Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
हरिद्वार में जुटे देश के 12 राज्यों के 112 साहित्यकार

हरिद्वार में जुटे देश के 12 राज्यों के 112 साहित्यकार

अल्‍मोड़ा
हरिद्वार में राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी संपन्न, बालसाहित्य के विभिन्न पक्षों पर हुई चर्चा अल्मोड़ा. बच्चों को उपदेश देने के बजाय हम बड़े लोगों को उनके सामने आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए. ये बात कहीं लालढांग, हरिद्वार में बालप्रहरी, बालसाहित्य संस्थान अल्मोड़ा तथा नेताजी सुभाषचंद्र बोस आवासीय छात्रावास लालढांग द्वारा 8 जून से आयोजित राष्ट्रीय बालसाहित्य संगोष्ठी के समापन समारोह के मुख्य अतिथि प्रो. हेमचंद्र पांडे,कुलपति हेमवतीनंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय देहरादून ने . उन्होंने कहा कि बच्चे तभी हमारा अनुकरण करेंगे. जब हम उपदेश के बजाय स्वयं अपने आचरण में उन बातों को  लाएंगे. 10 जून को संपन्न समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ बालसाहित्यकार सिंघानिया विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.रामनिवास मानव ने कहा कि बच्चों के लिए लिखते समय हमें बच्चों के मनोविज्ञान को समझते...
उत्तरकाशी : ‘सीमांत गांवों का विकास कैसे हो’ विषय पर मुख्यमंत्री ने छात्रों से की चर्चा

उत्तरकाशी : ‘सीमांत गांवों का विकास कैसे हो’ विषय पर मुख्यमंत्री ने छात्रों से की चर्चा

उत्तरकाशी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को उत्तरकाशी स्थित लो.नि.वि. निरीक्षण भवन परिसर में अयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए "सीमांत गांवों का विकास कैसे हो" विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं/एन०सी०सी० कैडेट्स के साथ संवाद किया. साथ ही उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों, पूर्व सैनिक संगठन, स्थनीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल, बार एसोसिएशन व अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद एवं भेंट वार्ता की. इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शौर्य स्थल, उत्तरकाशी के सौंदर्यकरण एवं टीन सेट लगाने की घोषणा की. उन्होंने कहा शौर्य स्थल में प्रतीक्षालय का निर्माण कार्य कराया जाएगा. इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया. "सीमान्त गाँवों का विकास कैसे हो" विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री धामी के समक्ष सीमांत क्षेत्रों में स्वास्...
पड़ाव : काया में जुटेंगे नवोदित चित्रकार

पड़ाव : काया में जुटेंगे नवोदित चित्रकार

कला-रंगमंच
आज यानी 11 जून से देहरादून स्थित काया लर्निंग सेण्टर में ‘पड़ाव’ कार्यक्रम का आयोजन होने जा रहा है. यह एक मेण्टरशिप कार्यक्रम है, जिसमें उत्तराखण्ड में कला क्षेत्र से जुड़े 20 स्थानीय युवाओं को फैलोशिप प्रदान की गयी है. इस पांच दिवसीय कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उत्तराखंड निवासी चित्रकार जगमोहन बंगाणी मेण्टर के रूप में इन युवाओं को प्रशिक्षण एवं कला सम्बन्धी परामर्श देंगे. काया लर्निंग सेण्टर प्राकृतिक वातावरण में वास्तविक एवं अनुभव-आधारित ज्ञान को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है. जगमोहन बंगाणी ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रशिक्षक और प्रशिक्षुओं के बीच अनुभवात्मक साझाकरण पर केंद्रित होगा, जिसमें उत्तराखण्ड के नवोदित चित्रकारों को समकालीन कला के विभिन्न आयामों से परिचित कराते हुए उनके वर्तमान कला अभ्यास को निखारने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि, वह स्वयं उत्तराखण्ड के दूरस...
जौनसार: अनोखी परम्परा है रहिणी जीमात   

