Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
देहरादून में 17 होमस्टे पर बड़ी कार्रवाई, पंजीकरण रद्द; नियम तोड़ने वालों पर डीएम सख्त

देहरादून में 17 होमस्टे पर बड़ी कार्रवाई, पंजीकरण रद्द; नियम तोड़ने वालों पर डीएम सख्त

देहरादून
नियमों की अनदेखी पर डीएम सख्त, पर्यटन वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया शुरूहिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदेहरादून में कानून व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अवैध एवं नियम विरुद्ध संचालित होमस्टे के खिलाफ सख्त अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के तहत प्रथम चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। साथ ही इन होमस्टे को पर्यटन विभाग की वेबसाइट से हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान प्रशासन को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं। कई होमस्टे होटल की तरह व्यावसायिक रूप से संचालित हो रहे थे। कुछ स्थानों पर देर रात तक बार संचालन, तेज डीजे, पार्टियों और अन्य नियम विरुद्ध गतिविधियों की शिकायतें सामने आईं। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के संचालन से कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट...
हिमालय के लैण्डस्केप का आईना है बण्डीधुर्रा ट्रेक

हिमालय के लैण्डस्केप का आईना है बण्डीधुर्रा ट्रेक

ट्रैवलॉग, पर्यटन
 जे. पी. मैठाणी फोटो- अजय भण्डारी, सिद्धार्थ नेगी एवं अमन नेगी अरे भाई साब जयदीप से कह देना जरा एक टैंट चाहिए हमारी टीम फिर से बण्डीधुर्रा ट्रेक पर जा रही है। मुझे याद है अजय भण्डारी की यह टीम मार्च 2020-21 में भी इस ट्रेक पर गये थे। उधर मैंने जयदीप से टैंट की बात की और इधर हमारे गाँव के युवाओं की टीम नौरख के पदानखोला (देश की आजादी से पहले हर गाँव में एक मुखिया होता था जिसे प्रधान या गढ़वाली  में पदान कहते थे) यानी पीपलकोटी नौरख गाँव के सबसे ऊपर वाले घर के आंगन में तैयार हैं बण्डीधुर्रा ट्रेक पर जाने के लिए। पीपलकोटी (अब नगर पंचायत पीपलकोटी) से उत्तर पश्चिम में अलकनन्दा नदी बहती है। ठीक दक्षिण में किरूली-पांचुला बुग्याल बांज, बुरांस और रिंगाल के घने जंगलों के बीच स्थित है। और उत्तर-पूर्व दिशा में बण्डीधुर्रा फैला हुआ है जो आगे लॉर्ड कर्जन पास के साथ-साथ पुराने रूपकुण्ड ट्रेक क...
खलाड़ी में जागमाता महाअनुष्ठान संपन्न: पांच दिवसीय पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंज उठी रवांई घाटी

खलाड़ी में जागमाता महाअनुष्ठान संपन्न: पांच दिवसीय पूजा में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयकारों से गूंज उठी रवांई घाटी

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोलाप्राचीन धार्मिक परंपराओं और लोक आस्था का अद्भुत संगम एक बार फिर रवांई घाटी में देखने को मिला। खलाड़ी गांव में आयोजित जागमाता का पांच दिवसीय विशेष पूजा एवं महाअनुष्ठान सोमवार को पूर्ण विधि-विधान, गहरे धार्मिक उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हो गया। इस दौरान हजारों श्रद्धालु विभिन्न क्षेत्रों से यहां पहुंचे और माता के जयकारों से पूरी घाटी भक्तिमय माहौल में डूबी रही। समुद्र तल से लगभग 1772 मीटर की ऊंचाई पर स्थित खलाड़ी गांव का यह प्राचीन शक्तिपीठ आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं और इतिहासकारों के अनुसार यह स्थल 15वीं शताब्दी से भी पूर्व का है। शक्तिपीठ परिसर के आसपास नेपाल और विक्टोरिया काल के प्राचीन सिक्कों के रोपित होने की मान्यता इस क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती है। महाअनुष्ठान क...
देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला आक्रोश मशाल यात्रा, हजारों महिलाओं की भागीदारी

