भारतीय परंपरा जल में ‘नारायण’ का वास मानती है

भारतीय परंपरा जल में ‘नारायण’ का वास मानती है

भारत की जल संस्कृति-4 डॉ. मोहन चन्द तिवारी (प्रस्तुत लेख 12 मार्च, 2014 को ‘उत्तराखंड संस्कृत अकादमी, हरिद्वार द्वारा ‘आईआईटी’ रुडकी में आयोजित विज्ञान से जुड़े छात्रों,शिक्षकों और जलविज्ञान के  विद्वानों के समक्ष मेरे द्वारा दिए गए वक्तव्य- “प्राचीन भारत में जल विज्ञान, जल संरक्षण और जल प्रबंधन” का सारगर्भित संशोधित  रूप है.पिछले वर्ष 11-12 […]

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