उत्तराखंड हलचल

हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, देहरादून में देख सकेंगे गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम पुरस्कार प्राप्त उत्तराखण्ड की झांकी ‘मानसखण्ड’

हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र, देहरादून में देख सकेंगे गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम पुरस्कार प्राप्त उत्तराखण्ड की झांकी ‘मानसखण्ड’

देहरादून
सीएम पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गढ़ी कैण्ट, देहरादून स्थित संस्कृति विभाग के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र परिसर में झांकी स्थायी रुप से स्थापितदिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में प्रथम पुरस्कार प्राप्त करने वाली उत्तराखण्ड की झांकी ‘मानसखण्ड’ को सम्पूर्ण उत्तराखण्ड भ्रमण के पश्चात गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र परिसर में स्थायी रुप से स्थापित कर दिया गया है. इस झांकी को प्रदेश की आम जनता के अवलोकनार्थ प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर डेढ़ माह तक पूरे प्रदेश में भ्रमण कराया गया था, जिसका शुभारम्भ मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री आवास से दिनांक 05 अप्रैल, 2023 को किया गया था.मुख्यमंत्री ने इस झांकी को गढ़ी कैण्ट स्थित संस्कृति विभाग के हिमालयन सांस्कृतिक केन्द्र परिसर में संरक्षित रखने के निर्देश दिये थे. इस झांकी के अग्र तथा मध्य ...
तुंगनाथ: एक तरफ झुक रहा है एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर

तुंगनाथ: एक तरफ झुक रहा है एशिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर

रुद्रप्रयाग
रुद्रप्रयाग जिले में तुंगनाथ मंदिर एशिया में समुद्रतल से सबसे ऊंचाई पर स्थित शिवालय है. पंच केदार में गिने जाने वाला तृतीय तुंगनाथ मंदिर 5 से 6 डिग्री तक झुक गया है जबकि मंदिर के अंदर बनी मूर्तियों और सभामंडप में 10 डिग्री तक झुकाव आ गया है. इस बारे में श्रीबदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने एएसआई को पत्र भेजा है. इसमें मंदिर का संपूर्ण अध्ययन कर यथाशीघ्र संरक्षण करने को कहा गया है. मंदिर के मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी का कहना है कि वर्ष 1991 में आए भूकंप और समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं से मंदिर पर व्यापक असर पड़ा है. वर्ष 2017-18 में एएसआई ने मंदिर का सर्वेक्षण करने के लिए ग्लास स्केल भी लगाईं थी. अब विभाग ने एक रिपोर्ट जारी कर मंदिर में झुकाव आने की बात कही है. वर्ष 1991 के उत्तरकाशी भूकंप और 1999 के चमोली भूकंप के साथ ही 2012 की ऊखीमठ व 2013 की केदारनाथ आपदा का भी इस मंदिर पर असर पड़ा है. ...
घास काटने गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को गुलदार ने मार डाला, महिलाओं के शोर मचाने पर शव छोड़कर भागा

घास काटने गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को गुलदार ने मार डाला, महिलाओं के शोर मचाने पर शव छोड़कर भागा

उत्तरकाशी
उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ के बड़ी मणी गांव के पास जंगल में घास काटने गई महिला को गुलदार ने मार डाला. सूचना मिलने पर राजस्व विभाग और वन विभाग की टीम मौके के लिए रवाना हो गई है. गुलदार के हमले में मृतक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पद पर कार्य करती थी.विकासखंड के बड़ी मणी गांव निवासी सुनीता देवी पत्नी सुंदर लाल उम्र 32 वर्ष गांव के पास घास काटने गई थी. यहां पर गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया. उसके साथ गई महिलाओं ने शोर मचाया तो गुलदार महिला का शव छोड़कर भाग गया.घटना से गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत है. बता दें कि विकासखंड के गमरी सहित दिचली पट्टी में गत एक माह से गुलदार का आतंक बना हुआ था. कुछ दिन पूर्व गमरी क्षेत्र में गुलदार ने मोटरसाइकिल सवार युवकों पर भी झपटा मारने की कोशिश की थी....
मृतक पत्रकारों के आश्रितों को मिलेगी 45 लाख की आर्थिक सहायता, पेंशन भी मिलेगी

