हिमालयी सरोकारों की तरफ बढ़ते क़दमों के निशान बिखेरती पत्रिका!

हिमालयी सरोकारों की तरफ बढ़ते क़दमों के निशान बिखेरती पत्रिका!

      मनोज इष्टवाल अभी कल ही की तो बात है जब कैनाल रोड स्थित एक कैफ़े में हिमांतर पत्रिका के तीसरे एडिशन का लोकार्पण हुआ. हिमांतर की टीम चूंकि इसे पर्यटन या फिर यूँ कहें यात्रा because विशेषांक के रूप में 86 पृष्ठों का एक दस्तावेज जब सामने लाया तो मन मचलता हुआ उसके मुख […]

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 प्रकृति की गोद में बसा हरकीदून, बुग्याल और कई किस्म के फूलों की महक जीत लेती है दिल

प्रकृति की गोद में बसा हरकीदून, बुग्याल और कई किस्म के फूलों की महक जीत लेती है दिल

शशि मोहन रावत ‘रवांल्‍टा’ मानव प्रकृति प्रेमी है. प्रकृति से ही उसे आनंद की अनुभूति होती है. मानव का प्रकृति से प्रेम भी स्वाभाविक ही है, क्योंकि प्रकृति उसकी सभी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करती है. इसी प्रकृति ने पर्वतराज हिमालय की गोद में अनेक पर्यटन स्थलों का निर्माण किया है. इन्हीं पर्यटन स्थलों में […]

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