उत्तरकाशी

उत्तरकाशी: छात्रों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

उत्तरकाशी: छात्रों को दिलाई नशामुक्ति की शपथ

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मुख्य शिक्षा अधिकारी नरबीर सिंह बिष्ट ने छात्रों से नशे से दूर रहने का किया अवह्वान पीएमश्री राजकीय आदर्श कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी में नशामुक्ति भारत अभियान सप्ताह के तहत पोस्टर, पेंटिंग, स्लोगन, नारे लेखन और कविता और गीत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. 26 जून को नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतराष्ट्रीय दिवस पर विद्यालय में एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर कैप्टेन एल.पी.एस.परमार ने छात्रों को नशामुक्त की शपथ दिलाई. इस दौरान विद्यालय में नशा मुक्ति हेतु दगड़िया- फ्रेंड क्लब का गठन किया गया. राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी नरबीर सिंह बिष्ट ने छात्रों से नशे से दूर रहने का अवह्वान किया. जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक शैलेन्द्र अमोली द्वारा एनसीसी कैडेट्स से अपील की कि नशामुक्ति कि शुरुआत पहले हम अपने घर और विद्यालय से करें.विद्या...
रवांल्टी भाषा को बचाने के लिए विचार गोष्ठी एवं रवांल्टी विशेषांक का विमोचन

रवांल्टी भाषा को बचाने के लिए विचार गोष्ठी एवं रवांल्टी विशेषांक का विमोचन

उत्तरकाशी
नौगांव (उत्तरकाशी). यमुना वैली पब्लिक स्कूल में हिमांतर प्रकाशन से प्रकाशित रवांल्टी कविता विशेषांक का विमोचन और सम्मान समारोह आयोजित किया गया. देश के ख्यातिलब्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा को वाल्मीकीय रामायण का रवांल्टी में संक्षिप्त अनुवाद करने के लिए सम्मानित किया गया. इस दौरान गोष्ठी का भी आयोजन किया गया.इस मौके पर महावीर रवांल्टा ने कहा कि अपनी भाषा को बचाने के लिए हमें और अधिक गंभीर और सामूहिक प्रयास करने होंगे. उन्होंने रवांल्टी में कविता लेखन करने वाले युवाओं को प्रेरित करने के साथ यह संदेश भी दिया कि वे गंभीरता से लेखन करें. साथ ही यह भी कहा कि लेखन तभी अच्छा होगा, जब अध्ययन गहन होगा. इस दौरान महावीर रवांल्टा ने अपने प्रेरक संस्मरण भी सुनाए.जय प्रकाश सेमवाल ने कहा कि अपनी भाषा पर सबको गौरव होना चाहिए. अपनी लोकभाषा हमें अपनों से जोड़ने का काम करती है. डॉ. वीरेंद्र चंद न...
उत्तरकाशी: मोरी के चैन रावत बने सिक्किम प्रांत के ABVP के प्रांत संगठन मंत्री

उत्तरकाशी: मोरी के चैन रावत बने सिक्किम प्रांत के ABVP के प्रांत संगठन मंत्री

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी. गत सप्ताह गुजरात के सूरत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक संपन्न हुई, जिसमें सीमांत जनपद उत्तरकाशी के सुदूरवर्ती क्षेत्र मोरी, कोटी गांव के सरल स्वभाव के धनी बेहद सौम्य, एक कुशल संगठनकर्ता चैन सिंह रावत को सिक्किम प्रांत का प्रांत संगठन मंत्री (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) बनाया गया है.चैन सिंह रावत बर्फिया लाल जुवांठा राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय पुरोला में पूर्व छात्र नेता रहे हैं. वर्ष 2018 में राष्ट्रवादी छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के वैचारिकता से आत्मीय जुड़ाव के चलते संगठन के पूर्णकालिक कार्यकर्ता के रूप में जिला संगठन मंत्री उत्तरकाशी व वर्तमान में विभाग संगठन मंत्री चमोली के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं. आपको सिक्किम प्रांत का प्रान्त संगठन मंत्री बनाए जाने पर संपूर्ण यमुना घाटी ए...
जन से विरक्ति और धन लोलुपता की परिणिति : तिलाड़ी ढंढक

