Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘धर्मरक्षक धामी’ सत्र में रखी देवभूमि की सुरक्षा और विकास की प्राथमिकताएं

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘धर्मरक्षक धामी’ सत्र में रखी देवभूमि की सुरक्षा और विकास की प्राथमिकताएं

दिल्ली-एनसीआर
  ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिया भाग हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीनई दिल्ली स्थित मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भाग लिया और राज्य की नीतियों, विकास पहलों तथा प्रशासनिक सुधारों पर अपने विचार साझा किए. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है. उन्होंने बताया कि 7,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया, और ऐसे समूहों पर कड़ी कार्रवाई की गई जो सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे.शिक्षा क्षेत्र में धामी ने कहा कि 01 जुलाई, 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित होंगे जो...
राष्ट्रीय फलक पर चमकेगी कोटद्वार की बेटियां

राष्ट्रीय फलक पर चमकेगी कोटद्वार की बेटियां

पौड़ी गढ़वाल
ग्वालियर में दिखाएंगी हॉकी का दम, तीन बालिकाओं का नेशनल टीम में चयन कोटद्वार (कण्वनगरी). कोटद्वार के खेल जगत के लिए यह अत्यंत हर्ष और गर्व का क्षण है. नगर की तीन प्रतिभावान बेटियों ने अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और फौलादी इरादों के बल पर उत्तराखंड की राष्ट्रीय हॉकी टीम में स्थान पक्का किया है. ये खिलाड़ी आगामी 2 से 7 जनवरी तक ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में देवभूमि उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेंगी.इन्होंने बढ़ाया कोटद्वार का मान राष्ट्रीय स्तर पर चयनित इन बालिकाओं ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर बेटियां किसी भी मुकाम तक पहुँच सकती हैं—प्राची रावत (पुत्री श्री भारत सिंह रावत) – उत्तराखंड अंडर-14 टीम कल्पना (पुत्री श्री गजपाल सिंह) – उत्तराखंड अंडर-14 टीम पल्लवी (पुत्री श्री कुलदीप चंद) – उत्तराखंड अंडर-19 ...
राष्ट्रीय नवोन्मेष और विकसित भारत की संकल्पना

राष्ट्रीय नवोन्मेष और विकसित भारत की संकल्पना

साहित्‍य-संस्कृति
  नव वर्ष (1 जनवरी 2026) पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा   पिछले एक दशक में भारत की छवि निश्चित रूप से एक सशक्त देश के रूप में निखरी है. नए वर्ष में इस बदलते भारत के भविष्य के बारे में सोचते हुए हमें देश की समृद्ध प्राचीन सभ्यता और आधुनिक राष्ट्र राज्य की संकल्पना दोनों को ध्यान में रखना होगा. लोक की स्मृति में अभी भी नैतिक और न्यायपूर्ण शासन के लिए राम-राज्य की अमिट छवि क़ायम है. न केवल 1950 में लागू भारत के संविधान की मूल प्रति में मौलिक अधिकारों वाले अध्याय के आरंभ में राम का चित्र अंकित किया गया था बल्कि 2025 में अक्टूबर तक 22 करोड़ लोग अयोध्या में राम लला के दर्शन कर चुके हैं. साल के अंत तक यह संख्या 50 करोड़ हो सकती है. इसलिए जहाँ वैश्वीकरण के अनुकूल आकांक्षाओं को ध्यान में रखना होगा वहीं नैति...
रवांई लोक महोत्सव 2025: चुनौतियों को पार कर लोक संस्कृति की जीत

