Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
दून पुस्तकालय में ओडिया भाषा और लघु कथाएं विषय पर प्रस्तुति

दून पुस्तकालय में ओडिया भाषा और लघु कथाएं विषय पर प्रस्तुति

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज सांय उड़िया भाषा और उसके साहित्य विषय पर एक सत्र केंद्र के सभागार में आयोजित किया. इसका प्रारूप अम्मार नकवी द्वारा दृश्य-श्रव्य माध्यम से किया गया. भारतीय साहित्य की समृद्ध परंपरा को समझने और सराहने की श्रृंखला का यह सातवाँ सत्र था. सत्र की शुरुआत उड़ीसा के भौगोलिक और सांस्कृतिक क्षेत्र के परिचय और सामान्य रूप से धारणा के साथ हुई. बाद में धीरे-धीरे यह मगधी प्राकृत और गीत गोविंदा जैसे मध्ययुगीन ग्रंथों में इसके मूल और इसके विकास में गजपति साम्राज्य जैसी ऐतिहासिक साम्राज्यों की भूमिकाओं की ओर बढ़ गया. इसके बाद भाषा की संरचना पर ध्यान केंद्रित किया गया,जो कि बांग्ला और तेलुगु की तुलना में प्रभावशाली भाषाओं के रूप में है. अम्मार नक़वी ने ओडिया की उत्पत्ति सामान्य कुटिला/सिद्धम लिपि से कैसे हुई और कैसे इसकी शाखाएँ फैलीं, इसकि ...
शिकारू नाग महाराज के प्राकट्य स्थल शिकारू में नव निर्मित मंदिर की हुई भव्य प्राण प्रतिष्ठा

शिकारू नाग महाराज के प्राकट्य स्थल शिकारू में नव निर्मित मंदिर की हुई भव्य प्राण प्रतिष्ठा

उत्तरकाशी
देवदार,मोरु, बांज बुरांस के घने जंगल के बीच स्थित है देवता का प्राकट्य स्थलनीरज उत्तराखंडी, पुरोलापुरोला के जैसाण थोक, कमल सिराईं के शिकारू गांव में तीन दिनों तक चले यज्ञ-हवन व पूजन के बाद शिकारू नाग महाराज के नव निर्मित मंदिर की देव डोली के सानिध्य में भव्य प्राण प्रतिष्ठा की गई. शनिवार को पुरोला विकासखण्ड के ग्राम पंचायत करड़ा के शिकारू गांव में क्षेत्र के आराध्य देवता शिकारू नाग महाराज के प्राकट्य स्थल देवदार,मोरु के घने जंगल के बीच स्थित नव नवनिर्मित मंदिर की भव्य प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न की गई.मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व शिकारू के ग्रामीणों ने तीन दिनों तक यज्ञ-हवन पूजन कर धार्मिक तथा पारम्परिक अनुष्ठान किए छोटे से गांव के ग्रामीणों के इस भव्य आयोजन पर थोक के लोगों ने प्रसंसा की. देवता के पुजारियों,बाजीरो व क्षेत्र के बुजुर्गों के अनुसार शिकारू नाग देवता का प्राकट्य स्थ...
मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण से दिया ”हर घर योग, हर जन निरोग” का संदेश

मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण से दिया ”हर घर योग, हर जन निरोग” का संदेश

चमोली
गैरसैंण की धरती से मुख्यमंत्री का उदघोष : उत्तराखंड को बनाएंगे योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को भराड़ीसैंण, गैरसैंण स्थित विधानसभा परिसर में 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने इस दौरान योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण एवं 8 देशों के डेलिगेट्स के साथ योग किया. योग कार्यक्रम का शुभारंभ शंखनाद एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुआ. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने योग नीति पर आधारित पुस्तिका का विमोचन करते हुए राज्य में योग नीति का औपचारिक शुभारंभ भी किया. उन्होंने "एक वृक्ष, योग के नाम" कार्यक्रम के अंतर्गत विधानसभा परिसर में सेब का पौधा भी लगाया.इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार शीघ्र ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ...
मुख्यमंत्री ने विदेशों से आए डेलिगेट्स के बीच बताई उत्तराखंड की विशेषताएं

