Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
उत्तरकाशी : टनल से कब सुरक्षित बाहर निकलेंगी 40 जिंदगियां, देहरादून से मंगाए गए ह्यूम पाइप

उत्तरकाशी : टनल से कब सुरक्षित बाहर निकलेंगी 40 जिंदगियां, देहरादून से मंगाए गए ह्यूम पाइप

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी : सिलक्यारा-बड़कोट टनल के भीतर एक-एक सांस के लिए संघर्ष कर रहे मजदूरों को फिलहाल बाहर नहीं निकाला जा सका है। रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। लेकिन, बार-बार मलवा गिरने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल जो स्थिति है उसके अनुसार यह बताया जा रहा है कि मजदूर भीतर सुरक्षित हैं। लेकिन, अब तक यह साफ नहीं है कि कितने मजदूर सुरक्षित हैं। हालांकि मजदूरों के लिए लगातार खाना भी पहुंचाया जा रहा है। वहीं, अब मजदूरों को बाहर निकलने के दूसरे विकल्प पर भी काम शुरू हो गया है। उसके लिए देहरादून से ह्यूम पाइप मंगवाए गए है। ह्यूम पाइप को भीतर डाला जाएगा और उन्हीं के जरिए मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकला जाएगा। जानकारी है कि टनल में बार-बार भूस्खलन हो रहा है। ऐसे में पाइपों के जरिए ही मजदूरों को बाहर निकालने का सुरक्षित विकल्प है। इस बीच सचिव आपदा प्रबंधन डॉक्टर रंजीत सिंन्हा ने सिलक्यारा टन...
नवीनतम तकनीक ट्रांसएसोफेजियल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन से सफलतापूर्वक इलाज करने वाला उत्तर भारत का पहला हॉस्पिटल बना श्री मंहत इंद्रेश अस्पताल

नवीनतम तकनीक ट्रांसएसोफेजियल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन से सफलतापूर्वक इलाज करने वाला उत्तर भारत का पहला हॉस्पिटल बना श्री मंहत इंद्रेश अस्पताल

देहरादून
देहरादून: श्री महन्त इंदिरेश अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर साहिल महाजन द्वारा 1.5 साल के बच्चे का नवीनतम तकनीक ट्रांसएसोफेजियल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी अध्ययन के द्वारा सफलतापूर्वक इलाज किया गया है। ऐसा करने वाला श्री मंहत इंद्रेश अस्पताल उत्तर भारत में पहला और पूरे भारत में सीएमसी वेल्लोर के बाद दूसरा केंद्र हैं। शिशु जब माता के गर्भ में था तभी असामान्य हृदय गति से संबंधित बीमारी का पता चला था जिसके इलाज हेतु उन्होंने बहुत से डॉक्टर को दिखाया था परंतु सभी ने इलाज के लिए बाहर बड़े अस्पताल ले जाने के लिए सलाह दी। इसके बाद माता पिता श्री महन्त इंदिरेश अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर साहिल महाजन से परामर्श हेतु ओपीडी में आए तथा डॉक्टर साहिल महाजन द्वारा शिशु का गर्भ में तथा जन्म के पहले महीने से लेकर 1.5 साल तक बीमारी को दवाइयों के द्वारा ही नियंत्रित रखा गया। डॉक्टर द्वारा ईण...

सिलक्यारा भू-धसाव घटना पर सीएम धामी ने टनल में जाकर जानी राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति, पीएम मोदी ने भी ली विस्तृत जानकारी

उत्तरकाशी
मुख्यमंत्री ने टनल में जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति को जाना। सुरंग में फंसे मजदूरों को जल्द सुरक्षित निकालना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। बचाव अभियान में जिस तरह की भी सामग्री और विशेषज्ञता की आवश्यकता होगी उसे सरकार शीघ्र उपलब्ध कराएगी : मुख्यमंत्री धामी। बचाव कार्यों के लिए सभी संभव विकल्पों पर विचार किया जा रहा है: मुख्यमंत्री धामी। सिलक्यारा/उत्तरकाशी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सोमवार को उत्तरकाशी के सिलक्यारा के पास सुरंग में हुए भू धसाव की घटना का स्थलीय निरीक्षण पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए जारी बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने स्वयं टनल में जाकर राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति को जाना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को राहत एवं बचाव...
सीएम धामी ने सिलक्यारा पहुंचकर मौके का लिया जायजा, कहा – सुरंग में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकालना पहली प्राथमिकता