रवांई लोक महोत्सव 2025: चुनौतियों को पार कर लोक संस्कृति की जीत

उत्तरकाशी
  नौगांव (उत्तरकाशी): उत्तराखंड की रवांई घाटी में लोक परंपराओं को जीवंत रखने वाला रवांई लोक महोत्सव कोरोना के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष भव्य रूप से लौटा। 26 से 28 दिसंबर तक तीन दिवसीय यह आयोजन होटल रॉयल पैलेस में संपन्न हुआ, जहां स्थानीय कलाकारों, बच्चों और लोक वाद्यों की धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सीमित संसाधनों और कई बाधाओं के बावजूद टीम की दृढ़ता ने महोत्सव को सफल बनाया, जो रवांई की समृद्ध देव संस्कृति, संगीत और अतिथि सत्कार की परंपरा का प्रतीक बना।महोत्सव का आयोजन 2017, 2018 और 2019 में लगातार हुआ था, लेकिन महामारी ने इसे रोक दिया। इस बार टीम रवांई लोक महोत्सव ने हौसले से पुनर्जीवन का फैसला लिया। आयोजक प्रदीप रावत रवांल्टा ने बताया कि राजनीतिक दबाव और फंड की कमी जैसी चुनौतियां आईं, लेकिन टीम ने अपनी मूल भावना को बनाए रखा।पहले दिन: देव पूजा और बच्चों की प्रस्...
शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री

शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव: मुख्यमंत्री

उत्तरकाशी
  मुख्यमंत्री ने सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टीवल का किया शुभारंभहिमांतर ब्यूरो, पुरोला उत्तरकाशीमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तरकाशी जिले के सांकरी में आयोजित केदारकांठा पर्यटन तीर्थाटन शीतकालीन महोत्सव में प्रतिभाग किया. उन्होंने शीतकालीन पर्यटन को जन आंदोलन बनाने और उत्तराखंड को समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि शीतकालीन पर्यटन आत्मनिर्भर उत्तराखंड की मजबूत नींव है. तेजी से उभरते पर्यटन केंद्र सांकरी में आयोजित विंटर फेस्टिवल में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पारंपरिक ऊनी परिधान पहनाकर भव्य स्वागत किया गया. मुख्यमंत्री ने केदारकांठा जाने वाले पर्यटक दल को हरी झंडी दिखाकर समारोह का शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय निवासियों एवं पर्यटकों से संवाद किया तथा विंटर फेस्टिवल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल...
दून पुस्तकालय में श्याम सिंह ‘श्याम’ की कृति ‘उर्वशी’ का लोकार्पण

दून पुस्तकालय में श्याम सिंह ‘श्याम’ की कृति ‘उर्वशी’ का लोकार्पण

देहरादून
दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज प्रसिद्ध साहित्यकार श्याम सिंह ‘श्याम’ की खंडकाव्य कृति ‘उर्वशी’ का सभागार में लोकार्पण और उसके बाद एक चर्चा का कार्यक्रम संपन्न हुआ. वक्ताओं ने इस कृति की रचना-प्रक्रिया, भावभूमि और दार्शनिक पक्षों पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम में उर्वशी के बहाने हिंदी साहित्य की सांस्कृतिक निरंतरता और वैचारिक परंपरा पर चर्चा हुई. इस साहित्यिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. इंदु कुमार पांडेय ने कृति का लोकार्पण करते हुए कहा कि ‘उर्वशी’ भारतीय काव्य-परंपरा की उस शाश्वत धारा से जुड़ती है, जिसमें सौंदर्य, त्याग और मानवीय मूल्यों का गहन दर्शन मिलता है. उन्होंने दून पुस्तकालय को बौद्धिक संवाद और साहित्यिक विमर्श का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए पुस्तक की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए श्याम सिंह श्याम की इस कृति को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया....
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026–36 का किया शुभारम्भ

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026–36 का किया शुभारम्भ

देहरादून
  23 हजार हेक्टेयर में होगी सुगंधित फसलों की खेती, 1 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य टिमरू/तिम्मुर की खेती और विपणन के लिए डाबर से एमओयू मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड महक क्रांति नीति-2026-36 का शुभारम्भ किया। उन्होंने सेटेलाइट सेन्टर भाऊवाला का लोकार्पण एवं सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई स्थित ए.एम.एस (C-14) प्रयोगशाला का भी शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 5 सेटेलाइट सेन्टरों का भी शिलान्यास किया। यह सेटेलाइट सेंटर - परसारी ( चमोली ), रैथल ( उत्तरकाशी), भैसोड़ी ( अल्मोड़ा), खतेड़ा ( चंपावत) एवं विषाड ( पिथौरागढ़) में स्थापित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान सुगंध पौधा केन्द्र और डाबर इंडिया लिमिटेड के बीच एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर भी किए गए। इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य एक्सट...
ऊर्जा-संकट से बचने लिए जरूरी है ऊर्जा संरक्षण!   

