Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
कल्याणी महिला सम्मान से सम्मानित हुईं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीना नेगी, दिल्ली में आयोजित समारोह में पहाड़ की प्रतिभाओं का सम्मान

कल्याणी महिला सम्मान से सम्मानित हुईं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीना नेगी, दिल्ली में आयोजित समारोह में पहाड़ की प्रतिभाओं का सम्मान

दिल्ली-एनसीआर
आशिता डोभाल, नई दिल्लीपहाड़ की बात हो और पहाड़ की नारी के संघर्ष की चर्चा हो, तो किसी भी कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ जाती है. इसी उद्देश्य के साथ कल्याणी सामाजिक संस्था द्वारा दिल्ली के गढ़वाल भवन, पंचकुइयां रोड में पहाड़ की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं को “कल्याणी महिला सम्मान” से सम्मानित किया गया. इस पहल की शुरुआत संस्था की संस्थापक बबीता नेगी ने की है. संस्था पिछले सात वर्षों से पहाड़ के अलग-अलग जिलों से प्रतिभाशाली महिलाओं को खोजकर उन्हें एक मंच पर लाकर सम्मानित कर रही है. इस वर्ष असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मीना नेगी को साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए कल्याणी महिला सम्मान से नवाजा गया. इसके अलावा रुद्रप्रयाग (मक्कू) की सरोजनी मैठाणी को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में, रामनगर की भारती को कला के क्षेत्र में, लीला पायल को कुमाऊनी संगीत के ...
जनरल बिपिन रावत का थिएटर कमांड सपना जल्द होगा पूरा: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित

जनरल बिपिन रावत का थिएटर कमांड सपना जल्द होगा पूरा: एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित

दिल्ली-एनसीआर
  जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन ऑफ इंडिया द्वारा 5वां सीडीएस जनरल बिपिन रावत मेमोरियल लेक्चर आयोजितहिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीदेश के प्रथम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत की 68वीं जयंती के अवसर पर जीबीआर मेमोरियल फाउंडेशन आफ इंडिया द्वारा दिल्ली के कांस्टीट्शन क्बल आफ इंडिया में पाँचवें सीडीएस जनरल बिपिन रावत मेमोरियल लेक्चर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में एयर चीफ मार्शल आशुतोष दीक्षित, चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए. कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने जनरल बिपिन रावत को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर उनके जीवन, नेतृत्व और सैन्य दृष्टिकोण पर आधारित एक विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसमें उनके योगदान और ...
सीएम धामी ने पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का किया शुभारम्भ, 9 लाख किसानों को मिल रहा किसान सम्मान निधि का लाभ

सीएम धामी ने पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का किया शुभारम्भ, 9 लाख किसानों को मिल रहा किसान सम्मान निधि का लाभ

देहरादून
  कृषि को जंगली जानवरों से बचाने के लिए केंद्र से 25 करोड़ की पहली किस्त जारी पॉलीहाउस, एरोमा वैली और ड्रैगन फ्रूट को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोरहिमांतर ब्यूरो, पंतनगरमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने शनिवार को कृषि एवम् प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर (Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology), पंतनगर में 119वें अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया तथा विश्वविद्यालय साहित्य का विमोचन भी किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय में 119वें कृषि मेले का आयोजन होना हमारे लिए हर्ष का विषय है. इस प्रकार के मेले किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि यहां उन्हें कृषि के नवीन नवाचारों की जानकारी मिलती है तथा वैज्...
उत्तरकाशी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लौटी परिजनों की मुस्कान, रोहड़ू से सकुशल बरामद हुए चार मासूम

उत्तरकाशी पुलिस की त्वरित कार्रवाई से लौटी परिजनों की मुस्कान, रोहड़ू से सकुशल बरामद हुए चार मासूम

उत्तराखंड हलचल
 हिमांतर ब्यूरो,  मोरी/उत्तरकाशीघर से बिना बताए लापता हुए चार मासूम बच्चों को उत्तरकाशी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू क्षेत्र से सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। बच्चों की सुरक्षित वापसी से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया। जानकारी के अनुसार, बीते 11 मार्च को चौकी आराकोट, थाना मोरी में एक व्यक्ति ने सूचना दी कि उसके चार बच्चे, जिनकी उम्र लगभग 12 से 15 वर्ष के बीच है, 10 मार्च को घर से बिना बताए कहीं चले गए हैं और वापस नहीं लौटे। बच्चों के अचानक लापता होने से परिवार में हड़कंप मच गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के निर्देशन तथा पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार के निकट पर्यवेक्षण में थानाध्यक्ष मोरी दीपक रावत के नेतृत्व में तत्काल एक पुलिस टीम का गठन कर बच्चों की तल...
उत्तराखंड: घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं- आनंद बर्द्धन, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

उत्तराखंड: घरेलू गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं- आनंद बर्द्धन, अफवाह फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमध्यपूर्व के देशों में उत्पन्न परिस्थितियों के मद्देनज़र प्रदेश में एलपीजी एवं ईंधन आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने भराड़ीसैंण में उच्चस्तरीय बैठक की. बैठक में सभी जिलों के जिलाधिकारी तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे. मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अफवाहों पर कड़ी नजर रखी जाए और किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था को प्रभावित न होने दिया जाए. जिलों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-...
कंडियाल गांव में आज भी जीवित है शेर-भालू का पौराणिक नृत्य

