Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
स्वाद और स्वास्थ्य का अनूठा संगम- झंगोरा की खीर

स्वाद और स्वास्थ्य का अनूठा संगम- झंगोरा की खीर

खान-पान
उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजनों में झंगोरा (सामा चावल या बर्नयार्ड मिलेट) से बनी खीर एक ऐसा व्यंजन है जो स्वाद और स्वास्थ्य का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है. यह न केवल स्थानीय संस्कृति का अभिन्न अंग है, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पौष्टिकता के लिए पहचान बना चुकी है. इस खीर को व्रत-त्योहारों से लेकर राजकीय भोजों तक विशेष स्थान प्राप्त है.  2013 में ब्रिटिश राजकुमार प्रिंस चार्ल्स और कैमिला पार्कर के उत्तराखंड दौरे के दौरान इस खीर को परोसा गया, जिसके बाद उन्होंने इसकी विधि जानने की इच्छा व्यक्त की. 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इसे राष्ट्रपति भवन के मेन्यू में शामिल करवाया. यह घटना झंगोरा की खीर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मील का पत्थर साबित हुई.पोषक तत्वों का समृद्ध स्रोत झंगोरा में भारी मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और खनिज पाए जाते हैं, जो इसे एक संपूर्ण...
विदेशी घास ने पर्वतीय खेती को किया बदहाल

विदेशी घास ने पर्वतीय खेती को किया बदहाल

खेती-बाड़ी
सत्य प्रकाश शर्मा, देहरादून पहाड़ों के खेत-खलिहान और जंगल आज एक अनचाहे बदलाव के गवाह बन रहे हैं. लेन्टाना, कालाबांस, गाजर घास और तिपतिया घास जैसी विदेशी प्रजातियों ने यहाँ के प्राकृतिक परिदृश्य को अपने कब्जे में ले लिया है. ये घासें न सिर्फ तेजी से फैल रही हैं, बल्कि परम्परागत दूधारू घासों को भी लुप्त कर रही हैं, जो कभी पहाड़ी जीवन का आधार हुआ करती थीं. इन घासों के अभाव में पशुपालक अपने जानवरों को सड़कों पर राम भरोसे छोड़ने को मजबूर हैं. खेतों में इन घासों को उखाड़ते-उखाड़ते किसान थक चुके हैं, परेशान हो चुके हैं. फिर भी, अगर हिम्मत जुटाकर खेती को आगे बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो बन्दरों और सूअरों का आतंक उन्हें पीछे धकेल देता है.समस्याएँ यहीं खत्म नहीं होतीं. जलवायु परिवर्तन ने हालात को और विकट बना दिया है. गर्मियाँ अब पहले जैसी नहीं रहीं. पारा 48 डिग्री के पार पहुँचने की ओर अग्रस...
हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा : भक्ति के रंग में सराबोर रहा अयोध्या

हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा : भक्ति के रंग में सराबोर रहा अयोध्या

उत्तर प्रदेश
हिमांतर ब्यूरो, उत्तर प्रदेशरामनगरी अयोध्या में एक अद्भुत संयोग ने आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि सरयू घाट से लेकर मठ-मंदिरों तक भक्तों का तांता लगा रहा। रामलला का छठी उत्सव, हनुमान जन्मोत्सव और चैत्र पूर्णिमा का पावन पर्व एक साथ होने से अयोध्या भक्ति के रंग में सराबोर हो गई। इस अवसर पर हर भक्त के मुख पर सिर्फ 'राम-राम' का जाप सुनाई दे रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या की व्यवस्था और सुरक्षा इतनी सुदृढ़ थी कि लाखों श्रद्धालुओं ने बिना किसी अव्यवस्था के दर्शन और पूजन का सौभाग्य प्राप्त किया। राम मंदिर में रामलला के छठी उत्सव का आयोजन बड़े ही भक्तिभाव के साथ किया गया। इस अवसर पर रामलला को कढ़ी-चावल सहित 56 भोग अर्पित किए गए। दोपहर 12:30 बजे मध्यकालीन आरती हुई, जिसमें हजारों भक्तों ने हिस्सा लिया। वहीं कनक भवन, श्रीरामबल्लभाकुंज, दशरथ महल, रामलला सदन, लक्ष्मण किला और रं...
यूपी में 10 हजार पर्यावरण सखियों को प्रशिक्षित करेगी योगी सरकार