मुख्यमंत्री ने विदेशों से आए डेलिगेट्स के बीच बताई उत्तराखंड की विशेषताएं

चमोली
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विदेशी मेहमानों का भराड़ीसैंण, में किया स्वागत प्रधानमंत्री का आयुष और वेलनेस सेक्टर के प्रति विशेष दृष्टिकोण उत्तराखण्ड को योग के वैश्विक केंन्द्र के रूप में उभरने का किया जा रहा है कार्यमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भराड़ीसैंण, गैरसैंण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए सभी विदेशी राजनयिकों और सुप्रसिद्ध योगाचार्य का स्वागत किया. उन्होंने इस दौरान सभी को प्रतीक चिन्ह और उत्तराखंडी टोपी देकर सम्मानित भी किया. सीएम धामी ने मेक्सिको, फिजी, नेपाल, सूरीनाम, मंगोलिया, लातविया, श्रीलंका और रूस के उपस्थित राजदूत व अन्य उच्चधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड योग और आयुष की वैश्विक राजधानी है. प्रधानमंत्री श्री नरेद्र मोदी जी के नेतृत्व और आग्रह पर पूरी दुनिया में अंतर्राष...
हिमालयी कला की नई आवाज़ बनता बंगाणी आर्ट फाउंडेशन

हिमालयी कला की नई आवाज़ बनता बंगाणी आर्ट फाउंडेशन

देहरादून
उभरते कलाकारों को मिल रहा है मंच, मार्गदर्शन और नया नज़रिया देहरादून. उत्तर भारत की पर्वतीय घाटियों से उठती कला की संभावनाओं को स्वर देने वाला एक नया आंदोलन आकार ले रहा है — बंगाणी आर्ट फाउंडेशन (BAF)। यह संस्था ना सिर्फ उभरते कलाकारों को मंच प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें रचनात्मक रूप से सक्षम बनाने का एक सांस्कृतिक अभियान भी चला रही है। उत्तराखंड, हिमाचल, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों के युवा कलाकारों को ध्यान में रखते हुए BAF ने मेंटरशिप, रेजिडेंसी, कार्यशालाओं और प्रदर्शनी जैसे कई कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो अब स्थानीय प्रतिभा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कला जगत से जोड़ने का माध्यम बनते जा रहे हैं।‘पड़ाव’ बना कलाकारों की आत्मचिंतन यात्रा का प्रतीक BAF की प्रमुख पहल ‘पड़ाव’—एक रेजिडेंशियल मेंटरशिप कार्यक्रम—अब कलाकारों के लिए केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और संवा...
मुख्यमंत्री ने किया पुरोला एवं यमुनोत्री विस क्षेत्र के विकास को ₹210 करोड़ से अधिक की 55 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने किया पुरोला एवं यमुनोत्री विस क्षेत्र के विकास को ₹210 करोड़ से अधिक की 55 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण

उत्तरकाशी
पुरोला. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को पुरोला में आयोजित जनहितकारी योजनाओं के भूमि पूजन,शिलान्यास व लोकार्पण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने विधानसभा पुरोला एवं यमुनोत्री क्षेत्र के विकास को समर्पित ₹210 करोड़ से अधिक की 55 योजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया. मुख्यमंत्री ने पुरोला में अनेक योजनाओं के साथ ही  उप जिला चिकित्सालय की आधारशिला रखकर भूमि पूजन किया. मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा स्थापित विकास एवं जनसेवा से संबंधित स्टॉलों का भी अवलोकन किया तथा योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद किया. स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने मुख्यमंत्री द्वारा उप जिला चिकित्सालय की सौगात देने पर उनका भव्य स्वागत किया और हर्ष व्यक्त किया. विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन विकास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गौरव ...
विकसित भारत के लिए पर्यावरण संरक्षण का लें संकल्प

विकसित भारत के लिए पर्यावरण संरक्षण का लें संकल्प

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली. प्रकृति के सम्मान और प्रदूषण मुक्ति के लिए केवल सरकारों और स्वैच्छिक संस्थाओं की ओर न ताक कर प्रत्येक नागरिक को पर्यावरण संरक्षण के लिए संकल्पबद्ध होना होगा. ये विचार पर्वतीय लोकविकास समिति एवं भारत संस्कृत परिषद द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पर्यावरण गोष्ठी एवं सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश संस्कृत अकादमी के पूर्व निदेशक प्रो. गणेश भारद्वाज ने आज ललित महाजन सरस्वती बाल विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में व्यक्त किए. अतिविशिष्ट अतिथि दिल्ली स्कूल ऑफ जर्नलिज्म, दिल्ली विश्वविद्यालय के संस्थापक निदेशक प्रो.जय प्रकाश दुबे ने कहा कि हमारी संस्कृति प्रकृति को पूज्य मानने वाली रही है. संस्कृत भाषा आज भी प्रकृति के सम्मान और पर्यावरण सुरक्षा का प्रभावी माध्यम है,इसको व्यवहार में लाने की आवश्यकता है. रक्षा मंत्रालय के पूर्व निदेशक और वरिष्ठ साहित्यकार डॉ.नीलांबर पांडे ने ...
बिजनेस उत्तरायणी द्वारा आयोजित उत्तराखंड की उद्यमी महिलाओं का तीसरा संस्करण संपन्न

