Tag: स्वरोजगार

पीढ़ियों पुराने पारंपरिक स्वाद को लोगों तक पहुंचा रही हैं दीपिका डोभाल

पीढ़ियों पुराने पारंपरिक स्वाद को लोगों तक पहुंचा रही हैं दीपिका डोभाल

अभिनव पहल
  नवदुर्गा विशेष | श्रृंखला – 9पहाड़ और पहाड़ी महिला सदियों से एक दूसरे के पूरक रहे हैं और पहाड़  जैसे कठोर ने अपनी अस्मिता और गौरव के लिए स्त्रियों की कठिन से कठिन परीक्षा भी ली है और उसमें हमेशा पहाड़ जैसी अडिग रहने वाली स्त्रियों ने पहाड़ को कभी झुकने नहीं दिया एक कहावत है ‘पहाड़ की रीढ़ पहाड़ी महिला’ क्योंकि पुरुषों को तो रोजगार के लिए बाहर जाना ही हैं।घर के काम काज,पशुपालन,खेती किसानी में 75 प्रतिशत महिला का श्रम होता है जिसे कभी उस स्तर पर सराहा नहीं गया राज्य निर्माण के समय आंदोलन में भी बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। आज महिलाएं हर क्षेत्र में पहाड़ को गौरवान्वित करवा रही है उसने साबित कर दिया है कि महिलाएं सिर्फ चूल्हे चौके के लिए नहीं बनी है उसने करछी से कलम,कलम से लेकर जहाज उड़ाने का सफर,संभव हुआ और परिस्थितियों ने मजबूर किया तो तलवारे भी उठाई और बुलंदियों को छूना हुआ तो सागरमा...
बर्नीगाड़ को 215 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, महाविद्यालय और मिनी स्टेडियम की घोषणा

बर्नीगाड़ को 215 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात, महाविद्यालय और मिनी स्टेडियम की घोषणा

उत्तरकाशी
  मुख्यमंत्री धामी ने सेवा सेतु अभियान में किया प्रतिभाग, कहा- योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकतानीरज उत्तराखंडी, बर्नीगाड़/उत्तरकाशीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को राजकीय इंटर कॉलेज बर्नीगाड़ (कुंवा) में आयोजित सेवा सेतु अभियान के तहत जिलास्तरीय शिविर में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने करीब 215 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। साथ ही राजकीय महाविद्यालय बर्नीगाड़ का शुभारंभ कर क्षेत्र को उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना और शासनादेश जारी करना नहीं, बल्कि उनका लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा सेतु अभियान इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।महाविद्यालय के स्थायी भवन का निर्माण जल्द मु...
देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां

देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां

देहरादून
  हैंडमेड राखियों की बढ़ी मांग, NRML एनआरएलएम से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की राह पर | दून के प्रमुख मॉल और सचिवालय में लगेंगे स्टॉलनीरज उत्तराखंडीरक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही देहरादून जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की बनाई हस्तनिर्मित राखियों की मांग बढ़ने लगी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के सहयोग से रायपुर, सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाएं राखी निर्माण को स्वरोजगार का जरिया बनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं।रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र की सास-बहू लीला रावत और अलका रावत की जोड़ी राखी कारोबार में अपनी अलग पहचान बना रही है। नई दिशा महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत आशा किरण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दोनों महिलाएं आकर्षक डिजाइन की राखियां तैयार कर रही हैं। इस वर्ष उनका लक्ष्य दो हजार से अधिक राखियां तैयार करने का है, ज...
नीती घाटी बनेगी एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र, 4,384 मीटर पर अल्ट्रा रन

