Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
उत्तराखंड: युवक और महिला मंगल दलों को विवेकांनद यूथ अवार्ड

उत्तराखंड: युवक और महिला मंगल दलों को विवेकांनद यूथ अवार्ड

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’राष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर शुक्रवार को हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र निम्बुवाला गढ़ी कैंट देहरादून में “Youth As Job Creators” थीम पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश के युवाओं को खेलों के प्रति जागरूक करने और नशामुक्त अभियान से जोड़ने के लिए प्रदेश के सभी स्कूलों एवं महाविद्यालयों के खेल मैदानों को सुदृढ़ किया जाएगा। स्कूलों/महाविद्यालय के शैक्षणिक समय के पश्चात इन खेल मैदानों का उपयोग खेल प्रेमियों द्वारा किया जाएगा। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में सराहनीय कार्य करने वाले युवक और महिला मंगल दलों को विवेकानन्द यूथ अवार्ड से सम्मानित किया। जिसमें युवक मंगल दल जांगलियागांव, भीमताल, को एक लाख युवक मंगल दल नागल ज्वालापुर, डोईवाला को 50 हजार युवक मंगल दल डांडा जलालपुर को 25 हजार की ...
उत्तराखंड : बाघ ने युवक पर किया हमला, बड़े भाई ने ऐसे बचाई जान

उत्तराखंड : बाघ ने युवक पर किया हमला, बड़े भाई ने ऐसे बचाई जान

उत्तराखंड हलचल
हरिद्वार : उत्तराखंड में बाघों के हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। तजा मामला हरिद्वार का है, युवक  घटना के दौरान युवक का बड़ा भाई भी मौके पर मौजूद था। भाई की चीखने की आवाज सुनकर उसके बड़े भाई ने शोर मचाया। जिसके बाद बाघ युवक को छोड़कर भाग गया। घायल युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।घटना हरिद्वार के नलोवाला क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक आजम (18) पुत्र बशीर अपने बड़े भाई दिलशाद के साथ भैंस चराने के लिए श्यामपुर रेंज के जंगल गया हुआ था। इस दौरान बाघ ने आजम पर हमला कर दिया। आजम के भाई ने जैसे ही शोर मचाना शुरू किया। बाघ जंगल की तरह भाग गया। दिलशाद ने हमले की सूचना वन विभाग को दी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने घायल युवक को हरिद्वार के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। जानकारी के अनुसार मामले को लेकर श्यामपुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पंकज ध्यानी का कहना है कि बाघ की...
उत्तराखंड : हल्द्वानी में शिफ्ट होगा हाईकोर्ट, यहां जमीन खरीद पर लगी रोक

उत्तराखंड : हल्द्वानी में शिफ्ट होगा हाईकोर्ट, यहां जमीन खरीद पर लगी रोक

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: नैनीताल हाईकोर्ट के हल्द्वानी में शिफ्ट होने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इस पर सरकार पहले ही मुहर लगा चुकी है। कल हुई कैबिनेट में सरकार ने हाईकोर्ट के लिए चयनित भूमि के आसपास की जमीन खरीद पर सरकार ने रोक लगा दी है। नियोजित विकास के लिए प्रदेश मंत्रिमंडल ने वहां फ्रीज जोन घोषित करने का निर्णय लिया। कैबिनेट में तय किया गया है कि गौलापार प्रस्तावित भूमि के पूरब में ग्राम देवल मल्ला, ग्राम देवल तल्ला और कुंवरपुर की ओर जाने वाले मार्ग की सीमा तक जमीन खरीद पर रोक लगा दी गई है। पश्चिम में गौला नदी के तट तक, उत्तर में गौला नदी से सटे ग्राम नवरखेड़ा, ग्राम किशन नगरी ओर जाने वाले हल्द्वानी बाईपास मार्ग के तिराहे तक भी जमीन नहीं बेची जा सकेगी। वहीं, दक्षिण में हल्द्वानी बाईपास मार्ग तक नदी तट से प्रारंभ होकर लंकेश्वर महादेव मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग के तिराहे तक की जमीन पर रोक लग...
उत्तराखंड में मिला कोरोना के नए वेरिएंट JN-1 का पहला मरीज, महिला में पुष्टि