बिजनेस उत्तरायणी द्वारा आयोजित उत्तराखंड की उद्यमी महिलाओं का तीसरा संस्करण संपन्न

दिल्ली-एनसीआर
सी एम पपनैंनई दिल्ली. उत्तराखंड के उद्यम विकास से जुड़ी प्रतिष्ठित प्रमुख संस्था 'बिजनेस उत्तरायणी' द्वारा उत्तराखंड की उद्यमी महिलाओं के तीसरे संस्करण का प्रभावशाली आयोजन 7 जून की सायं कंस्टीट्यूशन क्लब नई दिल्ली में मुख्य अतिथि उपाध्यक्ष संस्कृति, साहित्य एवं कला परिषद उत्तराखंड सरकार मधु भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित की गई. आयोजित आयोजन में उत्तराखंड सरकार प्रवासी परिषद उपाध्यक्ष पूरन चंद्र नैलवाल, डिप्टी स्पीकर दिल्ली विधान सभा मोहन सिंह बिष्ट, पूर्व शिक्षा मंत्री हरियाणा सरकार सीमा त्रिखा, मुख्यमंत्री उत्तराखंड मीडिया कॉर्डिनेटर मदन मोहन सती तथा कांग्रेस नेता हरिपाल रावत विशिष्ट अतिथि के तौर पर मंचसीन रहे. आयोजित आयोजन का विधिवत श्रीगणेश मुख्य व विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ सुप्रसिद्ध लोकगायिका कल्पना चौहान के कर कमलों दीप प्रज्वलित कर किया गया. आयोजक संस्था बिजनेस उत्तरायणी से जुड...
हिन्दू गौरव के साथ यह देववाणी संस्कृत के उत्थान का भी समय : आलोक कुमार

हिन्दू गौरव के साथ यह देववाणी संस्कृत के उत्थान का भी समय : आलोक कुमार

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली. पूज्य श्रीगुरूजी ने विश्वभर में फैले हिंदुओं के हित संरक्षण के लिए स्वामी चिन्मयानंद जी के सान्निध्य में 1964 में विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना की थी. 'न हिन्दू पतितो भवेत्' के संकल्प के साथ देश में हिंदुओं को स्वधर्म में लाने,वेद,गंगा,गौ और संस्कृत के संरक्षण संवर्धन के साथ सेवा कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया. सनातन धर्म की रक्षा करने के साथ अपनी गौरवमय यात्रा के छह दशक उपरांत विहिप सात समंदर पार बसे भारतवंशियों में हिंदुत्व और सांस्कृतिक चेतना जागरण का कार्य कर रही है.ये विचार विहिप संस्कृत आयाम द्वारा नई दिल्ली के वसंत विहार स्थित ललित महाजन सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय संस्कृत शिक्षक प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे दिन अपने बौद्धिक उद्बोधन में विश्व हिन्दू परिषद के संगठन महामंत्री श्री मिलिंद देशपांडे ने व्यक्त किए. इससे पूर्व विगत दिवस ...
श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को मिला NAAC का सर्वोच्च A++ ग्रेड

श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को मिला NAAC का सर्वोच्च A++ ग्रेड

दिल्ली-एनसीआर
विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा में एक नया स्वर्णिम अध्याय नई दिल्ली. संस्कृत तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के प्रचार-प्रसार हेतु समर्पित श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली को राष्ट्रीय मूल्याङ्कन एवं प्रत्यायन परिषद् (NAAC) द्वारा A++ ग्रेड प्रदान किया गया है. बताते चलें कि नैक द्वारा प्रदत्त यह A++ उत्कृष्ट ग्रेड है. विश्वविद्यालय को मूल्यांकन में उत्कृष्ट 3.55 अंक प्राप्त हुए हैं, जो इसे भारत के चुनिंदा प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों की पंक्ति में स्थापित करता है. विश्वविद्यालय को 2020 में केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय की मान्यता प्राप्त होने के बाद नैक द्वारा प्रथम मूल्यांकन किया गया है. यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक और अनुसन्धानगत गुणवत्ता की पुष्टि करती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि यह संस्था भारतीय परम्परा और आधुनि...