नीती घाटी बनेगी एडवेंचर टूरिज्म का नया केंद्र, 4,384 मीटर पर अल्ट्रा रन

देहरादून
31 मई से 2 जून तक चमोली की सीमांत नीती घाटी बनेगी अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र, 27 राज्यों के 912 धावक और केन्या के प्रतिभागी भी होंगे शामिलहिमांतर ब्यूरो, देहरादून हिमालय की दुर्गम वादियों में बसी सीमांत नीती घाटी अब साहस, रोमांच और पर्यटन की नई उड़ान भरने जा रही है। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के तत्वावधान में पहली बार 31 मई से 2 जून 2026 तक ‘बियोंड द कैन्यन’ थीम पर नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के सहयोग से आयोजित यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता उत्तराखंड को विश्वस्तरीय एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सीमावर्ती क्षेत्र विकास के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ग्रामीण स्वरोजगार नीति को नई ऊर्जा देने वाला माना जा रहा ...
पहाड़ की रसोई से रोजगार तक: ‘असकाई’ ने बदली कारीगरों की तकदीर

पहाड़ की रसोई से रोजगार तक: ‘असकाई’ ने बदली कारीगरों की तकदीर

उत्तराखंड हलचल
  पारंपरिक बर्तन बना कमाई का जरिया नीरज उत्तराखंडीउत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पारंपरिक व्यंजन ‘असका’ बनाने में उपयोग होने वाला मिट्टी का खास बर्तन ‘असकाई’ आज हस्तकला और स्वरोजगार का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है।आधुनिकता की दौड़ में जहां पारंपरिक बर्तन धीरे-धीरे गायब हो रहे थे, वहीं ‘असकाई’ ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने का काम किया है।असकाई: परंपरा और तकनीक का संगम ‘असकाई’ मिट्टी से बना पारंपरिक बर्तन है, जिसका उपयोग खासतौर पर ‘असका’ बनाने में होता है। इसकी बनावट ऐसी होती है कि भोजन धीमी आंच पर समान रूप से पकता है, जिससे स्वाद और पौष्टिकता दोनों बरकरार रहते हैं।स्थानीय कारीगर पीढ़ियों से इस कला को जीवित रखे हुए हैं।हस्तकला का अनूठा नमूना ‘असकाई’ केवल एक बर्तन नहीं, बल्कि पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।इसे पूरी तरह हाथों से बनाया जाता है—मिट...
पुष्कर सिंह धामी का बजट 2026-27: ज्ञान मॉडल से गरीब-युवा-किसान-महिला सशक्तिकरण पर फोकस

पुष्कर सिंह धामी का बजट 2026-27: ज्ञान मॉडल से गरीब-युवा-किसान-महिला सशक्तिकरण पर फोकस

देहरादून
समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य: सीएम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प GYAN मॉडल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दृष्टि से बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान गरीब वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है। अन्नपूर्ति योजना के लिए ₹1300 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए ₹298.35 कर...
62 की उम्र में भी जोश बरकरार: पुरोला के वृजमोहन ने बर्फ से रचा रोजगार

62 की उम्र में भी जोश बरकरार: पुरोला के वृजमोहन ने बर्फ से रचा रोजगार

उत्तरकाशी
  20 रुपये की कटोरी, हजारों की आमदनी: पुरोला के बुजुर्ग की मिसालनीरज उत्तराखंडी, पुरोला उत्तरकाशीपुरोला के महरगांव निवासी 62 वर्षीय वृजमोहन सिंह रावत ने यह साबित कर दिया है कि यदि व्यक्ति में कुछ करने की लगन और स्वावलंबन के संस्कार हों, तो उम्र कभी भी बाधा नहीं बनती. जब एक ओर पुरोला में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर बाजार में सड़क किनारे परात में प्राकृतिक बर्फ को जायकेदार बनाकर बेचते वृजमोहन सिंह रावत लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे. वे न केवल स्वाद परोस रहे हैं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भरता का संदेश भी दे रहे हैं.जिज्ञासा वश पूछने पर उन्होंने बताया कि वे पुरोला में लगने वाले मेला-जातर में बर्फ बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमा चुके हैं. बर्फ लाना भले ही कठिन होता है, लेकिन मेहनत रंग लाती है. “शाम तक एक हजार से दो से ढाई हजार रुपये की बिक्री हो जात...
एप्पल मिशन को रोजगार का जरिया बनाकर जगाई स्वरोजगार की अलख

