देहरादून

यमुना की लहरों पर 2100 दीपों की रोशनी: हरिपुर-कालसी में आस्था से विकास तक नई शुरुआत

यमुना की लहरों पर 2100 दीपों की रोशनी: हरिपुर-कालसी में आस्था से विकास तक नई शुरुआत

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  माँ यमुना की प्रतिमा, हरिघाट और यमुना-कृष्ण मंदिर से मजबूत होगी कालसी की आध्यात्मिक पहचान; हनोल मास्टर प्लान के लिए ₹150 करोड़ की स्वीकृति ने जौनसार-बावर में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार की संभावनाओं को दिया नया आधारहिमांतर वेब डेस्क, देहरादूनसांझ उतर रही थी। पहाड़ों के बीच बहती माँ यमुना की धारा पर आखिरी धूप ठहरने लगी थी। घाट पर साधु-संतों और श्रद्धालुओं का जमावड़ा बढ़ रहा था। हाथों में छोटे-छोटे दीप लिए लोग यमुना तट की ओर बढ़ रहे थे। फिर एक-एक कर दीप जलने शुरू हुए और कुछ ही देर में हरिपुर-कालसी का यमुना तट 2100 दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। दीपों की लौ नदी की लहरों पर प्रतिबिंबित हुई तो पूरा तट मानो प्रकाश की चादर में लिपट गया। आरती के स्वर, माँ यमुना का जयघोष और दीपों की कतारों के बीच हरिपुर की वह शाम केवल एक धार्मिक आयोजन की साक्षी नहीं थी। यह जौनसार-बावर में आस्...
2.67 लाख विद्यार्थियों में से चुने गए 140 युवा, सीएम धामी से सीधे करेंगे ‘नए उत्तराखण्ड’ की बात

2.67 लाख विद्यार्थियों में से चुने गए 140 युवा, सीएम धामी से सीधे करेंगे ‘नए उत्तराखण्ड’ की बात

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  18 सितंबर को मुख्यमंत्री धामी के सामने रखेंगे ‘सपनों के उत्तराखण्ड’ का विजन, वरिष्ठ IAS अधिकारी भी करेंगे युवाओं से मंथन युवाओं के चुनिंदा सुझावों को नीति-निर्धारण से जोड़ेगी सरकार; चयनित विद्यार्थियों को 12वीं के बाद 2 लाख रुपये तक की करियर स्कॉलरशिपहिमांतर वेब डेस्कदेहरादून। उत्तराखण्ड कैसा हो, विकास की प्राथमिकताएं क्या हों और आने वाले वर्षों में देवभूमि को किस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए- अब इन सवालों पर युवा सीधे सरकार के सामने अपना विजन रखेंगे। प्रदेश के 2,67,744 विद्यार्थियों से मिले विचारों में से चयनित 140 छात्र-छात्राएं 18 सितंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से सीधे संवाद करेंगे। ‘कैसा हो मेरे सपनों का उत्तराखण्ड?’ विषय पर आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के इस अंतिम चरण को केवल संवाद तक सीमित नहीं रखा गया है। मुख्यमंत्री ने शासन के वरिष्ठ IAS अधिकारि...
उत्तराखंड में पहली बार फिल्म पुरस्कार, स्थानीय सिनेमा और प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

उत्तराखंड में पहली बार फिल्म पुरस्कार, स्थानीय सिनेमा और प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

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  2024 और 2025 में बनी व उत्तराखंड में फिल्मांकित फिल्मों को मिलेगा सम्मान; 15 सितंबर से 16 अक्टूबर तक आवेदन, सात वर्षों में 1,440 से अधिक शूटिंग गतिविधियां दर्जहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनफिल्मों के लिए खूबसूरत लोकेशन के रूप में पहचान बना चुका उत्तराखंड अब अपनी फिल्म संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे लाने की तैयारी में है। प्रदेश में पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 आयोजित किए जा रहे हैं। इसके जरिए उत्तराखंड में बनी अथवा फिल्मांकित फिल्मों के साथ क्षेत्रीय सिनेमा, कलाकारों और तकनीशियनों को सम्मानित किया जाएगा।उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद की इस पहल के लिए 15 सितंबर से 16 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। पुरस्कारों में गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी समेत उत्तराखंड की अन्य बोलियों में बनी फिल्मों के साथ हिंदी तथा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भ...
तकनीकी जांच के बाद ही भवन को जर्जर घोषित करें: जिलाधिकारी

