बाल कलाकार सृजन पाण्डेय बेंगलुरू में ‘नाट्य प्रज्ञा सम्मान’ से सम्मानित

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संस्कृति मंत्रालय-भारत सरकार व ‘वर्ल्ड फोरम फॉर आर्ट एंड कल्चर’ द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नृत्य, गीत, संगीत व नाटक, भारतीय शास्त्रीय कला रूपों की राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता ‘झंकृति’ का आयोजन इस वर्ष अगस्त-दिसम्बर 2023 तक किया गया।

‘झंकृति’ दुनिया भर के युवा कलाकारों, वरिष्ठ कलाकारों और सांस्कृतिक उत्साही लोगों के लिए अपनी प्रतिभा, परंपराओं और कलात्मक अभिव्यक्तियों को प्रदर्शित करने का एक अनूठा मंच है। इसका उद्देश्य नई प्रतिभाओं और उभरते कलाकारों को प्रोत्साहित करना और उनकी सराहना करना तथा पेशेवर विकास और भारतीय कला के उस्तादों के साथ बातचीत के अवसर प्रदान करना है। इस वर्ष ‘झंकृति’ ने कला के चार क्षेत्रों को मंच प्रदान किया है जिसमें गायन (शास्त्रीय/अर्ध-शास्त्रीय गायन), वादन (वाद्य/वाद्य), नृत्य (शास्त्रीय नृत्य रूप), और नाट्य (थिएटर) हैं।

इस वर्ष झंकृति2023 प्रतियोगिता में पूरे विश्व से 23000 से अधिक बाल कलाकारों ने प्रतिभाग किया। कला की अलग-अलग विधाओं में 144 बाल कलाकार विजेता घोषित हुए जिसमें 120 कलाकार भारत के तथा 24 कलाकार अन्य देशों के विजेता रहे। झंकृति2023 की इस प्रतियोगिता में बाल कलाकार मास्टर सृजन पांडेय ने 12 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में रंगमंच-एक पात्री में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

चार चरणों में आयोजित झंकृति-2023 प्रतियोगिता में सृजन ने भगत सिंह व ट्रांस जेंडर पर आधारित अपनी प्रस्तुतियां दी थी। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस प्रतियोगिता में निर्णायक के तौर पर टी. वी. एक्टर किरण भार्गव सहित कई सिद्धहस्त हस्ताक्षर रहे। बाल कलाकार सृजन को उनकी इस उपलब्धि के लिए 26 से 28 जनवरी 2024 को BHAAV-2024: ‘द एक्सप्रेशन समिट 2024’ के दौरान ‘द आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर’, बेंगलुरु में ‘नाट्य प्रज्ञा सम्मान’ से सम्मानित किया गया है।

सृजन पाण्डेय वर्तमान में डी.एल.एफ पब्लिक स्कूल, साहिबाबाद, गाजियाबाद में आठवीं कक्षा का छात्र है व इससे पूर्व में भी यह कलाकार (VOGUE) वाॅग थिएटर ग्रुप के “दरयाफ्त-2020” द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय चिल्ड्रेन वर्चुअल प्रतियोगिता’ में भी द्वितीय स्थान प्राप्त कर चुका है।

‘झंकृति-2023’ के विजेताओं को यह पुरस्कार कला जगत की गणमान्य हस्तियों पद्म विभूषण पदमा सुब्रमण्यम, पद्मश्री शोभना नारायण, पद्मश्री पुरू दधीच, पद्मश्री शोभा राजू, उस्ताद फैजल कुरेशी, डा. विभा दधीच, पंडित बृजभूषण गोस्वामी, पद्मश्री दर्शना झावेरी, इमानी कल्याणी लक्ष्मीनारायण, सिक्किल माला चंद्रशेखर, पंडित नित्यानंद हल्दीपूर, पंडित अयोध्य शरण मिश्रा, भानुमती नरसिम्हन, डा. लता सुरेन्द्र, डा. सेलजा देसाई इत्यादि के द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में ‘झंकृति-2023’ के विजेताओं ने अपनी कला की प्रस्तुतियाँ अध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर जी की मौजदूगी में प्रस्तुत की व गुरूदेव ने सभी झंकृति विजेताओं से मिलकर उनके उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें आशीर्वाद दिया।

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