जौनसार: अनोखी परम्परा है रहिणी जीमात   

साहित्‍य-संस्कृति
फकीरा सिंह चौहान स्नेही भारतीय संस्कृति में क्या खूब कहा गया है-  ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता:’ अर्थात जहां नारी की पूजा की जाती है, उसका सम्मान किया जाता है वहां देवताओं का वास होता है. मैं यह बात बड़े गर्व के साथ कह सकता हूं पहाड़ की संस्कृति के अंदर बहुत सारे ऐसे उदाहरण है जहां वास्तव में पुरुष प्रधान देश होने के बाद भी नारी को प्रथम स्थान तथा सम्मान दिया जाता है. जौनसार बावर के अंदर जो भी संस्कृति है वह अद्भुत और अनुकरणीय है. और सबसे बड़ी बात यह कि वह अपने आप मे अन्य संस्कृति से विशिष्ट है. इसी विशिष्टता के कारण इस क्षेत्र की कला संस्कृति और सभ्यता दुनिया को अपनी और आकर्षित करती है. जब भी हम जौनसार बावर की संस्कृति से परिचित होते हैं, हमें इंसानियत और मानवता की सर्वश्रेष्ठ  झलक यहां पर देखने को भली-भांति मिल जाती है. जौनसार  बाबर मे जब भी परिवार के जेष्ठ पुत्र का व...
बाय-बाय! नैनीताल मालरोड से पैडल रिक्शा…

बाय-बाय! नैनीताल मालरोड से पैडल रिक्शा…

नैनीताल
भुवन चंद्र पंत लगभग दो वर्ष पूर्व नैनीताल नगर में ई-रिक्शा की जब शुरूआत हुई तो स्थानीय लोगों में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिला, वहीं अब माननीय उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जब नैनीताल की मालरोड से पैडल रिक्शा सदा के लिए विदा लेंगें तो पैडल रिक्शा से जुड़ी खट्टी-मीठी यादें उन लोगों से ताउम्र जुड़ी रहेंगी, जो इसके साक्षी रहे हैं.सन् सत्तर के दशक में तल्लीताल से मल्लीताल के बीच एक तरफ का रिक्शा किराया मात्र 60 पैसे हुआ करता था, यदि रिक्शे में एक सवारी हो तो अन्य सवारी आधा यानी 30 पैसे भुगतान कर रिक्शा शेयर कर लिया करता. ये बात दीगर है कि कभी कभी लोभवश रिक्शा पूलर दो के बजाय तीन सवारी बैठाकर एक सवारी का किराया अलग से वसूल ले, लेकिन कानूनन यह मान्य नहीं है.सन् 1846 में अंग्रेजों द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सामान ढोने हेतु कुली व्यवस्था व माल रोड पर तल्लीताल से ...
उत्तराखंड: एनडीए और सीडीएस प्रारंभिक परीक्षा में चयन पर अब एक लाख रुपये देगी सरकार

उत्तराखंड: एनडीए और सीडीएस प्रारंभिक परीक्षा में चयन पर अब एक लाख रुपये देगी सरकार

देहरादून
प्रदेश के युवाओं के  राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और संयुक्त रक्षा सेवाएं (सीडीएस) की प्रारंभिक परीक्षा में चयन पर सरकार अब एक लाख रुपये देगी. उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक इसके लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. आर्थिक सहायता और प्रोत्साहन राशि के रूप में यह धनराशि दी जाएगी. प्रदेश के युवाओं का सेना में अफसर बनने का सपना पूरा करने के लिए सरकार इन युवाओं को मुफ्त कोचिंग के साथ ही आर्थिक और प्रोत्साहन राशि के रूप में एक लाख रुपये देने जा रही है. हालांकि विभाग की ओर से अब तक इसके लिए 50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन अब इस धनराशि को दोगुना किए जाने की तैयारी है. विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस योजना का लाभ उत्तराखंड के स्थायी एवं मूल निवासी उन छात्र-छात्राओं को मिलेगा जिसने 12वीं, स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षाएं राज्य के शिक्षण संस्थाओं से पास की है. ...
दो मंदिरों में लागू हुआ ड्रेस कोड, अमर्यादित कपड़ों में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं

दो मंदिरों में लागू हुआ ड्रेस कोड, अमर्यादित कपड़ों में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं

देहरादून
कांवड़ मेला शुरू होने से पहले पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी की ओर से हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर और ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया गया है. हाफ पैंट, फटी जींस, मिनी स्कर्ट, नाइट सूट पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा. मर्यादित कपड़े पहनकर आने वालों को ही मंदिर में प्रवेश कर दर्शन करने की अनुमति होगी. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंंद्रपुरी महाराज ने कुछ दिन पहले इन दोनों मंदिरों में अमर्यादित कपड़े पहनकर आने वाले श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि शालीनतापूवर्क व संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मंदिरों में साइन बोर्ड लगाए गए हैं. श्रद्धालुओं के शरीर 80 फीसदी तक ढके होने चाहिए. उन्होनें कहा कि देश के अधिकांश मंदिर चाहे वह संतों के ...
केदारनाथ: चोराबाड़ी ताल के ऊपर हुआ हिमस्खलन, पांच मिनट तक उठता रहा बर्फ का गुबार