देहरादून में सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला आक्रोश मशाल यात्रा, हजारों महिलाओं की भागीदारी

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदेहरादून में गांधी पार्क से घण्टाघर तक मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में आयोजित महिला आक्रोश मशाल यात्रा में भारी जनसमूह उमड़ा। इस दौरान महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों को लेकर बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और बेटियां सड़कों पर उतरीं, जिसने प्रदेश में एक सशक्त सामाजिक और राजनीतिक संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मशाल यात्रा केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में उठी सामूहिक आवाज है। उन्होंने कहा कि देश की नारी अब अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पहले से अधिक जागरूक और मुखर हो चुकी है।उन्होंने यह भी कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय लंबे समय तक लंबित रहे, जबकि हाल के वर्षों में इस दिशा में ठोस पहल की गई है। मुख्यमंत्री ने बिना किसी दल का नाम लिए विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल महिलाओं के मुद्दों को ग...
बागेश्वर में रिवर्स माइग्रेशन की मिसाल: आधुनिक कृषि और कीवी खेती से पलायन पर लगाम, बढ़ी किसानों की आय

बागेश्वर में रिवर्स माइग्रेशन की मिसाल: आधुनिक कृषि और कीवी खेती से पलायन पर लगाम, बढ़ी किसानों की आय

बागेश्‍वर
  पहाड़ में लौटती उम्मीद: आधुनिक कृषि से बदल रहा बागेश्वर का भविष्यहिमांतर ब्यूरो, बागेश्वरउत्तराखंड के पहाड़ों में वर्षों से पलायन एक गंभीर सामाजिक-आर्थिक चुनौती रहा है। बेहतर शिक्षा, रोजगार और सुविधाओं की तलाश में गांवों से शहरों की ओर बढ़ता कदम अक्सर सूने घरों और वीरान खेतों की कहानी कहता था। लेकिन अब इसी पहाड़ में एक नई कहानी जन्म ले रही है- “रिवर्स माइग्रेशन” की कहानी, जहां लोग लौट रहे हैं… और सिर्फ लौट ही नहीं रहे, बल्कि अपने गांवों की तस्वीर बदल रहे हैं। बागेश्वर इस बदलाव की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरा है। यहां आधुनिक कृषि, सरकारी योजनाओं और स्थानीय प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने उम्मीद की नई किरण जगाई है।बदलती सोच, बदलती ज़मीन जिलाधिकारी आकांक्षा कोंड़े के नेतृत्व में जनपद में कृषि को केवल आजीविका नहीं, बल्कि उद्यम के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास क...
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फोकस: 45 दिन में 520 किलो शहद उत्पादन, उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का बड़ा फोकस: 45 दिन में 520 किलो शहद उत्पादन, उत्तराखंड में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास परिसर में शहद निकालने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। इस वर्ष मात्र 45 दिनों की अवधि में यहां 520 किलोग्राम शहद का उत्पादन किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में शहद उत्पादन को बढ़ावा देने की अपार संभावनाएं हैं, विशेषकर पर्वतीय और वन क्षेत्रों में। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में बी-बॉक्स की स्थापना के लिए एक प्रभावी नीति तैयार की जाए, ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत मधुमक्खी पालन को प्राथमिकता दी जाएगी और इससे जुड़े किसानों एवं उद्यमियों को विशेष सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा तथा ...
हजारों महिलाओं के साथ सड़क पर उतरे CM धामी, देहरादून में निकली जन आक्रोश पदयात्रा

हजारों महिलाओं के साथ सड़क पर उतरे CM धामी, देहरादून में निकली जन आक्रोश पदयात्रा

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित महिला जन आक्रोश रैली में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने हजारों महिलाओं के साथ परेड ग्राउंड से घंटाघर तक निकाली गई जन आक्रोश पदयात्रा में भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति को लोकतांत्रिक व्यवस्था में उनका अधिकार दिलाने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया था, लेकिन लोकसभा में संख्या बल के अभाव में इसे पारित नहीं किया जा सका। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस विधेयक को पारित होने से रोककर महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया है।उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो चुकी हैं और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने के लिए तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने महिल...
त्यूणी में जौनसारी बोउरी बाल कवि सम्मेलन का आयोजन, बच्चों ने लोकभाषा संरक्षण का दिया संदेश

त्यूणी में जौनसारी बोउरी बाल कवि सम्मेलन का आयोजन, बच्चों ने लोकभाषा संरक्षण का दिया संदेश

देहरादून
 नीरज उत्तराखंडीआखर लोक बोली भाषा समिति के तत्वावधान में पंडित शिवराम राजकीय महाविद्यालय, त्यूणी में जौनसारी बोउरी बाल कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और स्थानीय बाल प्रतिभाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए जौनसारी बोली में कविता पाठ प्रस्तुत किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा, लोकसंस्कृति और पारंपरिक साहित्य से जोड़ना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। लोकभाषा संरक्षण के संदेश के साथ बच्चों ने जौनसारी बोउरी में सामाजिक जीवन, पहाड़ी संस्कृति, प्रकृति, रिश्तों और लोक परंपराओं पर आधारित कविताओं का प्रभावशाली प्रस्तुतिकरण किया। बाल प्रतिभाओं की भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और स्थानीय बोली के महत्व को पुनः रेखांकित किया।सम्मेलन में मुख्य अति...
उत्तरकाशी: हॉट मिक्स प्लांट के जहरीले धुएं से दहशत में जरड़ा गांव, ग्रामीणों ने उठाई हटाने की मांग

उत्तरकाशी: हॉट मिक्स प्लांट के जहरीले धुएं से दहशत में जरड़ा गांव, ग्रामीणों ने उठाई हटाने की मांग

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी,  नौगांवबिल्ला–जरड़ा मोटर मार्ग पर संचालित हॉट मिक्स प्लांट से निकल रहे कथित जहरीले धुएं ने जरड़ा गांव के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट नियमों के विपरीत संचालित हो रहा है, जिससे न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बड़कोट को ज्ञापन सौंपकर प्लांट की जांच कर उसे आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्लांट से उठने वाला धुआं आसपास की फसलों और चारा पत्ती को नुकसान पहुंचा रहा है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट मंडराने लगा है। कास्तकार रणजोर सिंह, प्रताप सिंह, दिवान सिंह, सोमेन्द्र सिंह, अकबर सिंह, राजवीर सिंह, अब्बल सिंह और संदीप सिंह सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि प्लांट के बेहद करीब उनकी कृषि भूमि स्थित है। गांव और प्लांट के बीच हवाई दूरी ...
रवांई में विलुप्त होती ‘कुनाई तेल पिराई’ परंपरा, रिफाइंड तेल ने छीना पारंपरिक स्वाद

रवांई में विलुप्त होती ‘कुनाई तेल पिराई’ परंपरा, रिफाइंड तेल ने छीना पारंपरिक स्वाद

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोला (उत्तरकाशी)रवांई घाटी की सुबहें कभी सिर्फ सूरज की रोशनी से नहीं, बल्कि सरसों और खुबानी (चुलु) के ताजे तेल की खुशबू से भी जगती थीं। आंगन में रखी लकड़ी की कुनाई, आसपास जुटी महिलाएं, और हंसी-ठिठोली के बीच चलती तेल पिराई- यह दृश्य यहां के जीवन का अभिन्न हिस्सा हुआ करता था। आज वही खुशबू धुंधली पड़ चुकी है। बाजार के रिफाइंड तेल ने न सिर्फ रसोई का स्वाद बदला है, बल्कि एक पूरी परंपरा को धीरे-धीरे खत्म होने के कगार पर ला खड़ा किया है।जब परंपरा थी सामूहिक उत्सव मोरी क्षेत्र के पंचगाई, अठोर, बढ़ासु, फतेपर्वत और आराकोट जैसे गांवों में सर्दियों की शुरुआत तेल पिराई के मौसम का संकेत होती थी। यह केवल एक काम नहीं, बल्कि सामूहिक उत्सव जैसा अनुभव था। गांव की महिलाएं सप्ताहभर तक एक-दूसरे के घरों में जुटतीं, गीत गातीं और काम के साथ रिश्तों को भी मजबूत करतीं। कुनाई ...