उत्तराखंड में मिला कोरोना के नए वेरिएंट JN-1 का पहला मरीज, महिला में पुष्टि

उत्तराखंड हलचल
देहरादून : कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर लगातार सरकार अलर्ट पर है। सरकार पहले ही गाइडलाइन जारी कर चुकी है। इस बीच राज्य में JN-1 का पहला मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार चार जनवरी को RTPCR जांच में कोरोना संक्रमित पाई गई 72 वर्षीय महिला के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट में कोविड के नए वेरिएंट की पुष्टि हुई है। केरल समेत कई राज्यों में कोरोना के नए वेरिएंट जेएन.1 के मामले बढ़ने पर प्रदेश सरकार ने भी एहतियात के तौर निगरानी और जांच बढ़ाने के लिए SOP जारी की थी। तीन और चार जनवरी को उत्तराखंड में दो मरीज कोरोना संक्रमित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमित मरीजों के सैंपल को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए दून मेडिकल कॉलेज की लैब में भेजा था। इसमें 72 वर्षीय महिला के सैंपल में कोविड का नया वेरिएंट जेएन.1 मिला है। महिला को किसी अन्य बीमारी के चलते 30 दिसंबर 2023 को दून अस्पताल में भर्ती कराया थ...
उत्तराखंड : कैबिनेट में ये बड़े फैसले, कैंट एरिया से बाहर होंगे ये क्षेत्र

उत्तराखंड : कैबिनेट में ये बड़े फैसले, कैंट एरिया से बाहर होंगे ये क्षेत्र

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: गुरुवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई प्रमुख फैसलों पर मुहर लगी। बैठक में निर्णय लिया गया कि राजकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के स्वीकृत व रिक्त पदों के सापेक्ष अस्थायी व्यवस्था के तहत शैक्षिक सत्र 2023-24 के लिए संविदा शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। वहीं, प्रदेश के छावनी परिषद क्षेत्रों से नागरिक क्षेत्रों को पृथक करते हुए निकटवर्ती नगर निकाय में सम्मलित किए जाने व पृथक नगर निकाय बनाए जाने के को लेकर निर्णय हुआ। ये हुए फैसले 1-वन टाईम सेटलमेंट स्कीम, 2023-24 योजना की शर्तों में संशोधन किये जाने का निर्णय। 2- राजकीय महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों के स्वीकृत व रिक्त पदों के सापेक्ष अस्थायी व्यवस्थान्तर्गत वर्तमान शिक्षण सत्र 2023-24 के लिए संविदा शिक्षकों की तैनाती की जा...
उत्तराखंड में शीतलहर का अलर्ट, इस जिले में 3 दिन बंद रहेंगे स्कूल

उत्तराखंड में शीतलहर का अलर्ट, इस जिले में 3 दिन बंद रहेंगे स्कूल

उत्तराखंड हलचल
उधमसिंह नगर : प्रदेश में बारिश भले ही ना हुई हो, लेकिन तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पहाड़ से लेकर मैदान तक पूरा प्रदेश शीतलहर की चपेट में है। खासकर मैदानी जिलों देहरादून, हरिद्वार और उधमसिंह नगर में कोहरे के कारण ठंड पड़ रही है। भारत मौसम विज्ञान केंद्र की चेतावनी के बाद उधमसिंह नगर जिले में तीन दिनों के लिए स्कूलों की छुट्टी घोषित कर दी गई है। ...
उत्तराखंड: कल होगी धामी कैबिनेट की बैठक, इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

उत्तराखंड: कल होगी धामी कैबिनेट की बैठक, इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर

उत्तराखंड हलचल
देहरादून: धामी कैबिनेट की अहम बैठक गुरूवार को होगी। कल होने वाली धामी कैबिनेट की बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।धामी मंत्रिमण्डल की बैठक कल 11 जनवरी 2024 को दोपहर तीन बजे से होगी। कैबिनेट की बैठक सीएम धामी की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय के विश्वकर्मा भवन में स्थित वीर चन्द्रसिंह गढ़वाली सभागार देहरादून में होगी। बैठक में कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। ...
उत्तरकाशी : 20 सालों से लकड़ी की पुलिया का सहारा, हर दिन हथेली पर जान, अब करेंगे भूख हड़ताल!

उत्तरकाशी : 20 सालों से लकड़ी की पुलिया का सहारा, हर दिन हथेली पर जान, अब करेंगे भूख हड़ताल!