सीएम धामी ने सिलक्यारा पहुंचकर मौके का लिया जायजा, कहा – सुरंग में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकालना पहली प्राथमिकता

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निकालना हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है। घटना के बाद से ही लगातार अधिकारियों से अपडेट ले रहे मुख्यमंत्री ने आज पूर्वाह्न सिलक्यारा पहुंचकर मौके का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बचाव एवं राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री धामी ने सुरंग में पहुंचकर अधिकारियों से हादसे के सम्बंध में पूरी जानकारी ली। मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरंग में मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है। पूरी रात रेस्क्यू चला है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, रेलवे और विशेषज्ञों की टीमें मौके पर जुटी है। सुरंग में फंसे लोग पूरी तरह ठीक हैं और उनसे बात भी हो रही है। उन्होंने प्रभावितों के परिजनों को आश्वस्त किया कि सुरंग में फंसे लोगों को सकुशल बाहर निक...
उत्तरकाशी : ऐसा गांव, जिसके जातिवाद के आधार पर कर दिए दो टुकड़े, अब होंगे बेनकाब!

उत्तरकाशी : ऐसा गांव, जिसके जातिवाद के आधार पर कर दिए दो टुकड़े, अब होंगे बेनकाब!

उत्तरकाशी
आखिर किसने बोया गांव को बांटने का बीज. मानकों को धत्ता बता कर बना दो ग्रामसभाएं. क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई?बड़कोट: दुनिया आज ग्लोबल गांव बन चुकी है। लेकिन, उत्तराखंड का एक ऐसा गांव भी है, जिसे महज जातियों के आधार पर बांटने का मामला फिर चर्चाओं में है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि शासन में हुई शिकायत में कही गई हैं। मामले की जांच भी इसी आधार पर शुरू कर दी गई है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि आखिर गांव को क्यों बांटा गया? किसके कहने पर एक ही गांव को दो सीमाओं में बांट दिया गया? कैसे एक ही गांव में जातिवाद का जहर घोल दिया गया? वो कौन अधिकारी और कौन लोग थे, जिन्होंने मानकों के विपरीत एक गांव के दो दुकड़े कर दिए ?नौगांव विकासखंड के भाटिया गांव को दो ग्राम सभाओं में बांट दिया गया है। यह मामला काफी पुराना है, लेकिन एब फिर चर्चा में है। गांव के जयपाल सिंह रावत ने शासन स...
उत्तरकाशी : सिलक्यारा पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

उत्तरकाशी : सिलक्यारा पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

उत्तरकाशी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सिलक्यारा पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री धामी कुछ देर पहले घटनास्थल पर पहुंचे। जहां टनल में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए चल रहे रेस्क्यू कार्य का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान निरीक्षण कार्य की पूरी जानकारी ली और अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उत्तरकाशी : टनल में 30 घंटे से फंसे हैं मजदूर, राहत-बचाव कार्य का निरीक्षण करने कुछ देर में पहुंचेंगे CM धामी

उत्तरकाशी : टनल में 30 घंटे से फंसे हैं मजदूर, राहत-बचाव कार्य का निरीक्षण करने कुछ देर में पहुंचेंगे CM धामी

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 11 बजकर 15 मिनट पर उत्तरकाशी के सिलक्यारा के पास टनल में हुए भू-धंसाव की घटना का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा करेंगे।सीएम पुष्कर सिंह धामी लगातार अधिकारियों से स्थिति का अपडेट ले रहे हैं और आज पूर्वाह्न 11:15 बजे खुद ग्राउंड पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करेंगे। सिलक्यारा टनल में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए जारी बचाव और राहत कार्यों का जायजा लेने के लिए मलवा हटाने का कार्य निरंतर जारी है, मलवा हटाने के लिए हैवी एक्सकैवेटर मशीनों को जुटाया गया है। वॉकी-टॉकी के थ्रू टनल में फंसे मजदूरों से संपर्क हुआ हैं। फिलहाल सभी मजदूर सुरक्षित बताए जा रहे हैं। टनल में पानी की आपूर्ति के लिए बिछी पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है । इसी पाइपलाइन के जरिए रात में चने के पैकेट कंप्रेसर के जरिए दबाव बनाकर टनल में फंसे श्रमिकों तक भ...
दर्दनाक हादसा : टेंट हाउस में जिंदा जले तीन लोग

