उत्तराखंड हलचल

मुख्यमंत्री पहुंचे बदरीनाथ, यात्रा व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

मुख्यमंत्री पहुंचे बदरीनाथ, यात्रा व्यवस्थाओं का किया स्थलीय निरीक्षण

चमोली
मुख्यमंत्री ने बदरी विशाल के दर्शन और पूजा कर देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बदरीनाथ पहुंच कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने यात्रा प्रबंधन से जुड़े विभागों को बद्रीनाथ धाम में श्रद्वालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगमता का ध्यान रखते हुए यात्रा व्यवस्थाओं को चाक चौंबद रखने के निर्देश दिए. ताकि यात्रा सुचारू और व्यवस्थित तरीके से चलती रहे और श्रद्वालुओं को बद्रीनाथ धाम में सुगमता से दर्शन होते रहे. निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने देश के विभिन्न क्षेत्रों से आये श्रद्धालुओं से बातचीत कर उनसे व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया. मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टोकन काउंटर, क्यू मैनेजमेंट, कंट्रोल रूम, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य आदि सुविधाओं की जानकारी ली और अधिकारियों को आपसी सा...
जन से विरक्ति और धन लोलुपता की परिणिति : तिलाड़ी ढंढक

जन से विरक्ति और धन लोलुपता की परिणिति : तिलाड़ी ढंढक

उत्तरकाशी
तिलाड़ी कांड 30 मई, 1930 पर विशेषध्यान सिंह रावत ‘ध्यानी’ 1803 से 1815 के मध्य के क्रूर गोरखा शासन के उपरांत महाराजा सुदशर्न शाह ने कंपनी सरकार की मद्द पाकर अपना पैतृक गढ़वाल राज्य वापस ले तो लिया किन्तु बदले में आधा राज्य भी गवांना पड़ा और सन् 1815 में उन्हें एक छोटी सी रियासत टिहरी गढ़वाल राज्य की गद्दी को पाकर ही संतुष्ठ होना पड़ा था। सन् 1824 को रवांई परगना जहां के निवासी स्वछन्द जीवन जीने के अभ्यासी थे उसे भी कम्पनी सरकार ने महाराजा सुदर्शन शाह को सौंप दिया। जनता अपने ऊपर हुए क्रूर अनैतिक आचरण और शोषण के पश्चात अपने महाराजा की खबर से सुकून की सांस लेने लगी थी। महाराजा के सम्मुख चुनौतियों का बड़ा पहाड़ खड़ा था। राज्य का खजाना बिल्कुल भी खाली था। राजस्व में वृद्धि के लिए अनेकों प्रकार के ‘टैक्स’ लगाये गये। किन्तु राज्य की जो सबसे बड़ी सम्पत्ति और आय का एक मात्र स्रोत राज्य के वन ही थे। इन...
कैंची धाम के लिए शटल बस सेवा शुरू करने के दिये निर्देश

कैंची धाम के लिए शटल बस सेवा शुरू करने के दिये निर्देश

देहरादून
उत्तराखण्ड के चारों धामों के अलावा यात्रा मार्गों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन किया जाए- मुख्यमंत्रीहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा, मानसखण्ड मदिंर माला मिशन, कैंचीधाम और पूर्णागिरी में विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में हर साल श्रद्धालुओं की संख्या में तेजी से वृद्धि होगी. उन्होंने कहा कि चारों धामों की धारण क्षमता के अलावा यात्रा मार्ग के अन्य स्थलों पर भी श्रद्धालुओं और वाहनों की धारण क्षमता का आंकलन करना जरूरी है. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चारधाम यात्रा मार्गों और राज्य के तीर्थाटन और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थलों पर पार्किंग और मूलभूत आवश्यकताओं से संबंधित प्रस्ताव आवास विभाग को भेजे जाएं. चारधाम यात्रा के चरम सीमा वाली अवधि में हर साल के लिए...
केदारनाथ धाम पहुंची चीफ जस्टिस रितु बाहरी, बाबा केदार से लिया आशीर्वाद

