्व होली सामाजिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है. इसे होली, होलिका या होलाका के नाम से बड़े आनंद और उल्लास के साथ मनाया जाता है. फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व उत्तर भारत में लगभग एक सप्ताह तक चलता है, जबकि Manipur में यह उत्सव छह दिनों तक मनाया जाता है.बैठकी होली से होती है शुरुआत उत्तराखंड के पर्वतीय अंचल में पौष माह से बैठकी होली की शुरुआत हो जाती है. बसंत पंचमी तक आध्यात्मिक होली, पंचमी से महाशिवरात्रि तक अर्ध-श्रृंगारिक और उसके बाद पूर्ण श्रृंगार रस में डूबी होली गाई जाती है. बसंत पंचमी के साथ ही होल्यारों का उत्साह चरम पर पहुंच जाता है. महाशिवरात्रि से खड़ी होली प्रारंभ होती है और रंग एकादशी को चीर बांधी जाती है. इसके बाद होली का पर्व पूरे शबाब पर होता है. महिला और पुरुष समूह कदमताल...
कुमाउनी बैठकी होली: सखि ऐसो चटक रंग डालो…

कुमाउनी बैठकी होली: सखि ऐसो चटक रंग डालो…

दिल्ली-एनसीआर
उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परम्परा 'कुमाउनी बैठकी होली' का गाजियाबाद में आयोजन गाजियाबाद के शालीमार गार्डन, साहिबाबाद क्षेत्र में 'कुमाउनी बैठकी होली' का आयोजन हुआ जिसमें दिल्ली एनसीआर के विभिन्न होली गायक शामिल रहे। उत्तराखंड की प्रख्यात 'कुमाउनी बैठकी होली' के इस आयोजन में हारमोनियम पर संगतकर्ता निधि जोशी (लोधी रोड, दिल्ली), चन्द्र शेखर पाण्डेय (वसुंधरा, गाजियाबाद), चन्द्र शेखर जोशी (स्वरूप पार्क, साहिबाबाद), महेश जोशी (द्वारका, दिल्ली), राकेश जोशी (इन्द्रापूरम, गाजियाबाद) व तबले पर संगतकर्ता जीवन कलखुंड़िया (वैशाली, गाजियाबाद), चन्द्रेश पंत (क्रासिंग रिपब्लिक, गाजियाबाद), गिरिजा शंकर जोशी (सोनीपत, हरियाणा), भानू जोशी (नोएडा, उ.प्र.) युवा प्रतिभा रोहित (वसुंधरा, गाजियाबाद) तथा होली गायन के अन्य संगतकर्ता डी.डी. जोशी (वसुंधरा, गाजियाबाद), एल. आर. पंत (इन्द्रापूरम, गाजियाबाद), दीप पं...