Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
अंतरराष्ट्रीय योग विभूषण अवार्ड से सम्मानित हुए योग गुरु डॉ. नवदीप जोशी

अंतरराष्ट्रीय योग विभूषण अवार्ड से सम्मानित हुए योग गुरु डॉ. नवदीप जोशी

उत्तराखंड हलचल
  वियतनाम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नादयोग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मिला सम्मान वियतनाम। नादयोग एवं प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए योग गुरु डॉ. नवदीप जोशी को ‘अंतरराष्ट्रीय योग विभूषण अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। वियतनाम के हनोई स्थित आई.वी.एस. इंटरनेशनल स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वियतनाम योग फेडरेशन के अध्यक्ष वु चोंग लोई ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।सम्मेलन का आयोजन वियतनाम योग फेडरेशन, एसकेएम योग, हॉक विए योग सॉन्ग खोए, वियतनाम, हे थोंग जिओ डक एविस, वियतनाम तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में वियतनाम के खेल, योग और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े अनेक प्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों ने भाग लिया।इस अवसर पर वियतनाम योग फेडरेशन ...
रक्षाबंधन पर धामी सरकार का बहनों को तोहफा, दो दिन रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

रक्षाबंधन पर धामी सरकार का बहनों को तोहफा, दो दिन रोडवेज बसों में मुफ्त सफर

देहरादून
28 और 29 अगस्त को महिलाएं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में कर सकेंगी निशुल्क यात्राहिमांतर ब्यूरो,  देहरादूनभाई-बहन के स्नेह, विश्वास और अटूट रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को विशेष सौगात दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में शत-प्रतिशत किराया छूट की घोषणा की है। इसके तहत 28 और 29 अगस्त 2026 को प्रदेश की महिलाएं उत्तराखंड की सीमा के भीतर निगम की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी। सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों, मायके और परिजनों से मिलने के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान की यात्रा करती हैं। ऐसे में दो दिनों तक निशुल्क बस यात्रा की सुविधा न केवल उनके सफर को आसान बनाएगी, बल्कि यात्रा पर होने वाले खर्च से भी राहत दे...
फिताड़ी में अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए 25 लाख का बजट, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं

फिताड़ी में अल्ट्रासाउंड मशीन के लिए 25 लाख का बजट, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र ही नहीं

उत्तराखंड हलचल
  आयुर्वेदिक उपकेंद्र के सहारे स्वास्थ्य व्यवस्था, विशेषज्ञ चिकित्सक और तकनीकी स्टाफ भी नहीं; ग्रामीणों ने मशीन सीएचसी मोरी में लगाने की मांग कीनीरज उत्तराखंडी, पुरोलासुदूरवर्ती मोरी क्षेत्र के फिताड़ी गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली के बीच जिला योजना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। गांव में स्वास्थ्य विभाग का अपना एलोपैथिक भवन तक उपलब्ध नहीं है और यहां संचालित स्वास्थ्य उपकेंद्र भी आयुर्वेदिक है। इसके बावजूद जिला योजना में फिताड़ी गांव में अल्ट्रासाउंड मशीन की खरीद के लिए करीब 25 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है। अल्ट्रासाउंड मशीन के संचालन के लिए आवश्यक विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित तकनीकी मानव संसाधन और उपयुक्त चिकित्सा ढांचा उपलब्ध नहीं होने के कारण यह बजट आवंटन सवालों के घेरे में आ गया है। ग्रामीणों और जनप्रत...
टीएचडीसी टनल रेस्क्यू अभियान पूर्ण, सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाला गया

टीएचडीसी टनल रेस्क्यू अभियान पूर्ण, सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाला गया

चमोली
लगभग 117 घंटे चले अभियान में 12 श्रमिकों को सकुशल रेस्क्यू किया गया, 10 श्रमिकों की हुई दुखद मृत्यु हाट-सियासैण, मायापुर (पीपलकोटी) चमोली में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त 2026 की शाम पानी का रिसाव एवं भूस्खलन होने से हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन की निगरानी में चलाया जा रहा खोज एवं बचाव अभियान मंगलवार को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे एवं लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है। घटना के समय टनल में एचसीसी कंपनी द्वारा कार्य किया जा रहा था। पानी के रिसाव एवं भूस्खलन के कारण प्रारंभिक रूप से लगभग 22 कर्मचारियों के टनल में फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर खोज एवं ...
आजादी के 80 वर्ष: भारत की स्वतंत्रता, स्वराज और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की चुनौती

