April 17, 2021
समसामयिक

अभिनेता और नाट्य निर्देशक भूपेश जोशी को मिलेगा 2018 का सफदर हाशमी पुरस्कार

  • हिमांतर ब्यूरो 

अपने अभिनय से किसी भी किरदार को सांरग बनाने और निर्देशन के जरिए नाटकों को समसामयिक मुद्दों और परिस्थियियों से जोड़ने में माहिर रंगकर्मी भूपेश जोशी को उत्तर प्रदेश की संगीत नाटक अकादमी की तरफ से ‘सफदर हाशमी पुरस्कार 2018’ दिए जाने की घोषणा हुई है। उन्हें यह पुरस्कार नाट्य निर्देशन की श्रेणी में दिया जाएगा। भूपेश जी पिछले 25 सालों से रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय हैं। 60 से ज्यादा नाटकों में अभिनय किया है। इन नाटकों के देश-विदेश में 400 से ज्यादा शो हुए हैं। अपनी मेहनत और लगन के बदौलत भूपेश दा ने 40 से भी ज्यादा नाटकों का निर्देशन किया है। अनेक नाट्य महोत्सवों में इन नाटकों के साथ भागीदारी की है।

फीचर फिल्म पिंजर, चिंटू जी, किस्म लव पैसा दिल्ली, सौन चिरैया सहित विभिन्न फिल्मों में काम भी किया है। स्टार प्लस पर प्रसारित होने वाले सीरियल दहलीज और डीडी वन पर आने वाले तुम देना साथ मेरा, क्योंकि जीना भी इसी का नाम है, ये हवाएं और साहिर में अभिनय की छाप छोड़ी है। विभिन्न शॉर्ट फिल्म्स और डॉक्यूमेंट्रीज में काम किया है। मेरी लिए यह बेहद खुशी की बात है क्योंकि पिछले एक दशक से मैं भूपेश दा को व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं। उनके गाथा ग्रुप से जुड़ा रहा हूं। भूपेश दा ने भारतेंदू नाट्य अकादमी से 1999 में ड्रामा में ग्रेजुएशन किया और उसके बाद फिल्म, टीवी और रेडियो में लगातार काम किया।

साल 2013 में भूपेश दो को दिल्ली सरकार की साहित्य कला परिषद ने युवा निर्देशक का पुरस्कार दिया। भारत सरकार उन्हें फैलोशिप भी दे चुकी है। तीन दिन पहले ही उन्होंने शंकर शेष के नाटक एक और द्रोणार्चाय का निर्देशन किया है। नाटक की प्रस्तुति श्रीराम सेंटर में हुई। भूपेश दा बेहद सौम्य, मिलनसार और सहृदय व्यक्तित्व के धनी है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *