42 वीं ऐतिहासिक पाँचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा

Khatling Himalaya Jagran Mahayatra

दिल्ली से अखोड़ी और वहां से सीमान्त गंगी गाँव तक साकार दिखा बडोनी का संकल्प

  • हिमांतर ब्यूरो, टिहरी

हिमालय गौरव स्वर्गीय इन्द्रमणि बडोनी द्वारा 1983 में प्रवर्तित और पर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा 2015 से नई दिल्ली से प्रतिवर्ष संचालित ऐतिहासिक पाँचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा का 42 वां संस्करण नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन में “नेपाल की त्रासदी और हिमालय रक्षा की वैश्विक चिंता” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय गोष्ठी से प्रारम्भ हुआ। गोष्ठी से पूर्व नेपाल में आई जल प्रलय की त्रासदी में मृत निरीह लोगों को दो मिनट का मौन रखकर विनम्र श्रद्धांजलि प्रदान की गई। राष्ट्रीय गोष्ठी के मुख्य अतिथि उत्तराखंड विधानसभा के सदस्य और टिहरी के विधायक श्री किशोर उपाध्याय थे,अतिविशिष्ट अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मीडिया सलाहकार श्री मदनमोहन सती थे और इस गोष्ठी की अध्यक्षता सुप्रसिद्ध जैन संत और सुखी परिवार फाउंडेशन के संस्थापक परमाध्यक्ष डॉ.गणी राजेन्द्र विजय जी महाराज ने की।

Khatling Himalaya Jagran Mahayatra

इस राष्ट्रीय गोष्ठी में वक्ता रूप में हिमालयी मामलों के विशेषज्ञ वरिष्ठ पत्रकार श्री व्योमेश जुगरान, पर्यावरणविद डॉ.गौड़,आईपी यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डॉ.डीके सुन्डली,पर्वतीय न्यूज़ के सम्पादक श्री प्रदीप वेद्वाल,सामाजिक कार्यकर्ता श्री संजय तडियाल और वरिष्ठ पत्रकार श्री मुरार कंडारी उपस्थित रहे। इसके उपरांत दिल्ली से हरिद्वार और देहरादून के लिए यात्रीदल रवांना हुए। यहाँ से हिमालय जागरण महायात्रा का प्रथम यात्रीदल टिहरी गढ़वाल की ओर तथा दूसरा दल रुद्रप्रयाग की ओर बढ़ा। इंद्रमणि बडोनी जी द्वारा 42 वर्ष पूर्व प्रवर्तित खतलिंग महायात्रा को व्यापक जनभागीदारी का साक्षी बनाने के निमित्त 2 सितम्बर को हमारा यात्रीदल टिहरी गढ़वाल की पट्टी ग्यारह गाँव हिंदाव स्थित इन्द्रमणि बडोनी जी के गाँव अखोड़ी पहुंचा।

अटल उत्कृष्ट विद्यालय अखोड़ी में टिहरी जिले के अपर जिलाधिकारी श्री शैलेंद्र सिंह नेगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर भव्य सांस्कृतिक समारोह के बीच खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा का विधिवत उद्घाटन किया। विद्यालय की छात्राओं ने इंद्रमणि बडोनी जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित गीत नाटिका सहित कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

मुख्य अतिथि टिहरी जिले के अपर जिलाधिकारी श्री शैलेंद्र सिंह नेगी ने दूरदर्शी नेता बडोनी जी की पावनभूमि से इस महायात्रा के श्रीगणेश को व्यापक जनजागरण का प्रतीक मानते हुए   ग्लेशियरों और बुग्यालों को बचाने की आवश्यकता पर जोर दिया, साथ ही श्री शैलेन्द्र सिंह ने  मातृशक्ति और युवाशक्ति का आह्वान किया कि दुर्गम क्षेत्रों के विकास और स्थानीय पर्यटन को विकसित करने के लिए ऐसे जन जागरणों में सहभागी हों।

