Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
केदारनाथ: चोराबाड़ी ताल के ऊपर हुआ हिमस्खलन, पांच मिनट तक उठता रहा बर्फ का गुबार

केदारनाथ: चोराबाड़ी ताल के ऊपर हुआ हिमस्खलन, पांच मिनट तक उठता रहा बर्फ का गुबार

रुद्रप्रयाग
केदारनाथ धाम में गुरुवार को मंदिर के ऊपर चोराबाड़ी ताल की तरफ हिमस्खलन हो गया. घटना सुबह करीब सवा सात बजे की है. हिमस्खलन से करीब चार से पांच मिनट तक बर्फ का गुबार  उठता रहा. इस दौरान श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर रहे थे. बर्फ का धुंआ उठता देख वहां अफरा-तफरी मच गई. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार यह घटना केदारनाथ से चार किलोमीटर दूर हुई है. हिमालय में होने वाली यह सामान्य घटना है. हिमस्खलन से कोई नुकसान नहीं हुआ. विभाग का कहना है कि पिछले कई दिनों से यहां पहाड़ियों पर हिमपात से भारी मात्रा में नई बर्फ जम रही है, जिसके बोझ से ऐसा हो रहा है . बीते वर्ष 22 सितंबर को शाम साढ़े चार बजे केदारनाथ मंदिर से लगभग तीन से चार किलोमीटर  पीछे पहाड़ी से आंशिक हिमस्खलन हुआ. इसके बाद पिछले साल ही एक अक्तूबर को शाम साढ़े पांच बजे के आसपास मंदिर से छह से सात किलोमीटर  पीछे फिर से आंशिक हिमस्खलन हुआ. इसक...
लम्बी अवधि से गायब शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति : डॉ. धन सिंह रावत

लम्बी अवधि से गायब शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति : डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून
कहा शिक्षा विभाग के बनेंगे मानव सम्पदा व कैरियर काउंसिलिंग पोर्टल, आईटी सेल का होगा गठन, आउट सोर्स पर रखे जायेंगे एक्सपर्ट्स देहरादून. सूबे के शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग से लम्बे समय से गायब एवं अन्य प्रदेशों में तैनात शिक्षकों को चिन्हित कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जायेगी. इसके लिये विभागीय अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर सूची तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं. साथ ही शारीरिक एवं मानसिक रूप से अक्षम शिक्षकों से भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति हेतु आवेदन लिये जायेंगे ताकि उनके स्थान पर नये शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके. शिक्षा विभाग में शिक्षकों का सम्पूर्ण विवरण ऑनलाइन उपलब्ध करने के लिये मानव सम्पदा पोर्टल तैयार किया जायेगा. जिसका संचालन राज्य विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत होगा. विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा निदेशालय ...
कौन कहता है मोहन उप्रेती मर गया है!

कौन कहता है मोहन उप्रेती मर गया है!

स्मृति-शेष
लोक के चितेरे मोहन उप्रेती की पुण्यतिथि  (6 जून, 1997) की पूर्व संध्या पर स्मरणचारु तिवारी उस शाम मैं गुजर रहा था उद्दा की दुकान के सामने से, अचानक दुकान की सबेली में खड़े मोहन ने आवाज दी- ‘कहां जा रहा है ब्रजेन्द्र? यहां तो आ.’ क्या है यार? घूमने भी नहीं देगा.’ और मैं खीज कर उदेसिंह की दुकान के सामने उसके साथ घुस गया. उसके सामने ही लगी हुई लकड़ी की खुरदरी मेज थी. मोहन कुछ उत्तेजित-सा लग रहा था. मेज को तबला मानकर वह उसमें खटका लगाकर एक पूर्व प्रचलित कुमाउनी गीत को नितान्त नई धुन तथा द्रुत लय में गा रहा था. वह बार-बार एक ही बोल को दुहरा रहा था. उस गीत की नई और चंचल धुन मुझे भी बहुत अच्छी लग रही थी. गीत था- बेडू पाको बारामासा हो नरैण काफल पाको चैता मेरी छैला. रूणा-भूणा दिन आयो हो नरैण पूजा म्यारा मैता मेरी छैला. मोहन बार-बार यही धुन दुहरा रहा था. ‘अरे भाई... आगे तो गा.’ मैं बेसब्र ...
पर्यावरण संरक्षण : ग्रीन आर्मी देव भूमि उत्तराखंड के स्वयंसेवकों द्वारा पौध रोपण

