Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
भारती आनन्द ‘अनन्ता’ के पहला काव्य संकलन का लोकार्पण

भारती आनन्द ‘अनन्ता’ के पहला काव्य संकलन का लोकार्पण

देहरादून
पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी और प्रसिद्ध साहित्यकार महाबीर रवांल्टा ने दून पुस्तकालय के सभागार में संयुक्त रूप से किया लेखिका एवं उद्घोषिका भारती आनन्द अनन्ता के पहला काव्य संकलन का लोकार्पण पद्मश्री लीलाधर जगूड़ी और प्रसिद्ध साहित्यकार महाबीर रवांल्टा ने दून पुस्तकालय के सभागार में संयुक्त रूप से किया है. इस दौरान पद्मश्री जगूड़ी ने कहा कि यह इक्कसवीं सदी की कवियत्री का पहला काविता संकलन है जिसमें आज की महिलाओं की स्वच्छन्दता का वर्णन किया है. कविताओं में पुरानी तुकबन्दी की को नये रूप में प्रस्तुत किया गया है. कविता की हर एक पंक्ति कुछ कहती है. उन्होंने कहा कि महिला की स्वतन्त्रता पर और कई कविताएं पाठको के बीच में है मगर भारती आनन्द अनन्ता ने स्वतन्त्रता की परिभाषा को कविता के रूप में प्रस्तुत किया है.लोकार्पण समारोह में मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार महाबीर रवांल्टा ने कहा कि भारती की कविता ज...
अध्यात्म, शौर्य, साहस और कर्तव्यपालन देवभूमि की पहचान : कृपा शंकर

अध्यात्म, शौर्य, साहस और कर्तव्यपालन देवभूमि की पहचान : कृपा शंकर

दिल्ली-एनसीआर
नई दिल्ली : देवभूमि उत्तराखंड अपने अध्यात्म, शौर्य, साहस और कर्तव्यपालन के लिए भारत में ही नहीं दुनियाभर में प्रसिद्ध है. चारधामों सहित यहां अनेकों दिव्य सिद्धपीठ हैं जो आत्मिक शांति के केंद्र हैं. देशरक्षा हेतु सीमाओं पर डटे सैनिक वीरता के पर्याय हैं तो आज भी घर और बाहर दोनों जगह पुरुषार्थ में लगी माता-बहनें शक्ति का स्रोत हैं. यह सब सात्त्विक गुण इस पावन भूमि को विरासत में मिले हैं. इसी का प्रभाव है कि आज भी देवभूमि की प्रतिभाशाली संतानें प्रत्येक क्षेत्र में अपनी महत्ता और विश्वसनीयता प्रमाणित कर रही हैं. स्वतंत्रता सेनानी श्रीदेव सुमन जैसे इतिहास पुरुष के पराक्रम को विद्यालयी पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए ताकि हमारी नई पीढ़ी अपने महान पूर्वजों के यश से परिचित हो सके. ये विचार गढ़वाल भवन, झंडेवालान नई दिल्ली में अमर शहीद श्रीदेव सुमन की पुण्यतिथि पर आयोजित  कार्यक्रम में वरेण्...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तीसरी वर्षगांठ पर चर्चा

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की तीसरी वर्षगांठ पर चर्चा

देहरादून
देहरादून. आज केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून संभाग में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड और जवाहर नवोदय विद्यालय के साथ मिलकर नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 3 साल पूरे होने पर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और समावेशन पर नई शिक्षा नीति के दृष्टिकोण से विस्तार पूर्वक चर्चा की. इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. सुकृति रैवानी ने केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत उठाए गए कदमों और नवाचार पर पत्रकारों को जानकारी प्रदान की, साथ ही 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रत्येक विद्यार्थी के सर्वागीण विकास और रचनात्मक सोच को बढ़ावा देने वाले केंद्रीय विद्यालय संगठन की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी साझा की, साथ ही केंद्रीय विद्यालय संगठन की विभिन्न रचनात्मक परियोजनाएं, जैसे जादुई पिटारा, बाल वाटिका संचालन, आधारभूत संख्यात्मक एवं भाषाई विकास, शिक्षा के रंग ...
उत्तरकाशी : अचानक बेहोश होने लगी एक के बाद एक छात्रा, कुछ चीखने—चिल्लाने लगी

