Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
गॉल ब्लैडर कैंसर: क्या रोकथाम की शुरुआत हमारी थाली से होती है?

गॉल ब्लैडर कैंसर: क्या रोकथाम की शुरुआत हमारी थाली से होती है?

इंटरव्‍यू, देहरादून
   क्या बढ़ते गॉल ब्लैडर के कैंसर के रोगियों की संख्या में कमी लाई जा सकती है? क्या गॉल ब्लैडर के कैंसर से बचा जा सकता है?वैद्य बालेन्दु प्रकाश पद्मश्री, आयुर्वेद चिकित्सक एवं शोधकर्ता भारत, विशेषकर उत्तर भारत के अनेक राज्यों में गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) कैंसर एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। दुखद तथ्य यह है कि अधिकांश रोगियों में इसका पता तब चलता है, जब रोग काफी आगे बढ़ चुका होता है। परिणामस्वरूप उपचार जटिल, महंगा और सीमित सफलता वाला हो जाता है।ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है—क्या गॉल ब्लैडर कैंसर को रोका जा सकता है?मेरा मानना है कि इसका उत्तर “काफी हद तक हाँ” हो सकता है, यदि हम उपचार के साथ-साथ रोकथाम पर भी समान गंभीरता से कार्य करें।आधुनिक चिकित्सा विज्ञान यह स्वीकार करता है कि गॉल स्टोन (पित्त की पथरी), पित्ताशय की लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन, म...
दून घाटी और साइकिल: चुनौतियां एवं सम्भावनाएं विषय पर दून पुस्तकालय में मंथन

दून घाटी और साइकिल: चुनौतियां एवं सम्भावनाएं विषय पर दून पुस्तकालय में मंथन

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से दून घाटी और साइकिलिंग पर एक व्याख्यान का आयोजन पहाड़ी पेडलर्स के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम का विषय दून घाटी और साइकिल: चुनौतियां एवं सम्भावनाएं था । इसमें विडियो व स्लाइड चित्रों के माध्यम से शानदार प्रस्तुति दी गई। पहाड़ी पेडलर्स के गजेंद्र रमोला ने बताया कि देहरादून का इतिहास बिना साइकिल के अधूरा है। जब से साइकिल इजाद हुई देहरादून में साइकिल ही स्थानीय लोगो का आवागमन का मुख्य साधन था। सचित्र व्याख्यान द्वारा गजेंद्र ने बताया कि देहरादून में आज सबसे बड़ी समस्या जाम और बढ़ती गाड़ियों की है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम पिछले पांच सालों से लगातार साइकिल संस्कृति को बढ़ावा दे रही है जिससे दून की अबोहवा स्वच्छ बनी रहे।देहरादून की सड़कों पर गाड़ियों का कितना दबाव है वो खुद आर टी ओ के आंकड़े बताते हैं। सन 2000 में दून की आबादी 6 लाख थी ...
नियुक्ति पत्र जनसेवा के संकल्प और सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास का प्रतीक : मुख्यमंत्री

नियुक्ति पत्र जनसेवा के संकल्प और सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास का प्रतीक : मुख्यमंत्री

उत्तराखंड हलचल
पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 के 182 तथा कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग के 5 अभ्यर्थियों सहित 187 युवाओं को मिले नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पीसीएस मुख्य परीक्षा-2024 में चयनित 182 अभ्यर्थियों तथा कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग में वैयक्तिक सहायक के पद पर चयनित 5 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नियुक्ति पत्र केवल सरकारी सेवा में प्रवेश का दस्तावेज नहीं, बल्कि सवा करोड़ उत्तराखंडवासियों के विश्वास, अपेक्षाओं और जनसेवा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी की वास्तविक पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसकी कार्यशैली, संवेदनशीलता और जनसेवा के प्रति समर्पण से ...
पार्थेनियम (Parthenium hysterophorus): एक खतरनाक आक्रामक खरपतवार तथा इसके संभावित लाभकारी पक्ष

पार्थेनियम (Parthenium hysterophorus): एक खतरनाक आक्रामक खरपतवार तथा इसके संभावित लाभकारी पक्ष

