Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
शिक्षक ही नहीं लोक संरक्षक भी!

शिक्षक ही नहीं लोक संरक्षक भी!

शिक्षा, उत्तरकाशी
  ज्ञान के उजाले के साथ ही लोक संस्कृति की सौंधी महक बिखेरने में तल्लीन मुन्धौल गांव निवासी शिक्षक एवं लोक गायक सुभाष जोशीनीरज उत्तराखंडी, पुरोला पर्वतीय जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर के तहसील त्यूनी ख़त देवघार के मुन्धोल गांव निवासी सुभाष जोशी उम्दा शिक्षक ही नहीं, लोक संस्कृति के संरक्षक भी है. वे समाज के एक अच्छे नायक ही नहीं उम्दा गायक और कवि व गीतकार भी है. बताते चलें कि सुभाष जोशी सुप्रसिद्ध कलाकार जगतराम वर्मा, फकीरा सिंह चौहान, महेन्द्र सिंह चौहान के समकालीन रहें हैं. इन्होंने 1991-92 में एस.डी. कश्यप सैकरवा (मंडी) हि.प्र. के संगीत में तथा 1998-99 में गांव के साथी कलाकार जयानंद जोशी के साथ  प्रेम शर्मा ग्राम मेघाटू (जिन्होंने महाभारत में नकुल की भूमिका निभाई) के प्रोडेक्शन में गढ़वाल के प्रसिद्ध संगीतकार वीरेन्द्र नेगी के संगीत में "आणेला बाबीया मेरे भी जोरु, चारणे प...
भारतीय सेना को भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पाद उपलब्ध कराएंगे स्थानीय किसान

भारतीय सेना को भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पाद उपलब्ध कराएंगे स्थानीय किसान

चमोली
पहले चरण में अग्रिम चौकी माणा एवं मलारी के लिए रवाना की गई पोल्ट्री उत्पादों की खेप उत्तराखण्ड सरकार द्वारा प्रदेश के काश्तकारों एक किसानों की आजीविक सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों में एक और उपलब्धि जुड़ गई है. भारतीय सेना अब पशुपालन विभाग के माध्यम से प्रदेश के स्थानीय किसानों से पोल्ट्री उत्पादों की खरीद करेगी. सोमवार को जनपद चमोली में भारतीय सेना की अग्रिम चौकियों माणा एवं मलारी के लिए आपूर्ति की पहली खेप रवाना की गई. सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी  डॉ अभिषेक त्रिपाठी ने झंडी दिखाकर आपूर्ति वाहनो को रवाना किया.पशुपालन विभाग की इस पहल के तहत उत्तराखण्ड में सेना की अग्रिम चौकियों पर स्थानीय स्तर पर उत्पादित भेड़, बकरी एवं पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है. पहले चरण में पोल्ट्री उत्पादों की आपूर्ति की जा रही है. जोशीमठ से रवाना की गई प्रथम खेप में भारतीय...
मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन ने जलवायु परिवर्तन पर किया एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन ने जलवायु परिवर्तन पर किया एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

पौड़ी गढ़वाल
  ‘जलवायु परिवर्तन का आजीविका पर प्रभाव एवं उनके सतत समाधान’ विषय पर एक संगोष्ठी आयोजितहिमांतर ब्यूरो, श्रीनगरमोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन ने हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर (गढ़वाल), उत्तराखण्ड में दिनांक 19 मई 2025 को “जलवायु परिवर्तन का आजीविका पर प्रभाव एवं उनके सतत समाधान” विषय पर एक  दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सम्पन्न हुआ. मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन की अध्यक्ष परिधि भंडारी और मुख्य समन्वयक दुर्गा सिंह भंडारी ने मुख्य अतिथि मनमोहन सिंह रौथाण कुलपति एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय, सुभाष नेगी डीआईजी एसएसबी विशिष्ट अतिथि और अन्य का स्वागत किया.यह संगोष्ठी मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन, नई दिल्ली के सौजन्य से आयोजित की गई, जिसमें ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग, एच.एन.बी. गढ़वाल विश्वविद्यालय ने ज्ञान-तकनीकी सहयोगी की भूमिका निभाई. कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज...
ऋषि, कृषि और कुर्सी का समायोजन ही किसानी का उत्कर्ष है : संत गणि राजेन्द्र विजयजी महाराज

ऋषि, कृषि और कुर्सी का समायोजन ही किसानी का उत्कर्ष है : संत गणि राजेन्द्र विजयजी महाराज

