Tag: उच्च शिक्षा

उच्च शिक्षा में युवाओं के सपनों को पंख लगाएंगी ये सात योजनाएं

उच्च शिक्षा में युवाओं के सपनों को पंख लगाएंगी ये सात योजनाएं

उत्तराखंड हलचल
सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में किया 7.64 करोड़ का प्रावधान. युवाओं को शोध, छात्रवृत्ति व निःशुल्क कोचिंग का मिलेगा अवसर. देहरादून :  शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिये सरकार ने बजट में कई प्रावधान किये गये हैं। इसके अलावा सरकार युवा सपनों को ऊंची उड़ान देने के लिये सात नई योजना शुरू करेगी। जिसके लिये बजट में 7.64 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इन नई योजना के तहत खटीमा में निःशुल्क कोचिंग सेंटर की स्थापना से लेकर विद्यार्थी शैक्षिक भारत दर्शन योजना और शेवनिंग छात्रवृत्ति जैसी योजना शामिल है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार व्यापक स्तर पर लगातार काम कर रही है। जिसकी झलक बजट में स्पष्ट दिखाई दे रही है। विद्यालयी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं के साथ ही सरकार सात नई योजनाओं से युवा सपनों को आकार देगी। जिसके लिये बजट में 7.64 करोड़ की धनराशि का प्रा...
उच्च शिक्षा में एडमिशन के लिए मिलेगा एक और मौका, ऑफलाइन पंजीकरण के लिए मंत्री धन सिंह ने दिए निर्देश

उच्च शिक्षा में एडमिशन के लिए मिलेगा एक और मौका, ऑफलाइन पंजीकरण के लिए मंत्री धन सिंह ने दिए निर्देश

देहरादून
देहरादून।  सूबे की विषम भौगोलिक परिस्थितियों एवं अन्य कारणों से उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने से वंचित रह गये छात्र-छात्राओं को प्रवेश के लिये एक और मौका दिया जायेगा। प्रवेश से वंचित छात्र-छात्राओं का नजदीकी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में ऑफलाइन पंजीकरण कराने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं। ऑफलाइन पंजीकरण छात्र-छात्राओं को अंतिम मौका देते हुये एक बार पुनः समर्थ पोर्टल खोला जायेगा। सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने विभिन्न कारणों से उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश से वंचित रह गये छात्र-छात्राओं को अंतिम मौका देने को कहा। उन्होंने बताया कि विद्यालयी शिक्षा परिषद की परीक्षाफल सुधार परीक्षा में उत्तीर्ण 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं, केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश...
राजकीय महाविद्यालयों में शीघ्र होगी प्राचार्यों की तैनातीः डॉ. धन सिंह रावत

राजकीय महाविद्यालयों में शीघ्र होगी प्राचार्यों की तैनातीः डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून
देहरादून. सूबे के राजकीय महाविद्यालयों में पठन-पाठन प्रभावित न हो इसके लिये महाविद्यालयों में शत-प्रतिशत प्राचार्यों की तैनाती कर दी जायेगी. इसके साथ ही राजकीय महाविद्यालयों में लम्बे समय से रिक्त चल रहे तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों को भी शीघ्र भरा जायेगा, जिसके निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये है. विद्यालयी शिक्षा विभाग की तर्ज पर उच्च शिक्षा विभाग का भी विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से निरंतर अनुश्रवण व मूल्यांकन किया जायेगा. इसके लिये पृथक से विद्या समीक्षा केन्द्र बनाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दे दिये गये हैं. उच्च शिक्षा मंत्री डा0 धन सिंह रावत ने आज यमुना कालोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली. उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा के अंतर्गत समस्त राजकीय महाविद्यालयों में शैक्षिक कार्य प्रभावित न हो इसके लिये सभी महाविद्यालयों में शीघ्...
‘एक अध्यापक की कोशिश और कशिश की मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति’

‘एक अध्यापक की कोशिश और कशिश की मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति’

संस्मरण
डॉ. अरुण कुकसाल जीवन के पहले अध्यापक को भला कौन भूल सकता है. अध्यापकों में वह अग्रणी है. शिक्षा और शिक्षक के प्रति बालसुलभ अवधारणा की पहली खिड़की वही खोलता है. जाहिर है एक जिम्मेदार और दूरदर्शी पहला अध्यापक बच्चे की जीवन दिशा में हमेशा मार्गदर्शी रहता है. चंगीज आइत्मातोव का विश्व चर्चित उपन्यास ‘पहला अध्यापक’ का नायक इसी भूमिका में है. यह उपन्यास जड़ समाज को जीवंतता की ओर ले जाने वाले एक अध्यापक की कोशिश और कशिश की मर्मस्पर्शी अभिव्यक्ति है. ‘पहला अध्यापक’ उपन्यास 20वीं शताब्दी के तीसरे दशक में सोवियत संघ के किरगीजिया पहाड़ी इलाके के कुरकुरेव गांव की सच्ची घटनाओं से शुरू होता है. उपन्यास के सभी पात्रों ने वही जीवन जिया जो उपन्यास में है. चंगीज आइत्मातोव ने केवल उनके जीवन की बातों और घटनाओं को साहित्यिक प्रवाह दिया है. ‘पहला अध्यापक’ उपन्यास 20वीं शताब्दी के तीसरे दशक में सोवियत...