Author: Himantar

हिमालय की धरोहर को समेटने का लघु प्रयास
उत्तराखंड में महिला कृषि-उद्यमियों के सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्थानीय ज्ञान से सतत आजीविका पर जोर

उत्तराखंड में महिला कृषि-उद्यमियों के सशक्तिकरण पर राष्ट्रीय संगोष्ठी, स्थानीय ज्ञान से सतत आजीविका पर जोर

पौड़ी गढ़वाल
 हिमांतर ब्यूरो, श्रीनगर (गढ़वाल)हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर गढ़वाल में मोल्यार रिसोर्स फाउंडेशन के सहयोग तथा ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी सहयोग से “उत्तराखंड की महिला कृषि-उद्यमी: स्थानीय ज्ञान से वैश्विक दृष्टि तक सतत आजीविका” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन एवं सतत विकास लक्ष्यों की दिशा में ठोस पहल करना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ पंजीकरण के उपरांत पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत के साथ हुआ। इस अवसर पर शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और टिहरी जनपदों से आई लगभग 20 महिला कृषि-उद्यमियों ने सहभागिता की। उद्घाटन सत्र में संगोष्ठी के संयोजक राजेंद्र सिंह नेगी ने स्वागत संबोधन में कहा कि अनुसंधान को केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित ...
डीएम सविन बंसल का ‘जनता दर्शन’ बना राहत का मंच, 212 से अधिक शिकायतों का त्वरित निस्तारण

डीएम सविन बंसल का ‘जनता दर्शन’ बना राहत का मंच, 212 से अधिक शिकायतों का त्वरित निस्तारण

देहरादून
नीरज उत्तराखंडीदेहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम एक बार फिर आमजन के लिए राहत का सशक्त माध्यम बनकर उभरा। कार्यक्रम में 212 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिन पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश दिए।बुजुर्ग को बड़ी राहत: 31,657 रुपये का पानी बिल माफ छबीलबाग, कांवली रोड निवासी 82 वर्षीय दिव्यांग बुजुर्ग नत्थीलाल ने भारी-भरकम पानी के बिल को लेकर गुहार लगाई। उनका पुत्र पिछले 12–13 वर्षों से लापता है और दो पोतों की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जल संस्थान से रिपोर्ट तलब की। जांच के बाद 11,487 रुपये का ब्याज माफ किया गया, जबकि शेष 20,170 रुपये की राशि ‘राइफल फंड’ से जमा कराते हुए बुजुर्ग को राहत प्रदान की गई। ...
दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत: ‘संकल्प संवाद’ पोर्टल से अब घर बैठे समाधान

दूरस्थ क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत: ‘संकल्प संवाद’ पोर्टल से अब घर बैठे समाधान

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, उत्तरकाशीजनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अब अपनी समस्याओं के समाधान के लिए लंबा सफर तय नहीं करना पड़ेगा. जिलाधिकारी प्रशांत आर्य द्वारा ‘दक्ष उत्तरकाशी मॉडल’ के तहत शुरू किया गया ‘संकल्प संवाद’ पोर्टल (www.sankalpsanwad.com) अब आमजन के लिए राहत भरी पहल बनकर सामने आया है. इस पोर्टल का विधिवत संचालन 9 अप्रैल से शुरू होगा.इस अभिनव व्यवस्था के तहत नागरिक अब घर बैठे ही प्रशासन से सीधे जुड़ सकेंगे और अपनी समस्याएं, सुझाव एवं शिकायतें दर्ज करा सकेंगे. अब तक दूरस्थ इलाकों के लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में समय और धन दोनों खर्च करना पड़ता था, लेकिन इस पोर्टल के माध्यम से यह प्रक्रिया आसान और सुलभ हो जाएगी.प्रशासन द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार—प्रत्येक मंगलवार को दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक जिलाधिकारी (DM) स्वयं संवाद करेंगे....
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘दून बुक फेस्टिवल-2026’ का शुभारंभ

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया ‘दून बुक फेस्टिवल-2026’ का शुभारंभ

