
- आशिता डोभाल, नौगांव
पहाड़ों की मेहनत, स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और किसानों की आय को नई दिशा देने के उद्देश्य से कार्यरत Yuva Himalaya के लिए आज का दिन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ। NABARD, उत्तरकाशी के District Development Manager (DDM) का संस्थान में आगमन न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि भविष्य की संभावित साझेदारियों और ग्रामीण विकास की नई संभावनाओं का संकेत भी लेकर आया।
दौरे के दौरान उन्होंने Yuva Himalaya की संपूर्ण कार्यप्रणाली का विस्तार से अवलोकन किया और विशेष रूप से एप्पल जूस उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण और वैल्यू एडिशन की प्रक्रियाओं को समझा। स्थानीय संसाधनों को बेहतर उत्पादों में बदलने के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने इसे पहाड़ी अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रभावी मॉडल बताया।
इस अवसर पर NABARD से जुड़े FPOs (Farmer Producer Organizations) एवं स्थानीय संस्थाओं के साथ सहयोग की संभावनाओं पर सार्थक चर्चा हुई, जिससे पहाड़ी उत्पादों की ब्रांडिंग, बाजार तक पहुँच और किसानों की आय में स्थायी सुधार का मार्ग मजबूत हो सके।
दौरे के प्रमुख आयाम:
• Yuva Himalaya के उच्च गुणवत्ता वाले एप्पल जूस एवं Farm-to-Bottle मॉडल का विस्तृत अवलोकन।
• FPOs, बाजार संपर्क (Market Linkages) और वैल्यू एडिशन आधारित साझेदारी पर विचार-विमर्श।
• ब्रांड निर्माण, पैकेजिंग और व्यापक बाजार विस्तार के लिए उपयोगी सुझाव।
• स्थानीय किसानों के लिए कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन की संयुक्त योजनाओं पर चर्चा।
इस अवसर पर Yuva Himalaya के संस्थापक योगेश बंधानी ने कहा—
“हमारा उद्देश्य केवल उत्पाद बनाना नहीं, बल्कि पहाड़ के किसानों की मेहनत को एक ऐसी पहचान देना है जो गुणवत्ता, विश्वास और बाजार मूल्य- तीनों स्तरों पर उन्हें सशक्त बनाए। NABARD जैसे संस्थानों का सहयोग हमारे लिए केवल साझेदारी नहीं, बल्कि एक साझा विकास दृष्टि है। हमें विश्वास है कि FPOs, वैल्यू एडिशन और मजबूत मार्केट कनेक्टिविटी के माध्यम से हम उत्तराखंड के पहाड़ी उत्पादों को नए बाजारों तक पहुँचाकर किसानों की आय और अवसरों में ठोस वृद्धि ला सकेंगे।”
Yuva Himalaya अपने संकल्प को दोहराता है कि वह पहाड़ी किसानों की मेहनत को बेहतर गुणवत्ता, पारदर्शी सोर्सिंग और सतत् उत्पादन प्रक्रियाओं के माध्यम से एक भरोसेमंद और मजबूत ब्रांड पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।
NABARD एवं उत्तराखंड में ग्रामीण और पर्वतीय विकास के लिए समर्पित संस्थाओं के सहयोग से अब लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि सुनिश्चित करना है।
यह केवल एक विजिट नहीं, बल्कि पहाड़ों के विकास, किसानों की समृद्धि और स्थानीय उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की साझा शुरुआत है।
