
विश्व ओजोन दिवस 2026 : आसमान की अदृश्य ढाल और धरती के भविष्य का संकल्प
विज्ञान ने संकट पहचाना, दुनिया ने हाथ मिलाया; अब लक्ष्य है- ओजोन-सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल शीतलन
डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल
विज्ञान शिक्षक
पी एम श्री कमलाराम नौटियाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, धौंतरी (उत्तरकाशी)
(राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत द्वारा उत्कृष्ट विज्ञान शिक्षक सम्मान 2022)
कभी किसी शांत सुबह हिमालय की ऊंची पहाड़ी से आकाश की ओर देखिए। दूर तक फैला नीला विस्तार, बादलों की सफेद परतें और उनके बीच से उतरती सूर्य की सुनहरी किरणें हमें प्रकृति की विराटता का अनुभव कराती हैं। हम प्रकाश को देखते हैं, सूर्य की गर्माहट महसूस करते हैं और हवा के स्पर्श को अनुभव कर सकते हैं। किंतु इसी आकाश में प्रकृति ने जीवन की रक्षा के लिए एक ऐसी ढाल बना रखी है, जो न दिखाई देती है और न हाथों से छुई जा सकती है। यही अदृश्य प्रहरी है—ओजोन परत।धरती पर जीवन की कहानी में ओजोन की मात्रा ब...
