Skip to content
  • हिमांतर
  • लोक पर्व-त्योहार
  • शिक्षा
  • सेहत
  • खेती-बाड़ी
  • किस्से-कहानियां
  • धर्मस्थल
  • कला-रंगमंच
  • फोटो गैलरी
  • संपर्क
Himantar
  • होम
  • उत्तराखंड हलचल
    • अल्‍मोड़ा
    • बागेश्‍वर
    • चमोली
    • चम्‍पावत
    • देहरादून
    • हरिद्वार
    • नैनीताल
    • पौड़ी गढ़वाल
    • पिथौरागढ़
    • रुद्रप्रयाग
    • टिहरी गढ़वाल
    • उधमसिंह नगर
    • उत्तरकाशी
  • देश—विदेश
  • समाज
    • साहित्‍य-संस्कृति
    • आधी आबादी
    • साहित्यिक-हलचल
    • कविताएं
    • पुस्तक-समीक्षा
    • किस्से-कहानियां
    • लोक पर्व-त्योहार
  • पर्यटन
  • इंटरव्‍यू
  • वीडियो
  • पत्रिका

पथिक

August 1, 2020 by Himantar

Share this:
Posted in साहित्यिक-हलचल
Prevक्या हुआ इन पहाड़ो को
Nextसंकट में है आज विश्वमैत्री का प्रतीक हिमालय पुष्प ‘ब्रह्मकमल’

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Himantar Jul 2026

Recent Posts

  • देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां
  • उत्तरकाशी : मोरी में प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत, हेली सेवा पहुंचने से पहले अमिना ने तोड़ा दम
  • उत्तराखण्ड में PM Awas Yojana की बड़ी उपलब्धि: 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत
  • ‘विष का पानी’: जब सामान्य मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद दर्द का जवाब तलाशता है लोकविश्वास
  • अंतरराष्ट्रीय योग विभूषण अवार्ड से सम्मानित हुए योग गुरु डॉ. नवदीप जोशी

Recent Comments

  • Lashaunda on उत्तराखंड में लोकपर्व ईगास-बग्वाल पर रहेगा अवकाश
  • मुकता on शिक्षा प्रसार का ऐसा जुनून प्रताप भैया में ही देखा जा सकता था
  • Subhash Nautiyal on अपने अस्तित्व और जीवन के सार को बचाने के लिये सामूहिक रूप से प्रकृति के संरक्षण हेतु जुटना होगा – डॉ. जोशी
  • दिनेश रावत on घर ही नहीं, मन को भी ज्योर्तिमय करता है ‘भद्याऊ’
  • अरूणा सेमवाल on घर ही नहीं, मन को भी ज्योर्तिमय करता है ‘भद्याऊ’

About Me

हिमांतार के बारे मे
हिमालयी विविधता पूर्ण समाज और संस्कृति का प्रतिनिधित्व करता हैं, देश में उत्तर से लेकर पश्चिम तक का हिमालयी समाज अपने-आप में बहुत बड़ी जनसख्यां का निर्धारण करता हैं, साथ ही देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने का जिम्मा जिस समाज को है उसमें प्रमुख रूप से हिमालय में निवास करने वाला ही समाज है जो सदियों से देश की सीमाओं का सजग प्रहरी की भांति कार्य कर रहा हैं।

Popular

देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां

देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां

August 21, 2026 by Himantar
उत्तरकाशी : मोरी में प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत, हेली सेवा पहुंचने से पहले अमिना ने तोड़ा दम

उत्तरकाशी : मोरी में प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत, हेली सेवा पहुंचने से पहले अमिना ने तोड़ा दम

August 21, 2026 by Himantar

Latest News

  • देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां
  • उत्तरकाशी : मोरी में प्रसव के बाद महिला और नवजात की मौत, हेली सेवा पहुंचने से पहले अमिना ने तोड़ा दम
  • उत्तराखण्ड में PM Awas Yojana की बड़ी उपलब्धि: 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत
  • ‘विष का पानी’: जब सामान्य मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद दर्द का जवाब तलाशता है लोकविश्वास
  • अंतरराष्ट्रीय योग विभूषण अवार्ड से सम्मानित हुए योग गुरु डॉ. नवदीप जोशी
Copyright © 2026 Himantar. All Rights Reserved. Copyright © 2026 Himantar. All Rights Reserved.