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इस बार चुनौतीपूर्ण होगी हेमकुंड साहिब की यात्रा, बर्फीले गलियारों से गुजरेंगे यात्री

इस बार चुनौतीपूर्ण होगी हेमकुंड साहिब की यात्रा, बर्फीले गलियारों से गुजरेंगे यात्री

चमोली
इस बार हेमकुंड साहिब की यात्रा चुनौतीपूर्ण रहेगी. आगामी 20 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुलने हैं लेकिन अभी तक यहां करीब 10 फीट तक बर्फ जमी है. साथ ही आस्था पथ भी बर्फ से ढक गया है. हालांकि सेना के जवान और हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के सेवादार आस्था पथ से बर्फ हटाकर रास्ता बनाने में जुटे हुए हैं लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी से रास्ता बनाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. लगभग 15225 फीट की ऊंचाई पर स्थित हेमकुंड साहिब अभी बर्फ से लकदक है. हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर सेना के जवान 20 अप्रैल से बर्फ हटाकर रास्ता बनाने में जुटे हुए हैं लेकिन लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से जवानों को भारी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं. जिन जगहों से बर्फ हटाकर रास्ता बनाया गया है वहां फिर से बर्फ पड़ने से रास्ता बंद हो रहा है. ऐसे में जवानों और सेवादारों को दोबारा काम करना पड़ रहा है. सेना के जवानों के...
लोक संस्कृति एवं लोकपरम्पराओं को बढावा देते हैं मेले और कौथिग: सीएम पुष्कर सिंह धामी

लोक संस्कृति एवं लोकपरम्पराओं को बढावा देते हैं मेले और कौथिग: सीएम पुष्कर सिंह धामी

अल्‍मोड़ा
मुख्यमंत्री ने की ऐतिहासिक सोमनाथ मेले के लिये 05 लाख रुपये की घोषणा सोमवार को ऐतिहासिक सोमनाथ मेला मासी-2023 में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमनाथ मेले को 05 लाख रूपये प्रदान करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति एवं सभ्यता महान है इसमें निरंतरता है. सदियों से इस महान संस्कृति की महानता के विषय में आम लोगों को जागरूक करने का काम मेले और कौथिग करते रहे हैं. सोमनाथ का यह ऐतिहासिक मेला भी इसी का उदाहरण है. कत्यूरकाल से देवाधिदेव शिव को प्रत्येक गांव से नई फसल भेंट करने की चली आ रही अनूठी परंपरा इस मेले को विशिष्ट बनाती है. हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी ये मेले अहम भूमिका निभाते हैं. मेले हमारे समाज को जोड़ने तथा हमारी प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं के बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं. सीएम ने द्वाराहाट विध...
आईआईटी रुड़की : रीन्यूएबल ग्रिड इंटीग्रेशन लैबोरेटरी और ग्रीन हाइड्रोजन लैबोरेटरी का उद्घाटन

आईआईटी रुड़की : रीन्यूएबल ग्रिड इंटीग्रेशन लैबोरेटरी और ग्रीन हाइड्रोजन लैबोरेटरी का उद्घाटन

देहरादून
दोनों लैब्स भारत को उर्जा की दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाने और शुद्ध शून्य कार्बन लक्ष्यों को हासिल करने की आईआईटी रुड़की एवं डिपार्टमेन्ट ऑफ हाइड्रो एण्ड रीन्यूएबल एनर्जी की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैंरुड़की. आईआईटी रुड़की के डायरेक्टर प्रोफेसर के.के. पंत ने डिपार्टमेन्ट ऑफ हाइड्रो एण्ड रीन्यूएबल एनर्जी में दो नई लैब्स- रीन्यूएबल ग्रिड इंटीग्रेशन लैबोरेटरी और ग्रीन हाइड्रोजन लैबोरेटरी का उद्घाटन किया. एचआरईडी ने इन दो लैब्स की स्थापना यह सुनिश्चित करने के लिए की है कि डिपार्टमेन्ट और आईआईटी रूड़की स्वच्छ उर्जा ग्रिड में भारत में आत्मनिर्भार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें. डायरेक्टर ने एचआरईडी की इन लैबोरेटरीज़ का दौरा किया, जो रीन्यूएबल एनर्जी से जुड़े सभी पहलुओं जैसे हाइड्रोपावर, एनर्जी स्टोरेज, सोलर एनर्जी, बायोमास एनर्जी, मैनेजमेन्ट ऑफ वॉटर बॉडीज़ एवं एनर्जी सिस्टम्स मॉडलिंग में रूप...
पशु पक्षियां और परी कथा से लेकर विज्ञान की कहानियों का सफर 