उत्तरकाशी : अचानक बेहोश होने लगी एक के बाद एक छात्रा, कुछ चीखने—चिल्लाने लगी

उत्तरकाशी
स्कूल की नई बिल्डिंग में बैठते ही बेहोश हुईं 10 बालिकाएं बच्चे जब एक सप्ताह बाद स्कूल पहुंचे तो उनके विद्यालय के नए भवन में बैठते ही एक के बाद एक लगातार 10 बालिकाएं बेहोश होने लगीं. बुधवार को पहले भी एक दो बच्चे ही बेहोश हो रहे हुए थे. लेकिन आज स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की चिंता उस समय एकाएक बढ़ गई. ज़ब एक साथ 10 बालिकाएं कक्षा में बेहोश हो गई. शिक्षकों, अभिभावकों ने छात्राओं को बाहर निकाला और जैसे ही मैदान में लाया तो वह चीखने चिल्लाने लगी. प्रत्यक्षदर्शीयों के अनुसार सभी बीमार छात्राओं को उनके अभिभावक देव पश्वा के पास ले गए हैं. अभिभावकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की वह जल्द से जल्द मामले में संज्ञान लेकर समाधान निकालें. इससे पहले उत्तराखंड के चंपावत जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आया था. यहां जिला मुख्यालय से 93 किमी दूर स्थित जीआईसी रमक में कुछ छात्राएं एक साथ रोने, चीखने...
पंतनगर जनवाणी : ‘दादी मां का बटुआ’ कार्यक्रम  को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

पंतनगर जनवाणी : ‘दादी मां का बटुआ’ कार्यक्रम को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

दिल्ली-एनसीआर
राष्ट्रीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली में आयोजित सामुदायिक रेडियो (community radio) सम्मेलन में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल को यह पुरस्कार प्रदान किया गया. विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो पंतनगर जनवाणी के कार्यक्रम दादी मां का बटुआ को प्रोमोटिंग लोकल कल्चर अवार्ड के तहत 9वें राष्ट्रीय सामुदायिक रेडियो पुरस्कार (तृतीय) से सम्मानित किया गया. यह सम्मान राष्ट्रीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली में आयोजित सामुदायिक रेडियो सम्मेलन में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर द्वारा निदेशक संचार डा. जे.पी. जायसवाल को प्रदान किया गया. दादी मां का बटुआ कार्यक्रम अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डा. शिवेन्द्र कश्यप के नेतृत्व में पंतनगर जनवाणी की टीम द्वारा तैयार किया गया था. इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के स्थानीय लोगों के बीच जड़ी बुटियों की महत्ता और शनैः श...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) कार्यान्वयन के तीन वर्षों की प्रगति का तहत आईआईटी रूड़की मना रहा है जश्न

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) कार्यान्वयन के तीन वर्षों की प्रगति का तहत आईआईटी रूड़की मना रहा है जश्न

देहरादून
29 जुलाई को दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम एसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे शामिल, 28 जुलाई को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की दीक्षांत समारोह में कुल 1916 छात्रों को उपाधि प्रदान करेगारूड़की : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रूड़की  (Indian Institute Of Technology–Roorkee (IIT–Roorkee)) में आज दूसरे अखिल भारतीय शिक्षा समागम से पूर्व राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तीन वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया. प्रेस वार्ता को आईआईटी रूड़की के निदेशक श्री केके पंत, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान श्रीनगर के निदेशक श्री ललित कुमार अवस्थी और उत्तराखंड कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्रीय निदेशक श्री रवि चिलुकोटी ने संबोधित किया.एनईपी का बहु-विषयक दृष्टिकोण छात्रों को विभिन्न विषयों का पता लगाने और अच्छी तरह से कौशल सिक्षा को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करता है : ...
युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य का भव्य नागरिक अभिनंदन

युवा बाल साहित्यकार ललित शौर्य का भव्य नागरिक अभिनंदन

पिथौरागढ़
पिथौरागढ़: अपनी लेखनी से पूरे देश में चमक बिखेर रहे सीमान्त के ललित शौर्य को विभिन्न संगठनों ने सामूहिक रूप से सम्मानित किया. समाजसेवी जुगल किशोर पांडेय की पहल पर एक निजी होटल में आयोजित कार्यक्रम में ललित शौर्य को सम्मानित किया गया. इस अवसर पर वक्ताओं ने ललित के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर विस्तार से चर्चा की. राम सिंह ने कहा कि ललित वैश्विक पटल पर पिथौरागढ़ का नाम आगे बढ़ा रहे हैं. डां. कच्चाहारी ने ललित शौर्य को बाल साहित्य में उभरता हुआ सूर्य बताया. शिक्षाविद उमा पाठक ने कहा कि ललित की रचनाएं पाठ्यक्रम में लगनी चाहिए. ये रचनाएं भावी भविष्य को गढ़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. राकेश देवलाल ने शौर्य को युवाओं के लिए प्रेरणा बताया. डां पीताम्बर अवस्थी ने ललित शौर्य के रचनाकर्म को मार्गदर्शक बताया.कार्यक्रम के संयोजक जुगल किशोर पांडेय ने कहा ललित शौर्य की कहानियां मलायलम, कन्नड़, तेलगु, अ...
एक झोला हाथ में, चार चेले साथ में

