
आयुर्वेद, आधुनिक चिकित्सा, पोषण, अनुसंधान और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय पर होगा मंथन
- हिमांतर ब्यूरो, देहरादून/पंतनगर
अग्नाशय संबंधी रोगों के उपचार, अनुसंधान और दीर्घकालीन देखभाल को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘इंटरनेशनल पैनक्रियाटाइटिस कॉन्क्लेव इंडिया–2027’ (IPCI 2027) का आयोजन 12 से 14 फरवरी 2027 तक उत्तराखंड के पंतनगर में किया जाएगा। तीन दिवसीय यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में आयोजित होगा।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आधुनिक चिकित्सा, आयुर्वेद, पोषण, सार्वजनिक स्वास्थ्य, चिकित्सा अनुसंधान और स्वास्थ्य तकनीक से जुड़े विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाना है। आयोजन की थीम “प्राचीन आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान और तकनीक से जोड़ना” रखी गई है। सम्मेलन में देश-विदेश के चिकित्सक, वैज्ञानिक, शोधकर्ता और स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधि अग्नाशय रोगों की रोकथाम, निदान और उपचार से जुड़ी नवीनतम जानकारियां साझा करेंगे।
अग्नाशय रोगों के उपचार पर व्यापक चर्चा
सम्मेलन में तीव्र और दीर्घकालीन पैंक्रियाटाइटिस, पैंक्रियाटाइटिस से संबंधित मधुमेह, पोषण एवं जीवनशैली, दर्द प्रबंधन, रोगियों के जीवन की गुणवत्ता, क्लिनिकल दस्तावेजीकरण, चिकित्सा ऑडिट, ट्रांसलेशनल रिसर्च तथा रोगियों की दीर्घकालीन देखभाल जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इसके साथ ही साक्ष्य-आधारित समन्वित चिकित्सा, भविष्य के शोध क्षेत्रों, मूलभूत विज्ञान, एंडोस्कोपी, मेडिकल इमेजिंग, रिवर्स फार्माकोलॉजी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के चिकित्सा उपयोग पर भी विचार-विमर्श होगा।
शोधकर्ताओं को मिलेगा अपना कार्य प्रस्तुत करने का अवसर
IPCI 2027 के अंतर्गत शोध-पत्रों और चिकित्सा अध्ययनों के सारांश आमंत्रित किए गए हैं। शोधकर्ता मूल अनुसंधान, क्लिनिकल अध्ययन, केस सीरीज, पोषण, आयुर्वेद, समन्वित चिकित्सा, इमेजिंग, एंडोस्कोपी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से संबंधित विषयों पर अपने शोध-सार प्रस्तुत कर सकते हैं।
प्राप्त शोध-सारों की वैज्ञानिक समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी। चयनित शोधों को सम्मेलन में पोस्टर के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा, जबकि कुछ उत्कृष्ट पोस्टरों के लेखकों को विशेषज्ञ पैनल के समक्ष पांच मिनट की मौखिक प्रस्तुति देने का अवसर भी मिलेगा।
शोध-सार जमा करने की प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से शुरू होगी और इसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रारंभिक पंजीकरण की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 होगी।
देश-विदेश के विशेषज्ञ होंगे शामिल
सम्मेलन के संरक्षक मंडल और अकादमिक सलाहकार बोर्ड में चिकित्सा, शिक्षा, प्रशासन, आयुर्वेद और अनुसंधान क्षेत्र से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियां शामिल हैं। इनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, पूर्व केंद्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी, यूपीईएस के कुलाधिपति डॉ. राम शर्मा, आईपीसीए लैबोरेटरीज के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम गोदहा, एम्स नई दिल्ली से जुड़े वरिष्ठ विशेषज्ञ तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सलाहकार मंडल में जर्मनी के प्रो. हीको विट और डेनमार्क के वैश्विक पैंक्रियाटोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. डॉ. एस्ब्योर्न मोहर ड्रेव्स शामिल हैं। राष्ट्रीय अकादमिक सलाहकार बोर्ड में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी, कैंसर अनुसंधान और स्वास्थ्य प्रशासन से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञों को स्थान दिया गया है।
विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की भागीदारी
आयोजन में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट, जीआई सर्जन, आंतरिक चिकित्सा विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, एंडोस्कोपिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, आयुर्वेदिक चिकित्सक, पोषण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, चिकित्सा विद्यार्थी, शोधार्थी, फार्मास्यूटिकल उद्योग और संबद्ध स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पेशेवर भाग ले सकेंगे।
सम्मेलन का आयोजन वैद्य चंद्र प्रकाश कैंसर रिसर्च फाउंडेशन (VCPCRF) द्वारा किया जा रहा है। आयोजन समिति का कहना है कि IPCI 2027 अग्नाशय रोगों के उपचार में वैज्ञानिक संवाद, चिकित्सकीय अनुभव, नवाचार और साक्ष्य-आधारित समन्वित चिकित्सा को बढ़ावा देने वाला महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच सिद्ध होगा।
वेबसाइट: www.ipci2027.co.in
ईमेल: info@ipci2027.co.in
संपर्क: +91 9837028544
