उत्तरकाशी

पुरोला में बीमार महिला को डंडी-कंडी से सड़क तक पहुंचाया, 108 से दून अस्पताल रेफर

पुरोला में बीमार महिला को डंडी-कंडी से सड़क तक पहुंचाया, 108 से दून अस्पताल रेफर

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोला  उत्तराखंड के जनपद उत्तरकाशी के पुरोला विकासखंड स्थित सुदूरवर्ती ग्राम पंचायत सांखाल में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव की एक मार्मिक घटना सामने आई है. गांव की निवासी इन्द्री देवी का अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर ग्रामीणों को उन्हें डंडी-कंडी के सहारे कई किलोमीटर पैदल सड़क तक पहुंचाना पड़ा. सड़क सुविधा के अभाव में पैदल ले जानी पड़ी मरीज सांखाल गांव में मोटर मार्ग न होने के कारण परिजन और ग्रामीण इन्द्री देवी को डंडी-कंडी के सहारे घेडिया बैंड तक लेकर पहुंचे. ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों और संकरी पगडंडियों के बीच यह सफर जोखिम भरा रहा. ग्रामीणों ने बारी-बारी से डंडी संभालते हुए मरीज को सुरक्षित सड़क मार्ग तक पहुंचाया.स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर यह प्रयास नहीं किया जाता तो मरीज की स्थिति और गंभीर हो सकती थी. निजी वाहन से बर्निगाड़, फिर 108 एम्बुले...
62 की उम्र में भी जोश बरकरार: पुरोला के वृजमोहन ने बर्फ से रचा रोजगार

62 की उम्र में भी जोश बरकरार: पुरोला के वृजमोहन ने बर्फ से रचा रोजगार

उत्तरकाशी
  20 रुपये की कटोरी, हजारों की आमदनी: पुरोला के बुजुर्ग की मिसालनीरज उत्तराखंडी, पुरोला उत्तरकाशीपुरोला के महरगांव निवासी 62 वर्षीय वृजमोहन सिंह रावत ने यह साबित कर दिया है कि यदि व्यक्ति में कुछ करने की लगन और स्वावलंबन के संस्कार हों, तो उम्र कभी भी बाधा नहीं बनती. जब एक ओर पुरोला में विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन चल रहा था, वहीं दूसरी ओर बाजार में सड़क किनारे परात में प्राकृतिक बर्फ को जायकेदार बनाकर बेचते वृजमोहन सिंह रावत लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे थे. वे न केवल स्वाद परोस रहे हैं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भरता का संदेश भी दे रहे हैं.जिज्ञासा वश पूछने पर उन्होंने बताया कि वे पुरोला में लगने वाले मेला-जातर में बर्फ बेचकर अच्छा खासा मुनाफा कमा चुके हैं. बर्फ लाना भले ही कठिन होता है, लेकिन मेहनत रंग लाती है. “शाम तक एक हजार से दो से ढाई हजार रुपये की बिक्री हो जात...
पगडंडी के सहरे विकास का सफर तय करने को मजबूर पोखरी गांववासी

पगडंडी के सहरे विकास का सफर तय करने को मजबूर पोखरी गांववासी

उत्तरकाशी
  पोखरी गांव नहीं पहुंचे सड़क सुविधा के पांवनीरज उत्तराखंडी, मोरी उत्तरकाशीजनपद उत्तरकाशी के सीमांत विकास खंड मोरी के पोखरी गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित है. ग्रामीण दुर्गम पंगड़ी के सहारे सफर करने को मजबूर हैं. यही वजह है कि बीते वीरवार को गांव को सड़क मार्ग से जोड़ने की मांग को ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी मुकेश रमोला माध्यम से मुखमंत्री को ज्ञापन भेजा है, जिसमें ग्रामीणों ने आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सड़क स्वीकृत नहीं किए जाने पर आआंदोलन की चेतावनी दी है. ज्ञापन में कहा गया है कि मोरी क्षेत्र के दूरदराज क्षेत्र के अधिकांश गांव सड़क मार्च से जुड़ गए है. लेकिन तहसील मुख्यालय मोरी से महज 16 किमी दूरी पर स्थित 470 आबादी वाला पोखरी गांव आज तक सड़क जैसी बुनियादी सुविधा से बंचित है. जिससे ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ज्ञापन में कहा गया है कि पड़ो...
 ‘बलदेव मल्ल सम्मान-2025’ से सम्मानित हुए साहित्यकार महावीर रवांल्टा

