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किस्से-कहानियां

अपेक्षायें

लघु कथा डॉ. कुसुम जोशी  “ब्वारी मत जाया करना रात सांझ उस पेड़ के तले से… अपना तो टक्क से becauseरस्सी में लटकी और चली गई, पर मेरे लिये और केवल’ के लिये जिन्दगी भर का श्राप छोड़ गई. श्राप तीन साल से एक रात भी हम मां बेटे चैन से नही सोये… but आंखें […]