उत्तरकाशी
मोरी: पांच गांवों को जोड़ने के लिए एक पुलिया 20 साल पहले बनी थी, जिसकी हालत बदहाल हो चुकी है। आपको जानकार हैरानी होगी कि यह पुलिया लोहे या सीमेंट से नहीं बनी है, बल्कि लकड़ी से बनी हुई है। इसी पुलिया से हर दिन पांच गावों के लोग सफर करते हैं। खतरा इतना कि इस पर एक बार में दो-तीन लोगों का जाना भी खतरे से खाली है। पुलिया इतनी जर्जर हो चुकी है कि लोग रोजाना जान हथेली पर रखकर इसी पुलिया से आते-जाते हैं। यह पुलिस विधायक दुर्गेश्वर लाल की विधानसभा क्षेत्र ही नहीं, बल्कि उनके अपने गृह क्षेत्र में ही है। यहां लोग सालों से परेशानियों से जूझ रहे हैं। लेकिन, कोई उनकी सुध लेने वाला नहीं है। मोरी ब्लॉक के राला से कासला को जोड़ने वाली पैदल पुलिया लंबे समय से क्षतिग्रस्त है। कई बार ग्रामीण पुलिया की जगह पर पक्के पुल की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी किसी ने नहीं सुनह। ग्रामीणों के संपर्क का पैदल सम्पर्...
उत्तराखंड : CS ने दिए निर्देश, प्रदेश में उपलब्ध कराई जाएं खेल सुविधाएं

उत्तराखंड : CS ने दिए निर्देश, प्रदेश में उपलब्ध कराई जाएं खेल सुविधाएं

उत्तराखंड हलचल
देहरादून :  मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने सचिवालय में अगत्स्यमुनि रूद्रप्रयाग में स्पोर्ट्स स्टेडियम के सम्बन्ध में वित्त व्यय समिति की बैठक ली। बैठक के दौरान समिति द्वारा 1765.61 लाख रूपए लागत की इस योजना को सहमति प्रदान की गई। सचिवालय में बैठक में मुख्य सचिव ने कहा कि अगत्स्यमुनि रूद्रप्रयाग में स्पोर्ट्स स्टेडियम के लिए स्थान की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए अन्य खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेशभर के लिए अगले 5-10 सालों का व्यापक प्लान तैयार किया जाए। जिससे प्रदेश को अगले पांच से 10 सालों में खेल सुविधाओं से परिपूर्ण किया जा सके। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेशभर में आवश्यकता आधारित खेल सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलने के लिए मैदान और अन्य सुविधाएं मिलने लगेंगी तो प्रदेश के युवा नशे एवं अन्य गलत कार्यों की ओर नहीं जा...
स्व. चन्द्रसिंह ‘राही’ : त्याडज्यू सै गै छा हो!

स्व. चन्द्रसिंह ‘राही’ : त्याडज्यू सै गै छा हो!

स्मृति-शेष
पुण्यतिथि (10 जनवरी, 2018) पर राही जी का स्मरणचारु तिवारी रात के साढ़े बारह बजे उनका फोन आया. बोले, ‘त्याड़ज्यू सै गै छा हो?’ एक बार और फोन आया. मैंने आंखें मलते हुये फोन उठाया. सुबह के चार बजे थे. बाले- ‘त्याड़ज्यू उठ गै छा हो.’ उनका फोन कभी भी आ सकता था. कोई औपचारिकता नहीं. मुझे भी कभी उनके वेवक्त फोन आने पर झुझंलाहट नहीं हुई. अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट स्थित मेरे गांव तक वे आये. मेरे पिताजी को वे बाद तक याद करते रहे. घर में जब आते तो बच्चों के लिये युद्ध का मैदान तैयार हो जाता. वे ‘बुड्डे’ की कुमाउनी वार से अपने को बचाने की कोशिश करते. पहली मुलाकात में पहला सवाल यही होता कि- ‘त्वैकें पहाड़ि बुलार्न औछों कि ना?’ मेरी पत्नी किरण तो उनके साथ धारा प्रवाह कुमाउनी बोलती. पानी के बारे में उनका आग्रह था कि खौलकर रखा पानी ही पीयेंगे. हमारी श्रीमती जी हर बार इस बात का ध्यान रखती और उनको आश्वस्त क...