
यमुना वैली पब्लिक स्कूल में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा और बाल अधिकारों की दी जानकारी
- हिमांतर ब्यूरो, नौगांव (उत्तरकाशी
बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को यमुना वैली पब्लिक स्कूल, नौगांव में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। तहसील विधिक सेवा समिति, बड़कोट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को पॉक्सो एक्ट, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह, बाल श्रम और बाल शोषण से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार तथा जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी श्री मलिक मजहर सुल्तान और सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया।

बच्चों को अपने अधिकारों की जानकारी होना आवश्यक : योगीश गुप्ता
कार्यक्रम में सिविल जज एवं अध्यक्ष, तहसील विधिक सेवा समिति, बड़कोट श्री योगीश गुप्ता ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा, “बच्चों की सुरक्षा केवल कानून की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि परिवार, विद्यालय और पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है। प्रत्येक बच्चे को अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वह किसी भी प्रकार के शोषण या अनुचित व्यवहार की पहचान कर सके। बच्चों को डर या संकोच के कारण चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि ऐसी परिस्थितियों में तत्काल अपने अभिभावकों, शिक्षकों या विश्वसनीय व्यक्ति से सहायता लेनी चाहिए। जागरूक बच्चा ही सुरक्षित और सशक्त समाज की नींव रखता है।”
उन्होंने बच्चों को बाल यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट, 2012) के महत्वपूर्ण प्रावधानों से अवगत कराया। साथ ही अच्छे और अनुचित व्यवहार के बीच अंतर, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा असहज परिस्थितियों में सतर्क रहने के बारे में समझाया।

साइबर सुरक्षा और बाल शोषण से बचाव की दी जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के प्रति भी जागरूक किया गया। बच्चों को ऑनलाइन व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सावधानी बरतने, अनजान व्यक्तियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी अभिभावकों या शिक्षकों को देने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके अलावा बाल विवाह, बाल श्रम और बाल शोषण जैसी सामाजिक समस्याओं से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया।

विद्यालय में सुरक्षित वातावरण हमारी प्राथमिकता : सीमा रावत
विद्यालय की प्रधानाचार्य श्रीमती सीमा रावत ने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सुरक्षित और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि- “विद्यालय का दायित्व केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि उन्हें मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाना भी है। बच्चों को ऐसा वातावरण मिलना चाहिए, जहां वे बिना किसी भय या झिझक के अपनी समस्याएं साझा कर सकें। इस प्रकार के विधिक जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सजग बनाते हैं।”
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों और शिक्षकों के बीच निरंतर संवाद तथा आपसी सहयोग आवश्यक है।

कार्यक्रम में पुलिस और विद्यालय प्रबंधन की सहभागिता
इस अवसर पर तहसील विधिक सेवा समिति के रीडर श्री अनोज सिंह बनाली, पुलिस विभाग से नौगांव के अपर उपनिरीक्षक श्री मनीष नेगी, विद्यालय के प्रबंधक श्री सुनील लोहनी सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि प्रत्येक बच्चे को भयमुक्त, सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने तथा अपना सर्वांगीण विकास करने का अधिकार है। किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या असुरक्षित परिस्थिति में समय रहते सहायता मांगना जरूरी है।