एप्पल मिशन को रोजगार का जरिया बनाकर जगाई स्वरोजगार की अलख

खेती-बाड़ी
नीरज उत्तराखंडी जनजाति क्षेत्र जौनसार बावर के देवघार ख़त के मुन्धौल गांव निवासी मुकेश जोशी ने बागवानी को रोजगार का जरिया बनाकर न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा दिया बल्कि चंद रुपए की पगार के लिए मैदानों  की खाक छानते बेरोजगार युवाओं के लिए एक प्रेरणा का संदेश भी दिया है. संभ्रांत  सम्पन्न संयुक्त परिवार में4 मई 1999 में जन्मे मुकेश जोशी के पिता दिनेश चन्द्र जोशी जल संस्थान में कार्यरत हैं जबकि रमोला जोशी कुशल गृहिणी हैं. मुकेश जोशी ने सिविल इंजिनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर हिमाचल प्रदेश के कोटखाई निवासी अवनीश चौहान से प्रेरित होकर स्वरोजगार की ओर रुख किया और संयुक्त परिवार के बरसों पुराने बागवानी के व्यवसाय को नया रूप दिया.वर्तमान समय में मुकेश जोशी एप्पल मिशन योजना अंतर्गत 6100 - 6200 फीट यानी 1850 मीटर की ऊंचाई पर 1 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सेब रूट स्टाक प्रजाति की सघन खेती कर रहे हैं. विगत वर्...
पहाड़ों के सतत विकास, नेचर टूरिज्म और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी

पहाड़ों के सतत विकास, नेचर टूरिज्म और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी

चमोली
पहाड़ों के सतत विकास और स्वरोजगार के लिए उत्तराखंड के पहाड़ों की जमीन बचानी होगी ये बात प्रकृति पर्यटन एवं नेचर जागरूकता कार्यक्रम के द्वितीय दिवस में अतर सिंह तोमर पूर्व राज्य मंत्री उत्तराखंड ने कही. श्री तोमर ने पंचम केदार कल्पेश्वर महादेव में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग और जनदेश संस्था द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही उन्होंने ग्रामीणों का आह्वाहन करते हुए कहा कि, हम सबको   पहाड़ों की जमीन को बचाने के साथ- साथ उस भूमि पर प्रकृति के सतत संरक्षण और वैज्ञानिक दोहन  के रूप में  नियोजन को प्रबंधित करना होगा. पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह तोमर ने कहा कि प्रकृति को बचाने के लिए युवाओं की मुख्य भूमिका हो सकती है उन्होंने कहा कि पहाड़ों में लोग अपनी भूमि को नहीं बेचना चाहिए आज आवश्यकता है कि जमीन को बचाया जाए बाहर के लोगों की गिद्ध दृष्टि पहाड़ों की भूमि पर लगी है....
‘विकसित भारत 2047’ हकीकत या दिवास्वप्न

‘विकसित भारत 2047’ हकीकत या दिवास्वप्न

साहित्‍य-संस्कृति, समसामयिक
नेत्रपाल सिंह यादव निदेशक पॉलिसी & रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी के जैसे-जैस करीब पहुंच रहा है, ऐसे में यह देश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है. 2047 तक भारत को एक विकसित देश में बदलने का महत्वाकांक्षी एजेंडा, जिसे “नए भारत” के रूप में जाना जाता है. एक व्यापक खाका है जिसमें आर्थिक विकास, सामाजिक विकास और पर्यावरणीय स्थिरता शामिल है. यह आलेख एंथ्रोपोलॉजिकल लेंस से इस विज़न के महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहराई से चर्चा करता है. सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक विकास तथा सामाजिक-सांस्कृतिक गतिशीलता एवं मानव विकास के समग्रता का संपूर्णता में विश्लेषण करता है. आधुनिक विकास के मानकों में आर्थिक विकास स्थिति की भूमिका का महत्वपूर्ण योगदान रहता हैं जिसके तहत किसी भी राष्ट्र या आधुनिक राज्य (Nation & State) की वहां के नागरिक की ‘प्रति व्यक्ति आय’ (Per capita income) से ज...