पशु पक्षियां और परी कथा से लेकर विज्ञान की कहानियों का सफर 

साहित्‍य-संस्कृति
हिंदी बालसाहित्य का इतिहासउदय किरौला संपादक, बालप्रहरी   2500 वर्ष पूर्व राजा अमर कीर्ति ने पंडित विष्णुदत्त शर्मा नामक विद्वान को अपने बेटों को पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी. उसके चार पुत्र थे. उनका मन पढ़ाई-लिखाई में नहीं लगता था. पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने जीव-जंतुओं को अपनी कहानी का पात्र बनाकर चारों राजकुमारों को नैतिक एवं सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया. ये कहानियां उस दौर में मौखिक सुनाई गई. बाद में ‘हितोपदेश’ नाम से ये कहानियां संस्कृत साहित्य में प्रकाशित हुई. वर्तमान में पंचतंत्र की कहानी के नाम से ये कहानियां हिंदी साहित्य में प्रचलन में हैं. पंचतंत्र की कहानियां के अतिरिक्त ईसप की कहानियां भी बालसाहित्य की प्रसिद्ध कहानियां मानी जाती हैं. ईसप यूनान का रहने वाला एक गुलाम था. वह पशु-पक्षियों पर आधारित कहानियां सुनाता था. यूनान के विद्वान वेव्रियर्स  ने ईसप की कहानियां का...
चारधाम यात्रा: केदारनाथ में अगले कुछ दिन मौसम रहेगा खराब, पंजीकरण पर 15 मई तक लगी रोक

चारधाम यात्रा: केदारनाथ में अगले कुछ दिन मौसम रहेगा खराब, पंजीकरण पर 15 मई तक लगी रोक

रुद्रप्रयाग
केदारनाथ धाम की यात्रा के लिए पंजीकरण पर अब 15 मई तक रोक रहेगी. पर्यटन विभाग के मुताबिक मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. उन्होंने बताया कि 15 तक नए पंजीकरण पर रोक रहेगी लेकिन जो यात्री पहले पंजीकरण कर चुके हैं वे यात्रा कर सकेंगे. चारधाम यात्रा में अब तक दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा पांच लाख पार हो गया है. केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 1.75 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं. पर्यटन विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार 22 अप्रैल से 7 मई तक केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में 505286 लाख से अधिक यात्रियों ने दर्शन किए हैं. इसमें केदारनाथ धाम में 1.75 लाख, बदरीनाथ में 1,18,116, गंगोत्री में 1.13 लाख, यमुनोत्री मंदिर में एक लाख श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं....
’बालसाहित्य और सामाजिक सरोकार’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

’बालसाहित्य और सामाजिक सरोकार’ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन

देहरादून
दिनेश रावतहरिद्वार. अल्मोड़ा से प्रकाशित बच्चों की पत्रिका बालप्रहरी, बाल साहित्य संस्थान अल्मोड़ा द्वारा राजकीय बालिका इंटर कालेज ज्वालापुर, हरिद्वार में ‘बालसाहित्य और सामाजिक सरोकार’ विषय पर जन सहयोग से आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हरिद्वार के डॉ. प्रकाश पंत ने कहा कि एक दौर में बच्चे दादा-दादी,व नाना-नानी की कहानियां सुनकर खुश होते थे. ये कहानियां मनोरंजन के साथ ही बच्चों में संस्कार भी जाग्रत करती थीं. संयुक्त परिवारों के विघटन के बाद आज बच्चों को माता- पिता व दादा-दादी से प्राकृतिक प्यार नहीं मिल रहा है. मोबाइल फोन की बढ़ती संस्कृति से बच्चे अब वीडियो गेम में मार-काट व हिंसक खेल सीख रहे हैं. उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए ऐसा साहित्य लिखा जाना चाहिए जो उन्हें मानवीय मूल्यों व सामाजिक सरोकारों से जोड़े. दून विश्वविद्यालय देहरादून के डॉ. हरीशचंद्र...
स्वरोजगार की नई मिसाल, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर महिलाओं ने संभाला टेंट का कारोबार

स्वरोजगार की नई मिसाल, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर महिलाओं ने संभाला टेंट का कारोबार