दिल्ली-एनसीआर
हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीयदि हमें कृषि यानी खेती-किसानी में बहुत उन्नति करनी है तो इसके लिए हमें ऋषि- यज्ञ, कृषि मतलब खेती और कुर्सी यानी सत्ता का संतुलित समायोजन करना होगा। ऋषि और कृषि को जीवन प्रदान करने वाले गौवंश का संरक्षण किये बिना हम भारत की ग्रामीण खेती को जिन्दा नही रख सकते। अभी भी भारत की 50 प्रतिशत से अधिक खेती ऐसे ही सीमांत किसानों के पास है। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हम लोगों ने विभिन्न संगठनों के माध्यम से खेती-किसानी में गौवंश की पुनप्र्रतिष्ठा के गंभीर प्रयास किये हैं जिसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक और जैविक खेती का रकबा तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले एक दशक में भारतीय कृषि में कई अभिनव योजनाओं का सूत्रपात किया है जिसके परिणाम अब नजर आने लगे हैं।ये उद्गार बीते दशक में कृषि और किसानों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ...
प्रदेश में जल्द तैयार होगी फ्लावर और हनी पॉलिसी : सीएम धामी

प्रदेश में जल्द तैयार होगी फ्लावर और हनी पॉलिसी : सीएम धामी

देहरादून
मुख्यमंत्री के हाथों ई-रूपी प्रणाली एवं चार नई कृषि नीतियों का शुभारंभ शनिवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आधुनिक तकनीक पर आधारित “ई-रूपी” प्रणाली का शुभारंभ किया. इस मौके पर उन्होंने राज्य की कृषि व्यवस्था को नई दिशा देने के लिए चार महत्वाकांक्षी कृषि नीतियों (कीवी नीति, ड्रैगन फ्रूट, सेब तुड़ाई उपरांत तुड़ाई योजना और मिलट मिशन) का शुभारंभ करते हुए कहा कि सरकार जल्द ही प्रदेश में फ्लावर और हनी पॉलिसी भी तैयार करेगी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-रूपी प्रणाली राज्य के अन्नदाताओं के लिए एक नई पहल है. “ई-रूपी प्रणाली” किसानों के लिए पारदर्शी, तेज और बिचौलिया-मुक्त डिजिटल भुगतान का नया माध्यम बनेगी. इस प्रणाली के अंतर्गत पायलट परियोजनाओं में किसानों को मिलने वाली अनुदान राशि ई-वाउचर (SMS या QR code) के माध्यम से सीधे उनके मोबाइल पर भेजी जाएगी, जिसे ...
महिलाओं के हुनर से बाजार में चमक बिखेरते लोहे के बर्तन

महिलाओं के हुनर से बाजार में चमक बिखेरते लोहे के बर्तन

उत्तराखंड हलचल
डॉ. मोहन भुलानी चम्पावत जनपद में स्थित लोहाघाट छोटा सा कस्बा अपनी प्राचीन लौहशिल्प की क़ारीगरी के लिए सदियों से जाना जाता है. यहां की मिट्टी में मेहनत और हुनर की खुशबू बसी है. अगर आप परंपरा और आधुनिकता के अद्भुत समावेश को देखना चाहते हैं, तो लोहाघाट के ग्रोथ सेंटर में जरूर आएं. यकीन मानिए, यहां के लोगों, खासकर महिलाओं ने इस प्राचीन कला को नया रूप देकर उद्यमिता की एक शानदार मिसाल पेश की है. इस ग्रोथ सेंटर में कदम रखते ही लोहे को आग में तपाकर आकार देने की प्रक्रिया का जादू दिखेगा. यहां की महिलाएं तरह-तरह के उत्पाद बनाती हैं- कढ़ाई, तवा, तड़का पैन, डोसा तवा, और न जाने क्या-क्या. ये उत्पाद आज न केवल उत्तराखंड में, बल्कि दिल्ली, मुंबई, गोवा, पंजाब जैसे देश के कोने-कोने में अपनी पहचान बना रहे हैं. लोहाघाट का लोहा अब एक ब्रांड बन चुका है. नारायणी देवी, जो वर्षों से इस काम में जुटी हैं, बताती है...
जौनसार के भारत चौहान को उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान

