April 17, 2021
Home Posts tagged पहाड़ का बादल
संस्मरण

पहाड़ का बादल

‘बाटुइ’ लगाता है पहाड़, भाग—13 रेखा उप्रेती “जोर का मंडान लग गया रे! जल्दी-जल्दी हिटो” संगिनियों के साथ धुर-धार से लौटती टोली के कदम तेज हो उठते. ‘मंडान’ मतलब चारों तरफ़ से बादलों का घिर आना. बौछारों की अगवानी से पूर्व आकाश में काले मेघों का चंदोवा… घसियारिनें अपनी दातुली कमर में खोस लेतीं,