केदारनाथ: चोराबाड़ी ताल के ऊपर हुआ हिमस्खलन, पांच मिनट तक उठता रहा बर्फ का गुबार

रुद्रप्रयाग
केदारनाथ धाम में गुरुवार को मंदिर के ऊपर चोराबाड़ी ताल की तरफ हिमस्खलन हो गया. घटना सुबह करीब सवा सात बजे की है. हिमस्खलन से करीब चार से पांच मिनट तक बर्फ का गुबार  उठता रहा. इस दौरान श्रद्धालु मंदिर में दर्शन कर रहे थे. बर्फ का धुंआ उठता देख वहां अफरा-तफरी मच गई. जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार यह घटना केदारनाथ से चार किलोमीटर दूर हुई है. हिमालय में होने वाली यह सामान्य घटना है. हिमस्खलन से कोई नुकसान नहीं हुआ. विभाग का कहना है कि पिछले कई दिनों से यहां पहाड़ियों पर हिमपात से भारी मात्रा में नई बर्फ जम रही है, जिसके बोझ से ऐसा हो रहा है . बीते वर्ष 22 सितंबर को शाम साढ़े चार बजे केदारनाथ मंदिर से लगभग तीन से चार किलोमीटर  पीछे पहाड़ी से आंशिक हिमस्खलन हुआ. इसके बाद पिछले साल ही एक अक्तूबर को शाम साढ़े पांच बजे के आसपास मंदिर से छह से सात किलोमीटर  पीछे फिर से आंशिक हिमस्खलन हुआ. इसक...
लम्बी अवधि से गायब शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति : डॉ. धन सिंह रावत

लम्बी अवधि से गायब शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति : डॉ. धन सिंह रावत

देहरादून
कहा शिक्षा विभाग के बनेंगे मानव सम्पदा व कैरियर काउंसिलिंग पोर्टल, आईटी सेल का होगा गठन, आउट सोर्स पर रखे जायेंगे एक्सपर्ट्स देहरादून. सूबे के शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि विभाग से लम्बे समय से गायब एवं अन्य प्रदेशों में तैनात शिक्षकों को चिन्हित कर अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी जायेगी. इसके लिये विभागीय अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों को चिन्हित कर सूची तैयार करने के निर्देश दे दिये गये हैं. साथ ही शारीरिक एवं मानसिक रूप से अक्षम शिक्षकों से भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति हेतु आवेदन लिये जायेंगे ताकि उनके स्थान पर नये शिक्षकों की नियुक्ति की जा सके. शिक्षा विभाग में शिक्षकों का सम्पूर्ण विवरण ऑनलाइन उपलब्ध करने के लिये मानव सम्पदा पोर्टल तैयार किया जायेगा. जिसका संचालन राज्य विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत होगा. विद्यालयी शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने आज विद्यालयी शिक्षा निदेशालय ...
कौन कहता है मोहन उप्रेती मर गया है!

कौन कहता है मोहन उप्रेती मर गया है!

स्मृति-शेष
लोक के चितेरे मोहन उप्रेती की पुण्यतिथि  (6 जून, 1997) की पूर्व संध्या पर स्मरणचारु तिवारी उस शाम मैं गुजर रहा था उद्दा की दुकान के सामने से, अचानक दुकान की सबेली में खड़े मोहन ने आवाज दी- ‘कहां जा रहा है ब्रजेन्द्र? यहां तो आ.’ क्या है यार? घूमने भी नहीं देगा.’ और मैं खीज कर उदेसिंह की दुकान के सामने उसके साथ घुस गया. उसके सामने ही लगी हुई लकड़ी की खुरदरी मेज थी. मोहन कुछ उत्तेजित-सा लग रहा था. मेज को तबला मानकर वह उसमें खटका लगाकर एक पूर्व प्रचलित कुमाउनी गीत को नितान्त नई धुन तथा द्रुत लय में गा रहा था. वह बार-बार एक ही बोल को दुहरा रहा था. उस गीत की नई और चंचल धुन मुझे भी बहुत अच्छी लग रही थी. गीत था- बेडू पाको बारामासा हो नरैण काफल पाको चैता मेरी छैला. रूणा-भूणा दिन आयो हो नरैण पूजा म्यारा मैता मेरी छैला. मोहन बार-बार यही धुन दुहरा रहा था. ‘अरे भाई... आगे तो गा.’ मैं बेसब्र ...