पर्यावरण संरक्षण : ग्रीन आर्मी देव भूमि उत्तराखंड के स्वयंसेवकों द्वारा पौध रोपण

पौड़ी गढ़वाल
अगर पशु पक्षी और मानव को बचाना है तो सभी ने अपने जीवन में पेड़ जरूर लगाना है महत्त्वता बहुत है पौधे की देती है ये जीवन शक्ति जीवन सफल तभी बनाओगे जब पर्यावरण बचाओगे विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून 2023) के उपलक्ष में ग्रीन आर्मी देव भूमि उत्तराखंड के स्वयंसेवकों द्वारा पर्यावरण संरक्षण  हेतु  एक दिवसीय कार्यक्रम आकृति गौ सेवा संस्थान मोटाढाक तल्ला कोटद्वार में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. अंतर्गत अंतर्गत विभिन्न प्रजातियों के पौधे जिसमें आंवला, अमलतास, जामुन अमरूद आदि के पौधे रोपित किए गए. आज एक दिवसीय कार्यक्रम में असहाय पशुओं की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहने वाली आकृति गौ सेवा संस्थान की अध्यक्ष श्रीमती सुषमा ज़ख्मोला जी  द्वारा अपना अमूल्य सहयोग प्रदान किया गया .ग्रीन आर्मी देवभूमि के अध्यक्ष शिवम् नेगी द्वारा बताया गया कि प्रकृति से ही मनुष्य और पशु जुड़े हुए हैं अपनी प्रकृ...
हेमकुंड साहिब : जून के महीने में भी आठ फीट बर्फ के आगोश में समाया गुरुद्वारा

हेमकुंड साहिब : जून के महीने में भी आठ फीट बर्फ के आगोश में समाया गुरुद्वारा

चमोली
उत्तराखंड में सोमवार रात बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है.  गुरुद्वारा परिसर स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर अभी करीब आठ फीट बर्फ के आगोश में है.  हेमकुंड साहिब में भी इतनी ही बर्फ जमी है.  हेमकुंड सरोवर भी बर्फ से ढका है. पिछले 13 साल में हेमकुंड साहिब और लक्ष्मण मंदिर में जून माह में इतनी बर्फ देखने को मिल रही है. हेमकुंड साहिब मार्ग से बर्फ हटाए जाने के बाद तीर्थयात्रा सुचारु हो गई है. सोमवार को करीब 2200 तीर्थयात्रियों ने हेमकुंड साहिब के दर्शन किए. जबकि 300 बच्चे और बुजुर्ग तीर्थयात्री घांघरिया में ही रोके गए थे. सुबह नौ से दस बजे तक ही तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति दी जा रही है. बता दें कि हेमकुंड साहिब में प्रतिदिन सुबह नौ बजे, दोपहर में साढ़े बारह बजे और अपराह्न ढाई बजे अरदास की जाती है. रविवार को ग्लेशियर खिसकने की घटना के बाद से अब अपराह्न ढाई बजे की अरदास को फिल...
गाय हमारी सनातन सभ्यता, संस्कृति और जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है : मुख्यमंत्री

गाय हमारी सनातन सभ्यता, संस्कृति और जीवन पद्धति का अभिन्न हिस्सा है : मुख्यमंत्री

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडीचोपड़धार, चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी). मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चोपड़धार कटखाण, चिन्यालीसौड, उत्तरकाशी स्थित नागराज मंदिर में भगवान नागराज प्रकट दिवस के अवसर पर  आयोजित आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक मेले "गौ महोत्सव" कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर उन्होंने नागराज मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली एवं तरक्की कि कामना की. उन्होंने मंदिर परिसर में कथावाचक स्वामी गोपाल मणि जी महाराज की कथा में सम्मलित होकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नागराज मंदिर में  पैदल एवं सड़क मार्ग को शीघ्र विकसित किए जाने का भरोसा दिलाया. उन्होंने अन्य स्थानीय समस्याओं पर भी कार्यवाही करने का आश्वासन दिया.मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने गोपाल मणि महाराज को जन्मदिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूज्य संत गोपाल मणि महार...
पर्यावरण ही जीवन का स्रोत है

पर्यावरण ही जीवन का स्रोत है

पर्यावरण
विश्व पर्यावरण दिवस पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र  हमारा पर्यावरण पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश इन पंच महाभूतों या तत्वों से निर्मित है. आरम्भ में मनुष्य इनके प्रचंड प्रभाव को देख चकित थे. ऐसे में यदि इनमें देवत्व के दर्शन की परम्परा चल पड़ी तो कोई अजूबा नहीं है. आज भी भारतीय समाज में यह एक स्वीकृत मान्यता के रूप में आज भी प्रचलित है. अग्नि, सूर्य, चंद्र, आकाश, पृथ्वी, और वायु आदि ईश्वर के ‘प्रत्यक्ष’ तनु या शरीर कहे गए है. अनेकानेक देवी देवताओं की संकल्पना प्रकृति के उपादानों से की जाती रही है जो आज भी प्रचलित है. शिव पशुपति और पार्थिव हैं तो गणेश गजानन हैं. सीता जी पृथ्वी माता से निकली हैं. द्रौपदी यज्ञ की अग्नि से उपजी ‘याज्ञसेनी’ हैं. वैसे भी पर्यावरण का हर पहलू हमारे लिए उपयोगी है और जीवन को सम्भव बनाता है. वनस्पतियाँ हर तरह से लाभकर और जीवनदायी हैं. वृक्ष वायु-संचार के मुख्य आ...
क्रीम पौडरा गीत की सफलता के बाद चित्रगीत ‘मास्टर जी’ का लोकार्पण