यूपी में 10 हजार पर्यावरण सखियों को प्रशिक्षित करेगी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश
हिमांतर ब्यूरो, यूपीमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए एक अनूठी पहल शुरू की है, जो ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता की नई राह दिखाएगी. इस बार का फोकस सौर ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देना है, जहां प्रदेश में 10 हजार पर्यावरण सखियों को प्रशिक्षित कर रोजगार से जोड़ने की योजना बनाई गई है.सीएम योगी के मार्गदर्शन में यह कदम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का एक शानदार कदम है. माना जा रहा है कि योगी सरकार की यह पहल प्रदेश को पर्यावरण के अनुकूल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में एक नया अध्याय जोड़ेगी.उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रेरणा ओजस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम कर रही है, जो सौर उत्पाद निर्माण, सौर शॉप्स, विकेंद्रीकृत सौ...
चारधाम यात्रा: सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा के लिए शासन-प्रशासन मुस्तैद

चारधाम यात्रा: सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित यात्रा के लिए शासन-प्रशासन मुस्तैद

देहरादून
किसी भी प्रकार के संकट प्रबंधन के लिए एक नोडल अधिकारी होंगे कमिश्नर गढ़वाल: मुख्य सचिव देहरादून. मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने शनिवार को सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सचिवालय स्थित अपने सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक ली. उन्होंने चारधाम यात्रा मार्ग की पुख्ता व्यवस्थाओं को लेकर सभी विभागों को अभी से अपनी तैयारियां समयबद्धता से पूरी करने के निर्देश दिए हैं.यात्रामार्गों को चारधाम यात्रा से पहले किया जाए दुरूस्तः मुख्य सचिव पूर्व में जारी अपने निर्देशों के क्रम में मुख्य सचिव ने सचिव श्री युगल किशोर पंत को देहरादून से केदारनाथ, सचिव डा. आर राजेश कुमार को बद्रीनाथ यात्रा मार्ग, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम को गंगोत्री धाम तथा डॉ. नीरज खैरवाल से यमुनोत्री धाम की तैयारियों के सम्बन्ध में फीडबैक लिया. उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सचिवो...
‘ब्वारी गांव’ के रूप में चर्चित हो रहा है चिन्यालीसौड़ का मथोली गांव

‘ब्वारी गांव’ के रूप में चर्चित हो रहा है चिन्यालीसौड़ का मथोली गांव

उत्तराखंड हलचल
होम स्टे संचालन से लेकर पयर्टकों को विलेज टूर तक कराती हैं महिलाएं उत्तरकाशी जनपद में पयर्टकों का रुख आमतौर पर हर्षिल वैली या मोरी- सांकरी की तरफ ही होता है। ऐसे में चिन्यालीसौड़ ब्लॉक के मथोली गांव की महिलाओं ने अपने आतिथ्य सत्कार और कौशल से गांव को पयर्टकों के लिए नया ठिकाना बना दिया है। यहां होम स्टे संचालन से लेकर विलेज टूर तक महिलाएं ही संचालित करवा रही हैं। मथोली को पहाड़ के आम गांव से पयर्टक गांव के रूप में बदलने का श्रेय जाता है गांव के युवक प्रदीप पंवार को। प्रदीप पंवार को कोविड 19 लॉकडाउन के दौरान अपना गांव लौटना पड़ा, सौभाग्य से उनके पास पयर्टन क्षेत्र में काम करने का अनुभव था। इसलिए उन्होंने गांव के पास मौजूद अपनी छानी (गौशाला) को होम स्टे में बदल कर, इसे पर्यटकों के लिए खोल दिया। इसी के साथ प्रदीप पंवार ने गांव की महिलाओं को ही होम स्टे संचालन (आतिथ्य सत्कार, भोजन बनाने, ट्र...
सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से की अपील

सुरक्षित चारधाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराने की मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से की अपील

देहरादून
सुरक्षित, सुगम और सुव्यवस्थित चारधाम यात्रा के लिए यात्रा शुरू होने से एक सप्ताह पहले सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं. यात्रा मार्गों पर पार्किंग की व्यवस्था ऐसे स्थानों पर की जाए जिनके निकट, होटल, धर्मशाला, होमस्टे और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों. धामों के दर्शन के लिए स्लॉट मैनेजमेंट सिस्टम और बेहतर बनाया जाए. यात्रा मार्गों में संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे की पर्याप्त व्यवस्था की जाए. अधिक ट्रैफिक वाले क्षेत्रों की रियल टाइम निगरानी की जाए. ये निर्देश मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में चारधाम यात्रा की तैयारियों के दृष्टिगत यातायात प्रबंधन की बैठक के दौरान दिये. मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान यातायात प्रबंधन की चुनौतियों का सामना करने के लिए पुलिस द्वारा बेहतर प्लान के साथ कार्य किया जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि यात्रा प्रबंधन में पिछल...
पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मददगार है भांग की चटनी!

पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मददगार है भांग की चटनी!

उत्तराखंड हलचल, सेहत
भांग की चटनी उत्तराखंड की खानपान संस्कृति का प्रतीक है. इसका इतिहास स्थानीय संसाधनों के कुशल उपयोग और पारंपरिक ज्ञान से जुड़ा हुआ है. यह न केवल स्वादिष्ट और पौष्टिक है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को भी दर्शाती है. आज यह व्यंजन उत्तराखंड की पहचान बन चुका है और अपनी लोकप्रियता के कारण देश-विदेश तक पहुंच चुका है. भांग के बीज प्रोटीन, ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. यह चटनी न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि सर्दियों में गर्माहट प्रदान करती है और शरीर को ऊर्जा देती है. भांग की चटनी इस राज्य के खानपान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है और इसे सदियों से यहां के लोग चाव से खाते आ रहे हैं.भांग का उल्लेख अथर्ववेद में देवताओं के प्रिय पौधों में से एक के रूप में किया गया है. इसे पवित्र माना गया और इसका उपयोग धार्मिक अनुष्ठानों में भी होता रहा है. हालांकि, भांग की ...
गैरसैण किताब कौथिग: स्थानीय लोगों और बच्चों में किताबों को लेकर भारी उत्साह!

गैरसैण किताब कौथिग: स्थानीय लोगों और बच्चों में किताबों को लेकर भारी उत्साह!

उत्तराखंड हलचल
गैरसैण. पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल और नगर पंचायत अध्यक्ष मोहन भंडारी सहित शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ गैरसैण किताब कौथिग का औपचारिक शुभारंभ हुआ. आयोजन के दौरान दिनभर गैरसैण मुख्य मैदान में स्कूली बच्चों और अभिभावक लगातार मेले में आते रहे. हजारों किताबों के साथ बच्चों ने आधुनिक तकनीक, खेल खेल में विज्ञान, कठपुतली निर्माण कार्यशाला, स्थानीय उत्पादों में भी रुचि दिखाई. विभिन्न वार्ता सत्र के दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. "अंगदान जागरूकता और थैलेसीमिया रोग" पर पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ ललित उप्रेती और दयाल पांडे जी ने चर्चा की. देहरादून से आए विशेषज्ञ नवीन चंद्र ने "Artificial Intelligence छोटे व्यापारियों के लिए कैसे उपयोगी हो सकता है" विषय पर खुले सत्र  में स्थानीय जनता से संवाद किया. पद्मश्री माधुरी बड़थ्वाल और डॉ. अजय ढोंढियाल के बीच "हमारे लोकसंगीत में...
हृदय रोगियों के लिए लाभकारी है बुरांश का जूस!

हृदय रोगियों के लिए लाभकारी है बुरांश का जूस!

सेहत
हिमांतर डेस्कउत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों के जंगलों में पाए जाने वाले बुरांश (रोडोडेंड्रॉन अरबोरियम) के फूलों से निर्मित जूस ने हाल के वर्षों में आयुर्वेदिक और आधुनिक चिकित्सा समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है. चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में इसे ‘वरांश’ नाम से वर्णित किया गया है, जिसे शीतल गुणों वाली महत्वपूर्ण जड़ी-बूटी माना गया है. आयुर्वेदिक मतानुसार, यह वात और पित्त दोषों को संतुलित करने में सक्षम है, जिसके कारण सूजन और जलन संबंधी विकारों में इसका विशेष उपयोग होता है. यह न केवल अपने विशिष्ट गुलाबी-लाल रंग के कारण बल्कि असाधारण औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है. शोधों से पता चलता है कि इसके दैनिक सेवन से हृदय रोगों में 7% कमी, लीवर समस्याओं में 42% सुधार, और मधुमेय नियंत्रण में 29% प्रभावकारिता देखी गई है. यह जूस पारंपरिक रूप से स्थानीय समुदायों द्वारा ‘प्रकृति का एनर्जी ड्रिंक’ कह...