 ‘बलदेव मल्ल सम्मान-2025’ से सम्मानित हुए साहित्यकार महावीर रवांल्टा

उत्तरकाशी, देश—विदेश
 नीरज उत्तराखंडीलखनऊ. हिन्दी साहित्य की गद्य विधा में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रख्यात साहित्यकार महावीर रवांल्टा को वर्ष 2025 का प्रतिष्ठित ‘बलदेव मल्ल सम्मान’ प्रदान किया गया. यह सम्मान बी.एम.एन. सेवा संस्थान, लखनऊ द्वारा उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के निराला सभागार, हजरतगंज, लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया. समारोह में विधानसभा सदस्य पवन सिंह चौहान, भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह, आईएएसए महामहिम राज्यपाल के विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्त तथा प्रभुनाथ राय सहित देशभर से पधारे साहित्य, कला और संस्कृति के साधकों की गरिमामयी उपस्थिति रही.साहित्य साधना की चार दशक लंबी यात्रा 10 मई 1966 को सुदूरवर्ती सरनौल गांव में जन्मे महावीर रवांल्टा वर्तमान में महरगांव में निवास कर रहे हैं. उन्होंने अस्सी के दशक में लेखन की शुरुआत की और तब से अब तक साहित...
 उत्तरकाशी: जट्टा–कोटियालगांव में SHGs री-पैकेजिंग यूनिट और नौगांव में युवा हिमालय आउटलेट का उद्घाटन, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

 उत्तरकाशी: जट्टा–कोटियालगांव में SHGs री-पैकेजिंग यूनिट और नौगांव में युवा हिमालय आउटलेट का उद्घाटन, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

उत्तरकाशी
 आशिता डोभाल, नौगांव उत्तरकाशीउत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक उद्यमिता को नई गति देते हुए युवा हिमालय द्वारा दो महत्वपूर्ण पहलें शुरू की गईं। जट्टा–कोटियालगांव में स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की री-पैकेजिंग यूनिट तथा नौगांव बाज़ार में युवा हिमालय के नए रिटेल आउटलेट का विधिवत उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रुचि भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा, उत्तराखंड रहीं। इस अवसर पर भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश महामंत्री डॉ. हिमानी वैष्णव डिमरी, प्रदेश मंत्री डॉ. नेहा शर्मा, प्रदेश मीडिया संयोजक डॉ. दिव्या नेगी, प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मी अग्रवाल, प्रदेश कार्यालय प्रभारी शकुंतला देवलाल, प्रदेश कार्यालय सह-प्रभारी बबली चौहान, गढ़वाल संयोजक रेखा डंगवाल, अमिता परमार (मंडल अध्यक्ष, नौगांव), चंडी प्रसाद बेलवाल (प्रदेश मंत्री, ओबीसी मोर्चा – भाज...
नौगांव 3K आउटलेट: एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के निर्देश

नौगांव 3K आउटलेट: एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के निर्देश

उत्तरकाशी
  कृषि विभाग के सहयोग से विकास खण्ड नौगांव में संचालित 3K आउटलेट केंद्र का मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने निरीक्षण कियाहिमांतर ब्यूरो, नौगांवनिरीक्षण के दौरान उन्होंने कृषक उत्पादन संगठन (FPO) द्वारा संचालित कृषि गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बनाने के निर्देश मुख्य कृषि अधिकारी को दिए. मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग आधुनिक स्वरूप में की जाए, ताकि बाजार में उनकी मांग बढ़ाई जा सके. उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि आजीविका गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न संगठनों से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर दक्ष बनाया जाए, जिससे वे अपनी आजीविका गतिविधियों का विस्तार कर सकें.निरीक्षण के दौरान मुख्य कृषि अधिकारी एस.एस. वर्मा ने अवगत कराया कि कृषि विभाग के अंतर्गत गठित पर्वतीय कृषि उत्पादक एफपीओ ...
पर्वत क्षेत्र के 22 गांवों में ईष्ट देव सोमेश्वर महाराज के देवगोती मेले की धूम

पर्वत क्षेत्र के 22 गांवों में ईष्ट देव सोमेश्वर महाराज के देवगोती मेले की धूम

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी,  पुरोलामोरी ब्लॉक के पर्वत क्षेत्र के 22 गांवों में इन दिनों ईष्ट देव सोमेश्वर महाराज के पावन देवगोती मेले की धूमधाम देखने को मिल रही है. यह पारंपरिक मेला 15 गते माघ से पंचगाई अडोर एवं बड़ासु पट्टी के गांवों में विधिवत रूप से प्रारंभ हो गया है. 15 माघ को सोमेश्वर महाराज की डोली को उनकी मूल थाती जखोल गांव स्थित मंदिर से बाहर निकाला गया. इसके साथ ही देवगोती मेला जखोल से आरंभ होकर तीनों पट्टियों के गांव-गांव में भ्रमण करता है. यह मेला कुल 22 दिनों तक 22 गांवों में बड़े ही उल्लास, श्रद्धा और आनंद के साथ मनाया जाता है. पर्वत क्षेत्र में देवगोती मेला बसंत ऋतु के आगमन और हरियाली उत्सव के प्रतीक के रूप में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है. मेले की तिथियां जखोल के राज पुरोहितों एवं सोमेश्वर महाराज की आज्ञा से निर्धारित की जाती हैं.22 दिवसीय इस मेले के दौरान सोमेश...
माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