तकनीकी जांच के बाद ही भवन को जर्जर घोषित करें: जिलाधिकारी

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  एसडीएम, नगर निकायों को जर्जर भवनों के सर्वेक्षण और चिन्हीकरण के निर्देशहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनजनपद में जर्जर एवं संभावित रूप से असुरक्षित भवनों के चिन्हीकरण को लेकर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मंगलवार देर शाम वर्चुअल बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी भवन को जर्जर अथवा गिरासू घोषित करने से पहले उसके तकनीकी और संरचनात्मक पहलुओं की गहन जांच की जाए। उन्होंने कहा कि भवन की वास्तविक स्थिति का तकनीकी आकलन किए बिना कोई निर्णय न लिया जाए, ताकि जनसुरक्षा के साथ-साथ अनावश्यक कार्रवाई से भी बचा जा सके। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों, नगर निगम एवं नगर पालिका परिषदों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर भवनों का प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण एवं चिन्हीकरण करने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण के दौरान भवन की वर्तमान स्थिति, संरच...
खबोऊ गांव से निकले जगमोहन को बड़ी जिम्मेदारी, आईबी के स्पेशल डायरेक्टर बने

खबोऊ गांव से निकले जगमोहन को बड़ी जिम्मेदारी, आईबी के स्पेशल डायरेक्टर बने

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  अमेरिका में भारत की नुमाइंदगी के बाद अब देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े अहम दायित्व की कमानहिमांतर वेब डेस्क | नीरज उत्तराखंडी, देहरादूनजौनसार-बावर की पहाड़ी वादियों के छोटे से गांव खबोऊ, खत तपलाड से निकलकर देश की सुरक्षा व्यवस्था में अपनी पहचान बनाने वाले 1995 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी जगमोहन को भारत सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 3 सितंबर 2026 को उनकी नियुक्ति को मंजूरी देते हुए उन्हें खुफिया ब्यूरो (आईबी) में स्पेशल डायरेक्टर नियुक्त किया है। इससे पहले वह आईबी में अतिरिक्त निदेशक के पद पर कार्यरत थे। जौनसार-बावर के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। जगमोहन को क्षेत्र का पहला आईपीएस अधिकारी माना जाता है। उनके पिता श्री खुशीराम भी जौनसार के पहले आईएएस अधिकारियों में शुमार रहे हैं। उन्होंने प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदा...
युवा शक्ति के संकल्प से साकार होगा नशामुक्त उत्तराखंड : डॉ. धन सिंह रावत

युवा शक्ति के संकल्प से साकार होगा नशामुक्त उत्तराखंड : डॉ. धन सिंह रावत

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  पित्थूवाला पॉलिटेक्निक में छात्र-छात्राओं ने ली नशामुक्ति की शपथ | प्रदेशभर के शिक्षण संस्थानों में 100 दिन चलेगा महाभियानहिमांतर वेब डेस्कदेहरादून। विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि युवाओं के दृढ़ संकल्प और जनभागीदारी से नशामुक्त उत्तराखंड का लक्ष्य साकार होगा। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।डॉ. रावत राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज पित्थूवाला में 100 दिवसीय नशामुक्ति महाभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को नशामुक्ति की शपथ दिलाते हुए स्वयं नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने का आह्वान किया। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बन...
कचरे और सीवर में दम तोड़ती रिस्पना, ‘टेम्स’ बनाने का सपना आठ साल बाद भी अधूरा!

कचरे और सीवर में दम तोड़ती रिस्पना, ‘टेम्स’ बनाने का सपना आठ साल बाद भी अधूरा!

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  कभी देहरादून की जीवनरेखा थी रिस्पना, अब कई हिस्सों में नाले जैसी हालत; सीवर, कचरा और अतिक्रमण बड़ी चुनौती, पुनर्जीवन के लिए फिर बनी टास्क फोर्सप्रेम पंचोली, वरिष्ठ पत्रकारदेहरादून। कभी देहरादून की जीवनरेखा कही जाने वाली रिस्पना आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है। मसूरी की पहाड़ियों के जलागम क्षेत्र से निकलने वाली इस नदी का साफ पानी शहर में प्रवेश करते-करते कई स्थानों पर सीवर और गंदे नालों के प्रवाह में बदलता दिखाई देता है। नदी में कूड़ा, अनुपचारित गंदा पानी और लगातार बढ़ता मानवीय दबाव इसके प्राकृतिक स्वरूप को खत्म कर रहा है। करीब आठ वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने रिस्पना को पुनर्जीवित कर ‘ऋषिपर्णा’ बनाने का महत्वाकांक्षी अभियान शुरू किया था। लंदन की टेम्स नदी के पुनर्जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने जनभागीदारी के जरिए रिस्पना को फिर से जीवित करन...
हिलजात्रा हमारी आस्था, विश्वास और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक : मुख्यमंत्री धामी