मृतक पत्रकारों के आश्रितों को मिलेगी 45 लाख की आर्थिक सहायता, पेंशन भी मिलेगी

देहरादून
प्रदेश के नौ मृतक पत्रकारों के आश्रितों को सरकार 45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी. पत्रकार कल्याण कोष एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के लिए बनी समिति के प्रस्ताव को सीएम धामी का अनुमोदन मिल गया है. इसके अलावा गंभीर बीमार पांच पत्रकारों को 20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता के लिए पत्रकार कल्याण कोष एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के लिए बनी समिति के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया है. 29 अप्रैल 2023 को समिति की बैठक में उत्तराखंड संकटग्रस्त पत्रकारों एवं उनके आश्रितों के लिए पत्रकार कल्याण कोष से प्राप्त आवेदन प्रकरणों पर विचार के बाद मृतक नौ पत्रकारों के आश्रितों को 45 लाख रुपये की आर्थिक सहायता के प्रस्ताव पर सहमति बनी थी. इसके अलावा एक प्रकरण को मुख्यमंत्री राहत कोष से 72293 रुपये की आर्...
20 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, मौसम साफ होते ही बर्फ हटाने का काम तेज

20 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, मौसम साफ होते ही बर्फ हटाने का काम तेज

चमोली
हेमकुंड साहिब के आस्था पथ पर बर्फ हटाने का काम लगातार जारी है. पिछले दो दिनों से मौसम साफ रहने पर काम में तेजी आई है. 20 मई को हेमकुंड साहिब के कपाट खुल रहे हैं. 17 मई को ऋषिकेश से सिख तीर्थयात्रियों को पहला जत्था हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होगा. यात्रा को लेकर ऋषिकेश में स्थित गुरुद्वारे में तैयारियां की जा रही हैं. इस बार भी तीर्थयात्री रोटेशन की बसों से हेमकुंड साहिब की यात्रा पर जाएंगे. पिछले साल की तरह इस बार भी रोटेशन की ओर से गुरुद्वारा प्रबंधन को बसें उपलब्ध कराई जाएंगी. पिछले साल यात्रा की शुरुआत में बसों के खाली वापस आने को लेकर रोटेशन की ओर से दोनों तरफ का किराया मांगा गया था, लेकिन बाद में प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद रोटेशन के पदाधिकारी मान गए थे. रोटेशन के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज ध्यानी ने कहा कि अभी तक गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से बसों की मांग नहीं की गई है. मांग के अनुरूप बसे...
गुलदार की टारगेट किलिंग: जिस बच्चे को मारा उस पर तीन महीने पहले भी किया था हमला!

गुलदार की टारगेट किलिंग: जिस बच्चे को मारा उस पर तीन महीने पहले भी किया था हमला!

देहरादून
देहरादून में विकासनगर के शंकरपुर में गुलदार की टारगेट किलिंग ने शिकारियों को चौंका दिया है. शिकारियों का कहना है कि महमूदनगर बस्ती में चार साल के मासूम को मारने से पहले गुलदार ने तीन महीने पहले भी उस पर हमले की कोशिश की थी. इसके बाद घर में खेल रहे पांच बच्चों के बीच से गुलदार ने उसी को अपना शिकार बनाया. उनका दावा है कि एक शिकार पर दो बार हमला करने की एकमात्र घटना जिम कार्बेट की किताब में दर्ज है. इसके अलावा ऐसा कोई दूसरा मामला नहीं आया है. शिकारियों का कहना है कि पिछले नौ महीने से यह क्षेत्र में आतंक का पर्याय बना हुआ है. आम लोगों की सुरक्षा के लिए गुलदार को मारना जरूरी है. हिमाचल प्रदेश के सोलन के रहने वाले आशीष दास गुप्ता के नेतृत्व वाली शिकारियों की टीम में मुरादाबाद के राजीव सोलोमन, मेरठ के सैय्यद अली बिन हादी शामिल हैं. राजीव सोलोमन का दावा है कि ऐसी एकमात्र घटना का जिक्र जिम कार्बे...
केदारनाथ मार्ग पर 15 दिन में 16 घोड़े-खच्चरों की मौत!

केदारनाथ मार्ग पर 15 दिन में 16 घोड़े-खच्चरों की मौत!