क्रीम पौडरा गीत की सफलता के बाद चित्रगीत ‘मास्टर जी’ का लोकार्पण

उत्तरकाशी
शहीद हमीर सिंह पोखरियाल राजकीय इंटर कॉलेज श्रीकालखाल उत्तरकाशी में उत्तराखंडी चित्रगीत "मास्टर जी" का लोकार्पण मसक़बीन यूट्यूब पर किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अभिनेत्री कलाकार श्वेता महारा, निर्माता कमल जोशी, निर्देशक सोहन चौहान, अभिनेता कलाकार मुकेश शर्मा घनसाला, सुरक्षा रावत, उद्घोषिका राखी धनाई एवं बाल कलाकार आलोक असवाल, नैतिक असवाल, आरुषि, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीण उपस्थित थे. शिक्षक और छात्रों के बीच संवाद का ताना-बाना लिए यह गीत उत्तराखंड की प्रसिद्ध मसकबीन स्टूडियो द्वारा तैयार किया गया है. इससे पूर्व सुपरहिट गीत क्रीम पौडरा, स्याळि रामदेई, हे मधु एवं ढाई हाथे धमेली आदि गीतों का निर्माण इन्हीं के द्वारा किया गया है. "मास्टर जी" गीत- सुनील कुमार व प्रेम बिष्ट, स्वर- किशन महिपाल,आदित्य सिंह, वीडियोग्राफी व एडिटिंग- क्रिएटिव बुड़बक टीम, मेकअप- क्रिस्टी नेगी, सह ...
मंदिरों में दर्शन के समय मर्यादित कपड़े पहने: अजेंद्र अजय

मंदिरों में दर्शन के समय मर्यादित कपड़े पहने: अजेंद्र अजय

चमोली
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने कहा कि प्रत्येक धार्मिक स्थल की अपनी परंपरा और मर्यादा होती है. उसी के अनुरूप वहां मर्यादित आचरण करना चाहिए और मर्यादित वस्त्र पहनकर आना चाहिए. अजेंद्र अजय ने यह बात महानिर्वाणी अखाड़े के एक बयान से जुड़े प्रश्न पर कही. अजेंद्र ने कहा कि प्रत्येक धार्मिक स्थल की अपनी मान्यताएं और मर्यादाएं होती हैं. उसी माहौल के अनुरूप आचरण और वेशभूषा होनी चाहिए. पर्यटन और धार्मिक यात्रा के फर्क को समझना होगा.  स्वाभाविक रूप से यदि आप धार्मिक स्थल की यात्रा पर जा रहे हैं तो आपकी वेशभूषा मर्यादित होनी चाहिए. यह उन धार्मिक स्थलों के लाखों-करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ा विषय है, जहां आप यात्रा पर जा रहे हैं. धार्मिक स्थलों की मान्यता से छेड़छाड़ करने का किसी को भी अधिकार नहीं है. मर्यादित आचरण, व्यवहार और वस्त्र पहनकर ही वहां जाना चाहिए....
आगाज फेडरेशन ने आज तक बनाए 2000 सीड बम!

आगाज फेडरेशन ने आज तक बनाए 2000 सीड बम!

चमोली
विश्व पर्यावरण दिवस का आगाज करते हुए आगाज फेडरेशन  पीपलकोटी के  साथियों द्वारा आज  तक 2000  सीड बम -या सीड बाल बनाये गए हैं! इन सीड बम को आगामी बरसात में भूस्खलन वाले क्षेत्रों, नए बन रही सडकों के मलबे के ढेरों पर फेंका और रोपित  किया जाएगा. यही नहीं संस्था द्वारा डाबर के सहयोग से इस माह 60 हजार - सुगंधबाला की पौध  और 4000 पोल्य्बैग वाले क्विराल या कचनार तथा जनपद में पहली बार गरम इलाकों के लिए 2000 कुटज के पौधे कल 5 जून से निशुल्क दिए जा रहे हैं.इस कार्य में  आगाज के  साथियों - श्रीमती रेवती देवी, सरस्वती देवी  कुमारी अंजलि, आयुष और आगाज के कोऑर्डिनेटर जयदीप किशोर, उत्तराखंड बांस एवं रेशा विकास परिषद् के आशीष सती, मास्टर ट्रेनर प्रदीप कुमार  और अलकनंदा स्वायत्त सहकारिता की सचिव श्रीमती भुवना पंवार और भंगोला  कंपनी के अखिलेश कुमार और कुलदीप नेगी  प्रयास रत हैं! सीड बम बनाने का काम पीपलक...