Tag: हनोल मंदिर

न्याय के देवता महासू महाराज

न्याय के देवता महासू महाराज

धर्मस्थल
फकीरा सिंह चौहान स्नेही महासू देवता को जौनसार-बावर में ही नहीं अपितु पूरे उत्तराखंड  हिमाचल में न्याय के देवता के रूप में पूजा जाता है. महासु  किसी एक देवता का नाम नहीं बल्कि चार भाइयों के नाम से महासु बंधु विख्यात है. इनका मुख्य मंदिर देहरादून से 190 किलोमीटर दूर तमसा नदी के पूर्वी तट पर जौनसार बावर क्षेत्र के हनोल नामक स्थान पर प्राचीन काल से ही स्थापित है. मंगोल नागर शैली से मिश्रित स्थापत्य यह मंदिर अद्भुत काष्ट कला एवं पथरो से निर्मित है. समुद्र तल से 1250 मीटर की ऊंचाई पर बने वर्तमान मंदिर का निर्माण नवीं शताब्दी के आसपास का बताया जाता है जबकि, एएसआइ (पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग) के रिकार्ड में मंदिर का निर्माण 11वीं व 12वीं सदी का होने का जिक्र है. वर्तमान मे इसका संरक्षण भी एएसआइ ही कर रहा है. हनोल शब्द की उत्पत्ति यहां के एक ब्रह्मण हुणाभाट के नाम से मानी जाती है. जिसके सात पुत्र...
आस्था का उमड़ा जनसैलाब, चालदा महाराज की अद्भुत प्रवास यात्रा व्यवस्था

आस्था का उमड़ा जनसैलाब, चालदा महाराज की अद्भुत प्रवास यात्रा व्यवस्था

नैनीताल
भारत चौहान जौनसार बावर, उत्तरकाशी एवं हिमाचल क्षेत्र के आराध्य महासू महाराज के प्रति यहां के स्थानीय लोगों की अपार श्रद्धा व आस्था है. विगत दिनों चालदा महाराज की मोहना मे 2 वर्ष रुकने के because पश्चात जब प्रवास यात्रा समालटा के लिए प्रस्थान की तो हजारों लोगों की आंखें नम थी, की अब महाराज वापस कब आएंगे?  यात्रा प्रारंभ हुई और 23 नवंबर की रात को चालदा महाराज समालटा गांव खत मझियारना में विराजित हुए, इस यात्रा में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा,  हजारों लोगों ने देव दर्शन किए, मन्नते मांगी व क्षेत्र की खुशहाली के लिए अपने इष्ट देव से प्रार्थना की. ज्योतिष यात्रा का प्रारंभ जौनसार बावर के मोहना गांव से हुआ जहां हजारों लोगों ने चालदा महाराज को समालटा के लिए विदा किया.यात्रा के आगे - आगे देव के प्रतीक के रूप में गाडवे (देवता के नाम के बकरे) चल रहे थे उसके पीछे हजारों का जनसैलाब कंधे पर महार...