ऊर्जा-संकट से बचने लिए जरूरी है ऊर्जा संरक्षण!  

साहित्‍य-संस्कृति
  ऊर्जा संरक्षण दिवस (14 दिसंबर 2025) पर विशेषप्रो. गिरीश्वर मिश्र शिक्षाविद् एवं पूर्व कुलपति, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा   ऊर्जा के बिना जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती। भौतिक नियम बताता है कि ऊर्जा न पैदा की सकती है न समाप्त ;  उसका सिर्फ़ रूपांतरण ही होता है। मानव जीवन की सारी गतिविधियाँ इस मायावी ऊर्जा पर ही टिकी हुई हैं। ऊर्जा ही अपना रूप बदल-बदल कर हमारी कल्पनाओं को साकार करती है। सामान्यत: अदृश्य सी रहने वाली ऊर्जा हमारे दृश्य जगत को रचते हुए हर जगह हावी है। ऊर्जा के नए नए स्रोत खोजे जाते रहे हैं जो आणविक ऊर्जा तक पहुँचे हैं। ईंधन से भोजन बनाने में ही नहीं उसके लिए प्रयोग में आने वाली सामग्री हम तक पहुचे इसके लिए हर कदम पर जरूरी मशीन, उर्बरक, पानी सबके लिए अलग-अलग तरह से ऊर्जा की ज़रूरत पड़ती है। ऐसे ही परिवहन, मौसम से सुरक्षा और वस्तुओं के ...
कृषि आधारित विकास मॉडल ही उत्तराखंड की भावी दिशा : डॉ. बी. पी. मैठाणी

कृषि आधारित विकास मॉडल ही उत्तराखंड की भावी दिशा : डॉ. बी. पी. मैठाणी

देहरादून
  हिमालयी संवाद की पहली व्याख्यान श्रृंखला में उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था पर गहन मंथन देहरादून. स्थानीय दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के सभागार में सोमवार को ‘हिमालयी संवाद’ नामक नई पहल के अंतर्गत आयोजित प्रथम व्याख्यान में विशेषज्ञों ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कृषि, जैविक उत्पादन, बागवानी और वनाधारित आजीविका को मजबूत करना होगा. कार्यक्रम का विषय था ‘उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की दशा और दिशा’. पूर्वमंत्री स्व.मोहन सिंह रावत गांववासी की स्मृति में आयोजित इस व्याख्यान में मुख्य वक्ता ग्रामीण विकास के विशेषज्ञ एवं भारत सरकार के राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. बी. पी. मैठाणी ने कहा कि उत्तराखंड में विकास तो हुआ, लेकिन कृषि की जगह लगातार कम होती गई. राज्य निर्माण के समय जहाँ कृषि का योगदान 31% था, वहीं आज यह घटकर 8% रह गया है, जो चिंताजनक स्थित...
कलम की गरिमा को नमन: संकट में पत्रकारों के साथ खड़ी हुई सरकार

कलम की गरिमा को नमन: संकट में पत्रकारों के साथ खड़ी हुई सरकार

देहरादून
पत्रकार कल्याण कोष और सम्मान पेंशन योजना की बैठक में महत्वपूर्ण फैसले देहरादून. पत्रकारिता केवल पेशा नहीं, समाज का नैतिक प्रहरी है और जब यही प्रहरी कठिन दौर से गुजरते हैं, तो राज्य का दायित्व और संवेदनशीलता दोनों परखा जाता है. सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित पत्रकार कल्याण कोष (कॉरपस फंड) एवं मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना समिति की बैठक में यही मूल भावना हावी रही. बैठक ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनका उद्देश्य पत्रकारों व उनके परिवारों को सुरक्षा और सम्मान देना है.दिवंगत पत्रकारों के परिवारों को सहारा समिति ने 15 दिवंगत पत्रकारों के आश्रितों को ₹5–5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने की संस्तुति की है. यह केवल रकम नहीं, बल्कि उन परिवारों के प्रति संवेदना का प्रतीक है, जिन्होंने अपने किसी प्रिय को खोने के साथ-साथ आर्थिक कठिनाइयों का सामना भी किया.बीमा...