Tag: भेड़-बकरियां

ऊन कटाई पर्व: देवक्यारा बुग्याल से लौटीं भेड़-बकरियां, ढोल-दमाऊं और तांदी नृत्य से जीवंत हुई लोक संस्कृति

ऊन कटाई पर्व: देवक्यारा बुग्याल से लौटीं भेड़-बकरियां, ढोल-दमाऊं और तांदी नृत्य से जीवंत हुई लोक संस्कृति

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोला/मोरीउत्तरकाशी जिले के मोरी विकासखंड के दूरस्थ पर्वतीय गांव इन दिनों सदियों पुरानी लोक परंपरा ऊन कटाई पर्व के उल्लास में डूबे हुए हैं। देवक्यारा बुग्याल सहित ऊंचाई वाले चरागाहों में करीब तीन माह तक भेड़-बकरियों और मवेशियों को चराने के बाद अगस्त-सितंबर में भेड़पालकों यानी स्थानीय बोली में ‘भेड़ाल’ की गांवों में वापसी शुरू हो गई है। पशुधन के साथ गांव लौटते भेड़ालों के स्वागत को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।तीन माह बाद घर लौटता है पशुधन, शुरू होती है पर्व की रौनकगर्मियों की शुरुआत के साथ मोरी क्षेत्र के कई गांवों से भेड़पालक अपने पशुधन को लेकर ऊंचे बुग्यालों और पारंपरिक चरागाहों की ओर निकल जाते हैं। देवक्यारा कुयाल और आसपास के बुग्यालों में करीब तीन माह तक भेड़-बकरियों एवं अन्य मवेशियों को चराने के बाद अब उनकी वापसी शुरू ह...
चांगसील बुग्याल में आकाशीय बिजली का कहर, 150 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत

चांगसील बुग्याल में आकाशीय बिजली का कहर, 150 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत

उत्तरकाशी
  8–10 पशुपालक परिवारों की आजीविका पर संकट, राजस्व टीम मौके के लिए रवानानीरज उत्तराखंडी, पुरोलामोरी विकासखंड के फतेपर्वत क्षेत्र स्थित चांगसील बुग्याल में आकाशीय बिजली गिरने से 150 से अधिक भेड़-बकरियों की मौत हो गई। इस हादसे से क्षेत्र के 8 से 10 पशुपालक परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करने के लिए घटनास्थल रवाना हो गई है। स्थानीय निवासी जगदीश सिंह कुंवर ने बताया कि मंगलवार देर रात करीब 12 से 1 बजे के बीच क्षेत्र में तेज बारिश के साथ गरज-चमक हुई और आकाशीय बिजली गिरी। बुधवार सुबह जब पशुपालक अपने बेड़ों के पास पहुंचे तो बड़ी संख्या में भेड़-बकरियां मृत अवस्था में पड़ी मिलीं। उन्होंने बताया कि हादसे में गुरुदेव पुत्र मेबर सिंह, गुड्डू सिंह पुत्र मातवर सिंह, ताली राम पुत्र फते सिंह, वीरभद्र पुत्र किशन ...