देहरादून
 हिमांतर ब्यूरो, देहरादूनमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून में आयोजित ‘दून बुक फेस्टिवल-2026’ का विधिवत शुभारंभ किया. इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न प्रकाशकों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा गढ़वाली एवं कुमाऊंनी पुस्तकों का विमोचन भी किया. शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार और उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से आयोजित इस महोत्सव में मुख्यमंत्री ने देशभर से आए साहित्यकारों, कलाकारों एवं साहित्य प्रेमियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है, जो समाज में ज्ञान और विचारों के आदान-प्रदान को नई दिशा प्रदान करेगा.मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 दिवसीय इस महोत्सव में विभिन्न सत्र, संवाद कार्यक्रम, पुस्तक परिचर्चाएं तथा ‘लेखक से मिलिए’ जैसे आयोजन किए जाएंगे, जो साहित्यिक विमर्श को समृद्ध करेंगे. उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए स्थ...
फ़िताड़ी अग्निकांड: कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने पीड़ितों का जाना हाल, हर संभव मदद का दिया भरोसा

फ़िताड़ी अग्निकांड: कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने पीड़ितों का जाना हाल, हर संभव मदद का दिया भरोसा

उत्तरकाशी
 नीरज उत्तराखंडी, मोरी/उत्तरकाशीउत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा ने रविवार को फ़िताड़ी गांव पहुंचकर हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड से प्रभावित परिवारों से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने पीड़ितों का हालचाल जाना और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया। कैबिनेट मंत्री ने प्रभावित परिवारों के घरों का निरीक्षण किया और आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।इस दौरान मंत्री ने अग्निकांड से प्रभावित 14 परिवारों को गोट वैली प्रोजेक्ट से जोड़ने की घोषणा की। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि बकरियों के वितरण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए, ताकि प्रभावित परिवारों की आजीविका को मजबूत किया जा सके और उन्हें ...
सूखा और ओलावृष्टि से तबाही: यमुना घाटी के किसानों ने प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपा ज्ञापन

सूखा और ओलावृष्टि से तबाही: यमुना घाटी के किसानों ने प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपा ज्ञापन

उत्तरकाशी
 हिमांतर ब्यूरो, यमुनाघाटी/उत्तरकाशीयमुना घाटी क्षेत्र में लंबे समय से जारी भीषण सूखे और हाल ही में हुई अचानक अति ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। खेतों में खड़ी फसलें और बाग-बगीचों में लगे फलदार पेड़—सेब, नाशपाती, आड़ू व प्लम—लगभग पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने क्षेत्र के किसानों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। किसानों का कहना है कि वर्षभर की मेहनत, बीज, खाद और सिंचाई पर किया गया भारी निवेश एक झटके में बर्बाद हो गया है। इस नुकसान से अन्नदाता गहरी चिंता और हताशा में डूबा हुआ है।इसी गंभीर स्थिति को देखते हुए उत्तरकाशी के प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के यमुना घाटी आगमन के दौरान किसानों एवं जनप्रतिनिधियों ने उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सूखा और ओलावृष्टि से हुई भारी क्षति का उल्लेख करते हुए प्रभावित किसानों को ...
मोरी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

मोरी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का धरना, तीन सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन

उत्तराखंड हलचल
 नीरज उत्तराखंडी, मोरी/उत्तरकाशीविकासखंड मोरी में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. बड़ी संख्या में एकत्रित हुई कार्यकत्रियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी समस्याओं के समाधान की मांग उठाई.धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां वर्षों से न्यूनतम मानदेय, अस्थायी रोजगार और बढ़ते कार्यभार जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.ये हैं प्रमुख तीन मांगें:आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियमित कर्मचारी का दर्जा दिया जाए. मानदेय में वृद्धि कर सम्मानजनक वेतन सुनिश्चित किया जाए. सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान की...
हल्द्वानी महिला रामलीला: सूपर्णखा प्रसंग और सीता हरण का सजीव मंचन

