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संस्मरण

पश्चाताप और क्षमा का कोई विकल्प नहीं होता!

स्मृतियों के उस  पार सुनीता भट्ट पैन्यूली पश्चाताप और क्षमा का कोई विकल्प नहीं होता. यह केवल एक भ्रम ही है जो संवेदनाओं के उत्स से मानवीय त्वचा को गीला रखता है. किसी घटना का पश्चाताप कैसे हो सकता है? जिस अबोध जीव के अल्प जीवन की  स्मृतियों के सूक्ष्म अवशेष भी नहीं रख छोड़े […]