April 11, 2021
Home Posts tagged पुरुषार्थ
संस्मरण

सभ्यता, संस्कृति और संस्कारों की पुरोधा-आमा 

आमा के हिस्से का पुरुषार्थ डॉ गिरिजा किशोर पाठक  कुमाऊँनी में एक मुहावरा बड़ा ही प्रचलित है “बुढ मर, भाग सर” (old dies after a certain age at the same times he transmits rituals, and traditions) यानी कि जो बुज़ुर्ग होते हैं वे सभ्यता, सांस्कृतिक परंपराओं के स्थंभ होते हैं. इन्हीं से