September 22, 2020
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जल विज्ञान

“जलवैज्ञानिक वराहमिहिर और उनका मानसून वैज्ञानिक ‘वृष्टिगर्भ’ सिद्धांत”

भारत की जल संस्कृति-12 डॉ. मोहन चंद तिवारी वैदिक संहिताओं के काल में ‘सिन्धुद्वीप’ जैसे वैदिक कालीन मंत्रद्रष्टा ऋषियों के द्वारा जलविज्ञान और जलप्रबन्धन सम्बन्धी मूल अवधारणाओं का आविष्कार कर लिए जाने के बाद वैदिक कालीन जलविज्ञान सम्बन्धी ज्ञान साधना का उपयोग करते हुए कौटिल्य ने एक महान
जल विज्ञान

आज भी प्रासंगिक हैं वैदिक जल विज्ञान के सिद्धात

भारत की जल संस्कृति-8 डॉ. मोहन चन्द तिवारी देश में इस समय वर्षा ऋतु का काल चल रहा है.भारतीय प्रायद्वीप में आषाढ मास से इसकी शुरुआत  हो जाती है और सावन भादो तक इसका प्रभाव रहता है.आधुनिक मौसम विज्ञान की दृष्टि से इसे ‘दक्षिण-पश्चिमी मानसूनों’ के आगमन का काल कहते है,जिसे भारतीय ऋतुविज्ञान में ‘चातुर्मास’ […]