रुद्रप्रयाग
केदारनाथ यात्रा में इस बार घाटी की महिलाओं ने स्वरोजगार की नई मिसाल पेश की है. 20 महिलाओं ने पहली बार यात्रा पैदल मार्ग से लेकर धाम तक टेंट का कारोबार शुरू किया है. इससे तीर्थयात्रियों को कंपकंपाती ठंड में रात गुजारने के लिए आसरा मिल रहा है. इनमें अधिकांश महिलाएं तो बुजुर्गों, बच्चों को चाय, गर्म पानी और दूध तक मुफ्त मुहैया करा रही हैं. केदारनाथ विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला क्षेत्र है. जहां पल-पल मौसम बदलता रहता है. कब बारिश व बर्फबारी हो जाए कहना मुश्किल है. साथ ही सामान्य मौसम में भी यहां रहना आसान नहीं है. इन सबके बीच केदारघाटी के अलग-अलग गांवों की 20 से अधिक महिलाएं टेंटों का संचालन कर रही हैं. यह पहला मौका है जब महिलाओं द्वारा केदारनाथ यात्रा में टेंट संचालित किए जा रहे हैं. 25 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में अभी तक आए दिन खराब मौसम के चलते टेंटों में यात्री कम ही रुक रहे हैं. बारिश...
राष्ट्रीय स्मारक घोषित होगा तुंगनाथ मंदिर, एशिया में समुद्रतल से सबसे ऊंचाई पर स्थित है शिवालय

राष्ट्रीय स्मारक घोषित होगा तुंगनाथ मंदिर, एशिया में समुद्रतल से सबसे ऊंचाई पर स्थित है शिवालय

रुद्रप्रयाग
पंचकेदारों में से तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर को राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाएगा. इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने राष्ट्रीय स्मारक को लेकर आपत्तियां मांगी है. रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ मंदिर एशिया में समुद्रतल से सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय है. तुंगनाथ मंदिर 12800 फीट की ऊंचाई पर स्थापित है. लंबे समय से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से मंदिर को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की कवायद चल रही है. पुरातत्व विभाग के प्रभारी अधिकारी देवराज सिंह रौतेला ने बताया कि प्राचीन मंदिर तुंगनाथ को राष्ट्रीय महत्व स्मारक घोषित करने के लिए केंद्र सरकार ने 27 मार्च, 2023 को अधिसूचना जारी की है. प्राचीन स्मारक को राष्ट्रीय महत्व को घोषित करने पर यदि कोई आपत्ति या सुझाव हो तो इस अधिसूचना जारी होने की तारीख से दो महीने के भीतर महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण नई दिल्ली को आपत्तियां भेज सकते ह...
उत्तराखंड रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त, कई लोग घायल!

उत्तराखंड रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त, कई लोग घायल!

नैनीताल
हल्द्वानी से रामनगर की ओर जा रही थी रोडवेज बस उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक बुरी खबर मिली है बताया जा रहा है कि हल्द्वानी से रामनगर जा रही यात्रियों से भरी बस हल्द्वानी बाईपास पुल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। जिसमें बस चालक की मौत हो गई है तथा कई लोगों के घायल होने की खबर है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मीडिया रिपोर्टस के अनुसार रोडवेज बस हल्द्वानी से रामनगर की ओर जा रही थी। इस दौरान रास्ते में नया पुल के पास बस की रामनगर की ओर से आ रही पिकअप से टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पुल किनारे लगी रेलिंग को तोड़ते हुए 15-20 फिट नीचे गिरकर पलट गई। बताया जा रहा है कि यह बस हल्द्वानी डिपो की है। अभी तक जो जानकारी मिली है उसमें बताया जा रहा है कि बस में 17 लोग सवार थे। जिसमें से बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई है। जबकि 16 लोग घायल हो गए है। घायलों में तीन हालत गंभीर बत...
बुद्ध पूर्णिमा: जीवन जीने का धर्म

बुद्ध पूर्णिमा: जीवन जीने का धर्म

साहित्‍य-संस्कृति
बुद्ध पूर्णिमा 5 मई  पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  पूजा और प्रशस्ति के बीच बुद्ध की प्रखर चिंतन प्रक्रिया ओझल या सरलीकृत हो जाती है. उनकी चिंतन प्रक्रिया कोरे वाग्विलास की जगह व्यावहारिक समाधान की ओर उन्मुख थी. जीवन की पीड़ादायी और असंतोषजनक स्थिति उनके विचार-यात्रा का मूल थी. जन्म मृत्यु के बंधन कारागृह जैसे ही थे. पुनर्जम का अनवरत चलने वाला वात्याचक्र दुःख का कारण था और इससे उबरना मुख्य समस्या थी . ईसा पूर्व पाँचवी सदी में जन्मे महात्मा बुद्ध अपने समय में प्रचलित धर्म-कर्म, विश्वास और जीवन पद्धति की विसंगतियों से क्षुब्ध थे. इतिहास में यह वह काल था जब कृषि की समृद्धि से नगर जन्म ले रहे थे और व्यापार के माध्यम से भारत से बाहर की संस्कृति की जानकारी भी मिल रही थी. बाह्य सम्पर्क से यह भी पता चल रहा था कि जातिविहीन समाज भी होते हैं और संस्कृत के अतिरिक्त और भी भाषाएँ बोली जाती हैं. बढ़त...