दर्दनाक हादसा : टेंट हाउस में जिंदा जले तीन लोग

नैनीताल
हल्द्वानी: कालाढूंगी रोड स्थित कुमाऊं टेंट हाउस के गोदाम में दीपावली के रात दर्दनाक हादसा हो गया। टेंट में आग लगने से दर्दनाक हादसा हुआ है। टेंट हाउस के गोदाम में सो रहे तीन कर्मचारियों की जलकर मौके पर मौत हुई है। टेंट हाउस का सारा सामान जलकर खाक हुआ है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची अग्निशमन की गाड़ियों ने आग पर मुश्किल से काबू पाया। एसपी सिटी हरबंस सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट ऋचा सिंह ने बताया कि घटना रात करीब 12:00 बजे के आसपास की है। जहां कालाढूंगी रोड स्थित कुमाऊं टेंट हाउस के गोदाम में अचानक आग लग गई, जहां टेंट हाउस के गोदाम में तीन कर्मचारी सो रहे थे, आग लगने के बाद कर्मचारी उसमें से भाग नहीं पाए, जहां मौके पर ही तीन कर्मचारियों की मौत हुई है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची अग्निशमन की 6 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया है। ...
उत्तरकाशी : एक-एक सांस के लिए मौत से जंग लड़ते टनल में फंसे मजदूर, बाहर निकालने में और कितना वक्त?

उत्तरकाशी : एक-एक सांस के लिए मौत से जंग लड़ते टनल में फंसे मजदूर, बाहर निकालने में और कितना वक्त?

उत्तराखंड हलचल
उत्तरकाशी : एक और जहां देश खुशियों और दीपों के त्यौहार दीपावली का जश्न मना रहा था। वहीं, दूसरी ओर 40 जिंदगियां टनल के भीतर जिंदगी और मौत जंग लड़ रही हैं। टनल के भीतर ऐसी जगह पर हर सांस के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जहां जीने के लिए ऑक्सीजन भी पाइप से भेजी जा रही है। जहां कुछ नजर ना रहा हो, जहां जमीन पर पानी ही पानी हो और किसी भी वक्त टनल की छत के किसी भी वक्त भरभराकर गिरने का खतरा। यह ऐसी भयावह स्थित है, जिसके बारे में सोच कर भी रूह कांप जाती है। उत्तरकाशी के सिलक्यारा में नवयुगा कंपनी की टनल में भूस्खलन होने के कारण अब से लगभग 30 घंटे पहले करीब 40 मजदूर टनल के भीतर फंस गए थे, जिनको अब तक बाहर नहीं निकाला जा सका है। इधर पूरा उत्तराखंड समेत पूरा देश पटाखों के धमाकों के बीच जश्न में मशगूल रहा और वहां टनल के भीतर 40 जिंदगियां अब भी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं। सवाल यह है कि आखिर टनल को बना...
उत्तरकाशी से राहत की खबर, मजदूरों से देर रात हुई बात, खाने के लिए पाइप भेज चने के पैकेट

उत्तरकाशी से राहत की खबर, मजदूरों से देर रात हुई बात, खाने के लिए पाइप भेज चने के पैकेट

उत्तरकाशी
सिलक्यारा टनल में फंसे मजदूरों को निकालने के लिए मलवा हटाने का कार्य निरंतर जारी है। मलवा हटाने के लिए हैवी एक्सकैवेटर मशीनों को जुटाया गया है। वॉकी-टॉकी के थ्रू टनल में फंसे मजदूरों से संपर्क हुआ। फिलहाल सभी मजदूर सुरक्षित बताए जा रहे हैं । टनल में पानी की आपूर्ति के लिए बिछी पाइपलाइन के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है । इसी पाइपलाइन के जरिए रात में चना-चबैना के पैकेट कंप्रेसर के जरिए दबाव बनाकर टनल में फंसे मजदूरों तक भेजे गए हैं।...