September 21, 2020
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लोक पर्व/त्योहार

हमारी समृद्ध परंपरा और खुशहाली के प्रतीक हैं हमारे त्यौहार

लगातार 6 दिनों तक मनाया जाता है ‘मगोच’ डॉ. दीपा चौहान राणा हमारे उत्तराखंड में 12 महीनों के बारह त्यौहार मनाए जाते हैं और हर त्यौहार का अपना एक खास महत्व है. हम उत्सवधर्मी लोग हैं. हमारे रीति—रिवाज हमारी संस्कृति की एक खास पहचान हैं. butहमारे यहां तीज—त्यौहार, उत्सव तो बहुत हैं
स्मृति शेष

शांति और मानवीय-चेतना के अभ्यासी आचार्य विनोबा भावे

विनोबा भावे की 125वीं जयंती  पर विशेष प्रो. गिरीश्वर मिश्र एक ओर दुःस्वप्न जैसा कठोर यथार्थ और दूसरी ओर कोमल आत्म-विचार! दोनों को साथ ले कर दृढ़ता पूर्वक चलते हुए अनासक्त भाव से जीवन के यथार्थ से becauseजूझने को कोई सदा तत्पर रहे यह आज के जमाने में कल्पनातीत ही लगता है. परंतु ‘संत’ और ‘बाबा’ के नाम से […]
स्मृति शेष

शहीद 30 ड्राइवर-कंडक्टर भाईयों को याद एवं नमन

सतपुली त्रासदी की पुण्यतिथि (14 सितम्बर, 1951) पर विशेष डॉ. अरुण कुकसाल द्वी हजार आठ भादों का मास, सतपुली मोटर बोगीन खास…. हे पापी नयार कमायें त्वैकू, मंगसीरा मैना ब्यो छायो मैकू……. मेरी मां मा बोल्यान नी रयीं आस, सतपुली मोटर बोगीन खास. सतपुली (सतपुली नयार बाढ़ दुर्घटना-गढ़माता के निरपराध ये वीर पुत्र मोटर मजदूर […]
जल विज्ञान

“वराहमिहिर की ‘बृहत्संहिता’ में भूमिगत जलशिराओं का सिद्धान्त”

भारत की जल संस्कृति-15 डॉ. मोहन चंद तिवारी (12मार्च, 2014 को ‘उत्तराखंड संस्कृत अकादमी’, हरिद्वार द्वारा ‘आईआईटी’ रुड़की में आयोजित विज्ञान से जुड़े छात्रों और जलविज्ञान के अनुसंधानकर्ता विद्वानों के समक्ष मेरे द्वारा दिए becauseगए वक्तव्य ‘प्राचीन भारत में जलविज्ञान‚ जलसंरक्षण और जलप्रबंधन’ से सम्बद्ध चर्चित और संशोधित लेख) अखबारों प्राचीन काल के कुएं बावड़ियां,नौले […]
समसामयिक

चारधाम परियोजना पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते चारधाम घाटियों के लोग

एकजुट राज्य चारधाम हाई पावर कमेटी ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय पर खुशी जताई हिमांतर ब्‍यूरो एकजुट राज्य चारधाम हाई पावर कमेटी एवं उत्तराखंड की आम जनता, विशेषकर प्रांत के ग्रामीण निवासी और चारधाम परियोजना सड़क चौड़ीकरण के पर्यावरणीय और सामाजिक सरोकारों को लेकर माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 8 सितम्बर, 2020 के इस विषय […]
शिक्षा

हिंदी का श्राद्ध अर्थात ‘हिंदी दिवस’  

हिन्‍दी दिवस (14 सितंबर) पर विशेष प्रकाश उप्रेती हर वर्ष की तरह आज फिर से हिंदी पर गर्व और विलाप का दिन आ ही गया है. हिंदी के मूर्धन्य विद्वानों को इस दिन कई जगह ‘जीमना’ होता है. मेरे एक शिक्षक कहा करते थे कि “14 सितंबर को हिंदी का श्राद्ध होता है और हम […]
शिक्षा

दक्षिणी राज्यों का दबाव नहीं बल्कि राजनीतिक साजिश का शिकार हुई हिन्दी

हिन्‍दी दिवस (14 सितंबर) पर विशेष भुवन चन्द्र पन्त  सामान्य हिन्दी प्रेमी के मानस पर यह प्रश्न अवश्य उभरता होगा कि जब भारत सम्प्रभु राष्ट्र है, इसका अपना संविधान है, जो हमारी संविधान सभा द्वारा स्वयं तैयार किया गया, 100 करोड़ से भी अधिक लोग हिन्दी जानते हैं और हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाये जाने के […]
शिक्षा

प्रशासनिक हिन्दी शब्दावली के शब्द शिल्पी डॉ. नारायण दत्त पालीवाल

हिन्‍दी दिवस (14 सितंबर) पर विशेष डॉ. मोहन चंद तिवारी 14 सितम्बर का दिन समूचे देश में ‘हिन्‍दी दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. आजादी मिलने के बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में हिन्‍दी को राजभाषा बनाने का फैसला लिया गया था. तब से हर साल 14 सितंबर को हिन्‍दी दिवस के […]
समसामयिक

माता सुंदरी कॉलेज में संकाय संवर्धन कार्यक्रम का आयोजन

15 सितंबर  को होगा  ‘सूचना एवं संप्रेषण तकनीक (ICT) आधारित ई-शिक्षण और ई-अधिगम का नव परिप्रेक्ष्य: डिजिटल शिक्षाशास्त्र’ का आयोजन  हिमांतर ब्यूरो माता सुंदरी कॉलेज और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पंडित मदनमोहन मालवीय राष्ट्रीय शिक्षक एवं शिक्षण मिशन, शिक्षक अध्ययन केंद्र, रामानुज कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान but में आगामी 15 सितंबर से ‘सूचना एवं […]
इतिहास

पंडित नैन सिंह रावत: महान लेकिन गुमनाम अन्वेषक

जिन्होंने हिमालय को नापा और तिब्बत की खोज की प्रकाश चन्द्र पुनेठा हमारे देश भारत में अनेक महान, साहसी तथा कर्तब्यनिष्ठ व्यक्तियों का जन्म हुवाँ है. जिन्होंने बिना किसी लोभ मोह लालसा के, अपने प्राणों का मोह त्याग कर अपने कर्तव्य का निर्वाह किया है. असाधारण कर्मठता व प्रतिभा के विरले व्यक्तित्व के महान व्यक्तियों […]