देहरादून

उत्तराखंड चुनाव परिणाम : हरीश रावत की हट, कांग्रेस सफाचट!

उत्तराखंड चुनाव परिणाम : हरीश रावत की हट, कांग्रेस सफाचट!

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निर्दलीय उम्मीदवार का जीतना कहीं न कहीं उत्तराखंड की राजनीति में आ रहे बदलावों की ओर संकेत करता हैप्रकाश उप्रेती लोकतंत्र में चुनाव ही वह कसौटी है जिसके आधार पर किसी पार्टी और प्रतिनिधि का मूल्यांकन होता है. जनता अपने वोट के जरिए यह मूल्यांकन करती है. 5 राज्यों में हुए चुनावों का नतीजा आया तो उसमें 4 राज्यों में because बीजेपी गठबंधन और पंजाब में जनता ने आप को बहुमत दिया. अब सवाल इन चुनावों  के 'पाठ' का है. इस पाठ के लिए अगर उत्तराखंड को लिया जाए तो हम देखते हैं कि इस बार के नतीजे भी कमोबेश पिछले चुनावों की तर्ज पर ही रहे हैं. परंतु इस बार के नतीजे उत्तराखंड की राजनीति में आ रहे बदलावों की तरफ भी संकेत करते हैं. उत्तराखंड का वोटर अब पार्टी लाइन से हटकर भी वोट कर रहा है.ज्योतिष उत्तराखंड बनने से लेकर आज तक के चुनावों को देखा जाए तो यहाँ मुकाबला हमेशा बीजेपी और कांग्रेस के बीच ही र...
संस्कृति और जमीन बचाने के जुलूस के साथ उत्तराखंड महिला मंच ने मनाया अपना 28वां स्थापना दिवस

संस्कृति और जमीन बचाने के जुलूस के साथ उत्तराखंड महिला मंच ने मनाया अपना 28वां स्थापना दिवस

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनउत्तराखंड महिला मंच ने आज अपना 28 वां स्थापना दिवस, गांधी पार्क से शहीद स्थल तक एक सांस्कृतिक जुलूस निकालते हुए मनाया. इस सांस्कृतिक जुलूस की शुरुआत करते हुए, गांधी पार्क में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्तराखंडी वेशभूषा में उत्तराखंडी वाद्य यंत्रों की गर्जना के साथ अपने अलग-अलग क्षेत्रीय सामूहिक सांस्कृतिक गीतों व नृत्य का प्रदर्शन करते हुए उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए भारी नारेबाजी भी की.भारी संख्या मे महिलाओं के अलावा आज मंच के स्थापना दिवस पर उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए "भू-कानून संयुक्त संघर्ष मोर्चा" से जुड़े युवा शक्ति संगठन के युवाओं ने भी भारी संख्या में इस अवसर पर अपनी भागीदारी दी, इसके अलावा मोर्चा से जुड़े आंदोलनकारी मंच, गढ़वाल सभा,  अन्य संघर्षशील भू-कानून संघर्ष समर्थक जन संगठनों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में जु...
सरकारों को वोट से प्रिय कुछ नहीं!

सरकारों को वोट से प्रिय कुछ नहीं!

देहरादून
सरकार का फिर एक फैसला वापसप्रकाश उप्रेती उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को भंग कर दिया है. देवस्थानम बोर्ड एक्ट मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार ने बनाया था. इस बोर्ड के तहत केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री because और यमुनोत्री से जुड़े 51 मंदिरों की देखरेख का प्रावधान था. इसके गठन से ही पुरोहित बोर्ड का विरोध कर रहे थे. उनका मानना था कि इस बोर्ड से मंदिरों के परंपरागत अधिकार खत्म हो जाएंगे.ज्योतिष इसी के चलते कुछ समय पहले केदारनाथ धाम में दर्शन करने गए त्रिवेंद्र रावत का पुरोहितों ने भारी विरोध किया था. because इस विरोध प्रदर्शन के कारण वे दर्शन भी नहीं कर पाए और बिना दर्शन के ही वापस लौट आए थे. जब से इस बोर्ड का गठन किया तब से ही पुरोहित इसका विरोध कर रहे थे और एक तरह से आंदोलनरत थे.ज्योतिष इस मामले के राजनैतिक प्रभाव को समझते और पुरोहितों के व...
पत्रकारों के लिए हर महीने लगेगा 2 दिन नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

पत्रकारों के लिए हर महीने लगेगा 2 दिन नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनराजधानी देहरादून में विचार एक नई सोच संस्था द्वारा पत्रकारों व उनके परिजनों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. उत्तराखंड के जाने-माने फिजीशियन व because कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ एसडी जोशी देहरादून ने पत्रकारों व उनके परिजनों की स्वास्थ्य जांच कर आवश्यक परामर्श दिया. डॉ एसडी जोशी की मेडिकल टीम द्वारा ईसीजी व शुगर की जांच निशुल्क की गई. जबकि लाइफ केयर पैथोलॉजी सेंटर द्वारा ब्लड की बिभिन्न जांचों पर 60 प्रतिशत छूट प्रदान की गई.ज्योतिष जानकारी के मुताबिक देहरादून के रिस्पना पुल आईएसबीटी रोड़ स्थित प्रसार भारती दूरदर्शन केन्द्र के सामने विचार एक नई सोच संस्था द्वारा पत्रकारों व उनके परिजनों के लिए नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभांरभ समाजसेवी विनोद रावत व डॉ एसडी जोशी ने संयुक्त रूप से किया. because इस दौरान बड़...
क्या है चालदा महाराज के प्रवास यात्रा क्रम? जानिए…

क्या है चालदा महाराज के प्रवास यात्रा क्रम? जानिए…

देहरादून
भारत चौहानकश्मीर से हनोल की महासू महाराज की प्रवास यात्रा का एक लंबा क्रम है, हनोल में प्रकटीकरण के पश्चात बोटा महाराज हनोल में ही विराजित रहते हैं जबकि चालदा because महाराज जौनसार बावर, उत्तरकाशी एवं हिमाचल प्रदेश में प्रवास करते हैं ज्योतिष चालदा महाराज की प्रवास यात्रा के इतिहास की लंबी कढ़ी है परंतु ब्रिटिश सरकार ने चालदा महाराज के प्रवास को दो भागों में विभक्त किया एक भाग साटी बिल (तरफ) मतलब जौनसार बावर एवं आंशिक हिमाचल का क्षेत्र जिसके वजीर दीवान सिंह जी है जो बावर क्षेत्र के बास्तील गांव के निवासी है और दूसरा भाग पासी बिल because मतलब उत्तरकाशी जनपद व हिमाचल प्रदेश का क्षेत्र. जिसके वजीर जयपाल सिंह जी है जो ठडीयार गांव के निवासी है. (यहां यह बात ध्यान रखने योग्य है कि चालदा महाराज के वजीर महाराज के प्रवास यात्रा की संपूर्ण व्यवस्था करते हैं. कहां पर कब प्रवास होना है यह तय करन...
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में फले और फैलेगी वंशबेल

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में फले और फैलेगी वंशबेल

देहरादून
प्रकाश उप्रेतीउत्तराखंड राज्य ने ही 21 पूरे नहीं किए हैं बल्कि उत्तराखंड की राजनीति को भी 22वां लग गया है. इन बीते वर्षों को अगर खलिया टॉप और द्रोणागिरी से देखेंगे तो लगेगा because कि 21 वर्षों में हम उल्टे पाँव चले हैं. वहीं अगर ऋषिकेश, देहरादून, अल्मोड़ा और कोटद्वार में बचे किसी खेत के किनारे बैठकर 21 वर्षों की यात्रा को देखा जाए तो महसूस होगा कि हम सिर्फ 'बहे' हैं. पार लगे भी तो वहाँ जाकर जहाँ अब एम्स बन रहा है. इन परिस्थितियों की जिम्मेदार वह ठेकेदारी वाली राजनीति है जिसने पहाड़ को फोड़कर 'मैदान' कर दिया. हर चुनाव में पहाड़ पहले से और ज्यादा  मैदान हुए तो वहीं राजनीति सुगम.ज्योतिष प्रदेश में इस बार because का चुनाव 22वे पर ही है. मतलब हर नेता जोर लगा रहा कि इस बार टिकट बेटा- बेटी या घर के किसी सदस्य को मिल जाए. यह कवायद दोनों (भक) पार्टियों में चल रही है. उत्तराखंड का यह चुनाव वंश...
राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस: पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा देने की मांग

राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस: पत्रकारों की सामाजिक सुरक्षा देने की मांग

देहरादून
राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर संगोष्ठी आयोजन,  फर्जी मुकदमों और बढ़ते हमलों पर जताई चिन्ताहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनराष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस के अवसर पर आज राजधानी देहरादून में पत्रकारों ने एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. इस आयोजन पर पत्रकारों ने मौजूूदा समय में पत्रकारिता की चुनौतियों because और समस्याओं पर चर्चा की. पत्रकारों ने इस बात की चिंता जताई कि मौजूदा समय में पत्रकारों पर हमले बढ़ गये हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर खतरा है. आयोजन में उपस्थित सभी पत्रकारों ने अपनी सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सरकार से वार्ता करने की बात कही. साथ ही कहा गया कि पत्रकार और उनके आश्रितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया जाएगा. ज्योतिष संगोष्ठी में पत्रकारों ने सरकार से मांग की कि कोरोना काल में प्रभावित पत्रकारों के परिजनों को आर्थिक सहयोग के साथ ही उनको सरकारी नौकरी भी दी जाए. साथ ही because म...
उत्तराखंड स्थापना दिवस : 21 वर्षों में मुख्मंत्रियों के सिवा बदला क्या?