माघ मेला: कवि सम्मेलन में गूंजा लोकभाषाओं का स्वर, हास्य-व्यंग्य ने बांधा समां

उत्तरकाशी
 आशिता डोभाल, उत्तरकाशीमाघ मेला (बाड़ाहाट कु थौलू) के पांचवें दिन रामलीला मैदान में आयोजित रवांल्टी-गढ़वाली-हिंदी कवि सम्मेलन ने साहित्य प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया. लोकभाषाओं की मिठास, सामाजिक सरोकारों की धार और हास्य-व्यंग्य की चुटीली प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को जीवंत बना दिया. कार्यक्रम का संयोजन प्रभव साहित्य संगीत कला मंच, उत्तरकाशी एवं लेखक-शिक्षक राघवेंद्र उनियाल के तत्वावधान में संपन्न हुआ. सम्मेलन में मंचासीन प्रसिद्ध साहित्यकार महावीर रवांल्टा की ओजस्वी कविता ने युवाओं में जोश भर दिया. उन्होंने आज-कल सस्ती लोकप्रियता के लिए डिग्रियां खरीदने की प्रवृत्ति पर तीखा कटाक्ष कर समाज को आईना दिखाया. अनोज बनाली ने सामाजिक जागरूकता से जुड़ा व्यंग्य प्रस्तुत करते हुए शराब-नशे पर करारा प्रहार किया. वहीं प्रदीप रावत की हास्य कविता “मोबाइल” ने श्रोताओं को ठहाकों में डुबो ...
भाषा की ओर लौटता रास्ता

भाषा की ओर लौटता रास्ता

उत्तरकाशी, संस्मरण
  रवांई गौरव सम्मान, स्मृति और बँगानी लेखन की पहली शुरुआतजगमोहन बंगाणीएक सुबह, एक फ़ोन और भीतर उतरती खुशी सुबह का समय था। बाहर हल्की-सी ठंड थी और कमरे में अब भी रात की नमी बची हुई थी। खिड़की से आती धुँधली रोशनी बता रही थी कि दिन धीरे-धीरे जाग रहा है। इसी बीच अचानक फ़ोन की घंटी बजी। यह कोई ऐसी तेज़ या बेचैन कर देने वाली आवाज़ नहीं थी, बल्कि ऐसी घंटी थी जो नींद को तोड़ती नहीं, बल्कि भीतर की चुप्पी को छू लेती है। फ़ोन उठाया तो दूसरी ओर से शांत और स्नेह भरी आवाज़ आई- “जगमोहन भाई, बधाई हो। रवांई लोक महोत्सव 2025, नौगाँव की ओर से इस वर्ष का ‘रवांई गौरव सम्मान’ आपके नाम घोषित किया गया है और 28 दिसंबर 2025 को सम्मान ग्रहण करने के लिए आपकी उपस्थिति आवश्यक है।” कुछ पल के लिए शब्द कानों में ही अटक गए। समझ तो आ गया था कि क्या कहा गया है, लेकिन मन उसे पूरी तरह स्वीकार करने में थोड़ा समय...
बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

बाड़ाहाट कू थौलू : लोकआस्था, संस्कृति और विकास का संगम

उत्तरकाशी
  कंडार देवता व हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में शुरू हुआ उत्तरकाशी का पौराणिक माघ मेला देवभूमि की संस्कृति के साथ छेड़–छाड़ की किसी को भी इजाजत नहीं : मुख्यमंत्री  उत्तरकाशी की पावन धरती पर मकर संक्रांति के साथ ही एक बार फिर लोकआस्था, परंपरा और संस्कृति का विराट उत्सव सजीव हो उठा. भागीरथी के तट पर बसे इस हिमालयी नगर में सुप्रसिद्ध माघ मेला—जिसे स्थानीय जनमानस “बाड़ाहाट कू थौलू” के नाम से जानता है—आज पूरे धार्मिक वैभव और सांस्कृतिक उल्लास के साथ प्रारंभ हुआ.बाड़ाहाट पट्टी के आराध्य कंडार देवता और बाड़ागड्डी क्षेत्र के हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में इस पौराणिक मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ. सप्ताह भर चलने वाला यह मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तरकाशी की आत्मा, उसकी स्मृतियों और सदियों पुरानी लोक परंपराओं का जीवंत दस्...