कंडियाल गांव में आज भी जीवित है शेर-भालू का पौराणिक नृत्य

उत्तरकाशी
  मुखौटे पहनकर जीवंत होती लोककथा ढोल-दमाऊ की थाप पर पीढ़ियों से निभाई जा रही अनूठी परंपरा, लोकसंस्कृति को सहेज रहे ग्रामीणनीरज उत्तराखंडी, पुरोला/उत्तरकाशीरवांई घाटी की समृद्ध लोकसंस्कृति आज भी अनेक प्राचीन परंपराओं के माध्यम से जीवंत दिखाई देती है. विकासखंड पुरोला के कंडियाल गांव में आज भी मुखौटे पहनकर शेर और भालू का पौराणिक लोकनृत्य प्रस्तुत किया जाता है. यह अनूठा नृत्य गांव की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है और पीढ़ियों से चली आ रही इस परंपरा को ग्रामीण आज भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निभा रहे हैं. गांव में विशेष अवसरों, पारंपरिक उत्सवों और सामुदायिक आयोजनों के दौरान युवक शेर और भालू के रूप में सजे विशेष मुखौटे पहनकर नृत्य करते हैं. ढोल-दमाऊ और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर होने वाला यह नृत्य पूरे वातावरण को उत्साह और रोमांच से भर देता है. नृत्य के दौरान कलाकार शेर ...
पुष्कर सिंह धामी का बजट 2026-27: ज्ञान मॉडल से गरीब-युवा-किसान-महिला सशक्तिकरण पर फोकस

पुष्कर सिंह धामी का बजट 2026-27: ज्ञान मॉडल से गरीब-युवा-किसान-महिला सशक्तिकरण पर फोकस

देहरादून
समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़कर उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य: सीएम मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प GYAN मॉडल के माध्यम से राज्य के समग्र विकास को आगे बढ़ाना है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार प्रमुख स्तंभ के रूप में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी दृष्टि से बजट में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।गरीब कल्याण पर विशेष ध्यान गरीब वर्ग के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है। अन्नपूर्ति योजना के लिए ₹1300 करोड़, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लिए ₹298.35 कर...
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजुली बत्रा को “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान 2026”, संस्कृति और शिक्षा में योगदान की सराहना

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राजुली बत्रा को “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान 2026”, संस्कृति और शिक्षा में योगदान की सराहना

उत्तरकाशी
 नीरजउत्तराखंडी, पुरोला/उत्तरकाशीउत्तरकाशी जनपद के पुरोला क्षेत्र की लोक गायिका, कवयित्री और मैक्रम डिजाइन प्रशिक्षिका राजुली बत्रा आज क्षेत्र की महिलाओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर उन्हें “विज्ञान प्रयोगधर्मी महिला सम्मान 2026” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके लंबे संघर्ष, सामाजिक योगदान और सांस्कृतिक संरक्षण के कार्यों की महत्वपूर्ण पहचान है। मटियानी (दुडोनी) में जन्मी और मंजियाली (नौगांव) में ससुराल होने के बावजूद राजुली बत्रा ने अपने जीवन में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है।बचपन से ही संस्कृति के संरक्षण का संकल्प राजुली बत्रा ने वर्ष 2001 में मटियाली छानी में छोटे-छोटे बच्चों के साथ मिलकर रामलीला का आयोजन शुरू करवाया। इस राम...
सीमांत क्षेत्र के बुनकरों की आजीविका पर संकट, घट रही पारम्परिक कताई-बुनाई की परंपरा

सीमांत क्षेत्र के बुनकरों की आजीविका पर संकट, घट रही पारम्परिक कताई-बुनाई की परंपरा

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, मोरी/पुरोला/उत्तरकाशीजनपद उत्तरकाशी के सीमांत क्षेत्रों मोरी, सरबडियार, हर्षिल और डुंडा में सदियों पुरानी पारम्परिक कताई-बुनाई की कला आज संकट के दौर से गुजर रही है। भेड़-बकरी पालन से प्राप्त ऊन पर आधारित यह कुटीर उद्योग कभी स्थानीय लोगों की आजीविका का प्रमुख साधन हुआ करता था, लेकिन बदलते समय, बाजार की कमी और आधुनिक उत्पादों की प्रतिस्पर्धा के कारण यह परंपरा धीरे-धीरे कमजोर होती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार पहले लगभग हर गांव में कई घरों में चरखा और करघा चलता था, लेकिन आज गिने-चुने परिवार ही इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।इन क्षेत्रों में विशेषकर महिलाएं घरों में चरखे से ऊन कातकर हाथकरघे पर शॉल, थुलमा, टोपी, मफलर और अन्य ऊनी वस्त्र तैयार करती रही हैं। यह शिल्प स्थानीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।भेड़-बकरी पालन से...
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर CM पुष्कर सिंह धामी ने 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, बोले- पहाड़ की असली ताकत मातृशक्ति

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर CM पुष्कर सिंह धामी ने 38 वरिष्ठ महिलाओं को किया सम्मानित, बोले- पहाड़ की असली ताकत मातृशक्ति

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनअंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, देहरादून में आयोजित “नारी तू नारायणी” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षा, समाज सेवा, उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, संस्कृति और जल संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्यभर की 38 वरिष्ठ महिलाओं को सम्मानित किया. सभी को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज उन महिलाओं का सम्मान किया जा रहा है, जिनके त्याग, संघर्ष, स्नेह और संस्कारों ने परिवार, समाज और राष्ट्र की नींव को मजबूत किया है. उन्होंने कहा कि महिलाओं के स्नेह, त्याग और आशीर्वाद से पीढ़ियाँ आगे बढ़ती हैं और समाज निरंतर प्रगति करता है. महिलाएँ माँ के रूप मे...