Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
हिमालयी संकट पर मंथन: सतत विकास और इको-टूरिज्म को लेकर वैश्विक संगोष्ठी आयोजित

हिमालयी संकट पर मंथन: सतत विकास और इको-टूरिज्म को लेकर वैश्विक संगोष्ठी आयोजित

दिल्ली-एनसीआर
 हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीमोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन (Molyar Resource Foundation) ने साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय (यूके) के सहयोग से “हिमालय में सशक्तिकरण : सतत विकास और इको-टूरिज्म” विषय पर एक उच्च स्तरीय बहुविषयक संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी में प्रमुख शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों, विचारकों एवं सामुदायिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा हिमालयी क्षेत्र के सामने उपस्थित बढ़ती पारिस्थितिक, विकासात्मक और सामाजिक-सांस्कृतिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि वर्तमान दोहनकारी सामूहिक पर्यटन मॉडल के स्थान पर उत्तरदायी, समुदाय-केंद्रित और पर्यावरणीय रूप से संतुलित विकास मॉडल अपनाया जाना आवश्यक है। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ, जो ज्ञान, सामंजस्य और सामूहिक प्रगति का प्रतीक ह...
मत्स्य पालन को बढ़ावा: सीएम धामी ने रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को किया फ्लैग ऑफ

मत्स्य पालन को बढ़ावा: सीएम धामी ने रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को किया फ्लैग ऑफ

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को निरंजनपुर, देहरादून में राज्यभर से आए पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन न केवल ग्रामीण जीवन का अभिन्न हिस्सा है, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का मुख्य आधार भी है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि गांव, किसान और पशुपालक आर्थिक रूप से मजबूत होंगे तभी देश आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पशुपालन और मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए “प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना”, “राष्ट्रीय पशुधन मिशन”, “राष्ट्रीय गोकुल मिशन”, “पशुपालन अवसंरचना विकास कोष” और “किसान क्रेडिट कार्ड” जैसी...
अपर यमुना वन प्रभाग में ड्रोन से होगी निगरानी, वनाग्नि पर कड़ा एक्शन

अपर यमुना वन प्रभाग में ड्रोन से होगी निगरानी, वनाग्नि पर कड़ा एक्शन

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, बड़कोटअपर यमुना वन प्रभाग के जंगलों में अब आगजनी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। वन विभाग ने पहली बार आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य वनाग्नि की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। ड्रोन से होगी 24 घंटे निगरानी मुख्य वन संरक्षक के निर्देश पर शुरू की जा रही इस योजना के तहत बड़कोट स्थित अपर यमुना वन प्रभाग की संवेदनशील रेंज—मुगरसंती, कुथनौर और रवांई—में ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएंगे। इन क्षेत्रों में हर वर्ष फायर सीजन के दौरान सबसे अधिक आग की घटनाएं सामने आती हैं। ड्रोन के माध्यम से आग की सटीक लोकेशन तुरंत मिल सकेगी, जिससे समय रहते उस पर काबू पाया जा सकेगा।फायर सीजन में बढ़ता खतरा वन विभाग के अनुसार 15 फरवरी से 15 जून तक चलने वा...
मोरी के पुजेली गांव में ध्याणटूड़ी मैती मिलन कार्यक्रम, लोक संस्कृति और एकता का भव्य उत्सव

मोरी के पुजेली गांव में ध्याणटूड़ी मैती मिलन कार्यक्रम, लोक संस्कृति और एकता का भव्य उत्सव

उत्तराखंड हलचल
 नीरज उत्तराखंडी, पुरोला-मोरी, उत्तरकाशीजनपद उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुजेली में 4 मई को ध्याणटूड़ी मैती मिलन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक एकता को समर्पित इस आयोजन में क्षेत्रभर से बड़ी संख्या में ग्रामीणों, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय रीति-रिवाजों के साथ किया गया, जिसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का दौर चला। ग्रामीण महिलाओं और युवाओं ने पारंपरिक लोकगीतों और लोकनृत्यों के माध्यम से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित जनों ने खूब सराहा। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा माहौल बना रहा। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम हमारी लोक परंपराओं को जीवित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। बुजुर्गो...
बालप्रहरी बाल साहित्य सम्मान-2026 से सम्मानित होंगे महावीर रवांल्टा

बालप्रहरी बाल साहित्य सम्मान-2026 से सम्मानित होंगे महावीर रवांल्टा

बाल-चौपाल, साहित्यिक-हलचल
 नीरज उत्तराखंडीबाल साहित्य सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ साहित्यकार महावीर रवांल्टा को उनकी चर्चित कृति ‘गोलू पढ़ेगा’ के लिए वर्ष 2026 का प्रतिष्ठित ‘बालप्रहरी बाल साहित्य सम्मान’ प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें आगामी 14 जून 2026 को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) डीडीहाट, पिथौरागढ़ में आयोजित राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह में प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी ‘बालप्रहरी’ त्रैमासिक पत्रिका के संपादक एवं बाल साहित्य संस्थान, अल्मोड़ा के सचिव उदय किरौला द्वारा जारी विज्ञप्ति में दी गई। समारोह में देशभर के 10 चयनित बाल साहित्यकारों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र, अंगवस्त्र एवं नगद राशि देकर सम्मानित किया जाएगा। महावीर रवांल्टा पिछले चार दशकों से बाल साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उनकी रचनाओं में बच्चों की संवेदनाओं, जीव...
2014 के बाद सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, चारधाम यात्रा में 3 लाख श्रद्धालु

