देहरादून

एक मुट्ठी चावल से बताते हैं भूत, भविष्य और वर्तमान! जानिए शक्ति प्रसाद सेमवाल की अनोखी गणत विद्या

एक मुट्ठी चावल से बताते हैं भूत, भविष्य और वर्तमान! जानिए शक्ति प्रसाद सेमवाल की अनोखी गणत विद्या

देहरादून
  ‘भक्ति की शक्ति’ कहें या ‘शक्ति की भक्ति’?दिनेश रावत “आप अपने घर से चावल की केवल एक मुट्ठी लेकर उनके पास जाइए। वे अपना स्यांरू-पासू निकालेंगे और उसी एक मुट्ठी चावल को देखकर आपके भूत, वर्तमान और भविष्य की कुछ तस्वीरें आपके सामने रख देंगे; यूँ कहें कि आपके बारे में बहुत कुछ बताने लगेंगे।”लोकपूजित एवं प्रतिष्ठित इष्टदेवी माँ रेणुका की दिव्य उपासना, प्रचलित देवपरंपरा और पीढ़ियों से चली आ रही गणत विद्या की साधना—इन तीनों को यदि एक साथ देखें, तो सहज ही एक नाम सामने आता है—श्रद्धेय श्री शक्ति प्रसाद सेमवाल जी।उन्हें देखते-समझते हुए मन में सहज ही एक प्रश्न उठता है कि इसे ‘भक्ति की शक्ति’ कहें या ‘शक्ति की भक्ति’? शायद दोनों ही अभिव्यक्तियाँ उनके व्यक्तित्व और साधना पर समान रूप से सार्थक बैठती हैं। क्योंकि जहाँ उनकी भक्ति में शक्ति का अनुभव होता है, वहीं उनकी शक्ति का मूल भी भक...
रक्षाबंधन पर CM धामी ने दोहराया महिला सशक्तिकरण का संकल्प

रक्षाबंधन पर CM धामी ने दोहराया महिला सशक्तिकरण का संकल्प

देहरादून
  प्रदेश की करीब 5 लाख महिलाएं 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं, 3 लाख से अधिक बनीं ‘लखपति दीदी’ | सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षणहिमांतर वेब डेस्कदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में देहरादून में आयोजित दो कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर प्रदेश की मातृशक्ति के साथ पर्व की खुशियां साझा कीं। मुख्यमंत्री सबसे पहले जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में पहुंचे। इसके बाद उन्होंने हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। दोनों कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों को रक्षाबंधन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनके स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आ...
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला ऐतिहासिक जनसमर्थन, 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला ऐतिहासिक जनसमर्थन, 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध

देहरादून
पर्यटन, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक, पर्यावरण समेत 8 प्रमुख विषयों पर युवाओं ने दिया विजनहिमांतर वेब डेस्कदेहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेश के विद्यार्थियों से अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिल रही है। राज्यभर से अब तक 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने अपने निबंध एवं सुझाव पोर्टल पर जमा कर उत्तराखंड के भविष्य को लेकर अपना विजन साझा किया है। बीते 10 अगस्त को प्रदेशभर के कक्षा 11वीं एवं 12वीं के लगभग तीन लाख विद्यार्थियों के साथ ऑनलाइन संवाद करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनसे आह्वान किया था कि वे बताएं कि आने वाले वर्षों में वे अपने उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। इस आह्वान के बाद सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ अभियान में भागीदारी की। विद्यार्थियों ने पर्यटन, ...
देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां

देहरादून: सास-बहू की जोड़ी का कमाल, तैयार कीं 1,500 हैंडमेड राखियां

देहरादून
  हैंडमेड राखियों की बढ़ी मांग, NRML एनआरएलएम से जुड़ी ग्रामीण महिलाएं स्वरोजगार की राह पर | दून के प्रमुख मॉल और सचिवालय में लगेंगे स्टॉलनीरज उत्तराखंडीरक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही देहरादून जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं की बनाई हस्तनिर्मित राखियों की मांग बढ़ने लगी है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के सहयोग से रायपुर, सहसपुर और डोईवाला विकासखंड की महिलाएं राखी निर्माण को स्वरोजगार का जरिया बनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं।रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र की सास-बहू लीला रावत और अलका रावत की जोड़ी राखी कारोबार में अपनी अलग पहचान बना रही है। नई दिशा महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के अंतर्गत आशा किरण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी दोनों महिलाएं आकर्षक डिजाइन की राखियां तैयार कर रही हैं। इस वर्ष उनका लक्ष्य दो हजार से अधिक राखियां तैयार करने का है, ज...
उत्तराखण्ड में PM Awas Yojana की बड़ी उपलब्धि: 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत

उत्तराखण्ड में PM Awas Yojana की बड़ी उपलब्धि: 15 हजार से अधिक परिवारों को मिलेगी पक्की छत

देहरादून
  पीएमएवाई (शहरी) के तहत 84 फीसदी आवास बनकर तैयार, मुख्यमंत्री धामी का लक्ष्य—“हर पात्र परिवार का हो अपना घर” देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) को नई गति दी है। प्रदेश के जरूरतमंद एवं पात्र परिवारों का अपने आशियाने का सपना तेजी से साकार हो रहा है। आगामी दिसंबर माह तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने की उम्मीद है। आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 30 सितंबर तक की समय-सीमा निर्धारित की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश के अनुसार, प्रदेश में कुल 18 परियोजनाओं के अंतर्गत 15,496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से लगभग 84 फीसदी यानी 12,948 आवासो...
‘विष का पानी’: जब सामान्य मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद दर्द का जवाब तलाशता है लोकविश्वास

‘विष का पानी’: जब सामान्य मेडिकल रिपोर्ट के बावजूद दर्द का जवाब तलाशता है लोकविश्वास

देहरादून
  अंधविश्वास, मनोवैज्ञानिक प्रभाव या अदृश्य शक्ति? ग्रामीण अंचलों में आज भी प्रचलित है अभिमंत्रित जल से उपचार की परंपरानीरज उत्तराखंडी, त्यूणी (देहरादून)उत्तराखंड समेत देश के कई ग्रामीण और पारंपरिक समाजों में आज भी ऐसी लोक-चिकित्सा पद्धतियां देखने को मिलती हैं, जिनके पीछे पीढ़ियों से चले आ रहे विश्वास, धार्मिक मान्यताएं और स्थानीय परंपराएं जुड़ी हैं। इन्हीं में एक प्रचलित धारणा है—‘विष का पानी’। लोकविश्वास के अनुसार कभी-कभी किसी व्यक्ति के शरीर पर कथित ‘विष’ या नकारात्मक प्रभाव पड़ जाता है, जिसके कारण उसे लगातार दर्द, बेचैनी, कमजोरी, सिरदर्द, घबराहट या शरीर के विभिन्न हिस्सों में परेशानी महसूस होती है। खास बात यह मानी जाती है कि कई बार शुरुआती मेडिकल जांच में कोई स्पष्ट बीमारी सामने नहीं आती। ऐसे मामलों में कुछ क्षेत्रों में आज भी परंपरागत लोक-ज्ञानी या स्थानीय उपचारकर्ता ...
रक्षाबंधन पर धामी सरकार का बहनों को तोहफा, दो दिन रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

रक्षाबंधन पर धामी सरकार का बहनों को तोहफा, दो दिन रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

देहरादून
28 और 29 अगस्त को महिलाएं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में कर सकेंगी निशुल्क यात्राहिमांतर ब्यूरो,  देहरादूनभाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अटूट रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को विशेष सौगात दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में शत-प्रतिशत किराया छूट की घोषणा की है। इसके तहत 28 और 29 अगस्त 2026 को प्रदेश की महिलाएं उत्तराखंड की सीमा के भीतर निगम की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों, मायके और परिजनों से मिलने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करती हैं। ऐसे में दो दिनों तक निशुल्क बस यात्रा की सुविधा न केवल उनके सफर को आसान बनाएगी, बल्कि यात्रा पर होने वाले खर्च से भी राहत दे...
नई पीढ़ी लिखेगी नए उत्तराखंड की कहानी…

