Tag: चैन सिंह रावत

सौड़-सांकरी का देवगोत मेला: देव आस्था, मैती-धियाणी मिलन और लोक संस्कृति का भव्य संगम

सौड़-सांकरी का देवगोत मेला: देव आस्था, मैती-धियाणी मिलन और लोक संस्कृति का भव्य संगम

उत्तरकाशी
  देव आस्था, रिश्तों की गरमाहट और लोक संस्कृति का संगम नीरज उत्तराखंडीसौड़-सांकरी (मोरी),  उत्तरकाशी   हिमालय की शांत वादियों में जब ढोल-दमाऊ की थाप गूंजती है और रणसिंघा की ध्वनि देवदार के जंगलों से टकराकर लौटती है, तब समझ लीजिए कि पहाड़ में कोई बड़ा लोक उत्सव आकार ले चुका है. सीमांत विकासखंड मोरी के सौड़-सांकरी गांव में आयोजित देवगोत मेला और मैती-धियाणी मिलन कार्यक्रम ने इस बार भी आस्था, परंपरा और भावनाओं को एक सूत्र में पिरो दिया.लोक देवता सोमेश्वर महादेव के सानिध्य में सजे इस मेले की शुरुआत विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना और देवडोली के स्वागत के साथ हुई. मंदिर परिसर में उमड़े श्रद्धालुओं की भीड़, जयकारों की अनुगूंज और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर थाप ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया. श्रद्धालुओं ने भगवान सोमेश्वर महादेव के श्रीचरणों में नमन कर क्षेत्र की सुख-सम...
पर्वतारोहण और ट्रैकिंग से स्वरोजगार की पहल…

पर्वतारोहण और ट्रैकिंग से स्वरोजगार की पहल…

चमोली, पर्यटन
शशि मोहन रवांल्टास्वतन्त्रता संग्राम सेनानी श्रीराम शर्मा के गीत ‘करो राष्ट्र निर्माण बनाओ मिट्टी से सोना’ जी हां! इस गीत की पंक्तियों को चरितार्थ कर दिखाया है उत्तरकाशी जिले because के दूरस्थ गांव सौड़-सांकरी के चैन सिंह रावत ने. उन्होंने पर्वतारोहण और ट्रैकिंग के काम को पर्यटन व्यवसाय से जोड़ा है. अब उनके गांव के हर नौजवान के पास ‘होम स्टे’ के रूप में स्वरोजगार है.बसंत ऋतुउत्तरकाशी जिले के so सीमान्त विकासखण्ड मोरी के दूरस्थ गांव सांकरी में वर्ष के 10 माह तक पर्यटकों की आमद देखने को मिलती है. जनवरी और फरवरी माह में यह सम्पूर्ण घाटी बर्फ से ढक जाती है. यहां पर हरे-भरे जंगल, गोविंद पशु विहार नेशनल पार्क और सैंचुरी (Govind Pashu Vihar National Park & Sanctuary), सेब के बागान, पास में बह रही सुपीन नदी, हरकीदून बुग्याल, केदारकांठा ट्रैक, जुड़ी ताल की सैर, इसके अलावा इस घाटी में स...