April 13, 2021
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पुस्तक समीक्षा

चकाचौंध से भरी दुनिया में उसके भीतर का अंधेरा

“पति आमतौर पर सबसे अच्छे प्रेमी तब होते हैं, जब वे अपनी पत्नियों को धोखा दे रहे होते हैं”- मर्लिन मनरो प्रकाश उप्रेती मर्लिन के इस कथन को पूर्णतः सत्य because नहीं माना जा सकता लेकिन झुठलाया भी नहीं जा सकता है. पितृसत्ता का अभ्यास और स्त्री को भोग की वस्तु समझे जाने वाली मानसिकता
संस्मरण

जबही महाराजा देस में आए …

‘बाटुइ’ लगाता है पहाड़, भाग—12 रेखा उप्रेती “बारात आ गयी !!” यह वाक्य हमारे भीतर वैसा ही उत्साह जगाता जैसे ओलंपिक्स में स्वर्ण-पदक जीतने की सूचना … उत्साह का बीज तो किसी बुआ या दीदी का ‘ब्याह ठहरते’ ही अँखुआ जाता. घर की लिपाई-पुताई, ऐपण, रंग्वाली पिछौड़, सुआल-पथाई, धुलिअर्घ की चौकी जैसे कई काज घर […]