Khatling Himalaya Jagran Mahayatra 1

अतिविशिष्ट अतिथि घनसाली के तहसीलदार श्री हरीश जोशी और विशिष्ट अतिथि इंद्रमणि बडोनी जी के सहयात्री और श्री नवजीवन आश्रम जनता इंटर कॉलेज घुत्तू के पूर्व प्राचार्य श्री बालकृष्ण नौटियाल की उपस्थिति में “उत्तराखंड के समग्र विकास का बडोनी मॉडल” विषय पर चर्चा की गई,जिसमें जिला पंचायत सदस्य श्री अनुज शाह,सामाजिक कार्यकर्ता और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री दर्शनलाल आर्य,सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक डॉ.रामकृष्ण भट्ट, शिक्षाविद व रंगकर्मी श्री कुंवर सिंह नेगी ,वरिष्ठ पत्रकार श्री तेजराम सेमवाल, पूर्व प्राचार्य श्री जगत सिंह, उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी और इंद्रमणि बडोनी साहित्य एवं कला मंच के अध्यक्ष एडवोकेट लोकेंद्र दत्त जोशी आदि ने बडोनी जी के विचार दर्शन पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री सुरजन शाह एवं अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जिला पंचायत सदस्य श्री विक्रम घणाता ने अतिथियों व आगंतुकों का स्वागत किआ

इसके उपरांत महायात्रा के संयोजक प्रो.सूर्य प्रकाश सेमवाल के नेतृत्व में यात्रीदल में सम्मिलित  बद्रीनाथ माणा से पधारे श्री कुंदन सिंह टकोला,श्री शिव सिंह राणा, कवि बीर सिंह राणा और श्री सुरजीत सिंह चौहान ने बडोनी जी के भतीजे विनोद बडोनी और अन्य  परिजनों की उपस्थिति में पहाड़ के गांधी बडोनी जी के पावन घर के दर्शन किए।

यहाँ से यात्रीदल घनसाली की ओर बढ़ा तथा होटल वासुलोक में मौजूद बडोनी जी के सहयात्रियों का आशीर्वाद लेकर घुत्तू भिलंग की ओर आगे बढे। रात्रि में घुत्तू में विश्राम कर प्रातःकाल बडोनी जी द्वारा स्थापित श्री नवजीवन आश्रम जनता इंटर कॉलेज में मौजूद बडोनी जी की प्रतिमा पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री नारायण लाल शाह के साथ यात्री दल ने माल्यार्पण किया। इसके उपरान्त भगवान् श्री रघुनाथ जी के मंदिर के दर्शन और परिक्रमा कर मंदिर प्रांगण में एकत्रित होकर सभी यात्री गंगी गाँव के लिए आगे बढ़ गए।

भारी बारिश के बीच गुजरात के छोटा उदेपुर से पधारे सुप्रसिद्ध जैन मुनि एवं सुखी परिवार फाउंडेशन के संस्थापक परमाध्यक्ष डॉ गणी राजेन्द्र विजय जी महाराज ने गंगी गाँव पहुंचकर यहाँ के निवासियों,शिक्षकों,विद्यार्थियों और यात्रीदल का उत्साह बढ़ाया।

Khatling Himalaya Jagran Mahayatra 3

गंगी गांव में श्री घंटाकर्ण देवता के पूजन और शिवालय में पहुंचकर सभी तीर्थयात्रियों ने भगवान सोमेश्वर महाराज के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। गुरुदेव ने यज्ञ में मौजूद आचार्यों से संवाद किया और सनातन की महिमा पर अच्छा सत्संग हो गया। आचार्य मंडली में मौजूद आचार्य महेश्वर प्रसाद भट्ट और आचार्य अनुज पैन्यूली ने जैन मुनि का अभिनंदन और गुरुदेव को चीन तिब्बत सीमा के निकट स्थित प्रथम सीमान्त गाँव गंगी लाने वाले श्री संजय तडियाल और श्री भगवान सिंह राणा के साथ यात्रीदल का स्वागत किया।

प्रतिकूल मौसम और भारी वर्षा के कारण भिलंगना नदी के प्रचंड वेग ने यात्रियों का उत्साह वैसे ही कम कर दिया था,गंगी के स्थानीय स्वजनों ने भी यही सलाह दी की विरोद मंदिर से आगे यात्रा मार्ग विकट है,कई पुल बहे हुए हैं,खतरनाक टूट फूट हो रखी है और भगवान् शिव के सिद्धपीठ खतलिंग तक पहुँचने के लिए विकराल भिलंगना को पार करने की कल्पना नहीं की जा सकती है।