उत्तराखंड स्थापना दिवस : 21 वर्षों में मुख्मंत्रियों के सिवा बदला क्या?

देहरादून
उत्तराखंड स्थापना दिवस पर विशेषप्रकाश उप्रेती उत्तराखंड राज्य के हिस्से में जो कुछ अभी है वह KBC यानी ‘कौन बनेगा करोडपति’  का एक प्रश्न है. यही हमारा हासिल भी है. हमारे यहाँ कौन बनेगा सीएम (KBC) सिर्फ because चुनाव के समय का प्रश्न नहीं है बल्कि स्थायी प्रश्न है. इसीलिए स्वास्थ्य, रोजगार, शिक्षा, कृषि, पर्यटन, परिवहन, पलायन आदि की स्थिति में कोई गुणात्मक अंतर इन 21वर्षों में नहीं आया है लेकिन वहीं इन 21 वर्षों में हमने 11 मुख्यमंत्री जनता पर थोप दिए. असल में यही हमारी 21 वर्षों की बड़ी उपलब्धि है.ज्योतिष एक राज्य के हिस्से में 21 वर्ष का समय क्या वाकई में वयस्क और परिपक्व होने का पर्याप्त समय है! विकास के पंचवर्षीय वादों पर वोट लुटा देने वाले नागरिक समाज के लिए 21 वर्ष के क्या मायने हैं. इन वर्षों में उन सपनों का क्या हुआ जिनके लिए संघर्ष किया गया था. इन 21 वर्षों में साल-दर-साल प...
उत्तराखंड गौरव पुरस्कार की शुरुआत 9 नवंबर से, उत्तराखंड महोत्सव के रूप में आयोजित होगा राज्य स्थापना दिवस

उत्तराखंड गौरव पुरस्कार की शुरुआत 9 नवंबर से, उत्तराखंड महोत्सव के रूप में आयोजित होगा राज्य स्थापना दिवस

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हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित बैठक में बताया कि राज्य स्थापना दिवस को उत्तराखंड महोत्सव के रूप में मनाया जाएगा. एक सप्ताह तक आयोजित होने वाले इस महोत्सव के दौरान राजधानी से because लेकर न्याय पंचायत स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड गौरव पुरस्कार प्रदान किये जाने की भी बात कही, जिसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रतिष्ठित लोगों को पुरस्कृत किये जाने की व्यवस्था की जाए. ज्योतिष उन्होंने अधिकारियों को कार्यक्रमों की संख्या नहीं, गुणवत्ता एवं गरिमा पर ध्यान देने की बात कही. मुख्यमंत्री ने वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े आयुक्तों एवं जिलाधिकारियों से जनपदों में because आयोजित हाने वाले कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिये कि सभी अधिकारी प्रधान...
विजय प्रताप सिंह ने सफलता पूर्वक संपन्न किया हिमालय से हिन्द महासागर साइकिल अभियान

विजय प्रताप सिंह ने सफलता पूर्वक संपन्न किया हिमालय से हिन्द महासागर साइकिल अभियान

देहरादून
जे पी मैठाणी, देहरादूनउत्तराखंड की राजधानी से 8 अक्टूबर 2021 को आरम्भ हुआ साहसिक साइकिल अभियान 26 अक्टूबर 2021 को भारत के अंतिम छोर कन्याकुमारी में समाप्त हुआ। कुल 19 दिन के इस अभियान में विजय प्रताप सिंह ने 3027 किलोमीटर की दुरी तय की जिसमे 201 घंटे की साइकिलिंग शामिल है। एडवेंथ्रिल के संस्थापक विजय प्रताप सिंह जो की उत्तराखंड में विगत 5 वर्षो से साहसिक खेलो तथा पर्यटन को काफी बढ़ावा दे रहे हैं ने बताया की इस अभियान का उद्देश्य पुरे देश के युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपनी सेवाओं से अवगत करना था जिसमे फिटनेस तथा साहसिक खेलो का बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान है।विजय प्रताप सिंह ने कहा की इस सोलो साइकिल अभियान में उन्होंने बहुत ही कठिनायों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया और अंत में शाबित किया क्यों साहसिक खेल हमारी ज़िंदगी में महत्वपूर्ण हैं। विजय प्रताप सिंह जिन्होंने नेहरू पर्वतारोहण संस्थान ...