खेती-बाड़ी
डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल विज्ञान शिक्षक पी एम श्री कमलाराम नौटियाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, धौंतरी (उत्तरकाशी) (राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत द्वारा उत्कृष्ट विज्ञान शिक्षक सम्मान 2022)सारांश पार्थेनियम हिस्टेरोफोरस (Parthenium hysterophorus L.), जिसे सामान्यतः गाजर घास, कांग्रेस घास अथवा सफेद टोपी घास के नाम से जाना जाता है, विश्व की सबसे खतरनाक आक्रामक खरपतवारों में से एक है। यह कृषि, जैव विविधता, पशुधन, मानव स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। तीव्र वृद्धि, अत्यधिक बीज उत्पादन तथा विभिन्न पर्यावरणीय परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता के कारण यह विश्व के अनेक देशों में तेजी से फैल चुकी है। यद्यपि इसके दुष्प्रभाव व्यापक हैं, फिर भी हाल के वैज्ञानिक अध्ययनों ने इसके कुछ संभावित उपयोगों एवं औषधीय गुणों की ओर भी संकेत किया है। प्रस्तुत लेख में पार्थेनियम की ...
नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान में चतुर्थ जैव विविधता अनुश्रवण दशकीय अभियान सफलतापूर्वक संपन्न

नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान में चतुर्थ जैव विविधता अनुश्रवण दशकीय अभियान सफलतापूर्वक संपन्न

चमोली
 हिमांतर ब्यूरो, चमोलीयूनेस्को की विश्व प्राकृतिक धरोहर नंदादेवी राष्ट्रीय उद्यान में 7 से 28 जून तक आयोजित चतुर्थ नंदादेवी जैव विविधता अनुश्रवण दशकीय अभियान सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। अभियान में शामिल वैज्ञानिकों, उत्तराखंड वन विभाग, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की संयुक्त टीम ने उच्च हिमालयी क्षेत्र की जैव विविधता, वनस्पतियों, वन्यजीवों और हिमनदों का विस्तृत अध्ययन कर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक आंकड़े संकलित किए। अभियान के दौरान दल ने लाता गांव से सरसोपाताल बेस कैंप तक दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों का भ्रमण किया। इस दौरान कैमरा ट्रैप, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) तथा अन्य आधुनिक तकनीकों की सहायता से बुग्यालों, वृक्षरेखा, हिमनदों, दुर्लभ वनस्पतियों एवं वन्यजीवों का वैज्ञानिक आकलन किया गया।अध्ययन के दौरान हिमालयी ...
मौण मेला 2026: अगलाड़ नदी में 20 हजार लोगों ने किया सामूहिक मत्स्य आखेट

मौण मेला 2026: अगलाड़ नदी में 20 हजार लोगों ने किया सामूहिक मत्स्य आखेट

टिहरी गढ़वाल
  अगलाड़ नदी में आयोजित ऐतिहासिक मौण मेला 2026 में शामिल हुए हजारों लोग, 4 किमी तक चला सामूहिक मत्स्य आखेट  नीरज उत्तराखंडी, अगलाड़ (टिहरी गढ़वाल)उत्तराखंड की लोक संस्कृति में कई ऐसी परंपराएं हैं, जो अपनी विशिष्टता के कारण देशभर में अलग पहचान रखती हैं। टिहरी गढ़वाल की अगलाड़ नदी में आयोजित होने वाला ‘मौण मेला’ ऐसी ही एक अनूठी लोक परंपरा है। सामूहिक मत्स्य आखेट पर आधारित यह मेला शनिवार को हजारों लोगों की मौजूदगी में पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। लगभग 20 हजार लोगों की भागीदारी के साथ यह आयोजन एक बार फिर उत्तराखंड की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बन गया। दोपहर एक बजे मौनकोट क्षेत्र से शुरू हुआ सामूहिक मत्स्य आखेट अगलाड़-यमुना संगम तक लगभग चार किलोमीटर की दूरी में चला। परंपरा के अनुसार सभी पानत्तीदारों की उपस्थिति में नदी में टिमरू का पाउडर...
रुद्रपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ, ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

