हास्य, व्यंग्य नहीं, हमारे दर्द के कवि हैं शेरदा अनपढ़

हास्य, व्यंग्य नहीं, हमारे दर्द के कवि हैं शेरदा अनपढ़

ललित फुलारा ‘कुमाउनी शब्द संपदा’ पेज पर प्रसिद्ध कवि-गीतकार शेरदा “अनपढ़” की कविताओं के विभिन्न आयाम पर केंद्रित चर्चा ‘हमार पुरुख’ में वरिष्ठ पत्रकार चारु तिवारी, साहित्यकार because देवेन मेवाड़ी और डॉ दिवा भट्ट ने अपने विचार रखे. चारु तिवारी ने शेरदा अनपढ़ की कविता और जीवन यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शेरदा […]

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 पहाड़ की संवेदनाओं के कवि थे शेरदा ‘अनपढ़’

पहाड़ की संवेदनाओं के कवि थे शेरदा ‘अनपढ़’

पुण्यतिथि (20 मई) पर विशेष चारु तिवारी  मेरी ईजा स्कूल के दो मंजिले की बड़ी सी खिड़की में बैठकर रेडियो सुनती हुई हम पर नजर रखती थी. हम अपने स्कूल के बड़े से मैदान और उससे लगे बगीचे में ‘लुक्की’ (छुपम-छुपाई) खेलते थे. जैसे ही ‘उत्तरायण’ कार्यक्रम आता ईजा हमें जोर से ‘धात’ लगाती. ‘उत्तरायण,’ […]

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