आजादी के 80 वर्ष: भारत की स्वतंत्रता, स्वराज और औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्ति की चुनौती

लोक पर्व-त्योहार
स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त, 2026)  पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा     स्वतंत्रता निश्चय ही सभ्य मानव समाज का सर्वोत्तम आविष्कार है जो मनुष्य को अपने चुने हुए लक्ष्यों को पाने के लिए सामर्थ्यसंपन्न बनाती है। आज विकास, प्रगति और उन्नति के मार्ग पर चलने के लिए स्वतंत्रता को सबसे ताकतवर हथियार माना जाता है। स्वतंत्रता समर्थ बनाती है यही सोच कर पराधीनताओं की बेड़ियों को तोड़ने के लिए विश्व में अनेक संग्राम होते आ रहे हैं। अभी भी म्यांमार जैसे कई देशों में तानाशाही के ख़िलाफ़ बेचैनी है और उसके आतंक का प्रतिरोध जारी है। वस्तुतः प्राणिमात्र उस नैसर्गिक परिस्थिति में ही जीना चाहता है जिसमें मुक्त हो कर अपनी शर्तों पर जिया जा सके। परतंत्र होने पर गोस्वामी तुलसीदास के शब्दों में सपने भी सुख नसीब नहीं होता: पराधीन सप...
स्वतंत्रता दिवस पर रैबासी फाउंडेशन की पहल, धारकोट के बच्चों को बांटी स्टेशनरी और मिठाई

स्वतंत्रता दिवस पर रैबासी फाउंडेशन की पहल, धारकोट के बच्चों को बांटी स्टेशनरी और मिठाई

पौड़ी गढ़वाल
  यमकेश्वर (उत्तराखंड)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रैबासी फाउंडेशन ने “हर घर तिरंगा” अभियान के तहत ग्राम धारकोट में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान गांव के प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र के बच्चों के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा की गईं और उन्हें स्टेशनरी सामग्री व मिठाई वितरित की गई।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने के साथ ही राष्ट्रध्वज के सम्मान, देशप्रेम और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया। फाउंडेशन के सदस्यों ने बच्चों को “हर घर तिरंगा” अभियान का महत्व बताया और स्वतंत्रता दिवस के संदेश से अवगत कराया। स्टेशनरी और मिठाई मिलने से बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।रैबासी फाउंडेशन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य बच्चों को आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना तथा शिक्षा, संस्कार और राष्ट्...
स्वतंत्रता दिवस पर SP कमलेश उपाध्याय सहित उत्तरकाशी पुलिस के तीन अधिकारी-कर्मी होंगे सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस पर SP कमलेश उपाध्याय सहित उत्तरकाशी पुलिस के तीन अधिकारी-कर्मी होंगे सम्मानित

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो,  उत्तरकाशीस्वतंत्रता दिवस-2026 के अवसर पर उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय द्वारा कर्तव्यनिष्ठा, उत्कृष्ट सेवा, विशिष्ट कार्य एवं सराहनीय योगदान के लिए उत्तरकाशी पुलिस के तीन अधिकारी एवं कर्मियों को “पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क” से सम्मानित किया जाएगा।पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय को विशिष्ट कार्य के लिए “पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क-गोल्ड” प्रदान किया जाएगा। वहीं मुख्य आरक्षी श्रीमती बीना चौधरी को सेवा के आधार पर तथा आरक्षी श्री लायवर सिंह को विशिष्ट कार्य के लिए “पुलिस महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क-सिल्वर” से सम्मानित किया जाएगा।इन सम्मान को उत्तरकाशी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस विभाग के अनुसार यह सम्मान पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय के कुशल नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण एवं उत्कृष्ट कार्यशैली तथा सम्मानित...
उत्तरकाशी में SIR की कवायद तेज, 63,717 नोटिस जारी; 13,646 मामलों की हो चुकी सुनवाई