इसके बाद थोडा ऊपर भी स्थानीय सहयात्री ही गए,बाकी लोगों ने इस महायात्रा को एक प्रकार से अध्ययन यात्रा ही बनाया,गंगी में कुछ लोग सिद्धपीठों में भक्ति भाव से जुड़ गए,कुछ विद्यालयों में गए तो कुछ गाँव के बुजुर्गों और मातृशक्ति से संवाद करते हुए दिखे।

दिनभर हल्की बूंदाबांदी और उमड़ते घुमड़ते बादलों के बीच गंगी गाँव के ऊपर और आसपास से ही यानि दूर से ही मानों खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा पूर्ण हो रही थी।  विशेष रूप से पहली बार इस  महायात्रा में सम्मिलित सहयात्रियों को विरोद,खरसोली, ताम्रकुंड,चौकी,वशिष्ठ गुफा,स्वामी रामतीर्थ कुटीर,पंवाली,माटिया बुग्याल,चौखम्बा, खतलिंग और सहस्रताल जैसे दिव्य व सुरम्य स्थानों के दर्शन और संकेत करने में भी आनंदयुक्त होड़ लगी हुई थी।

Khatling Himalaya Jagran Mahayatra 5

अगले दिन यात्रीदल घुतू लौट आया। प्रातःकाल भिलंगना घाटी के प्रमुख सिद्धपीठों-बगुलामुखी पीठ बुगीलाधार,भगवती दुर्गा भवानी पीठ ऋषिधार,श्री भिल्लेश्वर धाम पुजार गाँव,श्री अन्नपूर्णेश्वर हूनेश्वर धाम बगर और श्री चंद्रेश्वर सिद्धपीठ के दर्शन किए। यहां पहुंचकर यह खुशखबरी मिली कि वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश जुगरान और अनुसूया प्रसाद मलासी के नेतृत्व में हमारा दूसरा यात्री दल प्रचंड वर्षा के बावजूद गुप्तकाशी से त्रियुगीनारायण और वहां से पंवाली होते हुए घुत्तू पहुंचने वाला है।

एक बार पुनः बडोनी जी द्वारा भिलंगना घाटी में स्थापित प्रथम ज्ञान मंदिर श्री नवजीवन आश्रम जनता इंटर कॉलेज घुत्तू में महायात्रा का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया।

सुप्रसिद्ध जैन संत डॉक्टर गणी राजेन्द्र विजय जी महाराज ने देवभूमि में देवत्व और सत को बचाए रखने के लिए मूल निवासियों के सम्मान,सुरक्षा,स्वाभिमान और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर पर्वतीय लोकविकास समिति द्वारा स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी जी के समय के वरिष्ठ पूर्व शिक्षकों श्री बालकृष्ण नौटियाल,श्री प्रेम सिंह पंवार,श्री गंगा प्रसाद पैन्यूली,श्री सुंदर सिंह पंवार,आचार्य गिरिजानंद भट्ट,श्रीमती सुशीला देवी,श्री सुनील पैन्यूली,श्री अमरदेव तिवारी और इस महायात्रा में बडोनी जी के समय के सहयात्रियों श्री अब्बल सिंह भंडारी,श्री विजय उनियाल,श्री समन सिंह धनाई,श्री बचन सिंह राणा और श्री बच्ची राम तिवारी को सम्मानित किया गया।

Khatling Himalaya Jagran Mahayatra

घुत्तू इंटर कॉलेज और राजकीय इंटर कॉलेज धोपड़धार की छात्राओं ने बारिश के बीच भी मनमोहक दांगुड़ी नृत्य प्रस्तुत किए।

घुत्तू इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य श्री नारायण लाल शाह ने अतिथियों और आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि दिल्ली से जो खतलिंग हिमालय जागरण की लौ जली है वो इस आध्यात्मिक,सांस्कृतिक और शैक्षणिक यात्रा को न केवल भिलंगना घाटी के विकास बल्कि पाँचवें धाम के संकल्प को साकार करने का सुअवसर देगी।

इस प्रकार कवि बीर सिंह राणा, शिव सिंह राणा, शिव सिंह रौथान और सुरजीत सिंह चौहान के सहयोग से 42 वीं ऐतिहासिक पाँचवां धाम खतलिंग हिमालय जागरण महायात्रा सफल ही कही जा सकती है। सबका आभार। जय खतलिंग महादेव।

Khatling Himalaya Jagran Mahayatra

Share this:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *