Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
ड्रग फ्री देवभूमि के लिए दिलवाया संकल्प!

ड्रग फ्री देवभूमि के लिए दिलवाया संकल्प!

अल्‍मोड़ा
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार में नशा मुक्त उत्तराखंड कार्यक्रम का आयोजन हिमांतर ब्यूरो, मानिला (अल्मोड़ा)   एंटी ड्रग सेल, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला, अल्मोड़ा उत्तराखण्ड के अंतर्गत नशा मुक्त उत्तराखण्ड कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के संरक्षक व प्राचार्य डॉ. नरेंद्र कुमार द्वारा की गई. उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए अपने जीवनानुभवों के आधार पर नशे से उत्पन्न समस्याओं व छात्र जीवन पर उसके दुष्प्रभाव विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी.कार्यक्रम के अंतर्गत राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला अल्मोड़ा और राजकीय इंटर कॉलेज झीपा के छात्रों द्वारा संयुक्त रूप से नशे के जीवन पर दुष्प्रभाव विषय पर नाटक का मंचन किया गया. इस नाटक का लेखन व निर्देशन राजकीय स्नातकोत्तर महावि...
“सुषमा स्वराज अवार्ड”कार्यक्रम में 26 महिलाएं सम्मानित

“सुषमा स्वराज अवार्ड”कार्यक्रम में 26 महिलाएं सम्मानित

देहरादून
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा महानगर महिला मोर्चा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में किया प्रतिभागहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून के रिस्पना पुल स्थित होटल में भाजपा महानगर महिला मोर्चा देहरादून द्वारा आयोजित “सुषमा स्वराज अवार्ड”कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 26 महिलाओं को सम्मानित किया. मुख्यमंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय सुषमा स्वराज को याद करते हुए कहा कि सुषमा स्वराज जी ने बहुत ही कम उम्र में बड़ा मुकाम हासिल किया . उन्होंने कहा कि सुषमा जी भारतीय मूल्यों और शालीनता की प्रतिमूर्ति रही है जिन्हें राजनीति में अजातशत्रु वाली महिला नेत्री भी कहा जाता था. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सुषमा जी ने देश में ही नहीं विदेश में भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए बेबाक़...
विश्व पुस्तक मेला: आंखों देखी, हकीकत और अफसाना… 

विश्व पुस्तक मेला: आंखों देखी, हकीकत और अफसाना… 

दिल्ली-एनसीआर
ललित फुलारा इस बार विश्व पुस्तक मेले में सबसे अधिक धार्मिक साहित्य बिका है, चाहे कोई प्रकाशक कुछ भी दावा कर ले. हिन्दी का बड़े से बड़ा प्रकाशक, उतनी भीड़ नहीं जुटा पाया, जितना बिना प्रचार के गीता प्रेस गोरखपुर की स्टॉल पर जुटी रही. नई हिन्दी के नाम पर 'हिंद युग्म' ने सेलिब्रिटी लेखकों को बुलाकर युवाओं को लुभाने की अच्छी कोशिश की, पर यह बात सही है कि इस प्रकाशक के पास नॉन-सीरियस  पाठकों की ही भीड़ रही, चाहे भौकाल कुछ भी हो. प्रबुद्ध लेखकों के कदम उधर एक बार भी नहीं पड़े. हिन्दी के नाम पर अभिनेता मानव कौल को घंटों बैठाकर युवाओं के बीच कुछ प्रतियां तो बेची जा सकती हैं, पर हिन्दी के परिपक्व पाठकों के बीच वो विश्वसनीयता हासिल नहीं की जा सकती जो राजकमल, वाणी, पेंगुइन, प्रभात, यश, सेतु एवं कुछ अन्य प्रकाशकों के पास है. बुक फेयर में कुछ ऐसे लेखकों के पास कॉलेज के विद्यार्थियों की भीड़ रही, जिन्...
चारधाम यात्रा: तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव की तीर्थपुरोहित समाज व टूर ऑपरेटर्स के साथ बैठक

चारधाम यात्रा: तैयारियों को लेकर अपर मुख्य सचिव की तीर्थपुरोहित समाज व टूर ऑपरेटर्स के साथ बैठक

देहरादून
उत्तराखण्ड में आगामी माह से शुरू होने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा से जुड़े होटल व्यवसायियों, तीर्थपुरोहित समाज व टूर ऑपरेटर्स के साथ बैठक आयोजित की गई. अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पिछले वर्ष चारधाम यात्रा में जितनी संख्या में श्रद्धालु पहुँचे थे, इस बार उससे अधिक आने की संभावना है, लिहाज़ा सरकार हर स्तर पर तैयारियों की समीक्षा कर रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री धाम में कपाट खुलने से पहले बिजली- पानी की व्यवस्था को सुचारू कर दिया जाए. अपर मुख्य सचिव ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और भी सुलभ बनाए जाने के निर्देश दिए. अपर मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा से जुड़े सभी प्रतिनिधियों स...
महिला दिवस: होली और पहाड़

महिला दिवस: होली और पहाड़

आधी आबादी
जे .पी. मैठाणीपीपलकोटी के बाजार के अंतिम छोर पर बाड़ेपानी के धारे से तड़के सुबह पानी की बोतलें भरती औरतें, अपनी कमर पर स्येलू या सीमेंट के कट्टों से बनी टाईट रस्सियाँ बांधे औरतें !उधर अगथला गाँव से पीठ पर बन्दूक की तरह सुयेटे लादी पहाड़ की औरतें , रोज अपने अपने हिस्से का पहाड़ नापने और कालपरी , जेठाणा, तमन गैर से और आगे भंडीर पाणी से ग्वाड या छुर्री तक घास लेने जाती मेरे गाँव की औरतें - हमारे हिस्से के पहाड़ की ताकत हैं होली के रंग की प्रतीक हैं और महिला दिवस की प्रेरणा भी हैं!रंगीन होली के रंगों की तरह ही पहाड़ के इस हिस्से की महिलाओं के सपने भी आशाओं और विश्वास से भरे और बेहद रंगीन है- गुलाबी- थोड़े जैसे सकीना की तरह नीले जैसे कैम्पानुला या सड़क किनारे के जैक्रेंडा की तरह पीले फ्यूंली या सिल्वर ओक की तरह, लाल जैसे - बुरांश या सेमल की तरह नारंगी या हनुमानी जैसे धोल...
स्त्री जीवन के रंग, बस की खिड़की से

स्त्री जीवन के रंग, बस की खिड़की से

लोक पर्व-त्योहार
सुनीता भट्ट पैन्यूली उत्तराखंड की कुनकुनी ठंड पार हो गयी है एक नर्म गर्मी  और फगुनाहट का अहसास राजस्थान के सीमांत प्रदेश में पहुंचकर देह को प्रफुल्लित कर रहा है.हमने अपने शाल और स्वेटर बस में उतारकर रख लिये हैं. हरे-भरे कीकर के पेड़, सूखे जर्र-जर्र ताल-तलैयों और कुंओं का सिलसिला अनवरत चल रहा है हमारी आंखों की मिल्कियत तक. मैं बस की ऊंची वाली बर्थ पर बैठी हूं. बहुत सुखद होता है बस या ट्रेन में बैठकर मन की खिड़की से बाहर जीवन और उससे जुड़े रंगों  को महसूस करना. सड़क के किनारे दौड़ लगाते खेतों में गेहूं की  विस्तीर्ण अधपकी फसल जिसकी आधी हरी और आधी पीली हो गयी गेहूं की बालियों में अभी कच्चा दूध उतरा ही है. मेरे लिए बहुत आश्चर्यजनक है गेहूं को राजस्थान की जमीन पर हरहराते हुए देखना, ज्वार,बाजरा की पैदावार ही वहां होती है ऐसा मैंने सुना है. इक्का- दुक्का पीली सरसों के खेत भी कहीं-कहीं बिखरे चि...
अस्तित्व की व्याप्ति का उत्सव है होली