2014 के बाद सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, चारधाम यात्रा में 3 लाख श्रद्धालु

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का एक नया दौर शुरू हुआ है. देहरादून के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित मां भगवती जागरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की. मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर निर्माण केवल एक धार्मिक परियोजना नहीं, बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने दृढ़ संकल्प के साथ इस कार्य को आगे बढ़ाया, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा. उन्होंने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसे ...
मोरी में अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई, 31 लोगों पर FIR दर्ज

मोरी में अवैध अफीम की खेती पर बड़ी कार्रवाई, 31 लोगों पर FIR दर्ज

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, मोरी (उत्तरकाशी)जनपद उत्तरकाशी के मोरी क्षेत्र में अवैध नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध अफीम (पोस्त) की खेती का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 31 भू-स्वामियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। “ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन” और नशामुक्त अभियान के अंतर्गत, पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिलेभर में अवैध नशे के कारोबार पर लगातार सख्ती बरती जा रही है। इसी क्रम में 3 मई 2026 को पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट के पर्यवेक्षण में तहसीलदार मोरी और थानाध्यक्ष मोरी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मोरी के सुदूरवर्ती ग्राम पेन्सर (कनुरा तोक मार्ग) में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान टीम ने लगभग 75 वर्ग मीटर क्षेत्र में उगाई जा रही अवैध अफीम/पोस्त की खेती को मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके साथ ही पोस्त के पौधों औ...
3 मई 1945: जौनसार-बावर के वीर शहीद केसरी चंद का बलिदान दिवस, 24 साल की उम्र में हंसते-हंसते फांसी पर चढ़े

3 मई 1945: जौनसार-बावर के वीर शहीद केसरी चंद का बलिदान दिवस, 24 साल की उम्र में हंसते-हंसते फांसी पर चढ़े

देहरादून
 नीरज उत्तराखंडी, बड़कोट/चकरातादेश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जौनसार-बावर के वीर सपूत, शहीद केसरी चंद का बलिदान दिवस आज श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है। मात्र 24 वर्ष 6 माह की आयु में देशभक्ति की अद्वितीय मिसाल पेश करने वाले केसरी चंद ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी और इतिहास में अमर हो गए। जौनसार-बावर क्षेत्र के क्यावा गांव में 1 नवंबर 1920 को जन्मे केसरी चंद बचपन से ही प्रतिभाशाली और साहसी स्वभाव के थे। उनके पिता पंडित शिवदत्त और माता रायबेली थीं। जन्म के छह माह बाद ही उनकी माता का निधन हो गया, जिसके बाद पिता ने ही उनका पालन-पोषण किया। प्रारंभिक शिक्षा विकासनगर में प्राप्त करने के बाद उन्होंने डीएवी कॉलेज, देहरादून से आगे की पढ़ाई की। खेलों में उनकी विशेष रुचि थी और वे अनुशासनप्रिय छात्र माने जाते थे।...
यमुनाघाटी में भारी ओलावृष्टि से फसलें तबाह, खरादी–गगटाड़ी के किसानों पर टूटा संकट, मुआवजे की मांग तेज

यमुनाघाटी में भारी ओलावृष्टि से फसलें तबाह, खरादी–गगटाड़ी के किसानों पर टूटा संकट, मुआवजे की मांग तेज

उत्तरकाशी
हिमांतर ब्यूरो, नौगांव उत्तरकाशीयमुनाघाटी के खरादी और गगटाड़ी क्षेत्र में रविवार को हुई अचानक भारी ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। तेज बारिश के साथ गिरे बड़े-बड़े ओलों ने खेतों में खड़ी फसलों को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय किसानों के अनुसार, मौसम ने अचानक करवट ली और कुछ ही मिनटों में तेज ओलावृष्टि शुरू हो गई। ओलों की मार से तैयार गेहूं, मटर, सब्जियां और बागवानी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। कई स्थानों पर पेड़ों से फल झड़ गए, जिससे बागवानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार उनकी आय का मुख्य आधार यही फसलें थीं, लेकिन इस प्राकृतिक आपदा ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। खेतों में बिछी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं और कई किसानों की महीनों की मेहनत कुछ ही देर में बर्बाद हो गई। प्...
9 साल बाद भी नहीं बनी सड़क: खनेड़ा गांव के ग्रामीणों में आक्रोश, सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार की चेतावनी

9 साल बाद भी नहीं बनी सड़क: खनेड़ा गांव के ग्रामीणों में आक्रोश, सरकारी कार्यक्रमों के बहिष्कार की चेतावनी

उत्तरकाशी
नीरज उत्तराखंडी, बड़कोट (उत्तरकाशी)ग्राम पंचायत खनेड़ा के ग्रामीणों ने लंबे समय से लंबित सड़क निर्माण कार्य को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया है। गांव में आयोजित एक बैठक में ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत स्वीकृत मोटर मार्ग का निर्माण कार्य नौ वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो पाया है। इसके चलते ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। ग्राम प्रधान संगीता रावत की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत खनेड़ा गांव के लिए मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सड़क बनने से गांव की कनेक्टिविटी सुधरेगी और शिक्षा, स्वास्थ्य व कृषि से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलेगी, लेकिन वर्षों बाद भी निर्माण कार्य धरातल पर नहीं उतर सका है...