रुद्रप्रयाग
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पिछले 15 दिन में 16 घोड़ा-खच्चरों की मौत हो चुकी है. पशु चिकित्सकों के अनुसार घोड़ा-खच्चरों को आराम और गर्म पानी नहीं दिया जा रहा है जिससे उनके पेट में गैस बन रही है. बर्फ और पैदल मार्ग पर फिसलकर भी कुछ घोड़ा-खच्चरों की मौत हुई है. इस साल 25 अप्रैल से शुरू हुई यात्रा में चार हजार घोड़ा-खच्चर यात्रियों के लिए व एक हजार माल ढुलान के लिए पंजीकृत किए गए हैं. गौरीकुंड से संचालित घोड़े और खच्चरों के लिए बर्फ से भरा रास्ता जान पर भारी पड़ रहा है. यात्रा के पहले दिन से लेकर 15वें दिन तक 16 घोड़ा-खच्चरों की मौत हुई है, जबकि बीते वर्ष यात्रा के पहले पखवाड़े में 48 घोड़ा-खच्चरों की मौत हुई थी. चिकित्सकों का कहना है कि गौरीकुंड से केदारनाथ तक 16 किलोमीटर की चढ़ाई और वापसी में 16 किलोमीटर का ढलान जानवरों के लिए भारी साबित हो रहा है. संचालक जानवरों को सूखा भूसा, गुड़ और चना खि...
हेलिकॉप्टर से केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की हेलिपैड पर भी होगी स्वास्थ्य जांच

हेलिकॉप्टर से केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं की हेलिपैड पर भी होगी स्वास्थ्य जांच

रुद्रप्रयाग
हेलिकॉप्टर से केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की अब हेलिपैड पर भी स्क्रीनिंग यानी स्वास्थ्य जांच होगी. स्वास्थ्य विभाग और हंस फाउंडेशन की ओर से गुप्तकाशी से सोनप्रयाग तक 11 जगह कियोस्क सेंटर खोले जाएंगे. इनमें से सात केदारघाटी से केदारनाथ के लिए संचालित होने वाली हेलिकॉप्टर सेवा के हेलिपैड पर स्थापित किए जाएंगे. इन सेंटरों पर प्रारंभिक जांच रक्तचाप, शुगर, ऑक्सीजन, धड़कन जांची जाएगी. यहां जांच के दौरान किसी यात्री को कोई भी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत आती है तो उसका प्राथमिक उपचार किया जाएगा. एक सप्ताह में इन कियोस्क का संचालन शुरू हो जाएगा. साथ ही सोनप्रयाग सहित अन्य दो पैदल  मार्गों पर भी दो-दो कियोस्क सेंटर लगाए जाएंगे. साथ ही प्रत्येक यात्री का डेटा बैंक बनाकर स्वास्थ्य विभाग को सौंपा जाएगा. ताकि इसके हिसाब से आगामी यात्रा में स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर की जा सकें. चारधाम यात्रा में यात्रिय...
27 साल के युवक को लगाई गई पिता की किडनी, एम्स ऋषिकेश में पहली बार हुआ किडनी प्रत्यारोपण

27 साल के युवक को लगाई गई पिता की किडनी, एम्स ऋषिकेश में पहली बार हुआ किडनी प्रत्यारोपण

देहरादून
ऋषिकेश. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences) ऋषिकेश (Rishikesh) AIIMS (एम्स) में 27 वर्षीय युवक की किडनी प्रत्यारोपित कर उसे नया जीवन दिया गया है. युवक को उसके पिता की किडनी लगाई गई है. इसी के साथ एम्स ऋषिकेश उत्तराखंड का पहला सरकारी अस्पताल बन गया है जहां किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू हुई है. नैनीताल का रहने वाला यह युवक किडनी फेलियर की समस्या से ग्रसित था. किडनी प्रत्यारोपण ही अंतिम विकल्प था. हालांकि यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य था जिसे संस्थान की यूरोलॉजी (Urology), नेफ्रोलॉजी (Nephrology) और ऐनेस्थेसिया विभाग की संयुक्त टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया. इस प्रक्रिया में एम्स दिल्ली के चिकित्सकों का भी सहयोग रहा. जल्द ही हार्ट ट्रांसप्लांट और लीवर ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द ही एम्स ऋषिकेश में शुरू होगी. युवक का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत सरकार...
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी व महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी का निधन

उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी व महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी का निधन

देहरादून
उत्तराखंड की वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी व राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष सुशीला बलूनी का निधन हो गया है। उन्होंने मैक्स अस्पताल में अंतिम सांस ली। बताया जा रहा है कि वे एक लंबे अरसे से बीमार चल रही थी।