अस्तित्व की व्याप्ति का उत्सव है होली

लोक पर्व-त्योहार
होली पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  प्रकृति के सौंदर्य और शक्ति के साथ अपने हृदय की अनुभूति को बाँटना बसंत ऋतु का तक़ाज़ा है. मनुष्य भी चूँकि उसी प्रकृति की एक विशिष्ट कृति है इस कारण वह इस उल्लास से अछूता नहीं रह पाता. माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को वसंत की आहट मिलती है. परम्परा में वसंत को कामदेव का पुत्र कहा गया है इसलिए उसके जन्म के साथ इच्छाओं और कामनाओं का संसार खिल उठता है. फागुन और चैत्त के महीने मिल कर वसंत ऋतु बनाते हैं. वसंत का वैभव पीली सरसों, नीले तीसी के फूल, आम में मंजरी के साथ, कोयल की कूक प्रकृति सुंदर चित्र की तरह सज उठती है. फागुन की बयार के साथ मन मचलने लगता है और उसका उत्कर्ष होली के उत्सव में प्रतिफलित होता है. होली का पर्व वस्तुतः जल, वायु, और वनस्पति से सजी संवरी नैसर्गिक प्रकृति के स्वभाव में उल्लास का आयोजन है.रंग, गुलाल और अबीर से एक दूसरे को...
जन सुझाव बनेंगे राज्य के विकास के आधार- मुख्यमंत्री

जन सुझाव बनेंगे राज्य के विकास के आधार- मुख्यमंत्री

देहरादून
प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने के लिये मुख्यमंत्री ने किया विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि समूहों के साथ संवाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बनाने के लिये कृषि, बागवानी, उद्योग, व्यापार आदि समूह के प्रतिनिधियों से संवाद कर उनके सुझाव एवं विचारों से अवगत हुए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सबको मिलकर उत्तराखण्ड को सशक्त राज्य बनाने का संकल्प लेना होगा. उन्होंने कहा कि इस संवाद से प्राप्त होने वाले सुझावों को आगामी बजट में समावेश करने के प्रयास किये जायेंगे. सुझाव देने वालों को अपने अपने क्षेत्रों की क्रीम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे 21 वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने में भी निश्चित रूप से मदद मिलेगी.प्रदेश के विकास में जन सहभागिता को जरूरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी क्षेत्र...
पहाड़ के रंग, मशहूर चित्रकार जगमोहन बंगाणी के संग

पहाड़ के रंग, मशहूर चित्रकार जगमोहन बंगाणी के संग

कला-रंगमंच
शशि मोहन रवांल्टा दिल्ली के हौजखास विलेज में लोकायता आर्ट गैलरी (Lokayata Art Gallery) में 4 और 5 मार्च को एक चित्रकला प्रदर्शनी आयोजित होने जा रही है, जिसमें पहाड़ के दूर—दराज गांवों से आए हुए 20 युवा because नवोदित चित्रकार प्रदर्शनी के माध्यम से अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे. इस प्रदर्शनी का आयोजन 'उद्यम' नाम की एक सामाजिक संस्था के सहयोग से किया जा रहा है. ज्योतिष 'पहाड़ के रंग' नाम से आयोजित चित्र प्रदर्शनी में because उत्तराखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अलग—अलग गांवों से आए हुए नवोदित चित्रकार इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं. इस प्रदर्शनी में मुख्य भूमिका में उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी के मौंडा गांव के मशहूर चित्रकार जगमोहन बंगाणी हैं. ज्योतिषजगमोहन बंगाणी ने पिछले एक साल में उत्तराखंड के अल्मोड़ा, ऋषिकेश और मुक्तेश्वर में चित्रकला की दस—दस दिवसीय कला कार्यशालाएं...
समूह ‘ग’ परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त : मुख्यमंत्री

समूह ‘ग’ परीक्षाओं में साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त : मुख्यमंत्री

नैनीताल
हल्द्वानी में आयोजित रैली में  हजारों युवाओं ने बढ़ चढ़ कर किया प्रतिभाग, सख़्त नकल विरोधी कानून का किया स्वागतहिमांतर ब्यूरो, हल्द्वानीरामलीला मैदान, हल्द्वानी में आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नकल विरोधी कानून लागू करने के उपलक्ष में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित आभार रैली में प्रतिभाग कर जनसभा को संबोधित किया.उच्च पदों में जहाँ साक्षात्कार आवश्यक हो, जैसे- पी०सी०एस० या अन्य उच्च पद वहां भी साक्षात्कार का प्रतिशत कुल अंकों के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं रखा जाएगा. साक्षात्कार के अकों को भी पारदर्शी प्रक्रिया के तहत साक्षात्कार में किसी भी अभ्यर्थी को यदि 40 प्रतिशत से कम और 70 प्रतिशत से अधिक दिए जाते हैं तो साक्षात्कार लेने वाले व्यक्ति या बोर्ड को इसका स्पष्ट कारण बताना होगा.श्री सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि समूह ‘ग’ की कोई भी परीक्षा चाहे वह लोक सेव...