
- हिमांतर ब्यूरो, नई दिल्ली
दिल्ली में रैबार–7 कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने रैबार शब्द के शाब्दिक अर्थ को स्पष्ट करते हुए कहा कि गढ़वाल एवं कुमाऊँ क्षेत्र में रैबार एक प्राचीन, परंपरागत और अत्यंत विश्वसनीय संचार माध्यम रहा है. उन्होंने गढ़वाली बोली के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने कहा कि भारतीय सेना की विभिन्न पहलों से सीमावर्ती क्षेत्रों में रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहन मिला है. उन्होंने इस संदर्भ में मिशन सम्भावना का उल्लेख किया.
असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने युवाओं को मेहनत और ईमानदारी के साथ देश सेवा करने का संदेश देते हुए कहा कि आज देश मजबूत नेतृत्व में निरंतर आगे बढ़ रहा है.

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने युवाओं से रिवर्स माइग्रेशन को बढ़ावा देने तथा उत्तराखंड को और बेहतर बनाने हेतु रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया.
हरिद्वार के सांसद एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रवासी उत्तराखंडियों से समय-समय पर अपने गांवों में समय बिताने की अपील की. उन्होंने कहा कि गांवों से जुड़ाव बनाए रखने से न केवल सामाजिक ताना-बाना मजबूत होता है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और संस्कृति को भी नई ऊर्जा मिलती है. साथ ही उन्होंने युवाओं से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया.
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने कहा कि राज्य से बाहर रह रहे लोग उत्तराखंड में अपना वोटर कार्ड बनाये.

कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें उत्तराखंड के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने श्रोताओं के प्रश्नों के उत्तर दिए. इस अवसर पर इंडियन स्पेस एसोसिएशन के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट (सेवानिवृत्त) ने अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर युवाओं के प्रश्नों का मार्गदर्शनपूर्ण समाधान प्रस्तुत किया. आईएफएस आलोक अमिताभ डिमरी ने भी विभिन्न प्रश्नों पर प्रभावी और तथ्यपरक उत्तर दिए. पैनल चर्चा का संचालन अद्वैता काला द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया.
कार्यक्रम में उत्तराखंड की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, पैनल चर्चा तथा प्रसिद्ध लोक संगीतकार प्रीतम भरतवाण की ढोल-दमाऊ प्रस्तुति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की. इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के बच्चों और देवभूमि ग्रुप ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दी.

दिल्ली एवं एनसीआर के आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी तथा अन्य राज्यों के लोग भी कार्यक्रम को देखने पहुँचे. उपस्थित जनसमूह ने रैबार कार्यक्रम के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे उत्तराखंड की संस्कृति, संवाद और विचार-विमर्श का एक सशक्त मंच बताया, जो समाज को जोड़ने और नई सोच को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.
कार्यक्रम में एनएसए अजीत डोभाल, सीडीएस जनरल अनिल चौहान, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, उत्तराखंड के स्वास्थ्य एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, वन मंत्री सुबोध उनियाल, असम राइफल्स के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, लेफ्टिनेंट जनरल अनिल भट्ट, लेफ्टिनेंट जनरल ए.के. सिंह, आईएफएस आलोक अमिताभ डिमरी, ब्रिगेडियर विनोद नेगी, कर्नल अजय कोठियाल, लेखिका अद्वैता काला, तारिणी रावत सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की.