जन से विरक्ति और धन लोलुपता की परिणिति : तिलाड़ी ढंढक

उत्तरकाशी
तिलाड़ी कांड 30 मई, 1930 पर विशेषध्यान सिंह रावत ‘ध्यानी’ 1803 से 1815 के मध्य के क्रूर गोरखा शासन के उपरांत महाराजा सुदशर्न शाह ने कंपनी सरकार की मद्द पाकर अपना पैतृक गढ़वाल राज्य वापस ले तो लिया किन्तु बदले में आधा राज्य भी गवांना पड़ा और सन् 1815 में उन्हें एक छोटी सी रियासत टिहरी गढ़वाल राज्य की गद्दी को पाकर ही संतुष्ठ होना पड़ा था। सन् 1824 को रवांई परगना जहां के निवासी स्वछन्द जीवन जीने के अभ्यासी थे उसे भी कम्पनी सरकार ने महाराजा सुदर्शन शाह को सौंप दिया। जनता अपने ऊपर हुए क्रूर अनैतिक आचरण और शोषण के पश्चात अपने महाराजा की खबर से सुकून की सांस लेने लगी थी। महाराजा के सम्मुख चुनौतियों का बड़ा पहाड़ खड़ा था। राज्य का खजाना बिल्कुल भी खाली था। राजस्व में वृद्धि के लिए अनेकों प्रकार के ‘टैक्स’ लगाये गये। किन्तु राज्य की जो सबसे बड़ी सम्पत्ति और आय का एक मात्र स्रोत राज्य के वन ही थे। इन...
सौम्यकाशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही तीर्थयात्रियों की भीड़

सौम्यकाशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही तीर्थयात्रियों की भीड़

उत्तरकाशी
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा के साथ बाबा के दर्शन से होती पुण्य में और वृद्धि उत्तरकाशी. यमुनोत्री और गंगोत्री यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की भीड़ इन दिन सौम्यकाशी (उत्तरकाशी) में विराजमान बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही है. धार्मिक मान्यता है कि कलयुग में वाराणसी (बनारस) से ज्यादा उत्तर की काशी में स्थित बाबा विश्वनाथ के दर्शन की महत्ता है. यही कारण हैं कि यमुनोत्री आने के बाद और गंगोत्री जाने से पहले तीर्थयात्रियों की भीड़ बाबा विश्वनाथ के दर्शन को जुट रही है. इधर, तीर्थयात्रियों के बड़ी संख्या में आगमन के फलस्वरूप यात्रा व्यवस्था को कायम रखने में लिए उत्तरकाशी में रामलीला मैदान में होल्डिंग पॉइंट बनाए जाने के बाद  यहां रोके जाने वाले यात्री बाबा विश्वनाथ के दर्शनों का लाभ अर्जित कर रहे हैं.धार्मिक नगरी उत्तरकाशी में यूं तो वाराणसी जैसे मंदिरों और धर्म स्थलों की भरमार ह...
मुख्यमंत्री धामी ने यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मुख्यमंत्री धामी ने यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर चारधाम यात्रा के बारे में फीड बैक लिया. मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर देश के विभिन्न हिस्सों से आये तीर्थयात्री अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों को सराहा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा संचालन को लेकर किए गए प्रबंधो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा के शुरूआती दिनों में ही धामों में रिकॉर्ड भीड़ हो जाने के कारण यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा व अन्य व्यवस्थाओं को कायम रखने के लिए यात्रा के नियंत्रित व व्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिसे देखते हुए बिना पंजीकरण के यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का निर्...
बिना पंजीकरण यमुनोत्री-गंगोत्री धाम न आएं तीर्थयात्री: सुंदरम

बिना पंजीकरण यमुनोत्री-गंगोत्री धाम न आएं तीर्थयात्री: सुंदरम

उत्तरकाशी
ऋषिकेश और डामटा बैरियर पर पुलिस सख्ती से कराएं पंजीकरण का पालन उत्तरकाशी. सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम ने बुधवार को उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली. इस दौरान यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम ने पुलिस-प्रशासन को निर्देश दिए कि बिना पंजीकरण धामों की यात्रा करने वालों को सख्ती से निपटें और सीधा चेकिंग बैरियर से वापस भेजें. इसके लिए  बैरियरों तथा अन्य स्थानों पर सख्ती से चेकिंग की जाए. उन्होंने यमुनोत्री धाम में बिना पंजीकरण के डंडी-कंडी, घोड़ा-खच्चरों के संचालन पर भी प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में रिकॉर्ड तीर्थयात्रियों के पहुंचने से उत्पन्न स्थिति पर सचिव मुख्यमंत्री आर मीनाक्षी सुंदरम और महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी बुधवार को उत्तरकाशी पहुंचे. यहां आईटीबीपी मातली के सभा...
राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने किया ‘Hello बड़कोट-यमुनोत्री’ का विमोचन

राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने किया ‘Hello बड़कोट-यमुनोत्री’ का विमोचन

उत्तरकाशी
तीर्थाटन और पर्यटन के लिए आने वाले लोगों के लिए यह एक पथ प्रदर्शक का कार्य करेगी सूचना निदर्शिनी : योगेश भट्टबड़कोट. राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट ने यमुनोत्री प्रेस क्लब के अध्यक्ष सुनील थपलियाल द्वारा प्रकाशित/संपादित 'हेलो बड़कोट-यमुनोत्री' सूचना निदर्शिनी के प्रवेशांक का डायट सभागार में बतौर मुख्य अतिथि विमोचन किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य में तीर्थाटन और पर्यटन के लिए आने वाले लोगों के लिए यह एक पथ प्रदर्शक का कार्य करेगी. प्रत्येक वर्ष इसके नवीन अंक को भी प्रकाशित किया जाना चाहिए. विमोचन के उपरांत सूचना आयुक्त ने 'सूचना के अधिकार' अधिनियम के हर पहलू पर विस्तार से प्रकाश डाला. विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. के.एल.तलवाड़ ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस पत्रिका में यमुनोत्री आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा की हर जानकारी मुहैय्या करवाई गई है.विशिष्ट अतिथि...
रवांई की पहली पढ़ी-लिखी लड़की ‘सत्यभामा’ का सफर

रवांई की पहली पढ़ी-लिखी लड़की ‘सत्यभामा’ का सफर

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ध्यान सिंह रावत ‘ध्यानी’, शिक्षक एवं साहित्यकार भारत जब पराधीनता की जंजीरों को तोड़ देने के अंतिम पायदान पर आ खड़ा हुआ था तो देशी रियासतों का विलय भारतसंघ में एक बड़ी चुनौती से कम न थी. टिहरी रियासत की जनता भी अपने को इस कड़ी से जुड़ने के लिए चिर निद्रा से उठ खड़ी हुई थी और स्वतंत्रता के दो वर्षों के बाद अर्थात सन् 1949 को संयुक्तप्रान्त उत्तर प्रदेश का एक हिस्सा बनी. रियासत काल में शिक्षा की दशा और दिशा संतोषप्रद नहीं थी. महाराजा प्रतापशाह ने कुछेक स्कूल तो खोले किन्तु महाराजा कीर्तिशाह ने प्रत्येक पट्टी में एक-एक प्राईमरी पाठशाला खोली थी. रवांई परगने में महाराजा नरेन्द्रशाह के शासन काल में कीर्ति आधारिक विद्यालय उत्तरकाशी, प्राइमरी पाठशाला राजगढ़ी, पुरोला, ठडियार आदि गिने-चुने स्कूल खुल चुके थे. यद्पि महाराजा नरेन्द्र शाह के शासन काल में इस ओर कुछ सुधार अवश्य हुआ किन्तु तत्कालीन समय में पहाड़ ...
गंगनाणी कुंड : यहां है उत्तराखंड का प्रयागराज, लोगों की आस्था का केंद्र, इतिहास के लिए पहेली

गंगनाणी कुंड : यहां है उत्तराखंड का प्रयागराज, लोगों की आस्था का केंद्र, इतिहास के लिए पहेली

उत्तरकाशी
गंगनाणी कुंड: धार्मिक मान्यताएं और 1826-1838 के बीच की ऐतिहासिक घटना।प्रदीप रावत (रवांल्टा)‘प्रयागराज’ के बारे में आप जानते सभी जानते हैं कि प्रयागराज उत्तर प्रदेश में है। लेकिन, कम ही लोग यह जानते हैं कि उत्तराखंड में भी ‘प्रयागराज’ है, जहां ‘प्रयागराज’ पहुंचने से पहले मां गंगा और मां यमुना का दिव्य संगम होता है। इसको और खास बनाता है इन दोनों पवित्र नदियों के साथ केदार गंगा का संगम। ‘प्रयागराज’ और त्रिवेणी उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में है। अब हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे। क्योंकि यह ‘प्रयागराज’ जितना लोगों के लिए आस्था और मान्यताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है, उतना ही इतिहासकारों के लिए इतिहास के नजरिए से भी है। हालांकि, यह आज तक इतिहासकारों के लिए एक पहेली ही बना हुआ है। इस पहेली को सुलझाने का प्रयास डाकपत्थर डिग्री कॉलेज में तैनात इतिहासकार और पुरातत्ववेत्ता डॉ. विज...