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लोक संस्कृति एवं लोकपरम्पराओं को बढावा देते हैं मेले और कौथिग: सीएम पुष्कर सिंह धामी

लोक संस्कृति एवं लोकपरम्पराओं को बढावा देते हैं मेले और कौथिग: सीएम पुष्कर सिंह धामी

अल्‍मोड़ा
मुख्यमंत्री ने की ऐतिहासिक सोमनाथ मेले के लिये 05 लाख रुपये की घोषणा सोमवार को ऐतिहासिक सोमनाथ मेला मासी-2023 में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमनाथ मेले को 05 लाख रूपये प्रदान करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति एवं सभ्यता महान है इसमें निरंतरता है. सदियों से इस महान संस्कृति की महानता के विषय में आम लोगों को जागरूक करने का काम मेले और कौथिग करते रहे हैं. सोमनाथ का यह ऐतिहासिक मेला भी इसी का उदाहरण है. कत्यूरकाल से देवाधिदेव शिव को प्रत्येक गांव से नई फसल भेंट करने की चली आ रही अनूठी परंपरा इस मेले को विशिष्ट बनाती है. हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में भी ये मेले अहम भूमिका निभाते हैं. मेले हमारे समाज को जोड़ने तथा हमारी प्राचीन संस्कृति और परम्पराओं के बारे में नई पीढ़ी को जागरूक करने में भी अपनी अहम भूमिका निभाते हैं. सीएम ने द्वाराहाट विध...
दीव से ओखा तक

दीव से ओखा तक

ट्रैवलॉग
गुजरात यात्रा - सोमनाथ से द्वारिकाधीश तक डॉ. हरेन्द्र सिंह असवाल  यात्रायें मनुष्य जीवन जीवन की आदिम अवस्था से जुड़ी हुई हैं. चरैवेति चरैवेति से लेकर अनन्त जिज्ञासायें मनुष्य को घेरे रहती हैं. इस बार दिल्ली की लंबी प्रदूषित अवधि ने मुझे बाहर निकलने के लिए इतना विवश किया कि बिना किसी योजना के मै निकल गया जयपुर. जयपुर से डस्टर से चार लोग निकल पड़े. कहाँ जाना है? कहाँ रुकना है? कुछ पता नहीं. आजकल ओयो रूम्स हैं न. जहाँ तक पहुँचेंगे वहीं ओ यो रूम्स देख लेंगे. पुराने ज़माने में लोग यात्रा पर निकलते थे तो चट्टियों पर रुकते थे. ये चट्टियां हर नौ मील पर हुआ करती थी. अक्सर यात्री हर दिन नौ मील की दूरी तय करते और अपने रात्रि पड़ाव तक पहुँच जाते. वे धार्मिक यात्रायें होती थी. जिसमें पुण्य प्राप्ति और मुक्ति की कामना से श्रद्धालु निकला करते थे. मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था. मैं तो  दिल्ली की तंग ...