जौनसार के भारत चौहान को उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, विकासनगरमहर्षि नारद जयंती के अवसर पर विश्व संवाद केंद्र के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में जौनसार बावर के बाढ़ौ गांव निवासी गढ़ बैराट के संपादक वरिष्ठ पत्रकार भारत चौहान को देहरादून में आयोजित एक भव्य समारोह में "उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान" से नवाजा गया है. भारत चौहान जनजातीय क्षेत्र जौनसार बावर में लंबे समय से लेखन व सामाजिक कार्यों में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते आ रहे हैं. उन्होंने अब तक दो पुस्तकें जौनसार-बावर की दिवंगत विभूतियां व जौनसार-बावर में तीर्थाटन व पर्यटन प्रकाशित की है, जिसमें वहां की विस्तृत जानकारी प्राप्त होती है.वे बाल्यकाल से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में जुड़े रहे तथा संघ में रहते हुए उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त कर नागपुर में भी शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाई. इसके साथ ही सामाजिक सरोकारों को समर्पित लोक पंचायत के वह सक्रिय सदस्...
शिक्षा में अनूठे प्रयास करते उत्तराखंड के शिक्षक

शिक्षा में अनूठे प्रयास करते उत्तराखंड के शिक्षक

शिक्षा
मेघा प्रकाश स्वतंत्र पत्रकार एवं पूर्व सलाहकार संपादक, IISc बैंगलोरशिक्षा की कोई सीमा नहीं है, न ही इसे कक्षाओं तक सीमित रखा जा सकता है. पर्वतीय राज्य उत्तराखंड के एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक ने साबित कर दिया कि स्कूल के परिसर से परे भी सीखना संभव है.अल्मोड़ा जिले के गांव बजेला के एक प्राथमिक विद्यालय में भास्कर जोशी ने ‘ग्वाला क्लास’ की अनूठी पहल की जिससे स्कूल को ड्रॉपआउट की संख्या में सुधार करने में मदद मिली. जोशी कहते हैं, ‘शिक्षा सीखने के बारे में है’. यह विचार मेरे मन में तब आया जब मैं 2013 में बजेला प्राइमरी स्कूल में तैनात था. उस समय स्कूल में 10 छात्र नामांकित थे, लेकिन बहुत कम छात्र कक्षाओं में आते थे. जब मैंने अनुपस्थिति के पीछे का कारण जानने की कोशिश की, तो पता चला कि बहुत से माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने के बजाय उन्हें मवेशी चराने के लिए कहते हैं. यहीं से...
आधुनिक जीवन का सर्वव्यापी हिस्सा है तनाव!

आधुनिक जीवन का सर्वव्यापी हिस्सा है तनाव!

सेहत
 सी.ए. पीयूष शर्मा आधुनिक जीवन, विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण करियर में लगे पेशेवरों के लिए, तनाव एक अपरिहार्य साथी बन गया है। इस जटिल घटना को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए, हमें इसकी प्रकृति, विभिन्न रूपों और व्यक्तिगत जीवन में इसके प्रकटीकरण को गहराई से समझना आवश्यक है।तनाव क्या है?   तनाव, मूल रूप से, शरीर की किसी भी मांग के प्रति एक जटिल प्रतिक्रिया है। यह शारीरिक और मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाओं का एक जटिल परस्पर क्रिया है, जो हमें चुनौतीपूर्ण स्थितियों से निपटने में सक्षम बनाती है।शारीरिक प्रतिक्रियाएँ: एक सूक्ष्म विश्लेषणजब शरीर किसी खतरे का अनुभव करता है, चाहे वह वास्तविक हो या कथित, तो यह हार्मोनल प्रतिक्रियाओं की एक श्रृंखला शुरू करता है। एड्रेनालाईन, एक हार्मोन जो अधिवृक्क ग्रंथियों द्वारा स्रावित होता है, हृदय गति में वृद्धि, श्वसन दर में वृद्धि ...
सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में लगाई हाजिरी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने रामलला के श्रीचरणों में झुकाया शीश, हनुमानगढ़ी में लगाई हाजिरी

उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर रामनगरी पहुंचे. उन्होंने अपने दौरे का आगाज हनुमानगढ़ी में संकट मोचन के चरणों में हाजिरी लगाकर किया. यहां उन्होंने संतों से भी मुलाकात की. इसके बाद मुख्यमंत्री ने श्रीरामलला के चरणों में भी प्रणाम निवेदित किया. सीएम योगी रामकथा पार्क स्थित हैलीपेड पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों व भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया. रामकथा पार्क से सीएम योगी सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां रामभक्त संकटमोचन हनुमान के दरबार में हाजिरी लगाई और प्रदेश के कल्याण की कामना की. सीएम ने दर्शन-पूजन के उपरांत निकलते समय आमजन का अभिवादन भी स्वीकार किया.संतों से मुलाकात कर पूछा कुशलक्षेम मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में संतों से भी मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना. यहां मुख्यमंत्री सबसे पहले गद्दीनशीन महंत प्रेमदास महाराज जी महाराज से मिले. इसके बाद मुख्यमंत्री यहां अन्य संतों से भी म...