केदारनाथ धाम पहुंची चीफ जस्टिस रितु बाहरी, बाबा केदार से लिया आशीर्वाद

रुद्रप्रयाग
उत्तराखंड हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रितु बाहरी ने केदारनाथ पहुंचकर बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। उन्होंने बाबा केदारनाथ का रुद्राभिषेक कर बाबा की विशेष पूजा अर्चना कर विश्व एवं जन कल्याण के कामना की। एक दिवसीय दौरे पर बाबा केदारनाथ धाम के दर्शनों को पहुंची जस्टिस रितु बाहरी का जिलाधिकारी डॉ सौरभ गहरवार एवं पुलिस अधीक्षक डॉ विशाखा ने वीआईपी हेलीपैड पर स्वागत किया। जस्टिस रितु बाहरी तीर्थ पुरोहित समाज एवं मुख्य पुजारी से मिली। इसके बाद बाबा केदारनाथ मंदिर में प्रवेश कर विशेष पूजा अर्चना कर संपूर्ण विश्व एवं मानवता के कल्याण की कामना की। उन्होंने उत्तराखंड के सतत विकास के लिए भी बाबा केदार से आशीर्वाद मांगा। वहीं इस बार चारधाम यात्रा 10 मई से शुरू हुई। पहले दिन कपाट खुलने से केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन के लिए क्षमता से अधिक भीड़ उमड़ रही है।पिछले वर्ष 22 ...
लायनेस क्लब दसवीं की छात्रा भावना बिष्ट को उपलब्ध कराई छात्रवृत्ति

लायनेस क्लब दसवीं की छात्रा भावना बिष्ट को उपलब्ध कराई छात्रवृत्ति

नैनीताल
सामाजिक कार्यों में अपनी भूमिका निभाते हुए आज लायनेस क्लब के द्वारा हरगोविंद सुयाल में पढ़ने वाली छात्रा भावना बिष्ट के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए उनकी आगे की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई. ज्ञात हो कि भावना बिष्ट ने दसवीं कक्षा में 97.6% अजिर्त किए हैं. छात्रा के उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए लायनेस क्लब ने आज छात्रा भावना को पन्द्रह हजार रुपये भेंट किए और बधाई दी. कार्यक्रम में लायनेस क्लब अध्यक्ष रीता अग्रवाल जी, प्रीता जैन, संगीता टंडन, राधा अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, हेमा नेगी, शर्मिला मित्रा, डॉ अंकिता गुप्ता, शालिनी गुप्ता, रीतु कोहली एवं तनुजा जोशी, मीडिया प्रभारी, लायनेस क्लब आदि सदस्य उपस्थित रहे. सभी ने मिलकर भावना बिष्ट के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं....
समय की मांग है एक्शन बेस्ड बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन!

समय की मांग है एक्शन बेस्ड बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन!

देहरादून
यूसर्क द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय जैवविविधता दिवस-2024 का आयोजन देहरादून. उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) (Uttarakhand Science Education & Research Centre (USERC)) देहरादून द्वारा दिनांक 22 मई 2023 को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन बोटेनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI, भारत सरकार) में किया गया. कार्यक्रम में यूसर्क की निदेशक प्रो (डॉ) अनीता रावत ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी संस्कृति का प्रकृति के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान है. विद्यार्थियों को प्रकृति के संरक्षण हेतु संस्कार विकसित करने तथा प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य में जैवविधिता के संरक्षण एवं संर्वधन किये जाने की आवश्यकता है. हम सभी को एक्शन बेस्ड बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन की आवश्कता है. सतत विकास की अवधारणा को फलीभूत करने के लिए एक्शन ओरिएंटेड होना पड़ेगा और मनुष्य को प्रकृति के ...
केदारनाथ : जहां होते हैं साक्षात शिव के दर्शन!

केदारनाथ : जहां होते हैं साक्षात शिव के दर्शन!

रुद्रप्रयाग
यदि आप घूमने-फिरने के शौकीन हैं और उत्तराखंड की सैर कर रहे हैं तो आप यहां तीथार्टन के साथ-साथ एडवेंचर का मचा भी ले सकते हैं, यहां बहुत से ऐसे दर्शनीय स्थल हैं जहां पहुंच कर आपको अलौकिक अनुभूति होगी.  यहां बाबा केदार के दर्शनों के अलावा आप आस-पास के तीर्थस्थानों का भ्रमण कर अपनी आध्यात्मिक यात्रा और खूबसूरत बना सकते हैं.  आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ तीर्थ स्थलों के बारे में… मध्यमहेश्वर महादेव मंदिर चौखंबा की गोद में समुद्रतल से 9700 फीट की ऊंचाई पर यह मंदिर अवस्थित है, जो ऊखीमठ से 30 किमी की दूरी पर अवस्थित है. यहां अन्य मंदिरों में बूढ़ा मध्यमहेश्वर क्षेत्रपाल मंदिर, हिंवाली देवी मंदिर हैं. यहां की पहाड़ियों में अनेक गुफाएं हैं. पंचकेदार के नाम से विख्यात शिव के पांच पावन धामों में से मध्यमहेश्वर दूसरा धाम है. यहां भगवान शिव की नाभि की पूजा की जाती है.तुंगनाथ महादेव मंदिर पंचकेदारों...
पंचकेदार : विधि विधान से खुले द्वितीय केदार भगवान श्री मदमहेश्वर जी के कपाट