नई पीढ़ी लिखेगी नए उत्तराखंड की कहानी…

देहरादून
  ‘कैसा हो अपना उत्तराखंड?’ - मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर तीन लाख से अधिक विद्यार्थीरखेंगे अगले पांच वर्षों का विजन; 150 श्रेष्ठ विचारों पर मुख्यमंत्री खुद करेंगे आमने-सामने मंथनहिमांतर वेब डेस्क, देहरादूनकल्पना कीजिए—उत्तराखंड के किसी दूरस्थ पहाड़ी गांव के स्कूल में पढ़ने वाला कक्षा 11 का एक विद्यार्थी अपने राज्य के भविष्य को लेकर एक विचार लिखता है। शायद वह अपने गांव तक बेहतर सड़क पहुंचाने की बात करे। शायद उसके पास पहाड़ों से पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने का कोई नया मॉडल हो। हो सकता है वह पर्यटन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने का सुझाव दे या तकनीक के जरिए शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम गांव तक पहुंचाने का रास्ता सुझाए। उसका यही विचार कुछ दिनों बाद मुख्यमंत्री के सामने चर्चा का विषय बन सकता है। उत्तराखंड में 10 अगस्त से शुरू होने जा रहा ‘मुख्...
कॉर्बेट नेशनल पार्क के 90 साल: भारत के पहले नेशनल पार्क की अनसुनी कहानी और गौरवशाली इतिहास

कॉर्बेट नेशनल पार्क के 90 साल: भारत के पहले नेशनल पार्क की अनसुनी कहानी और गौरवशाली इतिहास

देहरादून
 नरेन्द्र सिंह पूर्व वनाधिकारी हैली नेशनल पार्क भारत का ही पहला नेशनल पार्क नहीं है, बल्कि यह भारतीय उपमहाद्वीप का भी पहला नेशनल पार्क है, जिसकी स्थापना 8 अगस्त 1936 को हुई थी। अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क और अफ्रीका के क्रूगर नेशनल पार्क के बाद यह दुनिया का तीसरा नेशनल पार्क था। जब लोग नेशनल पार्क का कॉन्सेप्ट और उद्देश्य भी नहीं समझते थे, तब भारत में हैली नेशनल पार्क की स्थापना की गई थी। यूनाइटेड प्रोविंस जो वर्तमान उत्तरप्रदेश है, के तत्कालीन गवर्नर मालकॉम हेली के नाम पर इसका नामकरण किया गया था, क्योंकि उन्होंने इसकी स्थापना में विशिष्ट रुचि दिखाई थी। दरअसल यह पार्क और भी पहले अस्तित्व में आ गया होता, अगर उस समय पर्सी विंढम कुमाऊँ के कमिश्नर न होते! वे 1911 में मिर्जापुर से यहाँ आये थे, जहाँ वे कलेक्टर हुआ करते थे। उनके नाम से वहाँ विंढमगंज, और विंढम फॉल भी हैं। वे अविवाह...
प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का निधन

प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का निधन

देहरादून
 भारत के प्रख्यात आयुर्वेद चिकित्सक और भारत के राष्ट्रपति के पूर्व मानद चिकित्सक रहे पद्मश्री वैद्य बालेंदु प्रकाश का आज, 7 अगस्त 2026 को निधन हो गया। उनके निधन से आयुर्वेद एवं चिकित्सा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।आयुर्वेद के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान और शोध-आधारित चिकित्सा पद्धतियों के लिए भारत सरकार ने वर्ष 1999 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया था।वैद्य बालेंदु प्रकाश उत्तराखंड के देहरादून स्थित प्रसिद्ध आयुर्वेदिक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल ‘पड़ाव’ (Padaav) के संस्थापक थे। उन्होंने विशेष रूप से कैंसर, एप्लास्टिक एनीमिया और माइग्रेन जैसी जटिल बीमारियों के आयुर्वेदिक उपचार पर गहन शोध किया और अपने कार्यों के माध्यम से देश-विदेश में आयुर्वेद को प्रतिष्ठा दिलाई।उनका निधन भारतीय आयुर्वेद और चिकित्सा जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उ...