हल्द्वानी महिला रामलीला: सूपर्णखा प्रसंग और सीता हरण का सजीव मंचन

उत्तराखंड हलचल
  नाक कटने से लेकर हरण तक… महिला रामलीला का छठा दिन रहा रोमांच और भावनाओं से भरपूरहिमांतर ब्यूरो, हल्द्वानीएसआरआई (SRI) संस्था द्वारा शीशमहल रामलीला मैदान में आयोजित प्रथम महिला रामलीला के छठे दिन शनिवार को सूपर्णखा नासिका छेदन और सीता हरण का मंचन किया गया. कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से भगवान श्रीराम की जीवंत लीला को साकार कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. पंचवटी प्रसंग में रावण की बहन सूपर्णखा ने भगवान राम को देखा और उन पर मोहित हो गई. उसने राम के समक्ष विवाह का प्रस्ताव रखा, जिसे राम ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि वे एकपत्नी व्रत का पालन करते हैं.राम के इनकार से क्रोधित सूपर्णखा राक्षसी रूप धारण कर सीता की ओर बढ़ी, जिस पर लक्ष्मण ने उसकी नाक काट दी. अपमानित सूपर्णखा विलाप करती हुई रावण के दरबार में पहुंची. सूपर्णखा की व्यथा सुनकर रावण ने अपने मामा मारीच को माय...
पीजीडीएवी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत क्लब’ के तहत ‘लक्ष्य 2047’ पर मंथन

पीजीडीएवी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में ‘विकसित भारत क्लब’ के तहत ‘लक्ष्य 2047’ पर मंथन

दिल्ली-एनसीआर
 हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्लीविकसित भारत-2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में पीजीडीएवी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय ने ‘लक्ष्य 2047’ शीर्षक से एक दिवसीय यूथ कॉन्क्लेव का आयोजन किया. इस अवसर पर कॉलेज परिसर में ‘हुनर बाजार’ का आयोजन भी किया गया, जिसके तहत दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई. प्रदर्शनी में हस्तशिल्प से लेकर विविध प्रकार के क्राफ्ट उत्पाद आकर्षण का केंद्र रहे. इसके अलावा, छोटे व्यवसायियों और स्टार्टअप से जुड़े उद्यमियों ने भी अपने-अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए.विकसित भारत-2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में युवाओं की भूमिका और दृष्टिकोण को समझने के उद्देश्य से ‘नीति-2047’, ‘भारत दर्शन’ और ‘युवा वाणी’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए. ‘नीति-2047’ के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के लगभग 20 कॉलेजों के विद्यार्थिय...
रिंगाल शिल्प से आत्मनिर्भरता की राह: पीपलकोटी में एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

रिंगाल शिल्प से आत्मनिर्भरता की राह: पीपलकोटी में एक माह का प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

चमोली
  रिंगाल जैसे स्थानीय संसाधनों का सही उपयोग और आधुनिक प्रशिक्षण ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड की नींव: आरती नवानीहिमांतर ब्यूरो, पीपलकोटी (चमोली)उत्तराखंड की पारंपरिक हस्तशिल्प कला ‘रिंगाल’ अब पहाड़ की पहचान के साथ-साथ स्थानीय शिल्पियों की आय का सशक्त माध्यम बनती जा रही है। आधुनिक तकनीक के समावेश से इस कला को नया आयाम मिल रहा है।इसी दिशा में पीपलकोटी स्थित रिंगाल एवं काष्ठ शिल्प ग्रोथ सेंटर में अनुसूचित जाति उपयोजना (SCP) के अंतर्गत जिला उद्योग केंद्र, चमोली के सहयोग से संचालित एक माह का विशेष रिंगाल प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।एक माह के इस गहन प्रशिक्षण शिविर में 24 प्रशिक्षणार्थियों को उत्पादन एवं नवीन डिज़ाइन आधारित प्रशिक्षण दिया गया। शिल्पियों ने रिंगाल और बांस के संयोजन से घरेलू उपयोग एवं सजावटी उत्पाद तैयार करने की आधुनिक तकनीकें सीखीं, जिससे उनक...