उत्तरकाशी में SIR की कवायद तेज, 63,717 नोटिस जारी; 13,646 मामलों की हो चुकी सुनवाई

उत्तरकाशी
  तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 61,182 मतदाताओं को नोटिस वितरित, 558 मतदान केंद्रों पर बीएलओ जुटे पुनरीक्षण कार्य मेंहिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीनिर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत उत्तरकाशी जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अब तक 63,717 नोटिस जारी किए गए हैं, जिनमें से 61,182 नोटिस मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं। वितरित नोटिसों में से 13,646 मामलों की सुनवाई भी पूरी हो चुकी है।जिले के कुल 558 मतदान केंद्रों पर बीएलओ और निर्वाचन कार्मिक मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में जुटे हैं। नोटिस प्राप्त मतदाताओं से दावे और आपत्तियां प्राप्त करने के साथ ही निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामलों की सुनवाई की जा रही है।पुरोला में सबसे अधिक मामलों की सुनवाई विधानसभ...
आंदोलन, लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और इतिहास: स्वतंत्रता के बाद भारत

आंदोलन, लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता और इतिहास: स्वतंत्रता के बाद भारत

समसामयिक
 डॉ. रुद्रेश नारायण मिश्र राजनीति एवं मीडिया विशेषज्ञ भारत की स्वतंत्रता केवल सत्ता के हस्तांतरण की घटना नहीं थी; यह एक ऐसे राष्ट्र के पुनर्निर्माण की शुरुआत थी, जिसने सदियों की राजनीतिक अस्थिरता, औपनिवेशिक शासन, विभाजन और सामाजिक चुनौतियों के बाद स्वयं को लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। 1947 के बाद भारत का इतिहास केवल सरकारों और राजनीतिक दलों का इतिहास नहीं है। यह आंदोलनों, जनभावनाओं, असहमतियों, संघर्षों, बलिदानों और उन निर्णयों का इतिहास भी है, जिन्होंने देश की दिशा को बार-बार प्रभावित किया। यदि हम स्वतंत्र भारत के इतिहास को ध्यान से देखें, तो पाएँगे कि अनेक महत्वपूर्ण परिवर्तन आंदोलनों और जनदबाव के परिणामस्वरूप हुए। कभी आंदोलन ने सरकार को अपनी नीति बदलने के लिए विवश किया, कभी उसने लोकतंत्र को मजबूत किया और कभी किसी आंदोलन ने देश की एकता तथा संवैधानिक व्यवस्था ...
पारंपरिक कृषि एवं पहाड़ी अनाजों के संरक्षण की मिसाल बनीं ‘रेड राइस लेडी’ स्वतंत्री बंधानी, मिला तीलू रौतेली सम्मान-2026

पारंपरिक कृषि एवं पहाड़ी अनाजों के संरक्षण की मिसाल बनीं ‘रेड राइस लेडी’ स्वतंत्री बंधानी, मिला तीलू रौतेली सम्मान-2026

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, नौगांव (उत्तरकाशी)उत्तराखंड की पारंपरिक कृषि, स्थानीय अनाजों के संरक्षण एवं ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पिछले करीब दो दशकों से निरंतर कार्य कर रहीं स्वतंत्री बंधानी को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए तीलू रौतेली सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया है। लाल चावल के संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के चलते उन्हें ‘रेड राइस लेडी’ के नाम से पहचान मिली है।स्वतंत्री बंधानी का कार्य केवल लाल चावल के संरक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने उत्तराखंड की पारंपरिक एवं पोषक फसलों कोणी, चीना सहित विभिन्न मिलेट्स और स्थानीय अनाजों के संरक्षण, संवर्धन और इनके महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लंबे समय से कार्य किया है। बदलते कृषि परिवेश में पारंपरिक फसलों की घटती खेती के बीच इन फसलों को बचाने और किसानों को इनके उत्पादन के लिए प्रोत्...