हिलजात्रा हमारी आस्था, विश्वास और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक : मुख्यमंत्री धामी

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  मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री आवास से पिथौरागढ़ की ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को किया संबोधितहिमांतर ब्यूरो, देहरादून/पिथौरागढ़मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से पिथौरागढ़ में आयोजित ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने प्रदेशवासियों, विशेषकर पिथौरागढ़ की जनता को हिलजात्रा पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ग्राम जाखनी, पिथौरागढ़ स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिलजात्रा उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। घर-घर में मां गौरा और भगवान महेश्वर की पारंपरिक पूजा के साथ सातू-आठू पर्व से हिलजात्रा की भक्ति धारा प्रवाहित होती है। उन्होंने कामना की कि इसी प्रकार सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और ...
पहाड़ के युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने की पहल, दून पुस्तकालय में कार्यशाला

पहाड़ के युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने की पहल, दून पुस्तकालय में कार्यशाला

देहरादून
दून पुस्तकालय ने आयोजित की पहाड़ में पलायन व उद्यमिता पर युवाओं के साथ संवाद कार्यशालाहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनपहाड़ के गाँवों से युवाओं का पलायन आज एक गंभीर चुनौती है, लेकिन पहाड़ की तस्वीर केवल पलायन और बेरोजगारी की नहीं है। अनेक युवा ऐसे भी हैं, जो नई सोच, तकनीक और उद्यमिता के सहारे अपने गाँवों में लौटकर न केवल स्वयं के लिए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि दूसरे लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। यदि पहाड़ के युवाओं को स्थानीय संसाधनों, आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ दिया जाए तो रोजगार के लिए होने वाले पलायन की दिशा को काफी हद तक बदला जा सकता है। यह बात वरिष्ठ सामाजिक चिंतक और लेखक विजेन्द्र रावत ने सोमवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र में युवा पाठकों के साथ आयोजित ‘युवा संवाद कार्यशाला : पहाड़ होगा, आने वाला कल’ में कही। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से आयोज...
एक मुट्ठी चावल से बताते हैं भूत, भविष्य और वर्तमान! जानिए शक्ति प्रसाद सेमवाल की अनोखी गणत विद्या

एक मुट्ठी चावल से बताते हैं भूत, भविष्य और वर्तमान! जानिए शक्ति प्रसाद सेमवाल की अनोखी गणत विद्या

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  ‘भक्ति की शक्ति’ कहें या ‘शक्ति की भक्ति’?दिनेश रावत “आप अपने घर से चावल की केवल एक मुट्ठी लेकर उनके पास जाइए। वे अपना स्यांरू-पासू निकालेंगे और उसी एक मुट्ठी चावल को देखकर आपके भूत, वर्तमान और भविष्य की कुछ तस्वीरें आपके सामने रख देंगे; यूँ कहें कि आपके बारे में बहुत कुछ बताने लगेंगे।”लोकपूजित एवं प्रतिष्ठित इष्टदेवी माँ रेणुका की दिव्य उपासना, प्रचलित देवपरंपरा और पीढ़ियों से चली आ रही गणत विद्या की साधना—इन तीनों को यदि एक साथ देखें, तो सहज ही एक नाम सामने आता है—श्रद्धेय श्री शक्ति प्रसाद सेमवाल जी।उन्हें देखते-समझते हुए मन में सहज ही एक प्रश्न उठता है कि इसे ‘भक्ति की शक्ति’ कहें या ‘शक्ति की भक्ति’? शायद दोनों ही अभिव्यक्तियाँ उनके व्यक्तित्व और साधना पर समान रूप से सार्थक बैठती हैं। क्योंकि जहाँ उनकी भक्ति में शक्ति का अनुभव होता है, वहीं उनकी शक्ति का मूल भी भक...