एक झोला हाथ में, चार चेले साथ में

संस्मरण
प्रकाश उप्रेती  सभागार खचाखच नहीं भरा था. स्टेज पर 4 कुर्सियां और नाम की पट्टी थी. एक आयोजकनुमा जवान अंदर-बाहर और स्टेज के ऊपर नीचे चक्कर काट रहा था. गिनती तो नहीं की लेकिन सभागार में अभी सात-आठ लोग ही थे. उनमें से भी 2 लोग बैठ हुए थे बाकी सभागार की भव्यता और स्टेज की सजावट को हसरत भरी निग़ाहों से निहार रहे थे. तभी 24-25 साल का एक नौजवान गेट को पूरी ताकत से धक्का देते हुए सभागार के भीतर घुसा. उस नौजवान के ललाट पर पसीने की कुछ बूंदे थी, बाल अजय देवगन की भांति माथे से चिपके थे, पीले रंग की कमीज जिसे नाभि तक पहनी हुई पेंट के भीतर अतिरिक्त परिश्रम से खोंचा गया था, पेट तीन चौथाई निकला हुआ, कंधे पर हिमाचल में हुए सेमिनार का झोला, पाँव में चोंच वाले जूते, चेहरे पर अति गंभीरता थी. इस मुद्रा को मैंने ही नहीं बल्कि वहाँ उपस्थित उन 7-8 लोगों ने भी नोटिस किया. भीतर घुसते ही वह दिव्य नौजवान स्टेज की त...
डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल : याद करना हिन्दी शोध के गहन अध्येता को

डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल : याद करना हिन्दी शोध के गहन अध्येता को

स्मृति-शेष
पुण्यतिथि (24 जुलाई, 1944) पर विशेषचारु तिवारी जब भी पौड़ी जाना होता है एक जगह हमेशा अपनी ओर आकर्षित करती रही है. बताती रही है अपनी थाती. कोटद्वार से ऊपर जाने के बाद एक पट्टी शुरू हो जाती है कोडिया. यहीं एक गांव है पाली. बहुत चर्चित. जाना पहचाना. यहां ग्राम सभा द्वारा निर्मित प्रवेश द्वार बताता है कि आप डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल के गांव में हैं. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल का मतलब हिन्दी के पहले डी. लिट. हिन्दी की शोध परंपरा का ऐसा नाम जिसने बहुत कम उम्र में गहन अध्ययन, प्रतिबद्धता, निष्ठा और सहजता के साथ हिन्दी की सेवा की. आज उनकी पुण्यतिथि है. हम सब हिन्दी साहित्य के इन महामनीषी को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. डॉ. पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल का जन्म पौड़ी जनपद के लैंसडाउन से तीन किलोमीटर दूर कोडिया पट्टी के पाली गांव में 13 दिसंबर, 1901 में हुआ था. उनके पिता का नाम पं. गौरीदत्त ब...
जौनसार बावर से थी पटियाला के महाराजा भूपेंद्र सिंह की दो रानियां!

जौनसार बावर से थी पटियाला के महाराजा भूपेंद्र सिंह की दो रानियां!

इतिहास
रोचक इतिहासभारत चौहान यह घटना यह घटना संभवत 1930 के आसपास की रही होगी पटियाला के महाराजा भूपेंद्र सिंह की अनेक रानियां थी उन्हें जो भी पसंद आती थी उनसे शादी कर लेते थे। जौनसार बावर के खत कोरु के चिचराड से खीमाण परिवार की बुर्की देवी (बूर्गी रानी) का विवाह भी पटियाला के महाराजा भूपेंद्र सिंह के साथ हुआ था, वह तीसरी कक्षा तक पढ़ी लिखी थी देखने में अत्यंत सुंदर बुर्गीं देवी अपनी बड़ी बहन बर्मी देवी जिसका विवाह विकासनगर के राजावाला में एक संभ्रांत परिवार में हुआ था जिनका पंजाब में भी फ्रूट और बागवानी का व्यवसाय था बुर्गी देवी भी अपने दीदी के साथ पंजाब गई थी वहीं एक समारोह में महाराजा पटियाला ने उन्हें देखा और उससे विवाह कर लिया। दूसरा विवाह जौनसार बावर बड़गांव खत के कोटवा गांव देवी सिंह ढोगराण परिवार की सबसे बड़ी सुपुत्री जो अत्यंत खूबसूरत थी मालती देवी का महाराजा पटियाला के साथ हुआ था। ...