रुद्रपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ, ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात

उधमसिंह नगर
  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की किसानों के लिए बड़ी घोषणाएंहिमांतर ब्यूरो, रुद्रपुर  गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित 'खेत बचाओ अभियान' का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास संपन्न हुआ।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ...
इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली, पहली बार 5 मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट का निर्यात

इंटरनेशनल मार्केट में पहुंची उत्तराखंड की मछली, पहली बार 5 मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट का निर्यात

देहरादून
हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनराज्य गठन के बाद पहली बार उत्तराखंड की मछली अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंची है। पिथौरागढ़ जिले की तीन मत्स्यजीवी सहकारी समितियों ने राज्य सरकार के सहयोग से नेपाल को 5 मीट्रिक टन रेनबो ट्राउट मछली का निर्यात किया है। इसके साथ ही राज्य सरकार आने वाले दिनों में करीब 30 टन मछली के निर्यात की तैयारी कर रही है। राज्य सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में मत्स्य विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिथौरागढ़ के धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र की तीन सहकारी समितियों द्वारा उत्पादित मछलियों को कोल्ड-चेन व्यवस्था के साथ गुजरात के वेरावल भेजा गया। वहां प्रसंस्करण के बाद 23 जून 2026 को नेपाल के अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका सफल निर्यात किया गया। इस निर्यात से जुड़े 33 मत्स्य पालकों को लगभग 23.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई है। राज्य के ...
पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम 2026 : हिमालयी युवा कलाकारों के लिए सीख, संवाद और रचनात्मक चिंतन का साझा मंच

पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम 2026 : हिमालयी युवा कलाकारों के लिए सीख, संवाद और रचनात्मक चिंतन का साझा मंच

कला-रंगमंच
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनदेहरादून। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न शहरों और पहाड़ी कस्बों से आए 20 युवा कलाकारों की उपस्थिति ने इस वर्ष के पड़ाव आर्ट मेंटरिंग प्रोग्राम 2026 को एक विशेष स्वरूप दिया। देहरादून स्थित काया लर्निंग सेंटर में आयोजित इस छह दिवसीय आवासीय कार्यक्रम ने युवा कलाकारों को एक साथ रहने, एक-दूसरे को समझने, अपने अनुभव साझा करने और समकालीन कला के अनेक पहलुओं पर विचार करने का अवसर दिया। अलग-अलग सांस्कृतिक और भौगोलिक पृष्ठभूमि से आए ये कलाकार अपने साथ अपने-अपने क्षेत्रों की स्मृतियाँ, लोक परंपराएँ, जीवन के अनुभव और प्रकृति के प्रति गहरी संवेदनाएँ लेकर आए थे।कार्यक्रम में भाग लेने वाले कलाकारों में आदर्श नेगी और वैशाली नेगी (कोटद्वार), चेतन जोशी, गर्विता बानी, हिमांशु बिष्ट, काशिश रियाज़ और शानू शर्मा (नैनीताल), कनिका शर्मा और...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और उत्तराखंड में उद्यमिता विकास: आत्मनिर्भर हिमालय की ओर

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और उत्तराखंड में उद्यमिता विकास: आत्मनिर्भर हिमालय की ओर

शिक्षा
 डॉ. शम्भू प्रसाद नौटियाल विज्ञान शिक्षक पी एम श्री कमलाराम नौटियाल राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, धौंतरी (उत्तरकाशी) (राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत द्वारा उत्कृष्ट विज्ञान शिक्षक सम्मान 2022) राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक परिवर्तन का दस्तावेज है। यह नीति केवल डिग्री प्राप्त करने या नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को नवाचार, कौशल, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त करती है। विशेष रूप से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य के लिए यह नीति नई संभावनाओं के द्वार खोलती है, जहाँ युवाओं के सामने रोजगार, पलायन और सीमित औद्योगिक अवसर जैसी चुनौतियाँ मौजूद हैं। उत्तराखंड के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में युवा उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद रोजगार की तलाश में मैदानी शहरों की ओर पलायन करते हैं। N...