पंचकेदार : विधि विधान से खुले द्वितीय केदार भगवान श्री मदमहेश्वर जी के कपाट

उत्तराखंड हलचल
पंचकेदारों में प्रतिष्ठित द्वितीय केदार भगवान श्री मदमहेश्वर जी के कपाट आज पूर्वाह्न 11.15 बजे विधि-विधान से खुल गये है. इस अवसर पर साढे़ तीन सौ से अधिक श्रद्धालु मौजूद रहे. पंच केदार में द्वितीय भगवान मद्महेश्वर मंदिर के कपाट आज शुभ लग्न में साढ़े 11 बजे भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं. इस अवसर पर 350 से अधिक श्रद्धालु मंदिर में मौजूद रहे. बाबा मद्महेश्वर की चल उत्सव विग्रह डोली को दस बजे मंदिर में लाया गया. इसके बाद मंदिर के कपाट खोलने की प्रक्रिया शुरू हुई. पुजारी टी गंगाधर लिंग ने पूजा-अर्चना के बाद बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति के अधिकारियों, हकहकूक धारियों की उपस्थिति में विधि-विधान से मंदिर के कपाट खोले. इसके बाद भगवान मदमहेश्वर के स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप से अलग कर निर्वाण रूप व उसके बाद श्रृंगार रूप दिया गया. जिसके बाद श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन किए. कपाट खुलने के माैक...
सौम्यकाशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही तीर्थयात्रियों की भीड़

सौम्यकाशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही तीर्थयात्रियों की भीड़

उत्तरकाशी
यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा के साथ बाबा के दर्शन से होती पुण्य में और वृद्धि उत्तरकाशी. यमुनोत्री और गंगोत्री यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की भीड़ इन दिन सौम्यकाशी (उत्तरकाशी) में विराजमान बाबा विश्वनाथ के दर्शन को उमड़ रही है. धार्मिक मान्यता है कि कलयुग में वाराणसी (बनारस) से ज्यादा उत्तर की काशी में स्थित बाबा विश्वनाथ के दर्शन की महत्ता है. यही कारण हैं कि यमुनोत्री आने के बाद और गंगोत्री जाने से पहले तीर्थयात्रियों की भीड़ बाबा विश्वनाथ के दर्शन को जुट रही है. इधर, तीर्थयात्रियों के बड़ी संख्या में आगमन के फलस्वरूप यात्रा व्यवस्था को कायम रखने में लिए उत्तरकाशी में रामलीला मैदान में होल्डिंग पॉइंट बनाए जाने के बाद  यहां रोके जाने वाले यात्री बाबा विश्वनाथ के दर्शनों का लाभ अर्जित कर रहे हैं.धार्मिक नगरी उत्तरकाशी में यूं तो वाराणसी जैसे मंदिरों और धर्म स्थलों की भरमार ह...
मुख्यमंत्री धामी ने यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

मुख्यमंत्री धामी ने यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज यमुनोत्री क्षेत्र का भ्रमण कर यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय लोगों से मुलाकात कर चारधाम यात्रा के बारे में फीड बैक लिया. मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर देश के विभिन्न हिस्सों से आये तीर्थयात्री अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने चारधाम यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए शासन-प्रशासन के प्रयासों को सराहा. इस दौरान मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री व गंगोत्री धाम की यात्रा संचालन को लेकर किए गए प्रबंधो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यात्रा के शुरूआती दिनों में ही धामों में रिकॉर्ड भीड़ हो जाने के कारण यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा व अन्य व्यवस्थाओं को कायम रखने के लिए यात्रा के नियंत्रित व व्यवस्थित संचालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिसे देखते हुए बिना पंजीकरण के यात्रा की अनुमति नहीं दिए जाने का निर्...