
- हिमांतर ब्यूरो, मोरी (उत्तरकाशी)
मोरी विकासखंड के सीमांत क्षेत्र में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गंगाड़ निवासी शंकर दास उर्फ बब्लू दास की पत्नी अमिना की प्रसव के बाद तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। उन्हें उपचार के लिए ओसला से गंगाड़ लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, उनके नवजात शिशु की भी ओसला में मौत हो गई। मां और नवजात की मौत से परिवार सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, अमिना कुछ दिनों से अपने मायके ओसला में रह रही थीं। प्रसव के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर परिजन उन्हें उपचार के लिए ओसला से गंगाड़ लेकर निकले, लेकिन दुर्गम रास्ते में उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
अमिना की गंभीर हालत को देखते हुए हेली सेवा की व्यवस्था के लिए पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल से संपर्क किया गया। विधायक की ओर से तत्काल हेली सेवा उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए, लेकिन व्यवस्था हो पाती, उससे पहले ही अमिना ने दम तोड़ दिया।
इधर, नवजात शिशु की भी ओसला में मौत हो गई। एक ही परिवार में मां और नवजात की मौत की खबर से परिजनों और ग्रामीणों में मातम पसरा हुआ है।
दुर्गम मार्ग ने बढ़ाई मुश्किलें
इस घटना ने एक बार फिर ओसला–गंगाड़ मार्ग की स्थिति और सीमांत गांवों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र में गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल और बेहतर उपचार तक पहुंचाना आज भी बड़ी चुनौती है।
ग्रामीणों के मुताबिक, यदि सड़क संपर्क बेहतर हो और आसपास पर्याप्त आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों तो गंभीर मरीजों को समय रहते उपचार मिल सकता है। विशेषकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए त्वरित चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है।
सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकार
मोरी क्षेत्र के सीमांत ओसला, गंगाड़ समेत आसपास के गांवों के ग्रामीण लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क, स्वास्थ्य सुविधाओं और प्रभावी आपातकालीन सेवाओं की मांग करते आ रहे हैं। इस घटना ने क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि दुर्गम गांवों तक सुचारु सड़क संपर्क के साथ बेहतर स्वास्थ्य केंद्र, पर्याप्त चिकित्सकीय सुविधाएं और जरूरत पड़ने पर तत्काल हेली सेवा उपलब्ध होना जरूरी है।
अमिना और उनके नवजात की मौत से पूरा क्षेत्र गहरे शोक में है। साथ ही इस घटना ने सीमांत गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन परिवहन व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित किया है।
